
राजनांदगांव : 484 बच्चे कुपोषण मुक्त हो गए, अभियान का दिखने लगा असर…
राजनांदगांव. जिले में कुपोषण उन्मूलन के लिए जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि एनआरसी में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक कुल 484 कुपोषित बच्चों का सफल उपचार किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरप्रीत कौर ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन के सहयोग से गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जा रहा है। बच्चों के लिए खेलकूद की व्यवस्था कर उन्हें स्वस्थ माहौल दिया जा रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल स्थित एनआरसी की बेड ऑक्यूपेंसी दर 100 प्रतिशत है।
यह प्रयास स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एनआरएलएम के संयुक्त सहयोग से जिले में ‘पोट लइका’ कार्यक्रम के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता दर्शा रहा है।


