गर्मी में परिंदों की चिंता, कर रहे दाना-पानी का इंतजाम

राजनांदगांव । भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी में पक्षियों की जान बचाने के लिए युवा अपने घर की छत पर सकोरे में दाना-पानी रख रहे हैं। वहीं पक्षियों के संरक्षण के लिए युवा अभियान भी चला रहे हैं। लोगों से छत व आंगन में दाना-पानी रखने की अपील की जा रही है। युवाओं की मुहिम अब रंग ला रही है। लोग जागरूकता का परिचय देकर अपने घर के छत में दाना-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

दिग्विजय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयं सेवकों द्वारा पशु-पक्षियों के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं। जैसे छत में नांदी या सकोरे, पेड़ पर रस्सी से बांधकर मटका रख रहे हैं। अन्य स्थानों जहां, चिड़ियों का आना-जाना होता है, वहां बर्तन या नांदी में दाना-पानी की व्यवस्था स्वयंसेवक कर रहे हैं। कार्यक्रम आधिकारी प्रोफेसर नूतन कुमार देवांगन व प्रोफेसर संजय कुमार देवांगन के मार्गदर्शन में रासेयो के विद्यार्थी पशु-पक्षी बचाओ अभियान चला रहे हैं।

0 शरीर में पानी की मात्रा हो जाती है कम प्रोफेसर नूतन देवांगन ने बताया कि अप्रैल में ही शहर व गांवों में तापमान अधिक है। बढ़ती धूप का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों पर भी हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर पक्षियों पर होता है। उनमें पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसके चलते पक्षी उड़ते-उड़ते अचानक नीचे गिर जाते हैं और मौत हो जाती है। वरिष्ठ स्वयंसेवक रिनेश वर्मा का कहना है कि पक्षियों के खाने-पीने की व्यवस्था करने के अलावा भी एक अच्छे व्यक्ति होने के नाते आप पक्षियों को बचाने के लिए कुछ उपाय अपने घर पर ही कर सकते हैं। छत, बगीचे में मिट्टी के बर्तन में पानी भर कर रखना चाहिए। हो सके तो इन बर्तनों को धूप से बचा कर छाया में रखें। चिड़िया, कोयल, बुलबुल और कौंए आदि धूप का शिकार अधिक होते हैं। सामाजिक संस्था और पक्षी मित्रों को वन्यजीवों और पक्षियों की जान बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है। महाविद्यालय के स्वयंसेवकों द्वारा यह प्रयास जारी है कि गर्मी व दाना-पानी की वजह से पक्षियों का मौत न हो।

अभाविप ने चलाया सेल्फी विथ सकोरा अभियान डोंगरगांव । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा स्टूडेंट फार डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में सेल्फी विद सकोरा अभियान चलाया जा रहा है। बढ़ती गर्मी में तेजी से सूखते नदी-नालों के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत बेजुबान पशु-पक्षियों को होती है। खासकर पक्षियों को दाना, पानी मिल सके, इसे ध्यान में रखकर सकोरा का निर्माण तथा वितरण किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश भर में घरों के बाहर पानी के बर्तन भरकर रखने एवं घरों की छत में भी पानी की समुचित व्यवस्था करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं द्वारा छायादार जगह बना कर सकोरे में पानी, चना, चावल, ज्वार, गेहूं आदि की व्यवस्था करने का रचनात्मक कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय स्टूडेंट फार डेवलपमेंट कार्यक्रम के सहसंयोजक नवनीत अहीर ने बताया कि जनचेतना से शाश्वत विकास के मूलमंत्र को लेकर प्रारंभ यह अभियान जल, जमीन, जानवर और जंगल पर केंद्रित कार्य है। संस्था पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत, पौधारोपण, जल संचयन आदि विषयों पर जागरूकता के साथ कार्य कर रही है। उन्होनें बताया कि इस अभियान में अभाविप के समस्त कार्यकर्ता अपनी सहभागिता दे रहे हैं। नगर में मुख्य रूप से रूपेश कुमार, दिग्विजय मिश्रा, दानेश्वर साहू, दिनेश साहू, प्रेमचंद साहू इस अभियन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

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