’10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा कोरोना महामारी में न हो’

भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,शिक्षामंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं प्रमुख सचिव शिक्षा डां. आलोक शुक्ला को ईमेल भेजकर 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा कोरोना महामारी की भयावह स्थिति को देखते हुए स्थगित करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों के साथ मृत्यु का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना संक्रमण अब महामारी के रूप में तीव्रता के साथ पिछले बार के तुलना में और ज्यादा गति से फैल रहा है। कोरोना महामारी के चैन को तोड़ने के लिए, व्यक्तियों का समूह में एकत्रित नहीं होना ही बचाव का उपाय है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के हालात में 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा आयोजित करना आत्मघाती होगा।

वर्तमान में परीक्षा की तैयारी के प्रारंभिक प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना उचित होगा,ताकि कम्युनिटी संक्रमण की संभावना उत्पन्ना हो। उन्होंने बताया कि कार्यालयों एवं विद्यालयों में स्टाफ कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। अनेक लोगों का मौत भी हुआ है।

ऐसे परिस्थितियों में, परीक्षा का आयोजन का निर्णय भविष्य में समय काल परिस्थिति के आधार पर लिया जाना उचित होगा। फिलहाल संपूर्ण लॉकडाउन की स्थिति है,जोकि वर्तमान परिस्थिति में आवश्यक है। फेडरेशन के कहना है कि जान है तो जहान है,व्यक्ति है तो परिवार है।

उन्होंने बताया कि विगत 26 मार्च को माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव प्रोफेसर ह्वीके गोयल को इन तथ्यों से अवगत कराया गया था, लेकिन उन्होंने फेडरेशन के सुझाव को आंशिक मानते हुए 6 अप्रैल को जारी अपने आदेश में कोरोना पीड़ित छात्र को किसी भी परिस्थिति में परीक्षा में नहीं बैठने देने का उल्लेख किया है।

फेडरेशन के कहना है कि परीक्षा केंद्र में यदि कोई संक्रमित विद्यार्थी बैठ जाता है,तो क्या सभी विद्यार्थियों एवं उनके परिवार तक कोरोना संक्रमण नही होगा।

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