छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जगमग हुआ हेमंत का घर

– सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बने सहदेव नगर के हेमंत कुमार पाण्डेय
– बिजली बचत से प्रेरित होकर हेमंत ने खरीदे इलेक्ट्रिक वाहन


राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना कई परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आयी है। इस योजना का लाभ उठाकर राजनांदगांव शहर के सहदेव नगर निवासी हेमंत कुमार पाण्डेय ने न केवल अपने बिजली बिल को शून्य कर दिया है, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। पाण्डेय ने नवम्बर 2024 में अपने घर की छत पर 3-3 किलोवाट क्षमता वाले दो सोलर पैनल स्थापित किया था। लगभग 4 लाख 20 हजार रूपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए प्रति यूनिट कुल 1 लाख 56 हजार रूपए प्राप्त हुआ। साथ ही राज्य शासन से 30-30 हजार रूपए की सब्सिडी भी मिलेगी। इस प्रकार कुल 2 लाख 16 हजार रूपए की सहायता होने से उनकी वास्तविक लागत आधी हो जाएगी।


पहले हर महीने उनका बिजली बिल 1200 से 1500 रूपए और गर्मियों में 2000 रूपए से अधिक आता था, लेकिन सोलर पैनल लगाने के बाद नवंबर 2024 से अब तक उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य है। इतना ही नहीं लगभग 1720 एवं 1918 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रीड में जमा हो चुकी है, जिसे वह जरूरत पडऩे पर उपयोग कर सकते हैं। बिजली बचत से प्रेरित होकर श्री हेमंत कुमार पाण्डेय ने 2 इलेक्ट्रिक वाहन भी खरीदे हैं, जिससे उन्हें पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च की भी बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है।

इससे आर्थिक बचत भी हो रही है और पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन जैसे कोयला, पेट्रोल और डीजल सीमित हैं, जबकि सौर ऊर्जा असीमित और स्वच्छ है। यदि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें तो न केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान मिलेगा। हेमंत कुमार पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर पैसे की बचत करने तथा देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की।

इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : पीएम प्रणाम किसान संगोष्ठी का हुआ आयोजन, कृषकों को जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए किया गया प्रोत्साहित

Related Articles

Back to top button