मध्य प्रदेश

अब महंगी पड़ेगी गाड़ी: मध्य प्रदेश में टैक्स छूट खत्म, ई-बाइक और कार की लागत बढ़ने वाली

भोपाल

मध्य प्रदेश में पांच साल के लिए लागू की गई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति-2025 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन में कमर्शियल ईवी को टैक्स में वर्ष 2027 तक छूट रहेगी, लेकिन ई-बाइक और ई-कारों पर मिलने वाली छूट 27 मार्च को खत्म हो जाएगी। 27 मार्च, 2025 को लागू ईवी पालिसी में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर वाहन कर व पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत छूट दी गई थी। लागत बढ़ने से लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की ओर लौट सकते हैं।

रेट्रोफिटिंग और कमर्शियल वाहनों के लिए प्रावधान

इसके साथ ही ईवी नीति में रेट्रोफिटिंग यानी 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन को ईवी में बदलवाने पर एक साल तक दी गई छूट भी खत्म हो जाएगी। जबकि किट नहीं मिल पाने के कारण रेट्रोफिटिंग का काम ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है। रेट्रोफिटिंग पर दो पहिया को पांच हजार प्रति वाहन, तीन पहिया को 10 हजार और कार को 25 हजार प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान किया गया था। हालांकि, कमर्शियल वाहनों जैसे ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को दो वर्ष यानी 27 मार्च, 2027 तक के लिए वाहन कर व पंजीयन शुल्क में दी गई छूट लागू रहेगी।

पंजीयन लक्ष्य और पांच मॉडल ईवी शहर

इधर, पांच साल में दोपहिया वाहनों में 40 प्रतिशत और चार पहिया वाहनों के 15 प्रतिशत ईवी के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था। 27 मार्च को टैक्स में छूट खत्म होने से लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। नीति लागू होने से पांच साल की अवधि में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी शहर घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति अवधि के अंत तक 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को ईवी करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

चार्जिंग स्टेशनों को वित्तीय सहायता देगी सरकार

ईवी नीति के तहत सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए वित्तीय सहायता का भी प्रविधान है। राजमार्गों, प्रमुख सड़कों पर प्रत्येक 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन, राजमार्गों पर प्रत्येक 100 किमी पर लंबी दूरी/हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहन के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन (दोनों तरफ) लगाए जाएंगे। नीति अवधि के अंत तक सभी पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य है।
विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित लक्ष्य

  •     दो पहिया ईवी- 40%
  •     दोपहिया वाहन ईवी (वाणिज्यिक बेड़ा)- 100%
  •     तीन पहिया ईवी (यात्री और माल ढुलाई)- 80%
  •     चार पहिया ईवी- 15%
  •     ई-बसें- 40%

 

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