16 मार्च 2026 को शेयर बाज़ार में IDBI Bank का शेयर बड़ी गिरावट के साथ खुला। IDBI Bank के शेयर NSE पर आज तेज़ी से गिरे क्योंकि रिपोर्टें आईं कि सरकार अपनी नियोजित हिस्सेदारी बिक्री रद्द कर सकती है। शेयर गैप-डाउन खुला और 10 प्रतिशत से अधिक गिरकर ₹82.12 पर आ गया। शुरुआती कारोबार में यह ₹79.25 तक पहुँचा जो पिछले बंद भाव ₹92.18 से 14 प्रतिशत कम था। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं है बल्कि पिछले कई सत्रों से यह शेयर दबाव में है और आज की खबर ने उस दबाव को और बढ़ा दिया।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शेयर का नाम | IDBI Bank Ltd |
| NSE Symbol | IDBI |
| BSE Code | 500116 |
| आज का भाव | ₹77 से ₹82 (कारोबार जारी) |
| पिछला बंद भाव | ₹92.18 |
| आज का उच्चतम | ₹82.84 |
| आज का न्यूनतम | ₹77.00 |
| 52 सप्ताह उच्चतम | ₹118.38 |
| 52 सप्ताह न्यूनतम | ₹72.00 |
| बाज़ार पूंजीकरण | ₹83,000 से ₹88,000 करोड़ |
| P/E अनुपात | 8.9 से 10.63 |
| P/B अनुपात | 1.2 से 1.68 |
| EPS (FY2024-25) | ₹7.10 |
| तकनीकी संकेत | मज़बूत बिकवाली |
| गिरावट का कारण | सरकार की विनिवेश योजना रुकने की खबर |
IDBI Bank विनिवेश योजना क्यों रुकी: पूरा मामला समझें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने IDBI Bank के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया रोक दी है क्योंकि संभावित खरीदारों ने जो बोलियाँ लगाईं वे सरकार द्वारा तय आरक्षित मूल्य से कम थीं। मौजूदा विनिवेश नियमों के तहत आरक्षित मूल्य से कम बोली स्वीकार नहीं की जा सकती। सूत्रों के अनुसार बैंक के लिए तय आरक्षित मूल्य अधिक था और यह IDBI Bank के प्राइस-टु-बुक मूल्यांकन से मेल नहीं खाता था। इसके साथ ही IDBI Bank के शेयरों में कम फ्री फ्लोट भी एक बड़ा कारण रहा जिसने शेयर की कीमत को प्रभावित किया और विनिवेश के लिए मूल्यांकन मानक तय करना जटिल हो गया।
सरकार और LIC की हिस्सेदारी का पूरा विवरण
सरकार वर्तमान में IDBI Bank में 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है जबकि LIC के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मूल योजना में 60.7 प्रतिशत की संयुक्त हिस्सेदारी बेचना था। सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती थी जिसकी कीमत लगभग ₹30,000 करोड़ आँकी गई थी। इस विनिवेश प्रक्रिया में Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD ने वित्तीय बोलियाँ लगाई थीं जबकि Kotak Mahindra Bank पहले दौड़ में था लेकिन बाद में पीछे हट गया।
आज का कारोबार: इंट्राडे विश्लेषण
आज IDBI Bank का शेयर ₹82.12 पर खुला जबकि पिछला बंद भाव ₹92.18 था। आज के कारोबार में शेयर का उच्चतम ₹82.84 और न्यूनतम ₹77.00 रहा। औसत कारोबारी मूल्य ₹79.46 रहा। 50 दिन का चलती औसत ₹105.75 और 200 दिन का चलती औसत ₹98.29 है। सुबह 9:20 बजे तक IDBI Bank के शेयर ₹80.18 पर कारोबार कर रहे थे और 1 करोड़ 83 लाख शेयरों का लेनदेन हो चुका था। यह बताता है कि निवेशकों में भारी घबराहट थी और बड़े पैमाने पर बिकवाली हो रही थी।
आज के कारोबार की विश्लेषण तालिका
| समय | भाव | विवरण |
|---|---|---|
| पिछला बंद भाव | ₹92.18 | शुक्रवार 13 मार्च 2026 |
| आज का खुलाव | ₹82.12 | गैप-डाउन खुला |
| उच्चतम | ₹82.84 | सुबह का शिखर |
| न्यूनतम | ₹77.00 | दिन का सबसे निचला स्तर |
| मध्याह्न भाव | ₹79.09 | दोपहर 12 बजे |
| औसत कारोबारी मूल्य | ₹79.46 | |
| 52 सप्ताह उच्चतम | ₹118.38 | 5 जनवरी 2026 |
| 52 सप्ताह न्यूनतम | ₹72.00 | |
| 50 DMA | ₹105.75 | |
| 200 DMA | ₹98.29 | |
| बाज़ार पूंजीकरण | ₹83,052 करोड़ | |
| P/E अनुपात | 8.9 | |
| तकनीकी संकेत | मज़बूत बिकवाली |
