
Rajnandgaon : भारतीय संविधान का सर्वजन सदैव सम्मान करें – डॉ. द्विवेदी
राजनांदगांव. अखिल विश्व में अतीव गौरवशाली एवं वृहद भारतीय संविधान के स्थापना दिवस के महत्तम परिप्रेक्ष्य में नवीन शासकीय महाविद्यालय अर्जुनी में संस्था प्राचार्य डॉ. अंजना ठाकुर के प्रमुख संरक्षण एवं अध्यक्षता में विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित नगर के वरिष्ठ विचार चिंतक डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित प्रबुद्ध व्याख्याताओं को बताया कि भारतीय संविधान समग्र रूप से ब्रिटेन, स्विट्जरलेंड, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा जैसे विशेष राष्टों के संविधानों की विशिष्टताओं और श्रेष्ठताओं का सार संग्रह है। लिखित संविधान, वृहत संविधान तथा आम जन-जन को मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तवय, नीति निर्देशक तत्व, विशुद्ध समता, समाजवादी संरचना के साथ-साथ एकता, अखंडता, विश्वबंधुत्व एवं पंत निरपे्रक्ष्य राज्य संस्थापना की अद्वितीय संकल्पना प्रदान करने वाला संविधान है। वास्तव में हमारा संविधान जिस पर प्रत्येक भारतीय को गौरवमान होता है तथा देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, राष्ट्रीय एकता अखंडता के सूत्रधार सरदार वल्लभ भाई पटेल, अखिल विश्व में ज्ञान के प्रादर्श माने जाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे मनीषियों के अथक परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यो की भी स्मृतियों को सभी के मन मस्तिष्क में चिर स्थाई बनाता है।
भारतीय संविधान का विशिष्ट गुण है कि वह लचीला संविधान है। समय और आवश्यकता के अनुरूप इसमें संशोधन की व्यवस्था की गई है। आगे डॉ. द्विवेदी ने अपने सम्भाषण में आह्वान किया कि अखिल विश्व में लोकतंत्रतीय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और अधिकाधिक विस्तार के लिए हमारा संविधान देश-धरती में एक विशेष उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रतिवर्ष जिसकी प्रस्तावना और उसका वाचन जन-जन, प्रबुद्धजन आदि सभी को सम्प्रभुता और स्वतंत्रता के साथ निरंतर विकास पथ पर अग्रसर होने की अद्भुत अभिप्रेरणा भी देता है। आइये हम सभी अपने संविधान का सदैव सम्मान करें। यही संविधान दिवस का श्रेष्ठ सार्थक संदेश होगा। इस अवसर पर संस्था प्राचार्य ने डॉ. द्विवेदी का श्रेष्ठ सम्भाषण के लिए शाल और श्रीफल से सम्मान किया तथा संस्था की ओर से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य अंजना ठाकुर ने संविधान की उद्देश्यिका और प्रवेशिका का वाचन भी किया |






