
Stock Market Nifty 50 27 March 2026: Sensex 730 अंक टूटा, Nifty 23,100 के नीचे पेट्रोल पर Excise Duty Cut, Diesel Levy पूरी तरह खत्म
आज 27 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। BSE Sensex 389 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,883.79 पर खुला, जबकि Nifty 50 में 132.9 अंकों की कटौती आई और यह 23,173.55 पर आ गया। कारोबार के दौरान बिकवाली और तेज होती गई और Sensex 730 अंकों से अधिक टूट गया। यह गिरावट कोई अचानक नहीं आई — बल्कि इसके पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, Iran-US War, Strait of Hormuz Blockade और कच्चे तेल की उफनती कीमतें जिम्मेदार हैं। ऊपर से FII की लगातार बिकवाली ने आग में घी का काम किया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Date | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 |
| Sensex Opening | 74,883.79 (389 अंक नीचे) |
| Nifty Opening | 23,173.55 (132 अंक नीचे) |
| Sensex पिछला बंद | 75,273.45 |
| Nifty पिछला बंद | 23,306.45 |
| पेट्रोल पर Excise Duty | ₹13 → ₹3 प्रति लीटर (₹10 की कटौती) |
| डीजल पर Excise Duty | पूरी तरह समाप्त (₹10 की कटौती) |
| Crude Oil Price | $101.09 प्रति बैरल |
| USD/INR | ₹94.28 |
| FII Selling Streak | लगातार 18वें दिन बिकवाली |
सबसे बड़ी खबर: पेट्रोल-डीजल पर Excise Duty में भारी कटौती
आज की सबसे बड़ी खबर यही है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल दोनों पर Excise Duty में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की। इस कटौती के बाद पेट्रोल पर Excise Duty ₹3 प्रति लीटर रह गई है जबकि डीजल पर Excise Duty पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। यह फैसला US-Israel-Iran युद्ध और Strait of Hormuz की नाकेबंदी के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में लिया गया है — यह वह महत्वपूर्ण मार्ग है जिसके जरिए दुनिया के करीब 20-25 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। भारत के लिए यह इसलिए और भी अहम है क्योंकि इस संकट से पहले भारत अपने कच्चे तेल के आयात का 12-15 प्रतिशत इसी रास्ते से मँगाता था।
OMC Stocks पर असर: BPCL, HPCL, IOC कहाँ हैं?
Excise Duty Cut का सीधा असर Oil Marketing Companies (OMCs) पर पड़ा है। BPCL (Bharat Petroleum) और IOC (Indian Oil Corporation) के शेयर शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर थे — क्योंकि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की Excise Duty घटाई है। Emkay Global की Chief Economist माधवी अरोड़ा के अनुसार इस Excise Duty Cut से सरकार OMCs के Auto Fuel पर होने वाले Annualised Loss का लगभग 30-40 प्रतिशत अपने ऊपर ले लेगी। इससे सरकारी खजाने पर करीब ₹1.55 लाख करोड़ का Fiscal Hit पड़ेगा। हालांकि एक सरकारी अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि OMCs को निर्देश दिया गया है कि वे कीमतें न बढ़ाएं।
Nayara Energy ने बढ़ाए दाम — सरकारी OMCs की अलग चाल
इस बीच Nayara Energy — जो भारत के 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 पंप चलाती है — पहली बड़ी Fuel Retailer बन गई जिसने पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई। यह बढ़ोतरी Global Oil Price के दबाव को आंशिक रूप से उपभोक्ताओं पर डालने के लिए की गई। वहीं सरकारी OMCs — IOC, BPCL और HPCL — अभी कीमतें स्थिर रख रही हैं। CLSA के विश्लेषकों का मानना है कि Brent Crude $100/bbl के करीब रहने पर OMCs के लिए Reasonable Marketing Margin बनाना बेहद मुश्किल होगा।
Data Analysis: आज के बाजार का पूरा हाल
| Index / Stock | आज का हाल | बदलाव |
|---|---|---|
| BSE Sensex | 74,441 | -1.11% ↓ |
| NSE Nifty 50 | 23,062.30 | -1.05% ↓ |
| Crude Oil (Brent) | $101.09/bbl | ऊपर |
| USD/INR | ₹94.28 | कमजोर रुपया |
| BSE Midcap | -1.57% | लाल निशान |
| BSE Smallcap | +1.30% | हरे में |
| BPCL / IOC / HPCL | शुरुआत हरी | Duty Cut से राहत |
| Bajaj Finance | सबसे बड़ा Loser | गिरावट में |
| TCS / Infosys / HCL | हरे निशान में | IT Gainers |
| Petrol (Delhi) | ₹94.77/लीटर | Excise Cut लागू |
FII की बिकवाली: 18 दिन से थमने का नाम नहीं
Foreign Institutional Investors (FIIs) ने 25 मार्च को ₹1,805.37 करोड़ के शेयर बेचे — यह लगातार 18वें दिन की बिकवाली है। यह संख्या बताती है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से मुँह मोड़ रहे हैं। हालांकि Domestic Institutional Investors (DIIs) ने ₹5,429.78 करोड़ की खरीदारी करके इस बिकवाली को काफी हद तक Offset किया। DII की यह मजबूत खरीदारी ही एकमात्र कारण है जिसकी वजह से बाजार और नीचे नहीं गया। अगर DII की यह Support नहीं होती तो Sensex आज 1,000 अंक से अधिक गिर सकता था।
Global Cues: दुनिया के बाजारों का क्या हाल?
