DPR छत्तीसगढ समाचाररायपुर जिला

CG : वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता दिनांक 12 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और आजीविका विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां : वन मंत्री केदार कश्यप
वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास तथा वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और वनवासियों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


वन आवरण में वृद्धि
प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। अत्यंत सघन वनों (Very Dense Forest) में 348 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज होना वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है।
हरित छत्तीसगढ़ अभियान
कश्यप ने बताया कि राज्य में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वर्ष 2024 में 4 करोड़ 20 लाख से अधिक तथा वर्ष 2025 में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है।


किसान वृक्ष मित्र योजना
उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को पांच एकड़ तक 100 प्रतिशत तथा उससे अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। विगत दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ भूमि में 3 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।
देव स्थलों का संरक्षण
प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप आदिवासी देव स्थलों के संरक्षण के लिए “मोदी की गारंटी” के तहत पिछले दो वर्षों में 435 देवगुड़ियों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 16.17 करोड़ रुपये व्यय किए गए।

वन विभाग में भर्ती
उन्होंने बताया कि वन विभाग में पिछले दो वर्षों में तृतीय श्रेणी के 313 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा 150 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। वनरक्षक के 1484 पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है तथा आगे की प्रक्रिया जारी है।
बाघ संरक्षण में सफलता
कश्यप ने बताया कि राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरू घासी दास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है।


वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं।


बर्ड सफारी और रामसर साइट
उन्होंने बताया कि गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है, जिससे इको- टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास
मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है।


मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं।
औषधीय पौध रोपण और महिला सशक्तिकरण
उन्होंने कहा कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है। हजारों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

वन विकास निगम की उपलब्धियां
वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता में राज्य वन विकास निगम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा सतत वानिकी सिद्धांतों के तहत काष्ठ उत्पादन, वृक्षारोपण, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने जैसे कार्य किए गए हैं। काष्ठिय वनोपज की बिक्री ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

इसके अतिरिक्त वन संरक्षण के साथ साथ विकास कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 1165 प्रकरणों में वनभूमि उपयोग की स्वीकृति प्रदान की गई है।
सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क
वन मंत्री कश्यप ने बताया कि मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है l यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है l यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं l देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l


सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता दिनांक 12 फरवरी 2026
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वर्ष 2025-26 में कृषि ऋण वितरण हेतु 9 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध 7 हजार 667 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है। ऋण प्राप्त करने वाले कृषको की संख्या 15. लाख 55 हजार है। खरीफ सीजन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख 04 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी समितियों के माध्यम से की गई। किसानों को धान खरीदी की राषि 31 हजार 275 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

      सहकारिता मंत्री बताया कि सहकार से समृद्धि के अंतर्गत 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है, साथ ही 351 डेयरी सोसायटी, 322 फिशरीज सोसायटी, 153 वनोपज सोसायटी सहित कुल 1341 सहकारी समितियों का गठन हो चुका है। राज्य के 2058 पैक्स समितियों में से 2028 समितियों का कम्प्यूटराईजेशन किया जा चुका है।  राज्य में 2058 पैक्स समितियों में माईक्रो ए.टी.एम. लगाए जा चुके हैं, जिनसे 230 करोड़ रूपये का ट्रान्जेक्शन हो चुका है। पैक्स के सामान डेयरी समितियों में भी माईक्रो ए.टी.एम. उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 

      विगत 2 वर्षं में अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 16 नवीन शाखाएं खोली गई है। वर्तमान में 345 शाखाएं कार्यरत हैं।  सहकारी बैंको में ग्राहकांे की सुविधा के लिए बैंक ब्रांच स्तर पर 169 नवीन  ए.टी.एम. मशीन भी लगाये गये हैं। राज्य में सहकारिता क्षेत्र अंतर्गत 04 सहकारी शक्कर कारखाने कार्यरत  हैं, जिनसे 55 हजार से अधिक गन्ना उत्पादक किसान जुडे़ हुए हैं।  वर्ष 2024-25 में 6.92 लाख मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी एवं 67 हजार मीट्रिक टन शक्कर का उत्पादन किया गया है। गन्ना विक्रेता किसानों को 290 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। छ.ग. के शक्कर कारखानों का औसत शक्कर रिकवरी दर 11.20 प्रतिशत है, जो देश के औसत शक्कर रिकवरी दर 9.28 प्रतिशत से काफी अधिक है।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता दिनांक 12 फरवरी 2026

परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों में 100 बस चलाने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के तहत ऐसे ग्रामों को जहॉ पूर्व में बस सुविधा उपलब्ध नहीं है ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय/नगरीय क्षेत्र/तहसील मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय को जोड़ना। उन्होंने कहा कि इस हेतु राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता के रूप में प्रथम वर्ष 26 रूपए द्वितीय वर्ष 24 रूपए एवं तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर की दर से एवं मासिक कर पूर्णतः छूट अधिकतम 03 वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी।

      परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत अब तक 69 चयनित मार्गों में 69 बसों का संचालन किया जा रहा है, उक्त बसों के संचालन से कुल 450 नए गांव तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुॅंच रही है, तथा 18 बस संचालन की कार्यवाही प्रकियाधीन है। वर्ष 2026-27 में इस योजना अंतर्गत 200 नवीन बस संचालन की कार्ययोजना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में लगभग 15 हजार सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 6 हजार 700 की मृत्यु हुई है। सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में पूरे भारत में 100 जिलों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से रायपुर जिले को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है। भविष्य में दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव एवं जगदलपुर को भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन नीति अंतर्गत प्रत्येक इलेक्ट्रिक वाहन क्रेता को वाहन मूल्य का 10 प्रतिशत या अधिकतम रूपये 01 लाख छूट (सब्सिडी) दी जा रही है। इस योजना अंतर्गत ई.व्ही. वाहनों के जीवनकाल कर मे 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। इस निति के तहत 1 लाख 73 हजार 618 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन किया गया है तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीयन में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान मे 60 हजार से अधिक वाहन स्वामियों को 125 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष मे 110 करोड़ रूपए इलेक्ट्रिक सब्सिडी प्रदाय किये जाने हेतु बजट में प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की भांति जनवरी 2026 में ऑटो एक्सपो का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक किया गया, जिसमें वाहनों की खरीद पर जीवनकाल कर में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की गई थी। पूर्व वर्ष 2025 में भी ग्राहकों को यह सुविधा दी गयी थी। ऑटो एक्सपो 2025 में लगभग 29 हजार वाहन बिके थे इस वर्ष 44 हजार 826 वाहन विक्रय किये गए हैं।

परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि बस संगवारी मोबाईल एप्पलीकेशन के माध्यम से यात्रियों को गंतव्य स्थान के लिए रूट, समय एवं मार्ग में उपलब्ध बसों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसमें कुल 4 हजार 512 बसों की जानकारी संकलित की गई है, जिसमें डिवाईस के माध्यम से 2,943 बस को जोड़ा गया है। बस संगवारी ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में भविष्य में बस के लाइव लोकेशन की जानकारी प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि वाहन 4.0 एवं सारथी 4.0 ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से वाहन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की राष्ट्रीय परिवहन परियोजना के तहत प्रमुख ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन है। वाहन से संबंधित समस्त कार्य वाहन-4.0 साफ्टवेयर के माध्यम से पूर्णतः आनलाईन की जाती है, जैसे- नवीन वाहनों का पंजीयन, आनलाईन टैक्स व फीस भुगतान, परमिट संबंधी कार्य आधार आथेंटिकेशन के माध्यम से विभिन्न सर्विसेस। ड्रायविंग लासेंस से संबंधित समस्त कार्य जैसे- लायसेंस, नवीनीकरण, पता परिवर्तन, रिप्लेसमेंट, डुप्लीकेट लायसेंस, अंतर्राष्ट्रीय ड्रायविंग परमिट आदि कार्य किया जा रहा है। आनलाईन मेडिकल सर्टिफिकेट फार्म 1-ए जारी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा योजना के तहत परिवहन विभाग के द्वारा ड्रायविंग लायसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र आमजन को डाक के माध्यम से उनके वर्तमान पते पर दिया जा रहा है। परिवहन विभाग की यह प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, आधुनिक एवं मध्यस्थ विमुक्त है। इस योजना द्वारा माह जून 2022 से 09 फरवरी 2026 तक लगभग 53.26 लाख ड्रायविंग लायसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि ड्राईविंग टेस्ट हेतु ई-ट्रैक योजना अंतर्गत सेंसर आधारित कम्प्यूटराईज्ड ड्रायविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) के निर्माण से सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी एवं सड़क दुर्घटना में कमी आएगी। वर्तमान में आठ जिलों (अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर, जशपुर, रायगढ़, महासमुंद) में स्थापना हेतु शासन से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिस पर निर्माण की कार्यवाही छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा की जा रही है। जून 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के समस्त परिवहन कार्यालयो ं में ऑटोमेटेड ड्रायविंग टेस्ट टेªक का निर्माण किया जाना है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन वाहनों का समय-समय पर फिटनेस जांच, परिवहन कार्यालयों द्वारा मैन्युअल पद्धति के तहत किया जाता रहा है, जिससे तकनीकी तौर पर पूर्ण रूप से वाहनों की जांच नहीं हो पाता था वर्तमान मे ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर के संचालित होने सें वाहनों का पूर्णरूप से तकनीकी जांच संभव हो पाता है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 08 जगहों पर एटीएस स्थापना की गई है। (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अम्बिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव एवं रायगढ़) ऑटोमैटिक फिटनेंस सेंटर (एटीएस) संचालन करने में भारत देश में गुजरात राज्य के पश्चात् छत्तीसगढ़ राज्य दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि विगत एक वर्ष में 8 एटीएस के माध्यम से कुल 82 हजार 921 गाड़ियों का फिटनेस जांच किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ मे स्थित आर व्ही एस एफ द्वारा 1 अप्रैल 2025 से अब तक 642 शासकीय वाहन एवं 1606 अन्य वाहनों को स्क्रैप किया गया है। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर नवीन वाहनों के जीवनकाल कर में 15 से 25 प्रतिशत तक छूट एवं अन्य लाभ शासन द्वारा निर्धारित किये गये हैं।

परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि ड्रायविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च संस्थान राज्य का पहला आईडीटीआर अटल नगर, नवा रायपुर में दिसम्बर 2021 से संचालित है। आई.डी.टी.आर. द्वारा मालवाहक चालक रिफ्रेशर कोर्स, स्कूल बस चालकों, यातायात पुलिस तथा एल.एम.व्ही. चालकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक कुल 38 हजार 573 चालकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य मे कुल 2 आर डी टी सी जगदलपुर, बिलासपुर एवं 12 डी टी सी दंतेवाड़ा, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा , सरगुजा, राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, दुर्ग एवं बलौदाबाजार की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार द्वारा अनुमति प्रदान की गई है। वर्तमान मे प्रदेश में कुल 83 निजी ड्रायविंग स्कूल संचालित है।

छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्व पंजीकृत मोटर प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 9.66 लाख पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा महिलाओं की सुरक्षा हेतु निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियो ं मे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान मे लगभग 2943 यात्री वाहनों एवं 5892 स्कूल बस पर व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ई-डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोल नाको से गुजरने वाले बिना फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना संचालित वाहनों पर ई-चालान के माध्यम से कार्यवाही की जा रही है ताकि अनफिट वाहनों से होने वाले सड़क दुर्घटना मे प्रभावी कमी लाई जा सके। वर्तमान में बदईगुड़ा, भोजपुरी, छुईपाली, चोटिया, ढांक, दुर्ग बाईपास, जगतारा, झलमला, कुम्हारी, लिम्हा, लोदाम, महराजपुर, मंदिर हसौद, मषोरा, मुढ़िपार, मुड़ियापारा, पचीरा, पाराघाट, तरपोंगी, ठाकुरटोला कुल 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस एवं टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्यवाही की जा रही है ।

परिवहन मंत्री ने बताया कि अभी तक 37 एएनपीआर कैमरे लीकेज मार्ग मे एवं 47 एएनपीआर कैमरे चेकपोस्ट तथा अन्य स्थानों पर लगाये गये है। मई 2023 से 31 जनवरी 2026 तक 3,02,591 वाहनों पर कुल 134 करोड़ रूपए का चालान किया गया है, जिसमें अब तक लगभग 41.58 करोड़ रूपए का चालान जमा किया जा चुका है। सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेस उपचार योजना के अंतर्गत घायलों को प्रथम 07 दिवस तक 1.50 लाख रूपए तक के कैशलेस उपचार की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि राहवीर योजना- यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘‘गोल्डन ऑवर(पहले एक घंटे) में अस्पताल पहुँचाकर जान बचाने वाले नेक मददगारों को सम्मानित करती है। पूर्व में इस योजना का नाम गुड सेमेरिटन था, जिसके तहत 5 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जाती थी, अप्रैल 2025 से इस योजना का नाम बदलकर राहवीर योजना किया गया। इसके तहत, जीवन बचाने वाले राहवीर को 25 हजार का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र दिया जाता है। सड़क सुरक्षा अभियान सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए युवावर्ग, एन.जी.ओ, स्थानीय लोगों कि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करनें के लिए 2400 सड़क सुरक्षा मित्रों को तैनात किया जा रहा है।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.