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राजनांदगांव के विकास बोहरा ने विनय जैन के खिलाफ कराई fir , पुलिस ने चार सौ बीसी का केस दर्ज कर जांच शुरू की, पार्टनर ने कंपनी के खाते से उड़ाए सवा करोड़?

विकास बोहरा ने पुलिस को जानकारी दी कि विनय जैन ने अंकित चोपड़ा, आरिफ फैशन, देवेश कुमार ठक्कर, केबी सेल्स एवं सर्विस, ओटिस एलिवेटर कंपनी प्रालि, अशोक इलेक्ट्रिकल, विशाल कांकरिया, कुमार इलेक्ट्रिकल एंड मिल स्टोर्स, रियल बाइट, अमर प्रतिष्ठान, आशापुरा फायनेंस, कुल इंडिया इंटरप्राइजेस, जीपी डाटा सिस्टम लिमिटेड, सिमी इलेक्ट्रॉनिक्स, अरिहंत इलेक्ट्रिक एंड रेफ्रिजरेशन कंपनी, सनमान सिनेमा के खाते में लाखों रुपये बिना किसी देनदारी व सेवा प्राप्त किए ट्रांसफर कर दिया

राजनांदगांव। रायपुर में एक इंटरटेनमेंट फर्म को सवा करोड़ रुपये की चपत पार्टनर द्वारा लगाने का मामला सामने आया है। दरअसल डेढ़ करोड़ की देनदारी से बचने के लिए पार्टनर ने फर्म के नाम से फर्जी एफीडेविट, दस्तावेज तैयार कर एक्सीस बैंक देवेंद्र नगर शाखा में फर्म के नाम से खाता खुलवाया। फिर चेक में फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे भुनवा लिए। फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने पर कारोबारी ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चार सौ बीसी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक जयस्तंभ चौक, राजनांदगांव निवासी विकास बोहरा (36) ने 10 अक्टूबर 2015 को राज टॉवर तात्यापारा चौक में ईओएस इंटरटेनमेंट नाम से फर्म का गठन कर विनय जैन को पार्टनर बनाया था। यह फर्म सिनेमा हाल, रेस्टोरेंट, फूड, कैंटीन, गैमिंग जोन आदि सेवाएं प्रदान करने के लिए बनायी गयी थी। आरोप है कि विनय जैन ने बिना विकास को जानकारी दिए नोटरी चैतन्य कुमार दानी के साथ मिलकर एक आवेदन दिनांक 14 अक्टूबर 2015 को रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स के सामने फर्जी एफीडेविट व दस्तावेज पेश किया। इन दस्तावेजों से एक्सीस बैंक देवेंद्र नगर शाखा के अधिकारियों से सांठगांठ कर फर्म से संबंधित चालू खाता भी खुलवाया। चूंकि फर्म के बैंक के लेनदेन का अधिकार विनय जैन ने अपने पास रखा था। फर्म में कई लोगों ने सवा करोड़ रुपये का निवेश कर रखा था जिस पर विनय जैन की नजर थी। धीरे-धीरे विनय ने फर्म के खाते में जमा सवा करोड़ रुपये को चेक में फर्जी हस्ताक्षर कर उसे भुनवाकर अपने निजी खाते में स्थानांतरित कर हजम कर लिया। जब निवेशकर्ताओं ने पैसे का भुगतान विकास से मांगा तब फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ।
विकास के मुताबिक उसके एसबीआइ के निजी खाते में जमा पैसे को चेक में फर्जी हस्ताक्षर करके विनय ने 6 अक्टूबर 2016 को 15 लाख, 25 जुलाई 2017 को 32 लाख रुपये निकालकर हजम कर लिया। उस समय मैसेज सर्विस नहीं होने के कारण विकास इस घोटाले से अनजान रहा। विनय जैन ने बड़ी चालाकी से बड़ी रकम की हेराफेरी फर्म से पार्टनरशिप खत्म करने से पहले ही कर ली। उसने रकम का उपयोग अपने निजी कार्यों के साथ रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए किया। शिकायत पर आजाद चौक रायपुर पुलिस ने विनय जैन के खिलाफ धारा 406,420,468,469,470,471,472 और 120 बी के तहत अपराध कायम कर लिया।
विकास बोहरा ने पुलिस को जानकारी दी कि विनय जैन ने अंकित चोपड़ा, आरिफ फैशन, देवेश कुमार ठक्कर, केबी सेल्स एवं सर्विस, ओटिस एलिवेटर कंपनी प्रालि, अशोक इलेक्ट्रिकल, विशाल कांकरिया, कुमार इलेक्ट्रिकल एंड मिल स्टोर्स, रियल बाइट, अमर प्रतिष्ठान, आशापुरा फायनेंस, कुल इंडिया इंटरप्राइजेस, जीपी डाटा सिस्टम लिमिटेड, सिमी इलेक्ट्रॉनिक्स, अरिहंत इलेक्ट्रिक एंड रेफ्रिजरेशन कंपनी, सनमान सिनेमा के खाते में लाखों रुपये बिना किसी देनदारी व सेवा प्राप्त किए ट्रांसफर कर दिया। यही नहीं उसने कई अन्य कंपनी भी बना लिया। फर्म से पार्टनरशिप खत्म करने 28 जुलाई 2017 को एक डिजाल्शुन डीड बनाया जिममें विनय के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया।
विकास बेहरा की शिकायत पर पुलिस ने जांच के घेरे में एक्सीस बैंक के अधिकारियों के साथ फर्जी एफीडेविट बनाने वाले नोटरी चैतन्य कुमार दानी को जांच के घेरे में लिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि बयान दर्ज करने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।

जब इस मामले में विनय जैन से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नही हो सका

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