छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : विहार सेवा वाले जो रास्ता दिखाते हैं वही उन्हें ले जाती है मोक्ष मार्ग की ओर…

राजनांदगांव , जैन बगीचे के नए हाल में रविवार को महाकौशल विहार सेवा ग्रुप का अधिवेशन संपन्न हुआ। अधिवेशन में नूतन आचार्य सम्यक रतन जी ने कहा कि जब तक भव्य आत्माएं धर्म एवं संघ के रास्ते में नहीं चलती तब तक हम दुख कष्ट से मुक्ति नहीं पा सकेंगे।

कहा कि हमें भगवान महावीर के परिवार के सदस्य बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसका लाभ हमें उठाना चाहिए। कहा कि जैनों को दया, धर्म की संपत्ति जन्म से ही मिली है, हमें इस मार्ग पर चलना चाहिए और धर्म को मजबूत बनाने के लिए हमें निरंतर कार्य करते रहना चाहिए। जैनाचार्य ने कहा कि विहार सेवा ग्रुप कल्पवृक्ष के समान है। जिस तरह कल्पवृक्ष के सामने में जो मांगो वह मिल जाता है, इस तरह विहार सेवा ग्रुप के सदस्यों से हमें भी अपने आवश्यकता की वस्तु मिल जाती है।

विहार सेवा वाले जो रास्ता दिखाते हैं वही उन्हें मोक्ष मार्ग की ओर ले जाती है। कहा कि आप आत्म साधना का पुरुषार्थ करते हैं। विहार ग्रुप के जिन सदस्यों को विहार करना होता है उन्हें रात्रि 11 बजे के बाद अपने शरीर को पूर्णत: विश्राम देना चाहिए। हमारा लक्ष्य धर्म करना, धर्म करवाना और धर्म करने वालों की अनुमोदना करना होना चाहिए। जैन बगीचे के नए हाल में रविवार को महाकौशल विहार सेवा ग्रुप का अधिवेशन हुआ

यदि संघ से जुड़ जाए तो संघ और मजबूत हो जाएगा जैन आचार्य सम्यक रत्न जी सागर के सम्मुख विहार ग्रुप को राजनांदगांव निवासी पारस झाबक ने पारडी नागपुर स्थित अपने मकान को और उसके रिनोवेशन के लिए भी रुपए देने की घोषणा की। अधिवेशन को रायपुर से आए राजेश बुरड के अलावा दुर्ग, रायपुर व अन्य स्थानों से आए विहार सेवा ग्रुप के सदस्यों ने भी संबोधित किया। मोहिल कोटड़िया ने भी अपने विचार व्यक्त किए व जैनम बैद ने कहा कि प्रत्येक घर से एक-एक सदस्य यदि संघ से जुड़ जाए तो संघ और मजबूत हो जाएगा।

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