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चिकन प्रेमियों की पहली पसंद बने कड़कनाथ से उद्यमी बनने की दिशा में बढ़ रहे जिले के किसान

कड़कनाथ ने बदली लाइवलीहुड की परिभाषा, पहले अतिरिक्त आय के लिए शुरू किया कामए अब पूरी तरह कड़कनाथ पालन कर उद्यमी बनने की राह में राधेश्याम
राजनांदगांव । राधेश्याम सुरगी के किसान हैं, वे सबसे पहले किसान हैं जिन्होंने एनआरएलएम की योजना से कड़कनाथ की हैचरी यूनिट लगाई। हैचरी यूनिट में कड़कनाथ के अंडे गर्माहट भले माहौल में सिंकते हैं और छोटे-छोटे चूजों के रूप में विकसित हो जाते हैं। एक चूजा वे 70 रुपए में बेचते हैं। हर महीने राधेश्याम दस हजार रुपए कड़कनाथ चूजे बेचकर कमा लेते हैं। उन्होंने एनआरएलएम से सब्सिडी में हैचरी यूनिट लगाकर 200 चूजों से शुरूआत की। उनका कहना है कि इसकी जबर्दस्त डिमांड है। एक हफ्ते में एक हजार चूजे हो जाएंगे और मैं इन्हें बेच लूँगा। राजनांदगांव शहर में इसकी अच्छी डिमांड है और लोग चूजे ले जाते हैं। चूजे 70 रुपए में ले जाकर लोग कड़कनाथ पालकर इसे पांच सौ रूपए तक राजनांदगांव में बेचते हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर में तो यह हजार रुपए में बिकता है।
              बिहान योजना के प्रबंधक श्री मिश्रा बताते हैं कि कड़कनाथ में सर्वाधिक प्रोटीन होता है और यह काफी टेस्टी होता है इसके कारण मार्केट में इसकी अच्छी बिक्री होती है। एनआरएलएम योजना के अंतर्गत लोगों को आजीविका के अतिरिक्त साधन प्रदान करने चूजे और हैचरी यूनिट सब्सिडी में दी गई। सुरगी में दो हितग्राहियों और ग्राम गोटाटोला में दो हितग्राहियों को हैचरी यूनिट दिए गए। इनका काम शानदार रहा है। राधेश्याम ने बताया कि कड़कनाथ चूजे से उन्हें अच्छी आय हो जाती है और वे अपने बच्चों को भी अच्छी शिक्षा दे रहे हैं। अगले साल उनका लक्ष्य तीन लाख रुपए सालाना कमाने का है।  उन्होंने बताया कि इन्हें बेचने के लिए उन्होंने किसी से संपर्क नहीं किया। जब लोगों ने कड़कनाथ खाया तो उन्हें इसका टेस्ट बहुत अच्छा लगा और फिर इसका प्रचार दूर-दूर तक हो गया। अब संडे को राजनांदगांव से भी लोग कड़कनाथ ले जाने आते हैं। शुरूआत में जब यह काम किया तो लगता था कि मुश्किल होगी, अब इससे सब कुछ काफी आसान हो गया है।
क्यों है भारी मांग-
कड़कनाथ उम्दा वैरायटी के होने के साथ ही अपने मेडिकल फीचर के लिए भी चर्चित है। इसमें वसा की मात्रा .73 से 1.03 प्रतिशत तक होती है जबकि अन्य चिकन में यह मात्रा 13 से 25 प्रतिशत तक होती है। इसकी दूसरी विशेषता प्रोटीन को लेकर है। कड़कनाथ में काफी मात्रा में प्रोटीन होता है। इसमें कोलेस्ट्राल भी काफी कम मात्रा में होता है इस लिहाज से भी इसे बेहतर माना जाता है। कड़कनाथ की हड्डियाँ एवं खून भी काले रंग का होता है।
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