
CG : खैरागढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बलरामपुर जिले के रोहित कुमार श्रीवास्तव को चार स्वर्ण पदक …
बलरामपुर/खैरागढ़। सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के लिए यह गर्व का क्षण है, जब जिले के होनहार छात्र रोहित कुमार श्रीवास्तव ने कला के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल कर न केवल अपने गांव बल्कि पूरे जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है। रोहित कुमार को खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए कुल चार स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
यह भव्य दीक्षांत समारोह 28 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर, खैरागढ़ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने रोहित कुमार को स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, पद्मश्री सम्मानित कलाकार एवं विधायक अनुज शर्मा, विश्वविद्यालय की कुलपति लावली शर्मा, कुल सचिव सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। थिएटर विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन
रोहित कुमार श्रीवास्तव, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंडरी के निवासी हैं। उन्होंने कला के क्षेत्र में निरंतर मेहनत और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। रोहित कुमार ने सत्र 2020–21 में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से थिएटर विषय में स्नातक (बैचलर) की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने सत्र 2022–23 में उसी विषय में स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की पढ़ाई पूरी की। स्नातक एवं स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए उन्हें कुल चार स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
ग्रामीण अंचल के युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत रोहित कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से ग्राम पंडरी, वाड्रफनगर क्षेत्र एवं पूरे बलरामपुर जिले में खुशी और गौरव का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं कला प्रेमियों ने रोहित कुमार को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि रोहित की सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली युवा भी अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
कला के क्षेत्र में भविष्य की बड़ी उम्मीद रोहित कुमार की इस उपलब्धि को कला और थिएटर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनके इस सम्मान से आने वाले समय में प्रदेश के अन्य युवाओं को भी कला, संस्कृति और थिएटर जैसे विषयों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। रोहित कुमार की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची लगन, निरंतर अभ्यास और शिक्षा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।





