छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

जिला जेल राजनांदगांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के संबंध में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (श्रम न्यायालय) राजनांदगांव अमित जिन्दल ने दिनांक 16.11.2025 को जिला जेल राजनांदगांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर उपस्थित बंदियो को उनके अनेक अधिकारो व अनेक विषयो पर कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में बंदियो को अनेक अधिकार दिए गए है। धारा 281 में यह प्रावधान दिया गया है कि यदि पुलिस द्वारा दायर समन मामले अर्थात ऐसा मामला जिसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान है, उसमें गवाही नही आ रही है तो आप न्यायालय से कार्यवाही रोकने का निवेदन कर सकते है, और ऐसे मामले में यदि न्यायालय आपका आवेदन स्वीकार करता है तो गवाही होने पर दोषमुक्ति का निर्णय सुनाया जा सकता है और गवाही न होने पर उन्मोचन का आदेश सुनाया जा सकता है। धारा 314 के अनुसार, अभियुक्त को यह अधिकार है कि अभियुक्त की उपस्थिति में यदि अभियोजन साक्ष्य होता है, तो अभियुक्त द्वारा समझी जाने वाली भाषा में अनुवाद अभियुक्त को समझाया जायेगा। श्री जिन्दल ने यह भी बताया कि यदि आपको लगता है कि किसी साक्षी का साक्ष्य कराना आवश्यक है तो आप धारा 348 के तहत उक्त साक्षी को आहूत करा सकते है। श्री जिन्दल ने यह भी बताया कि कि आप लोगो को यदि यह लगता है कि आपके विरूद्ध कोई मामला ही नही बनता है तो आप उन्मोचन के लिए आवेदन पेश कर सकते है परंतु यह ध्यान रहे कि धारा 250 के अनुसार उक्त आवेदन, सेशन केस में मामला सुपुंद होने के 60 दिन में और मजिस्ट्रेट केस में धारा 262 के अनुसार चालान की कापी मिलने से 60 दिन में ऐसा आवेदन पेश करना होगा। श्री जिन्दल ने अनेक अन्य उपयोगी जानकारी जैसे पाक्सो एक्ट, निशुल्क विधिक सहायता आदि के बारे में भी विस्तार से बताया ।

https://news.google.com/publications/CAAqKAgKIiJDQklTRXdnTWFnOEtEV3RoWkhkaFoyaDFkQzVqYjIwb0FBUAE?hl=hi&gl=IN&ceid=IN%3Ahi