देशप्रदेश

50 लाख के लिए ‘भाई’ को किया किडनैप, फिरौती न मिलने पर जिंदा जलाकर मारा

नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में 50 लाख की फिरौती के लिए अपहरण किये गए युवक की हत्या कर दी गई है. आशनगर नगर स्कूल से मिले सबूतों के आधार पर इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.

थाना मूसेपुर मोहल्ले से बीते 16 अक्टूबर को 50 लाख रुपये फिरौती के लिए युवक का अपहरण किया गया था. बाद में फिरौती की रकम न मिलने पर युवक को जिंदा जला दिया गया.
स्कूल में मिले मृतक के अवशेष
इस मामले में पुलिस ने एक स्कूल के प्रिंसिपल समेत दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है. सदर डीएसपी डॉ शिब्ली नोमानी के नेतृत्व में बिहार पुलिस खोजी कुत्ते के साथ आशनगर स्थित मदर टेरेसा माइकल्स स्कूल पहुंची, जहां से इस मर्डर केस से जुड़े कई सबूत मिले हैं.
सदर डीएसपी शिब्ली नोमानी ने बताया कि अपहरण के बाद इन लोगों ने युवक नीतीश के परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी और उसके बाद उसकी हत्या कर स्कूल में जला दिया. पुलिस को स्कूल परिसर में मृतक के अवशेष भी मिले हैं.
ममेरे भाई पर हत्या का आरोप
स्कूल के प्रिंसिपल दीपक मेहता और उसके सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस अपहरण और हत्या के मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मृतक नीतीश और दीपक दोनों ममेरे-फुफेरे भाई हैं. इस केस में गिरफ्तार अजित कुमार, सुल्तान पुर नूरसराय थाना इलाके का रहने वाला है.
मृतक नीतीश की मां उर्मिला देवी ने बीते 16 अक्टूबर को थाने में अपने पुत्र के अपहरण की FIR दर्ज कराई थी. शिकायत में उर्मिला देवी ने कहा था कि उनका बेटा नीतीश कुमार 16 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे दिन में 150 रुपये लेकर निकला था जिसके बाद वह ऑफिस चली गईं. उन्होंने कहा कि मेरे नाती ने मुझे फोन कर बोला कि मामा खंदक पर चले गए हैं उसे मैसेज कर बताया है.
शिकायत में कहा गया है कि नीतीश के मोबाइल पर जब बाद में संपर्क किया तो फोन स्विच ऑफ बता रहा था. फिर दोबारा रात में 9:30 बजे नीतीश के मोबाइल से कॉल आया और बेटे की रिहाई के लिए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. साथ में कहा कि अगर थाने में जाओगी तो बेटे को जान से मार दूंगा और उसके बाद मोबाइल बंद कर दिया.
पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा
अपहरणकर्ता दीपक मेहता मृतक नीतीश का ममेरा भाई है और उसे गलत कामों की लत लग गई थी. वह सट्टेबाजी में पैसे खर्च करता था और स्कूल में घाटा होने पर वह गलत हरकतों का आदी बन चुका था. डीएसपी शिब्ली नोमानी का कहना है कि अपहरण और हत्या के पीछे कई बड़े राज छुपे हैं और इस मामले में और भी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
उन्होंने बताया कि एफएलसी की टीम पटना से बुलाई जा रही है उसके बाद जमा किए गए सबूतों की जांच की जाएगी. इधर गिरफ्तार दीपक मेहता का कहना है कि उसने नीतीश की गला दबाकर हत्या करने के बाद स्कूल के भीतर ही उसे जला दिया और उसके शव को नदी में फेंक दिया था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button