राजनांदगांव : कोया पुनेम सम्मेलन एवं सामाजिक प्रबोधन कार्यक्रम संपन्न

महाराष्ट्र के बोटेकसा में आयोजित समारोह में उमड़ा जनसैलाब
राजनांदगांव जिले की सीमा से लगे महाराष्ट्र राज्य के कोरची विकासखण्ड के ग्राम बोटेकसा में 8 और 9 जनवरी को विशाल कोया पुनेम सम्मेलन और सामाजिक प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्य के गोंडवाना समाज के सदस्य विशाल संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन अवसर में मुख्य अतिथि के रुप में सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक श्री नीताराम कुमरे उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरची तहसील के गोंडवाना समाज के अध्यक्ष श्री रामसू कटेंगे ने की। विशिष्ट अतिथि के रुप में गोंडवाना समाज के मोहला के संभागीय अध्यक्ष श्री नरेन्द्र नेताम, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष श्री चंद्रेश ठाकुर, छुरिया एवं डोंगरगढ़ ब्लाॅक अध्यक्ष श्री दिनेश कोरेटी, श्री झाड़ूराम हलामे, श्री देवाजीत तोप्पा, श्री रमेश कोरचा एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री नीताराम कुमरे ने सभी स्वजातीय जनों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने तथा समाज के वंचित और जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए जरुरी कदम उठाने की अपील की। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री रामसू कटेंगे ने कार्यकम में बड़ी संख्या में उपस्थिति के लिए स्वजातीय जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री नरेन्द्र नेताम ने समाज के पढ़े-लिखे तथा जागरुक लोगों सहित सभी वर्गों के लोगों को गोंडी संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन में योगदान देने की अपील की। अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष श्री चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति विश्व की समस्त संस्कृतियों की जननी है, जिसका उल्लेख हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरु ने अपने विश्वविख्यात प ुस्तक डिस्कवरी आॅफ इंडिया में किया है। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा को ब्रह्मास्त्र बताते हुए आने वाले पीढ़ी को उच्च शिक्षित कराने हेतु प्रण लेने की अपील की। श्री ठाकुर ने नशापान को समाज के विकास के लिए सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशेष अतिथि एवं कवि साहित्यकार श्री दिनेश कोरेटी ने बहुत ही रोचक एवं प्रेरणास्पद ढंग से कविता पाठ के माध्यम से आदिवासियों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
इस अवसर पर श्री रमेश कटेंगा और अन्य अतिथियों ने भी अपना सारगर्भित विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कोटगुल के सरपंच श्री राजेश नेताम, चमरु मंडावी, श्री नंदकुमार नेताम, मोहन कुरचामी, श्री भूपेन्द्र मंडावी, श्री गुलशन नेताम, श्री तुलसीराम तारम, श्री महजन कोमरे, श्री जागेश्वर उसेंडी, श्री प्रकाश कुंजाम सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्वजातीय जन उपस्थित थे।

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