एशियाई बाजार आज Wall Street की Volatile रात के बाद लड़खड़ाए हुए हैं। Japan का Nikkei 225 करीब 236 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट में है। वहीं South Korea का Kospi भी लाल निशान पर कारोबार कर रहा है। हालांकि Hong Kong का Hang Seng करीब 124 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त पर था, और Shanghai का SSE Composite भी मामूली बढ़त में था। Middle East War को लेकर अनिश्चितता के कारण Crude Oil की कीमतें बेहद Volatile बनी हुई हैं — यही सबसे बड़ा Global Cue है जो भारतीय बाजार को दबाए हुए है।
IT Sector में राहत — TCS, Infosys हरे निशान पर
जब पूरा बाजार लाल था, तब IT Sector एक राहत की किरण बनकर उभरा। Sensex के शेयरों में TCS, Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra ऐसे Gainers रहे जो हरे निशान पर थे। TCS ने शुरुआती कारोबार में 1.03 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। IT Sector इसलिए फायदे में है क्योंकि इन कंपनियों की Dollar में कमाई होती है — और जब रुपया कमजोर होता है तो इनकी Rupee Income बढ़ जाती है। कमजोर रुपया जहाँ आम लोगों के लिए नुकसानदेह है, वहीं Export-oriented IT Companies के लिए वरदान साबित होता है।
Iran-US War और Strait of Hormuz: असली खलनायक
इस पूरे बाजार के उतार-चढ़ाव की जड़ में Iran-US-Israel संघर्ष है। Brent Crude $116/बैरल तक उछल चुका है — पिछले एक महीने में करीब 71 प्रतिशत की बढ़ोतरी। Strait of Hormuz — जिसके जरिए दुनिया के कुल Crude Oil का 20-25 मिलियन बैरल प्रतिदिन गुजरता है — पर Iran की नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Crude Oil Importer है, इसलिए इस युद्ध का असर सीधे यहाँ महसूस हो रहा है। ऊँची कच्चे तेल की कीमतें = महँगाई = RBI पर दबाव = बाजार में घबराहट।
Sensex की March 2026 Journey: कितना टूटा बाजार?
9 मार्च 2026 को Sensex 76,424 पर आ गया था — एक ही दिन में 2,494 अंकों की गिरावट, जबकि Nifty 750 अंक टूटकर 23,697 पर आ गया था। 24 मार्च तक आते-आते India VIX 19.1 प्रतिशत बढ़कर 27.17 पर पहुँच गया — जून 2024 के बाद सबसे ऊँचा स्तर। Bajaj Broking Research ने कहा कि Index लगातार Lower High और Lower Low बना रहा है — यह Bearish Bias का संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि अगली Support 22,200 और फिर 21,800 पर है।
आज का बाजार दो विपरीत ताकतों के बीच फँसा है — एक तरफ सरकार का Excise Duty Cut और DII की मजबूत खरीदारी जो बाजार को सँभाले हुई है, दूसरी तरफ FII की बिकवाली, ऊँचे Crude Prices और Global Uncertainty जो बाजार को नीचे खींच रही है। विश्लेषकों के अनुसार जब तक West Asia संघर्ष में कोई ठोस समाधान नहीं आता और Crude Oil की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक Volatility बनी रहेगी। Retail Investors को इस समय Panic Selling से बचना चाहिए और SIP में निवेश जारी रखना सबसे समझदारी का काम होगा। याद रखें — गिरता बाजार Long-term Investors के लिए Opportunity भी होता है।