52 सप्ताह के उच्चतम से कितनी गिरावट
IDBI Bank का शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्चतम ₹118.45 से लगभग 35 प्रतिशत गिर चुका है जो 5 जनवरी 2026 को था। केवल पिछले एक महीने में ही यह शेयर 30 प्रतिशत टूट चुका है। यह गिरावट किसी भी निवेशक के लिए चिंताजनक है। जिन निवेशकों ने जनवरी 2026 में ₹118 के आसपास खरीदारी की थी उन्हें अब तक भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालाँकि पिछले एक साल की बात करें तो शेयर ₹72.7 से ₹85.8 पर आया है जो 18 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
IDBI Bank के वित्तीय नतीजे: कमाई कैसी रही
IDBI Bank का दिसंबर 2025 तिमाही में शुद्ध लाभ 1.6 प्रतिशत बढ़कर ₹1,959.4 करोड़ हो गया जबकि एक साल पहले यह ₹1,929.1 करोड़ था। हालाँकि इसी अवधि में शुद्ध बिक्री 9.5 प्रतिशत घटकर ₹7,080.2 करोड़ रह गई। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में IDBI Bank का शुद्ध लाभ 31.8 प्रतिशत बढ़कर ₹7,630.7 करोड़ हो गया जबकि FY24 में यह ₹5,788.1 करोड़ था। राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर ₹28,917.1 करोड़ पर पहुँचा। इसका मतलब यह है कि बैंक की बुनियादी ताकत मज़बूत है लेकिन विनिवेश की खबर ने शेयर बाज़ार में घबराहट फैला दी है।
बाज़ार पर असर: BANKEX और Sensex भी दबाव में
आज BSE BANKEX सूचकांक 0.4 प्रतिशत गिरकर 60,198.5 पर है। BANKEX में आज के बड़े नुकसान उठाने वालों में Federal Bank और IndusInd Bank शामिल हैं जो दोनों 2-2 प्रतिशत नीचे हैं। BSE Sensex 0.2 प्रतिशत गिरकर 74,393.6 पर कारोबार कर रहा है। IDBI Bank की यह गिरावट पूरे बैंकिंग सेक्टर के लिए नकारात्मक भावना पैदा कर रही है क्योंकि यह एक बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सरकारी नीति से जुड़ी खबर है।
विनिवेश का पूरा इतिहास: 2022 से अब तक
सरकार और LIC मिलकर IDBI Bank में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहते थे और अक्टूबर 2022 में Expression of Interest जारी किया था। इस निजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत जनवरी 2023 में हुई थी। इसमें Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD ने फरवरी 2026 तक वित्तीय बोलियाँ जमा कीं। Kotak Mahindra Bank पहले इस प्रक्रिया में था लेकिन उसने वित्तीय बोली लगाने से इनकार कर दिया। यह पूरी प्रक्रिया लगभग साढ़े तीन साल तक चली और अब जब बोलियाँ आरक्षित मूल्य से कम आईं तो सरकार इसे आगे बढ़ाने में असमर्थ है।
तकनीकी विश्लेषण: क्या करें निवेशक
Investing.com के अनुसार दैनिक खरीद/बिक्री संकेत मज़बूत बिकवाली है। शेयर का 52 सप्ताह का दायरा ₹72 से ₹118.38 के बीच रहा है। तकनीकी दृष्टि से शेयर अपने प्रमुख चलती औसत से नीचे कारोबार कर रहा है और कोई भी सार्थक तेजी के लिए इसे इन स्तरों को पार करना होगा। EPS Rank 90 है जो आय की स्थिरता के लिहाज़ से उत्कृष्ट है लेकिन फिलहाल बाज़ार में विनिवेश की अनिश्चितता हावी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जब तक सरकार की नीति पर कोई स्पष्टता न आए तब तक नई खरीदारी से बचना समझदारी होगी।
यदि आप IDBI Bank के मौजूदा निवेशक हैं तो घबराहट में बिकवाली से पहले कुछ बातें ध्यान में रखें। बैंक के मौलिक आँकड़े मज़बूत हैं और FY25 में 31.8 प्रतिशत लाभ वृद्धि इसका प्रमाण है। बैंक का परिचालन राजस्व पिछले 12 महीनों में ₹35,203 करोड़ रहा। वार्षिक राजस्व वृद्धि 12 प्रतिशत अच्छी है और कर-पूर्व मार्जिन 22 प्रतिशत है। मौजूदा गिरावट मुख्यतः विनिवेश नीति की अनिश्चितता से आई है न कि बैंक के प्रदर्शन से। जैसे ही सरकार कोई स्पष्ट नीतिगत घोषणा करेगी शेयर में तेज़ी से पलटाव हो सकता है।






