छत्तीसगढ़सुकमा जिला

CG : दो अनावेदक शासकीय सेवक जवानों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में आपराध पंजीबद्ध करने का डीएसपी को महिला आयोग अध्यक्ष ने दिया निर्देश …

सुकमा । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य सुश्री दीपिका शोरी, सहा प्रभारी श्रीमती ओजस्वी मंडावी ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में मंगलवार को महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 405 एवं सुकमा जिला में दूसरी सुनवाई हुई। प्रकरण संख्या 21 है।

आज के सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में अभय पक्ष उपस्थित दोनों के दो बेटियां है। और पिछले 2 साल से आवेदिका उनका पालन-पोषण कर रही है। और अनावेदक पिछले 2 वर्षाे से कोई खर्च नहीं दे रहा है। जबकि वह 30 हजार कमाता है। आयोग के आदेश पर अनावेदक के प्रति महिला 8000 रूपये देने को तैयार है और वह पत्नि व बच्चों के साथ अपना परिवार के पास आना-जाना कर परिवार पर ध्यान दे। उनके परिवार की सुकमा एवं दन्तेवाड़ा के महिला संरक्षण अधिकारी द्वारा किया जायेगा। अनावेदक प्रति माह के 15 तारीख तक आवेदिका के खाते में जमा करेगें। आज के आर्डर शीट की प्रति संरक्षण अधिकारी को निःशुल्क प्रति दिये जाने के निर्देश दिये गये।

एक प्रकरण में अनावेदक क्रमांक 02 प्रा.शा. मुन्दीपारा शिक्षिका है। 50 हजार तनख्वाह है जिसके कारण अनावेदक क्रमांक 1 अपने बच्चों व पत्नि को छोड़ रखा था। आज आयोग की ओर से अनावेदिका 2 का आदेश दिया गया कि समझाइश दिया गया। आज के बाद आवेदिका एवं अनावेदक से कोई संबंध नहीं रखेगी आवेदिका के पति के साथ किसी भी तरह में संबंध में रखे जाने की शिकायत दुबारा करती है तो अनावेदिक क्रमांक 02 की शिकायत की सूचना कलेक्टर को भेजी जायेगी इस स्तर पर अनावेदक क्रमांक 1 एवं अवेदिका ने न्यायालय की तरफ से तलाक लेने की बात रखी है। आवेदिका अनावेदिका के खिलाफ संबंति में भरण पोषण का दावा कर सकेगी। पिछले सुनवाई में की गई सुनवाई की आदेश कॉपी ले सकती है। आज के आर्डर शीट की कॉपी सुकमा संरक्षण अधिकारी को निःशुल्क दिया जाने के निर्देश दिया गया। एक प्रकरण में आवेदिका अनावेदक क्रमांक 01 व अनावेदक क्रमांक 02 शेष अनावेदकगण अनुपस्थित आवेदिका एवं अनावेदक के बीच न्यायालय में भरण-पोषण का मामला दर्ज किया है। जिसके आधार पर आवेदिका को भरण पोषण मिल रहा है। ऐसी दशा में आयोग में प्रकरण नस्ती बद्ध किया गया।

एक प्रकरण में आवेदिका, अनावेदिका क्रमांक 01 एवं 02 उपस्थित आवेदिका के मौखित सहमति पर एवं बच्चे नहीं होने के कारण अपने पति को दूसरी शादी की सहमति दिया गया। वर्तमान मे सर्विस बुक में आवेदिका का नाम है एवं अनावेदक ने बड़ा घर बनाया है। जिसमें आवेदिका अकेली रहती है एवं अनावेदकगण को नहीं रहने देती है ऐसी स्थिति में इस प्रकरण को आगे सुना जाने का कोई औचित्य नहीं होने से उभय पक्ष अपना तलाक का प्रक्रिया न्यायालय से करवा ले। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। एक प्रकरण में अनावेदक एवं अनावेदक आपास में पति पत्नी है। अनावेदक थाना किस्टाराम में आरक्षक क्रमांक 151 है और उसने आवेदिका से तलाक लिये बिना दूसरा विवाह किया है जो की शासन सेवक की सेवा से हटाये जाने के लिए पर्याप्त आधार है। आवेदिका अपने व अपने बच्चों के लिए भरण पोषण की मांग कर रही है और अनावेदक अपने तनख्वाह से सीधो आवेदिका के खाते में प्रतिमाह 15 हजार रूपये ट्रांसफर करने करने के लिए तैयार है। शासकीय प्रक्रिया में आवेदन करने में मान. सदस्य दीपिका शोरी एस.पी. सुकमा से मिलकर सारी प्रक्रिया पूर्ण करायेंगी। तब तक अनावेदक सुकमा संरक्षण अधिकारी एवं सदस्य के सामने प्रतिमाह 15 हजार नगद आवेदिका को देगा। और यदि अनावेदक भरण पोषण देने से मना करता है तो ऐसी दशा में सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जायेगी। आज की कार्यवाही की आर्डर शीट की कॉपी सुकमा संरक्षण अधिकारी को निःशुल्क दिया जाने के निर्देश दिया गया।

