राजनांदगांव : जिले में जमीन की 1869 रजिस्ट्री कम होने से…
राजनांदगांव , प्रदेश में 19 नवंबर 2025 नई गाइड लाइन दर लागू होने के बाद रियल स्टेट कारोबार प्रभावित रहा। विगत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 1869 रजिस्ट्री कम हुई। नई गाइड लाइन लागू होने से जमीन की सरकारी दर बढ़ी। जिसका प्रदेश भर में विरोध होने पर गाइड लाइन में संशोधन किया लेकिन ज्यादा राहत नहीं मिली। विगत वर्ष के मुकाबले कम रजिस्ट्री और दस्तावेज कम मिले। हालांकि कलेक्टर दर बढ़ने से राजस्व आय बढ़ने का दावा किया जा रहा है। कुछ मदों से राजस्व आय का अंतिम आंकड़ा आना बाकी है।
पिछले साल 26341 रजिस्ट्री से 145 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व शासन के खजाने में जमा हुआ था जबकि इस साल एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक सिर्फ 24472 रजिस्ट्री दर्ज की गई हैं, जिसके अनुसार पिछले साल से 1869 कम रजिस्ट्री हुई हैं। इससे 140 करोड़ राजस्व मिला। इतने कम राजस्व वसूली के चलते अब सरकारी योजनाओं की रजिस्ट्री, तालाब, पट्टा एवं अन्य मदों से राजस्व बढ़ाने में अफसर जुट गए हैं।
रजिस्ट्री में विगत मार्च से इस मार्च में कमजोर आय वर्ष 2017-18 से कलेक्टर दर में 30 फीसदी छूट को राज्य शासन ने बंद किया है। बीते साल 20 नवंबर से सरकारी दर बढ़ाने से जमीन खरीदना महंगा हो गया। लोगो के सौदे होने के बाद वे रजिस्ट्री रेट सुनकर पंजीयन कराने से पीछे हट गए। पांच डिसमिल से छोटे टुकड़ों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने से जरूरतमंद अपनी जमीन नहीं बेच पाए। दिवाली, नवरात्र में रजिस्ट्री कम रही। पिछले मार्च में 4072 रजिस्ट्री हुई थी, इस बार 3060 रजिस्ट्री दर्ज की गई है। पिछले साल से इस बार मार्च में ही करीब 1012 रजिस्ट्री कम हुई है।



