छत्तीसगढ़

रायपुर : अक्ती तिहार और माटी पूजन दिवस के मौक़े पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का स्वागत सरायपाली के किसान श्री चमार सिंह पटेल ने हल्दी की माला और कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने मखाना की माला पहनाकर किया…

 चंद्राकर ने मखाना की माला पहनाकर किया.
अक्ती तिहार और माटी पूजन दिवस के मौक़े पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का स्वागत सरायपाली के किसान श्री चमार सिंह पटेल ने हल्दी की माला और कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने मखाना की माला पहनाकर किया.

अक्ती तिहार और माटी पूजन दिवस के मौक़े पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का स्वागत सरायपाली के किसान श्री चमार सिंह पटेल ने हल्दी की माला और कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने मखाना की माला पहनाकर किया.अक्ती तिहार और माटी पूजन दिवस के मौक़े पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का स्वागत सरायपाली के किसान श्री चमार सिंह पटेल ने हल्दी की माला और कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने मखाना की माला पहनाकर किया.

कृषि महाविद्यालय में आयोजित अक्ती तिहार और सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पहुँचे. कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे, मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा, इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गिरीश चंदेल, आयुक्त  उत्पादन कृषि विभाग श्री कमलप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में  कृषकगण मौजूद हैंकृषि महाविद्यालय में आयोजित अक्ती तिहार और सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पहुँचे. कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे, मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा, इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गिरीश चंदेल, आयुक्त  उत्पादन कृषि विभाग श्री कमलप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में  कृषकगण मौजूद हैं

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अक्ती तिहार और माटी पूजन दिवस के मौक़े पर समारोह में मौजूद लोगों को धरती माता की रक्षा की शपथ दिलाई

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने माटी पूजन दिवस के अवसर पर सभी शपथ दिलायी कि हमारी माटी, जिसे हम माता भुइयां कहते हैं, उसकी रक्षा करेंगे। हम अपने खेत, घरों, और बगीचों में जैविक खाद का उपयोग करेंगे। हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे मिट्टी, जल और पर्यावरण की सेहत ख़राब हो। हम भूमि में रासायनिक और नुकसानदेह केमिकल का प्रयोग नहीं करेंगे।

जय भुइयाँ, जय छत्तीसगढ़ महतारी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button