छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : जिले में डामर की सप्लाई थमी, कीमत 50% तक बढ़ी, सड़कों के निर्माण-पैचवर्क पर ब्रेक…

राजनांदगांव , मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब जिले के निर्माण कार्यों पर भी पड़ने लगा है। क्रूड ऑयल की कमी के चलते डामर की सप्लाई जिले में थम गई है। इससे सड़कों का डामरीकरण और पैचवर्क अटक गया है। यह स्थिति लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। ज्यादातर ठेकेदारों ने डामरीकरण का काम रोक दिया है।

सबसे बड़ा असर जिले के राजनांदगांव-खैरागढ़ रोड प्रोजेक्ट पर पड़ा है। यहां 90 करोड़ रुपए की लागत से 34 ​किमी. सड़क चौड़ीकरण-डामरीकरण किया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार ने डामर की कमी को देखते हुए फिलहाल काम रोक दिया है। वहीं राजनांदगांव-मानपुर सड़क काम भी इसी सप्ताह शुरु होना था। जिसके लिए 300 करोड़ का टेंडर भी पूरा कर लिया गया है। डामर की कमी को देखते हुए फिलहाल इस प्रोजेक्ट के भी अटकने की संभावना है। डामर की सप्लाई जहां 60 फीसदी तक घट गई है। वहीं कीमत में 50 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी हो गई है।

400 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट पर असर क्रूड ऑयल की कमी और डामर की सप्लाई कम होने से 400 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट पर असर पड़ रहा है। राजनांदगांव सहित नवीन जिले एमएमएसी (मोहला-मानपुर-अंबागढ ़ चौकी) और केसीजी (खैरागढ़-छुईखदान-गंड ई) में भी सड़क के पैचवर्क से लेकर डामरीकरण के प्रोजेक्ट शुरु होने थे। इन प्रोजेक्ट की कीमत करीब 400 करोड़ रुपए है। इन्हें ​बारिश के पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन युद्ध से बने क्रूड ऑयल के संकट और डामर प्लांट के बंद होने जैसी स्थिति से 400 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट थम गया है।

क्रूड ऑयल की कमी से डामर की सप्लाई कम हुई ^ क्रूड ऑयल की कमी से डामर की सप्लाई कम हो गई है। कीमतों में भी वृद्धि होने की वजह से फिलहाल ठेकेदार खैरागढ़ रोड का काम रोका है। जीएसबी लेवल के काम जारी हैं। उबैद अहमद, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी

15 दिन में ही 25 हजार रुपए टन बढ़ गई कीमत युद्ध से क्रूड ऑयल की कमी और दाम बढ़ने का असर डामर पर पड़ा है। 15 दिन पहले जिले में डामर की कीमत 51 हजार रुपए प्रति टन था। जो अब बढ़कर 75 हजार रुपए प्रति टन हो गया है। वहीं डिमांड के मुताबिक सप्लाई भी नहीं हो रही है। कीमत बढ़ने से ठेकेदारों को बड़ा नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए ठेकेदारों ने फिलहाल डामरीकरण का काम रोक दिया है। स्थिति सामान्य होने तक प्रोजेक्ट पर ब्रेक लगे रहने की है। वहीं बारिश से पहले पैचवर्क नहीं होने से सड़कों हालत और खराब हो जाएगी। इससे हादसे की आशंका भी बढ़ेगी।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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