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राजनांदगांव-आखिरकार सूरदास अमरू मिले निगम आयुक्त से

                   

० छोटे से परिवार को लेकर नेत्रहीन अमरू योजना का लाभ लेने 2 वर्षो से लगा रहे थे निगम का चक्कर
० अब तक लगभग 300 दुकाने कर दी गई है आबंटन पार्षद ने उठाई जांच व कार्यवाही की मांग
राजनांदगांव। नगर निगम अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के तहत् रोजगार मुहैया कराने बेरोजगारों व ठेले-फेरीवालों को दुकान मुहैया कराई जा रही है जिस पर अब तक 51 वार्डाे में लगभग 300 दुकाने आबंटित की जा चुकी है जबकि राजनांदगांव शहर के बसंतपुर निवासी अमरूराम देवांगन जो कि नेत्रहीन है पिछले दो वर्षो से दुकान का आवेदन किये निगम के चक्कर काट रहा था, सूरदास अमरू के माता पिता बचपन में ही स्वर्ग सिधार गये अमरू की पत्नी व दो छोटी छोटी बच्चियों की जिम्मेदारी अपने सर लिये मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के तहत एक दुक ान पा जाने की आस में कई बार आवेदन करने पश्चात परिवार को लेकर के निरंतर अधिकारियों से मिलने का प्रयास करता रहा, परंतु अब तक सूरदास अमरू के हाथ कुछ नहीें मिला इस मामले को लेकर जब बात पार्षद ऋषि शास्त्री तक पहुंची तो ऋषि शास्त्री ने आयुक्त के नाम पत्र लिखकर गरीब बेसाहाय अमरूराम देवांगन की पीढ़ा को व्यक्त करते हुए न केवल आयुक्त से मिलाया बल्कि नगर निगम अंतर्गत की जाने वाली दुकानों के आबंटन पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री समेत जिलाधीश को पत्र लिखा, जिलाधीश के पक्ष में अपर कलेक्टर ओंकार यदु ने तत्काल दुकान आबंटन के मामले पर नगर निगम आयुक्त को जांच व कार्यवाही करनेे के निर्देश दिये है साथ हीे सूरदास अमरू देवांगन के नाम के पत्र स्वीकार करते हुए आयुक्त ने निगम इंजीनियर को प्राथ्मिक सूची में सूरदास अमरू के आवेदन को रखे जाने के आदेश जारी कि ये है।
पार्षद ऋषि शास्त्री ने मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के दुरूपयोग का ठिकरा भाजपा के नेताओं में फोड़ते हुए कहा कि निगम द्वारा आबंटित की जा रही दुकानों को अगर सही तरीके से हितग्राहियों को दी जाती तो सूरदास अमरू राम जैसे जरूरतमंदों को दर-दर की ठोकरे नहीं खानी पड़ती मामले की निश्चित जांच होनी चाहिए साथ ही संबंधित अधिकारी एवं जिम्मेदार पर उचित कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।

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