
बच्चों को पढ़ने भेजते हैं माता-पिता, और बच्चे हाईवे को बना रहे हैं स्टंट का अखाड़ा
राजनांदगांव।जिन बच्चों को माता-पिता बेहतर भविष्य की उम्मीद में स्कूल-कॉलेज भेजते हैं, वही बच्चे आज कानून और समाज दोनों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने शहर की सच्चाई को आईना दिखा दिया है, जिसमें कुछ युवक लग्जरी गाड़ियों के काफिले में सवार होकर हाईवे पर खुलेआम स्टंटबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महंगी गाड़ियों में बैठे युवक चलती कारों की छत और खिड़कियों से बाहर निकलकर जानलेवा करतब कर रहे हैं। यह सब किसी फिल्मी शूटिंग का हिस्सा नहीं, बल्कि हकीकत है, जहां सड़क पर चल रहे आम नागरिकों की जान इन तथाकथित रीलबाज युवाओं के हाथों खतरे में पड़ गई।रील के चक्कर में नियमों की हत्यान हेलमेट, न सीट बेल्ट और न ही यातायात नियमों की कोई परवाह।
स्टंटबाजी के इस खेल में युवाओं ने न सिर्फ कानून को कुचला, बल्कि उन माता-पिता की मेहनत और भरोसे पर भी पानी फेर दिया, जो इन्हें पढ़ाई के लिए घर से बाहर भेजते हैं।बताया जा रहा है कि ये युवक स्कूल-कॉलेज से जुड़े हैं और 6 से 7 लग्जरी गाड़ियों के काफिले में सवार होकर हाईवे पर स्टंट कर रहे थे। सवाल यह है कि पढ़ाई का समय रील बनाने और स्टंटबाजी में क्यों बर्बाद किया जा रहा है?
किसकी निगरानी में पल रही यह पीढ़ी?यह घटना न केवल युवाओं की लापरवाही उजागर करती है, बल्कि अभिभावकों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है। आखिर इतनी महंगी गाड़ियां इन युवाओं को किसने दीं? और बिना रोक-टोक हाईवे पर यह तमाशा कैसे चलता रहा?पुलिस की कार्रवाई जरूरीपुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और गाड़ियों के नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि पहचान होते ही संबंधित युवकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में लाइसेंस रद्द करने और वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।सख्ती नहीं हुई तो कल हादसा तयआज यह स्टंटबाजी है, कल यही लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। जरूरत है कि समय रहते ऐसे युवाओं पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि यह संदेश जाए कि हाईवे रील और स्टंट का मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन की जगह है।






