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आज खुला रहेगा महालक्ष्मी माता का भंडार,भक्तो का कल्याण करेगी- माँ लक्ष्मी जी

नोटों और आभूषणों से सजे महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए दूसरे दिन शनिवार को दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। धनतेरस के बाद अब दीपावली पर 27 अक्टूबर को भक्तों की और संख्या बढ़ेगी। दर्शन के लिए मंदिर रविवार रात भर खुला रहेगा। हर बार की तरह इस बार भी माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर को नोटों, आभूषणों से आकर्षक सजाया गया है। इस बार प्रशासन की निगरानी में मंदिर के सजने से नगदी व आभूषणों की संख्या कम हो गई है लेकिन भक्तों में मंदिर व दर्शन के प्रति उत्साह बरकरार है।

शहर के अलावा प्रदेश व अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालू आ रहे हैं। अभी तक मंदिर में मुबंई, पंजाब, दक्षिण भारत से भी कई भक्त दर्शन के लिए आए है। दीपावली पर्व पर मां लक्ष्मीजी की आकर्षक सजावट की जाएगी। यह भाईदूज तक रहेगी। इसके बाद जिन-जिन लोगों ने सजावट के लिए नगदी व आभूषण दिए है, उन्हें सामग्री वापस लौटाई जाएगी। मंदिर पर सजावट को लेकर प्रशासन ने निगरानी तो रखी, लेकिन रंगाई पुताई व विद्युत रोशनी नहीं करा पाया। नईदुनिया ने 26 अक्टूबर के अंक में प्रशासन का इस ओर ध्यान दिलाया था। इसके बाद मंदिर को विद्युत रोशनी से सजाया गया। शिवपुरी जिले से नाबार्ड जिला प्रबंधक राजा अय्यर पत्नी डॉ. निवेदिता व बेटी अन्नाया के साथ महालक्ष्मी के दर्शन करने पहली बार रतलाम आए। उन्होंने बताया कि वे उज्जैन आए थे। मंदिर के नोटों व आभूषणों से सजने के जानकारी मिली तो दर्शन के लिए आ गए। देश के कई धर्म स्थलों पर गए, लेकिन ऐसी सजावट कभी नहीं देखी।

पिछली दीपावली पर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण भक्तों को राशि लौटाने पर रोक लगा दी गई थी। 50 हजार से अधिक राशि देने वालों को दस्तावेज दिखाने पड़े थे। इस बार शुरू से ही प्रशासन भी निगरानी रख रहा है। उसी का डर इस बार मंदिर की सजावट में देखा गया।

पिछली बार मंदिर में करीब 1 करोड़ 3 लाख 11 हजार 433 रुपए मंदिर की सजावट के लिए आए थे। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार मंदिर की सजावट की शुरुआत से निगरानी रखी। 24 अक्टूबर की रात तक आने वाली राशि की प्रशासन ने गिनती की। मंदिर में इस बार 54 लाख 14 हजार 100 रुपए सजावट के लिए आए हैं। अंतिम दिन 24 अक्टूबर को सबसे ज्यादा राशि 13 लाख 29 हजार 600 रुपए की नगदी आई।

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