छत्तीसगढ़

हाथ-पैर में झनझनाहट है इस खतरनाक बीमारी की पहचान

समय रहते कर लें पहचान

साइटिक नस से जुड़ी बीमारी है। इसकी शुरुआती साइटिक नर्व में चोट, जलन या कमजोरी के कारण होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सायटिक नर्व, शरीर में सबसे लंबी पाई जाने वाली मोटी सी नस होती है। यह लगभग 2 सेंटीमीटर तक चौड़ा होता है। यह नसों का एक बंडल जैसा दिखता है। यही रीढ़ की हड्डी से जुड़ा हुआ है। इससे शरीर का लगभग हर हिस्सा जुड़ा हुआ है. कोहनी, घुटना, पैर की उंगलियां सभी से यह नस जुड़ा हुआ है। अगर इसका वक्त रहते इलाज नहीं किया गया तो यह समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है।

साइटिका की शुरुआत कैसे होती है?

इसकी शुरुआत में पीठ और बट में झुनझुनी और सुन्नता शुरू होती है। यह साइटिक नस से जुड़ी बीमारी है। इस बीमारी की शुरुआत पीठ और बट से होती है। कूल्हे के पास दर्द और नसों में खिंचाव शुरू होता है। उठने-बैठने में दिक्कत होने से शुरू होती है और बढ़ जाने के बाद आप सीधा चल भी नहीं पाते हैं।

पैरों में दर्द

साइटिका की शुरुआत में पैरों में लगातार दर्द होने लगता है। और यह काफी वक्त तक रहता भी है। हल्का-हल्का सा दर्द हमेशा बना रहता है। अगर आप इसे नजरअंदाज करते हैं तो यह काफी ज्यादा मुश्किलें पैदा कर सकता है। इस बीमारी में पैर की उंगलियों में सुन्नता और झुनझुनी भी पैदा करती है।

साइटिका के लक्षण जिसे आप आम बीमारी समझकर कर देते हैं इग्नोर।

बार-बार हाथ और पैरों में सुन्नता और झुनझुनी।

घुटना मोड़ने और बैठने में दिक्कत होना साथ ही तेज दर्द होना।

सीधा चलने में दिक्कत होना।

उंगलियों और पीठ के निचले हिस्सों में कमजोरी और काफी ज्यादा दर्द।

अगर आपको शरीर में यह सभी लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। क्योंकि ज्यादा वक्त गुजरने के बाद आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

advertisement
advertisement
advertisement
advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button