छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव में ‘रावण चोरी’ विवाद, सोशल मीडिया पर खूब निकली भड़ास


कडुवाघूंट समाचार
राजनांदगांव।
शहर के सर्वेश्वर दास स्कूल मैदान में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम को लेकर इस बार सोशल मीडिया पर खासी हलचल रही। शुरुआत में इस आयोजन की कमान आलोक श्रोति और उनकी टीम के पास थी, लेकिन समय के साथ इसकी जिम्मेदारी बदलकर दूसरी टीम के हाथों में चली गई।

इसी बदलाव को लेकर बीती रात आलोक श्रोती ने सोशल मीडिया पर पुरानी यादों को साझा करते हुए अपनी नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस आयोजन की नींव रखी थी, लेकिन बाद में परिस्थितियों ने करवट ली।

कुछ लोगों ने आलोक को सुझाव दिया कि वे चाहें तो फिर से अलग आयोजन की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, इस पर भी उन्होंने अपनी भड़ास निकाली और भावनाएं खुलकर सामने रखीं।

लोगों का मानना है कि रावण दहन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर की परंपरा और पहचान होते हैं। शुरुआत कोई भी करे, लेकिन ऐसे आयोजनों का अंत नहीं होना चाहिए। यह आयोजन केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर है।

पुरानी कहावत है — “करे कोई और भरे कोई”, लेकिन यहां सवाल यह है कि शुरुआत किसने की और श्रेय किसे मिला। यही चर्चा फिलहाल राजनांदगांव की सोशल मीडिया गलियों में सबसे गर्म है।

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