
Rajnandgaon : डॉ. रमन सिंह: एक युग पुरुष, सरलता और सेवा का प्रतीक, सरलता में गहराई, विनम्रता में शक्ति…
राजनांदगांव को 15 वर्षों के कार्यकाल में दी विकास की अनमोल सौगातें

राजनांदगांव, राजनीति में संभावनाएं और जटिलताएं सिक्के के दो पहलू हैं — लेकिन इन दोनों के बीच भी जो व्यक्ति अपने संतुलन, सरलता और जनसेवा के भाव से समाज का विश्वास जीत लेता है, वह वास्तव में “युग पुरुष” कहलाने योग्य होता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसा ही व्यक्तित्व है — पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह।
सरलता में गहराई, विनम्रता में शक्ति
डॉ. रमन सिंह का जीवन उस आदर्श का उदाहरण है, जिसमें राजनीति को सेवा का माध्यम माना गया है।
उनकी विनम्रता, सहजता और सबके प्रति समान व्यवहार ने उन्हें आम जनता के साथ-साथ विपक्ष के बीच भी सम्मान दिलाया है।
राजनीति में 40 वर्षों से अधिक समय बिताने के बाद भी उनके भीतर न तो अहंकार का भाव दिखता है, न ही पद का मोह।
गरीबों के मसीहा — ₹1 किलो चावल योजना
वर्ष 2003 में जब वे पहली बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने ₹1 किलो खाद्यान्न योजना लागू की — जिसे बाद में देशभर में “डॉ. रमन सिंह की जन योजना” के रूप में पहचान मिली।
शुरुआत में इस योजना को लेकर कई बुद्धिजीवी वर्गों ने सवाल उठाए — कहा गया कि गरीबों को सस्ता अनाज मिलने से वे काम नहीं करेंगे, यह राजनीति का हथकंडा है।
परंतु डॉ. रमन सिंह ने दृढ़ता से कहा —

मैंने गरीबी को दिल से महसूस किया है, मैं नहीं चाहता कि मेरे प्रदेश का कोई भी गरीब भूखा सोए।
आज यह योजना गरीब परिवारों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हुई है। लाखों परिवारों को भोजन, सम्मान और सुरक्षा का भरोसा इसी योजना से मिला है।
15 वर्षों का स्वर्णिम शासनकाल
डॉ. रमन सिंह ने लगातार तीन कार्यकालों (2003 से 2018) तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाई।
उनके शासनकाल में छत्तीसगढ़ ने बुनियादी ढांचे, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, उद्योग, और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ।
उन्होंने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया, धान खरीदी प्रणाली को पारदर्शी बनाया और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से हर गरीब परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा दी।
राजनांदगांव का गौरव — जनता के लाडले विधायक
राजनांदगांव, जिसे संस्कारधानी के रूप में जाना जाता है, डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विकास के नए अध्यायों का साक्षी बना।
यह वही धरती है जिसने उन्हें अपने विधायक के रूप में 5 बार चुनकर विधानसभा भेजा।
उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद भी वे आज भी राजनांदगांव के हर नागरिक के लिए उतने ही सहज और सुलभ हैं।
किसी भी नागरिक की समस्या उनके पास पहुंचते ही तत्काल समाधान होता है — यही उनके “जननेता” होने का सबसे बड़ा प्रमाण है।

अहंकार रहित नेतृत्व — विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नई भूमिका
वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा विधानसभा अध्यक्ष पद का प्रस्ताव रखे जाने पर डॉ. रमन सिंह ने उसे अत्यंत विनम्रता से स्वीकार किया।
आज भी वे उसी सरलता से विधानसभा का संचालन कर रहे हैं, जैसे कभी उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
उनकी निष्पक्षता और सौम्यता ने विधानसभा की गरिमा को और अधिक ऊंचा किया है।
डॉ. रमन सिंह का संक्षिप्त जीवन परिचय
पूरा नाम: डॉ. रमन सिंह
जन्म तिथि: 15 अक्टूबर 1952
जन्म स्थान: कवर्धा, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
शिक्षा: बी.ए.एम.एस. (आयुर्वेदिक चिकित्सा)
राजनीतिक जीवन की शुरुआत: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में
पहली बड़ी जिम्मेदारी: 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री (वाणिज्य एवं उद्योग)