एक प्रकरण में अनावेदक बटालियन 13 बैच नं. 93 आयोग के समक्ष स्वीकार किया कि अनावेदक एवं अन्य सहयोगी से फोन पे के माध्यम से 1 लाख 50 हजार लिया है और आज तक वापस नहीं किया था। आयोग के पिछले सुनवाई में भी अनावेदक के द्वारा पैसा देना स्वीकार किया था पर आज तक नहीं दिया है। अर्थात अनावेदक का आचरण महिलाओं से धोखाधड़ी एवं लूट का है। और 1 लाख रूपये उसने अपने खाते में लिया है ऐसी दशा में उसके खिलाफ तत्काल अनुशंसा किया जाता है। अनावेदक के प्लटून कामांडर रामस्वरूप से बात किया उन्होने कहा कि 15 दिन के भीतर सेवा समाप्त कर दिया जाएगा। इस हेतु कमाडेड 13 बटालियन मडवारानी जिला-कोरबा को भी पत्र प्रेषित करना होगा तथा अनावेदक की सेवा समाप्ति की अनुशांसा भेजना होगा। अनावेदक यदि इसके पूर्व एक सप्ताह के अन्दर आवेदिका को पूरा 1 लाख 50 हजार रूपये सप्ताह के भीतर वापस नहीं करता है तो उसकी सेवा समाप्ति की अनुशांसा की जायेगी। अन्यथा पत्र रायपुर से प्रेषित किया जायेगा।

एक प्रकरण में अनावेदिका गणों ने बताया है कि सभी अनावेदगण फॉरेस्ट विभाग के द्वारा उड़नदस्ता टीम बनाम सिंदूरगुड़ा गांव गये थे जब सागौन बेच चिरान की जब्ती की गई जहाँ गांव की महिलाओं को मारपीट एवं धक्का मुक्की की शिकायत आयोग में किया गया है। जिसने मुख्य शिकायत अनावेदक क्रमांक 5 रेंजर गोलापल्ली के खिलाफ सभी महिलाओं ने शिकायता की है कि दारू के नशे में था और वहा महिलाओं के साथ धक्कामुक्की मारपीट किया है। आवेदकगणों द्वारा यह भी बताया गया कि बिना महिला स्टॉफ के सभी अनावेदगण गांव के घरों में घुसकर मारपीट कर रहे थे। पहले गांव वाले नक्सली से डरते थे अब पुलिस और फॉरेस्ट विभाग नक्सली की तरह व्यवहार कर रहे है। यह शासन के लिए कॉपी चिंताजनक विषय है। उभयपक्ष को सुनने के पश्चात आयोग इस नतीजे पर पहुचती है कि सम्पूर्ण मामले की जांच हेतु जिम्मेदारी दी गई है कि पूरे मामले की जांच करे एवं अनावेदक क्रमांक 05 रेंजर गोलापल्ली के शिकायत की जांच एक सप्ताह के भीतर आयोग को प्रेषित करें। जांच हेतु व आयोग की सदस्य दीपिका शोरी की मदद ले सकते है एवं जांच रिपोर्ट उनके माध्यम से आयोग भेजवा सकते है। इस मामले की आर्डर शीट की निःशुल्क प्रति अनावेदक क्रमांक 1 एवं सदस्य दीपिका शोरी को दिया जाता है। एवं जांच रिपोर्ट के साथ समस्त अनावेदकगण एवं आवेदिका पक्ष की ओर से सरपंच सेन्दुरगुड़ा 09 जुलाई को रायपुर की में आवश्यक सुनवाई में उपस्थित होगें। उसके पश्चात प्रकरण में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एक प्रकरण में अनावेदक CRFP में आरक्षक 172410195 यूनिट 24/3/N वर्तमान में बीजापुर के कोगोंलपल्ली में पदस्थ है। 2017 से नौकरी कर रहा है। आवेदिका 2018 से नगर सेना में कार्यरत है जहा अनावेदक का 04.02.2018 की वहां से मुलाकात हुई अनावेदक ने लगातार शारीरिक शोषण किया शादी का दिलासा दिलाता रहा इसी बीच 2024 में विवाह कर लिया इसकी जानकारी होने पर आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ FIR करने की बात कही तो बहला फूसला कर संबंध बनाया। अब 10 माह की बच्ची आवेदिका की है जिसे अनावेदक ने स्वीकार किया। उभय पक्षों को विस्तार से सुना गया आवेदिका, अनावेदक के खिलाफ शोषण एवं बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराने को तैयार है। अनावेदक हर चीज को जानते हुए शासकी सेवा में रहते हुए आवेदिका का लगातार 6 साल तक शोषण करता रहा। ऐसी दशा में शासकीय सेवा में बने रहने की पात्रता समाप्त हो जाती है। अतः सेवा समाप्ति की अनुंशसा CRFP बटालियन को महिला आयोग के द्वारा की जाती है। तथा DSP सुकमा के अनावेदक के खिलाफ FIR दर्ज करने आयोग की अनुंशसा की प्रमाणित प्रति DSP को उपलब्ध करायी जाती है।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

Related Articles

Back to top button
ऐप पर पढ़ें