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27 दिसंबर 2025 का पंचांग: जानिए तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय और इस दिन का धार्मिक महत्व

अगर आप जानना चाहते हैं कि 27 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कैसा रहेगा, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है। यह दिन पूजा-पाठ, साधना और आत्मिक शांति के लिए अच्छा माना जाता है। आइए, आसान और बातचीत वाली हिंदी में पूरे दिन का पंचांग और महत्व समझते हैं

27 दिसंबर 2025: दिन का संक्षिप्त परिचय

27 दिसंबर 2025, शनिवार का दिन है। पंचांग के अनुसार यह दिन आध्यात्मिक गतिविधियों, जप-तप और सेवा-दान के लिए उपयुक्त माना जाता है। खास तौर पर दक्षिण भारत में इस दिन का विशेष महत्व है। कई जगह 27 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जयंती बताया जाता है, लेकिन ऐतिहासिक और पंचांगीय रूप से गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 2025 में जनवरी के पहले सप्ताह (5 जनवरी 2026) में मनाया जाएगा। इसलिए 27 दिसंबर 2025 को गुरु गोबिंद सिंह जयंती नहीं है।

27 दिसंबर 2025 का पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी – दोपहर 1:11 बजे तक
  • नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद – सुबह 9:10 बजे तक
  • योग: व्यतिपात – दोपहर 12:22 बजे तक
  • करण: वणिज – दोपहर 1:06 बजे तक
  • वार: शनिवार
  • मास (अमांत / पूर्णिमांत): पौष
  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: धनु
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: हेमंत
  • आयन: दक्षिणायन

27 दिसंबर 2025 को कौन-सा पर्व है?

मंडला पूजा (Mandala Pooja)

27 दिसंबर 2025 को मंडला पूजा का विशेष महत्व है। यह पर्व मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है।

  • भगवान अयप्पा की पूजा और व्रत किए जाते हैं
  • 41 दिन की साधना पूर्ण होने का यह पावन समय माना जाता है
  • भक्त संयम, शुद्ध आहार और सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करते हैं

शुभ और अशुभ समय

  • अभिजीत मुहूर्त: 11:39 AM से 12:21 PM
  • राहुकाल: 9:21 AM से 10:41 AM
  • गुलिक काल: 6:43 AM से 8:02 AM
  • यमघंट काल: 1:19 PM से 2:38 PM

राहुकाल के दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना शुभ माना जाता है।

सूर्य और चंद्र से जुड़ी जानकारी

  • सूर्योदय: सुबह 6:43 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:17 बजे
  • चंद्र उदय: 11:27 AM
  • चंद्रास्त: 11:59 PM

पूजा-पाठ और व्रत कैसे करें?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करें
  • अयप्पा स्वामी के भक्त व्रत, ध्यान और भजन-कीर्तन करें
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें
  • शाम को दीप-आरती कर परिवार की सुख-शांति की कामना करें

27 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, खासकर मंडला पूजा के कारण। हालांकि, इस दिन गुरु गोबिंद सिंह जयंती नहीं है—यह एक जरूरी तथ्य है जिसे जानना चाहिए। सही जानकारी के साथ अगर इस दिन पूजा, सेवा और साधना की जाए, तो जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति जरूर मिलती है।

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