
राजनांदगांव : 3 माह की जांच कोर्ट में कमजोर, पास्टर को जमानत…
राजनांदगांव , धर्मांतरण नेटवर्क ऑपरेट करने के आरोप में गिरफ्तार पास्टर डेविड चाको को कोर्ट ने जमानत दे दी है। जिला न्यायालय ने 23 मार्च की शाम पास्टर चाको को जमानत पर रिहा कर दिया। अभियोजन पक्ष पास्टर की जमानत रोकने में नाकाम साबित हुआ है।
पुलिस ने पास्टर डेविड के धर्मापुर स्थित मिशनरी आश्रम में 11 जनवरी को छापेमारी की थी। इसके बाद लगातार तीन महीने तक मामले की जांच जारी रही।
पुलिस ने दावा किया था कि पास्टर डेविड चाको पूरे छग में धर्मांतरण का नेटवर्क फैला रहा है। इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया गया। तीन महीने तक चले सघन जांच, कई डिजिटल एविडेंस जब्त करने के बाद पुलिस ने 21 मार्च को डेविड चाको को गिरफ्तार कर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4, 5 एवं बीएनएस की धारा 299 के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था।
इसके बाद डेविड चाको की ओर से जमानत याचिका दायर की गई। पास्टर डेविड के वकीलों ने तर्क रखें। धर्मांतरण नेटवर्क के लिए विदेशी फंडिंग की आशंका पुलिस ने जताई थी। कोर्ट में मजबूत एविडेंस पेश नहीं किए जाने की वजह से पुलिस जमानत नहीं रुकवा पाई। बाद डेविड को 48 घंटे बाद ही जमानत मिल गई है।
हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस की कमजोर जांच पास्टर डेविड के आश्रम में पुलिस की कार्रवाई। जांच में सामने आए शुरुआती तथ्य के बाद मामला हाईप्रोफाइल हो गया। धर्मांतरण नेटवर्क के लिए विदेशी फंडिंग की आशंका पुलिस ने जताई। लेकिन कोर्ट में मजबूत एविडेंस पेश नहीं कर पाए। जमानत रोकने लिए अभियोजन पक्ष मजबूत दलील नहीं दे पाया। धर्मांतरण नेटवर्क के हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस की जांच कमजोर साबित हुई।और जमानत दे दी गई।






