पोर्टल में गड़बड़ी: डोंगरगांव के टीकाकरण सेंटर दिख रहे बालोद जिले में

डोंगरगांव। कोविन 2.0 पोर्टल में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पोर्टल में डोंगरगांव ब्लाक के टीकाकरण केंद्रों को बालोद जिले में दिखाया जा रहा है। आपरेटरों की इस लापरवाही का खामियाजा उन बुजुर्गों व बीमार लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो सरकारी केंद्रों में टीकाकरण के लिए पंजीयन करा रहे हैं। अपने नजदीकी केंद्रों को पड़ोसी जिला बालोद का दिखाए जाने से वे असमंजस में है। साथ ही इसके चलते विभागीय अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है।

बुधवार को विभागीय अफसरों के साथ वैक्सीन लगाने पहुंचे लोगों में कश्मकश में दिखे। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार एक मार्च से 60 वर्ष के बुजुर्ग और 45 वर्ष आयु वाले गंभीर बीमारी से ग्रसित आमजनों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। इसके लिए शासन ने पंजीयन कराने के लिए पोर्टल जारी किया है। लेकिन पंजीयन के लिए दिए गए पोर्टल में डाटा सेंटर की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसमें डोंगरगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित ब्लाक के सभी सेंंटरों को बालोद जिले में दिखाया जा रहा है, इससे लोग दिग्भ्रमित हो रहे हैं।

सभी केंद्रों में बालोद दिखाया जा रहा

गौरतलब है कि कोविड-19 वैक्सीन के लिए सभी नागरिकों को कोविन 2.0 पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। जानकार लोग पोर्टल में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना भी प्रारंभ कर दिए हैें। लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के बीच प्रदेश, जिला और ब्लॉक का नाम डालने पर जब कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का नाम डाल रहे हैं एक-दूसरे पर मड़ रहे दोष

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो डाटा सेंटर रायपुर भेजा गया है, उसमें ही कुछ त्रुटि हुई है। इसके कारण पोर्टल के सर्वर में अलग- अलग ब्लाक अन्य जिलों में दिखाई दे रहा है। अब पोर्टल में हुई इस त्रुटि को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार लोग एक दूसरे पर दोषारोपण करने में लगे हुए हैं। वैक्सीन लगवाने के इच्छुक बुजुर्ग और उनके संबंधित रिश्तेदार पोर्टल में गलत डाटा दिखाने के कारण अभी पंजीयन कराने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि कहीं ऐसा न हो कि पंजीयन कराने के बाद उन्हें अन्यत्र जिले में जाकर वैक्सीन लगाना पड़े। यह उनके लिए कष्टकारक के साथ अपव्यय वाला भी साबित होगा। कई लोगों ने पोर्टल में जल्द से जल्द सुधार की मांग भी की है।

त्रुटि में सुधार हो जाएगी

डाटा सेंटर की गलती के चलते ऐसा हुआ है। डाटा सुधार के लिए सेंटर में संदेश भिजवा दिया गया है। एक दो दिन के भीतर त्रुटि में सुधार हो जाएगी।

डा.मिथलेश चौधरी, सीएमएचओ

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