मुख्यमंत्री पद: 2003 से 2018 तक (लगातार तीन कार्यकाल)
वर्तमान पद: विधानसभा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा
परिवार: पत्नी वीणा सिंह, दो संतानें — पुत्र अभिषेक सिंह (पूर्व सांसद) एवं पुत्री अस्मिता सिंह।
राजनीति में शुचिता और संतुलन के प्रतीक
डॉ. रमन सिंह की सबसे बड़ी पहचान उनके व्यवहार में दिखाई देती है —
उन्होंने कभी भी विपक्ष को अपना शत्रु नहीं माना।
वे राजनीति को प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि “सेवा का मार्ग” मानते हैं।
15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी उनका दरवाजा हर नागरिक के लिए हमेशा खुला रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा राजनांदगांव को दी गई सौगातें” 15 वर्षों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, योजनाओं, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, और जनसेवा के अनेक कार्य करवाए
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव को दी विकास की अनमोल सौगातें
राजनांदगांव। ( कडुवाघूंट समाचार).छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
परंतु अगर किसी एक जिले को उन्होंने विशेष रूप से अपने स्नेह, ध्यान और योजनाओं से निखारा है, तो वह है — राजनांदगांव, उनकी संस्कारधानी, उनकी राजनीतिक कर्मभूमि।
डॉ. रमन सिंह ने अपने 15 वर्षों के मुख्यमंत्रित्व काल में राजनांदगांव को सिर्फ राजनीतिक पहचान ही नहीं, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की सौगात दी।
कृषि और ग्रामीण विकास
डॉ. रमन सिंह ने किसान और गांव को हमेशा प्राथमिकता में रखा।
राजनांदगांव जिला जो मुख्यतः कृषि आधारित है, उसके लिए उन्होंने कई योजनाएं लागू कीं —
- धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता:
किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए राजनांदगांव में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई। - सिंचाई परियोजनाएं:
सोनाखान, बघनदी, अमलेश्वर और खैरागढ़ क्षेत्र में लघु सिंचाई परियोजनाओं की स्थापना।
जलाशयों और तालाबों के जीर्णोद्धार से सिंचित क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि।
- किसानों को बोनस योजना:
प्रति क्विंटल ₹300 तक का बोनस देकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया। - ₹1 किलो चावल योजना का लाभ:
हर ग्रामीण परिवार तक सस्ता अनाज पहुंचाकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य क्षेत्र को अपने शासनकाल की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में रखा।
- राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की स्थापना:
इस कॉलेज की स्थापना ने पूरे बस्तर और कबीरधाम संभाग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का द्वार खोला। - मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना:
गरीब और निम्न वर्गीय परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा।
आज भी हजारों परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। - आधुनिक एम्बुलेंस और मातृ शिशु देखभाल केंद्र:
ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार और प्रत्येक ब्लॉक में प्रसूति केंद्र स्थापित किए गए।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण
- राजनांदगांव इंजीनियरिंग कॉलेज:
युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई। - नवीन शासकीय विद्यालय और कन्या शिक्षा योजनाएं:
बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए “नवीन कन्या विद्यालय” खोले गए। - स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों की नींव:
डॉ. रमन सिंह ने शिक्षा की गुणवत्ता को जनसुलभ बनाया, जो आगे चलकर “स्वामी आत्मानंद स्कूल” मॉडल की प्रेरणा बनी।
युवा प्रशिक्षण एवं रोजगार योजनाएं
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
