CG : लोन के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, यूट्यूब से सीखकर करता था साइबर फ्रॉड …
कोरबा। जिले में ‘सजग कोरबा – सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की राशि में से 27,070 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी यूट्यूब से जानकारी सीखकर लोगों को बैंक लोन का झांसा देकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (25 वर्ष), निवासी सेमरा थाना डबरा, जिला शक्ति, वर्तमान पता रिस्दी थाना बालको के रूप में हुई है। आरोपी लोगों को आसान किस्तों पर बड़ा लोन दिलाने का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी करता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न लोगों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवाता था और उन्हीं सिम का उपयोग साइबर अपराधों में करता था। ठगी के बाद वह सबूत मिटाने के लिए सिम कार्ड नष्ट कर देता था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2023 में भी एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर 40,000 रुपये की ठगी की थी। हालिया मामले में 22 जून 2026 को उसने रूमगढ़ा चौक में व्यवसाय करने वाली महिला नोनी बाई यादव को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने महिला को 11,000 रुपये मासिक किस्त पर 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का लालच दिया।
उसके मोबाइल में PhonePe एप के माध्यम से 40,500 रुपये एक अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवा दिए। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले ही उस खाताधारक को लोन दिलाने का झांसा देकर उसका QR कोड प्राप्त कर लिया था। बाद में वह व्यक्ति के साथ बैंक गया और वहां से खाते से नकद राशि निकालकर अपने पास रख ली। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और शिकायत के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसके पास से 27,070 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा की टीम द्वारा की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन माध्यम से लोन ऑफर पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें।



