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रायपुर – ‘गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़‘ : शिक्षार्थियों का ऑनलाइन मूल्यांकन 28 से 30 जनवरी तक

प्रदेश के ई-साक्षरता केन्द्रों में ऑनलाईन बाह्य मूल्यांकन 28, 29 और 30 जनवरी 2020 को निर्धारित किया गया है। ‘गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़‘ मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम अन्तर्गत छत्तीसगढ़ के सरगुजा व बिलासपुर संभाग के जिलों में 28 जनवरी को, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में 29 जनवरी को तथा बस्तर संभाग के जिलों में 30 जनवरी को आयोजित ऑननलाइन बाहय मूल्यांकन में लगभग एक हजार आठ सौ शिक्षार्थी शामिल होंगेे।

उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह के कुशल मार्गदर्शन और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (SLMA) के संचालक एवं सदस्य सचिव श्री एस. प्रकाश के निर्देशन में देश में पहली बार शहरी क्षेत्र के डिजिटल असाक्षरों के लिए गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 36 केन्द्र प्रारंभ किए गए हैं।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी श्री प्रशांत कुमार पाण्डेय ने बताया कि नवाचारी कार्यक्रम गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ में 15 से 60 आयु समूह के डिजिटल असाक्षरों को प्रशिक्षित ई-एजुकेटर द्वारा एक माह में डिजिटल उपकरणों के उपयोग करना सिखाया जाता है। डिजिटल साक्षरता के अंतर्गत कम्प्यूटर, मोबाइल सहित डिजिटल डिवाइस को चलाना, कम्प्यूटर के पुर्जे का उपयोग, मोबाइल फोन का उपयोग, टेबलेट की जानकारी व उपयोग, इंटरनेट का उपयोग, सर्च इंजन का उपयोग ईमेल का परिचय, सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, व्हाटसअप का उपयोग। विभिन्न सेवाओं का आॅनलाइन भुगतान, ऑनलाइन बुकिंग, रेल, बस टिकिट बुक करना, मोबाइल रिचार्ज, टीवी रिचार्ज, बिजली बिल इत्यादि का भुगतान तथा विभिन्न सेवाओं के लिए आॅनलाइन फार्म भरना सिखाया जाता है। विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों में पाॅवर पाइंट पे्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। डिजिटल साक्षरता के अलावा व्यक्तित्व विकास, चुनावी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, श्रेष्ठ पालकत्व, आत्मरक्षा, कौशल विकास, नागरिक कत्र्तव्य, जीवन मूल्य आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

डिजिटल साक्षरता के कोर्स के पश्चात् जिले द्वारा आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। तत्पश्चात् छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (Chips) द्वारा ऑनलाइन बाहय मूल्यांकन किया जाता है। जिसमें अब तक लगभग पाँच हजार सात सौ शिक्षार्थी सफल हो चुके है।
 

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