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CG : शहर के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये लेने की तैयारी में जुटा निगम, पेयजल आपूर्ति भी होगी हाईटेक, गंज मंडी प्रोजेक्ट की भी सुगबुगाहट…

रायपुर. केंद्रीय मद से वर्किंग वूमेन्स हॉस्टल की फंडिंग के बाद नगर निगम शहर के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये लेने की तैयारी में जुटा हुआ है. 16 दिसंबर को इसके लिए केंद्र ने निगम के प्रस्ताव पर ऑनलाइन प्रेजेंटेशन देखन के बाद विस्तृत चर्चा की. इस प्रेजेंटेशन में निगम आयुक्त विश्वदीप के अलावा योजना से जुड़े तमाम अधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले कुछ ही दिनों में शहर के लिए अहम निगम के पांच प्रोजेक्ट के लिए केंद्र से फंडिंग की हरी झंडी मिल जाएगी. अगर इसमें कामयाबी मिली तो शहर की आबादी का एक हिस्सा जो अभी अंडरग्राउंड वाटर मामले में रेड जोन घोषित हो चुका है, वहां के सिस्टम को सुधारने जीआईएस बेस्ड सर्वे के बाद ठोस प्लानिंग की शुरुआत कर दी जाएगी.

इसके अलावा निगम में प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम को भी मजबूत बनाने पर काम होगा. इसके लिए हाईटेक सिस्टम के तहत जिला प्रशासन के रजिस्ट्री पोर्टल साफ्टवेयर से जोड़ने के बाद टैक्स के लिए प्रॉपर्टी खोजने और डिमांड नोट्स जारी करने से मुक्ति मिल जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि अगर यह हो गया तो एक क्लिक से ही खाली प्लॉट, निर्माणाधीन मकान और टैक्स के दायरे में आने वाली समस्त प्रापर्टी सूचीबद्ध हो जाएगी. इस साफ्टवेयर को तैयार करने में केंद्रीय एजेंसी भी मदद करेगी, इतना ही नहीं इससे शहर सीमा क्षेत्र में नई प्रापर्टी खोजने में भी दिक्कत नहीं होगी. इसी के साथ जनमानस से जुड़े अन्य छोटे-छोटे प्रोजेक्ट भी फोकस किये जाएंगे.


पेयजल आपूर्ति भी होगी हाईटेक

नगर पालिक निगम रायपुर केंद्रीय मदद से शहर के पेयजल आपूर्ति सिस्टम को भी हाईटेक करने की कवायद पर काम शुरू हो जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि अभी जरुरत के हिसाब से पानी की खपत अधिक हो रही है. शहर की आबादी बढ़ने के साथ यदि पानी की इस अंधाधुंध आपूर्ति पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में पेयजल संकट का सामना शहर को करना पड़ेगा. इसे ध्यान में रखकर मेट्रो सिटी के तर्ज पर राजधानी के लिए केंद्र का जलसंसाधन विभाग भी प्लानिंग तैयार करेगा.


गंज मंडी प्रोजेक्ट की भी सुगबुगाहट

इसी केंद्रीय मदद से 26 एकड़ गंज मंडी प्रोजेक्ट के लिए रायपुर निगम को पैसा मिल सकता है. बताया गया कि इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग करने के लिए प्रारंभिक रुप से कंसल्टेंट नियुक्ति की प्रक्रिया से केंद्र को अवगत करा दिया गया है. कंसल्टेंट नियुक्ति की गारंटी के बाद केंद्र शुरुआती तौर पर इस प्रोजेक्ट के लिए 100 करोड़ के मदद का प्रस्ताव सितंबर महीने में ही दे दिया था. मंगलवार को प्रेजेंटेशन में इस पर भी लंबी चर्चा हो गई.