
Rajnandgaon : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा…
राजनांदगांव, जिला अस्पताल में सोनोग्राफी कराने लंबी वेटिंग होने के कारण गर्भवतियों और मरीजों को दिसंबर माह की तारीख मिल रही है। सोनोग्राफी कराने जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा। मजबूरी में निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यहां एकमात्र रेडियोग्राफर पर महिला संबधित अपराधों में न्यायालय, पुलिस थानों में जाने की व्यस्तता के चलते सोनोग्राफी नहीं होती। ऐसे में गर्भवतियों और मरीजों को वेटिंग लंबी होती है। उन्हें 10 से 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है।
सोनोग्राफी करने जिला अस्पताल को एक और रेडियोग्राफर की जरूरत हैं, जो नहीं मिला। सोनोग्राफी कराने गर्भवतियों की वेटिंग लंबी होने से केवल तारीख मिल रही। मेडिकल कॉलेज में पहले से लंबी वेटिंग है। गर्भवतियों को निजी अस्पतालों में सोनोग्राफी कराने 900 से 3200 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। दूसरा सरकारी विकल्प नहीं रहता। जिला अस्पताल में महीनों से यही स्थिति है। माह में 300 डिलीवरी होती है। जिलेभर की गर्भवतियों को मितानिन यहां जांच कराने लाती है।
डॉक्टरों का इंतजार करती रहीं गर्भवतियां, बैरंग लौटीं बुधवार को ग्राम तुमड़ी लेवा से गर्भवती ममता पटेल और कविता ठाकुर सोनोग्राफी कराने पहुंची थी। लेकिन उनकी सोनोग्राफी नहीं हो सकी। लंबी वेटिंग के कारण उन्हें अगली तारीख देनी पड़ी। अन्य गर्भवतियों और मरीज कतार में दिखे। कुछ को दिसंबर की तारीख दी गई। रेडियोग्राफर मौजूद होने पर रोज 40 सोनोग्राफी होती है। गायनिक डॉक्टरों की सलाह पर सोनोग्राफी कराने पहुंचती है तो पहले से 8 से 10 गर्भवतियों वेटिंग में रहते हैं। भर्ती मरीजों, गर्भवतियों का अलग दबाव है। देरी होने पर गर्भवतियों को निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही।
माहभर इंतजार के बाद रेडियोग्राफर नहीं मिले जिला अस्पताल प्रबंधन एक माह से रेडियोग्राफर की तलाश कर रहा है। इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया, अस्पताल में सूचना चस्पा की गई लेकिन रेडियोग्राफर नहीं मिला। रेडियोग्राफर को जीवनदीप समिति से वेतन का भुगतान किया जाएगा। मिली जानकारी अनुसार कुछ रेडियोग्राफर ने संपर्क किया लेकिन ज्वाइन नहीं किया। इसके पीछे उनकी अन्य निजी अस्पतालों में व्यस्तता के साथ वहां के मुकाबले यहां मिलने वाला कम वेतन बताया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में पहले से लंबी वेटिंग के कारण कई गर्भवतियों और मरीजों को यहां लाया जाता है।
एकमात्र रेडियोग्राफर हैं उस पर भी कई जिम्मेदारी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी ने बताया ग्राउंड फ्लोर की उंचाई बढ़ाने का काम जारी है। इस कारण सोनोग्राफी वार्ड 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट अस्पताल के फ़र्स्ट फ्लोर में शिफ्ट किया। वर्तमान में एक रेडियोग्राफर की सेवा ली जा रही है। लेकिन महिला संबधित अपराध और अन्य अपराध के मामले में रेडियोग्राफर को थाने और न्यायालय जाना पड़ता है। व्यस्तता के चलते जिला अस्पताल में सोनोग्राफी नहीं होने से वेटिंग बढ़ती है। अस्पताल को दूसरे रेडियोग्राफर की तलाश में है जो अब तक नहीं मिले है।






