शराब दुकान का 32 लाख रुपये ब्याज में चलाने वाला कलेक्शन एजेंट गिरफ्तार

खैरागढ़। सरकारी शराब दुकान से पूरे दिन की बिक्री का पैसा बैंक में जमा करने के बजाय ब्याज मे बांटने वाले कलेक्शन एजेंट अखिलेश सोनी को कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सरकार ने शराब दुकानों से पूरे दिन की बिक्री का पैसा बैंक खाते में जमा करने का कार्य सीएमएस कंपनी को दिया है। जिसमें किल्लापारा निवासी युवक अखिलेश सोनी बतौर कंपनी एजेंट शराब दुकानों से पैसा कलेक्शन करने और रोटेशन पर जमा करने का काम करता था।

इस दौरान देर रात रकम पेटी में थाने में जमा कर दी जाती थी। लाकडाउन के ठीक एक दिन पहले एक करोड़ 32 लाख की रिकवरी दुकानों से हुई। जिसमें अखिलेश सोनी ने एक करोड़ रुपये पेटी में रखकर थाने में जमा कर दिया और 32 लाख रुपये अपने करीबी मित्रों और पहचान वालों को ब्याज में बांट दिया।

तीन दिन पहले शराब दुकान खुलने की सुगबुगाहट को देखते हुए अखिलेश पर कंपनी ने थाने मे जमा पेटी में रखा पैसा एसबीआइ ब्रांच में जमा कराने दबाव डाला।

जिनको पैसा खपाने दिया था उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया। जिसके बाद हड़बड़ाहट में अखिलेश सोनी करीबियों को पैसा देने और नहीं लौटाने की शिकायत लेकर थाने पहुंच गया। लेकिन सोमवार को देर रात कंपनी मैनेजर की शिकायत पर आरोपित अखिलेश सोनी के खिलाफ धारा 407, 408 और 409 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया है।

बैंक के दैनिक कर्मचारी से सांठगांठ की आशंका

मामले को लेकर पता चला है कि शराब दुकान के रोज के कलेक्शन का पैसा अखिलेश सोनी द्वारा एसबीआइ के दैनिक कर्मचारी के साथ मिलकर ब्याज कमाने बीते कई महीनों से बाजार में खपाया जा रहा है। 32 लाख के मामले मे भी कई नाम और चौकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। जिनसे पुलिस अपने ढंग से पूछताछ कर रही है। वहीं लगभग छह लाख रुपये की बरामदगी भी होने की सूचना मिल रही है।

अखिलेश सोनी को कंपनी द्वारा रोज शराब दुकानों से बिक्री रकम कलेक्शन करने और बैंक मे जमा करने नियुक्त किया गया था। इस दौरान रात होने पर उक्त रकम पेटी में रखकर थाने में जमा कर दिया जाता था। पेटी मे कितनी रकम है इसकी जानकारी कंपनी और एजेंट को होती थी।

लेकिन बीते कई महीनों से अखिलेश बिक्री का पूरा पैसा बैंक में जमा नहीं करके अपने एसबीआई कर्मचारी मित्र को दे देता था जो उस पैसे को किसानों के केसीसी लोन में जमा करके दूसरे दिन किसानों के खाते से निकाल लेता था। इस दौरान दोनों का फायदा होता था और किसान का काम भी हो जाता था। जिसके चलते बात सार्वजनिक नहीं हो पाई और अल्प समय मे सरकारी पैसे की अफरा-तफरी कर दोनों ने काफी पैसा पीट लिया।

केसीसी लोन जमा करने और निकालने में लगाते थे पैसा

लाकडाउन से पहले भी शराब दुकान का पैसा कलेक्शन हुआ। लेकिन अखिलेश सोनी ने उसमें से 32 लाख निकालकर जान पहचान वालों को दे दिया।

इस उम्मीद में कि अब दुकान लंबे समय के लिए बंद रहेगी और बैंक का काम हो जाएगा। लेकिन सरकार ने लाकडाउन की घोषणा के बैंक बंद रहने का आदेश जारी कर दिया। जिसके चलते काम बिगड़ गया और समय पर केसीसी प्रकरणों पर लोन स्वीकृत नहीं हो पाया।

शराब दुकान खुलने की दशा मे कंपनी ने थाने में रखी पेटी का कैश जमा करने दबाव बनाया। सामने वालों ने हाथ उठा दिया तो अखिलेश शिकायत आवेदन लेकर थाने पहुंचा। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। लेकिन यहा कंपनी की शिकायत पर उसे ही जेल भेज दिया गया।

‘शराब दुकान से पैसे की हेराफेरी को लेकर कंपनी मैनेजर की शिकायत पर थाने में एफआइआर दर्ज किया गया है। कलेक्शन एजेंट के पास से कुछ पैसा बरामद हो गया है।’

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