मुख्यमंत्री रोजगार मिशन
आईटीआई केंद्रों की स्थापना
सड़क, पुल और आधारभूत संरचना
राजनांदगांव जिले में सड़कों का जाल बिछाया गया —
- राष्ट्रीय राजमार्ग 6 (NH-6) और NH-353 का चौड़ीकरण।
- राजनांदगांव से खैरागढ़, डोंगरगढ़, मोहला-मानपुर, छुरिया, चिल्हाटी तक सीमेंटेड सड़कें।
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी नया जिला बनने की नींव:
बेहतर प्रशासन और विकास के लिए जिले का पुनर्गठन किया गया। - ग्रामीण सड़कों का निर्माण:
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सैकड़ों गांव सड़क सुविधा से जुड़े।
औद्योगिक और आर्थिक विकास
औद्योगिक क्षेत्र खैरागढ़ और डोंगरगढ़ का विकास:
लघु उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा दिया गया।
राजनांदगांव औद्योगिक पार्क:
औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए भूमि और बिजली की रियायतें दी गईं।
मछली पालन, डेयरी और हस्तशिल्प उद्योग:
स्वरोजगार योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
संस्कारधानी की पहचान और सांस्कृतिक संरक्षण
डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव को “संस्कारधानी” के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
संत कबीर, पंडित रविशंकर शुक्ल, सुभाष मुंशी और स्वामी आत्मानंद की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक केंद्रों का विकास किया गया।
गांधी कला केंद्र, नगर निगम सभागार, और नई सांस्कृतिक दीर्घा का निर्माण कराया गया।
नगरीय विकास और जनसुविधाएं
राजनांदगांव नगर निगम भवन का जीर्णोद्धार एवं स्मार्ट सिटी स्वरूप का प्रारंभ
पीने के पानी की बड़ी परियोजना
शिवनाथ नदी से जलापूर्ति की नई योजना से शहर की जल समस्या दूर हुई।
शहरी आवास योजनाएं
“मुख्यमंत्री आवास योजना” के तहत हजारों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले।
जनसेवा की मिसाल
राजनांदगांव के नागरिकों के लिए डॉ. रमन सिंह सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं।
किसी की बीमारी हो, किसी की शिक्षा की चिंता या सड़क की समस्या —
उन तक बात पहुंचते ही समाधान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
उनके दरवाजे आज भी आम जनता के लिए खुले हैं।
निष्कर्ष: विकास और विनम्रता का संगम
डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव को जो सौगातें दी हैं, वे केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक उन्नति की प्रतीक हैं।
उनकी सरलता, दूरदृष्टि और सेवा भाव ने राजनांदगांव को प्रदेश की अग्रणी जिलों में स्थापित कर दिया है।
राजनांदगांव का हर मार्ग, हर पुल और हर मुस्कान — डॉ. रमन सिंह के विकास दृष्टिकोण की गवाही देता है।
जन्मदिन पर शुभकामनाओं का आह्वान
इस वर्ष उनके जन्मदिन पर राजनांदगांव में भव्य आयोजन की तैयारी है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के कई प्रमुख नेता सम्मिलित होंगे।
यह आयोजन केवल एक जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति का प्रतीक है जिसमें विनम्रता, सेवा और समर्पण का भाव रचा-बसा है।
लेखक का निवेदन है —
संस्कारधानी की परंपरा है कि हम सादगी और संस्कार के साथ अपने नेताओं का सम्मान करते हैं।
आज जब हम अपने लाडले विधायक और सहज व्यक्तित्व के धनी डॉ. रमन सिंह का जन्मदिन मना रहे हैं,
तो आइए — हम सभी अपनी शुभकामनाएं, मुस्कान और आशीर्वाद उन्हें समर्पित करें।
निष्कर्ष
डॉ. रमन सिंह केवल एक राजनेता नहीं — बल्कि एक विचार हैं, एक संस्कार हैं। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि सत्ता का अर्थ सिर्फ शासन नहीं, बल्कि जनसेवा की निष्ठा है। ऐसे सहज, सरल और समर्पित युग पुरुष को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
छत्तीसगढ़ के हृदय में बसने वाले हमारे लाडले विधायक, डॉ. रमन सिंह — आप दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें, और इसी तरह प्रदेश की सेवा में निरंतर प्रेरणा बनें।



