क्राइमछत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

Rajnandgaon-सहारा इंडिया के दो संचालक समेत चार को जेल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस. महादेवा के अनुसार सहारा मुख्यालय लखनऊ से सहारा के संचालक सिटी प्लाजा लखनऊ निवासी मो. आलिद, पेपर मिल कालोनी लखनऊ निवासी शैलेष मोहन, उनके सहायकों में राजाजीपुरम लखनऊ निवासी प्रदीप कुमार व अलीगढ़ निवासी लालजी वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। दोपहर बाद सभी को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया गया। कंपनी के संचालकों के खिलाफ भादंवि की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने गिरफ्तार किया.

परिवक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को जमा रकम वापस नहीं करने के मामले में पुलिस ने सहारा इंडिया कंपनी के दो संचालकों व दो सहायकों समेत चार को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उन्हें पुलिस रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के आधार पर इस मामले में कई ओैर की गिरफ्तारी हो सकती है। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच सहारा इंडिया जैसी किसी बड़ी वित्तीय कंपनी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है।

करोड़ों निवेशकों का अरबों खरबों रुपया डकार कर बैठी सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ छत्तीसगढ़ की पुलिस ने दमदार कार्रवाई की है। दरअसल इन निवेशकों का पैसा न लौटाने के मामले में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस ने सहारा के मालिक सुब्रत राय सहित कॉपरेटिव कंपनियों के डायरेक्टरों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की थी। जिसके बाद गुरुवार को राजनांदगांव पुलिस लखनऊ पहुंची और लाल जी वर्मा सहित एसएम सहाय, खालिद चौधरी और प्रदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस इन्हें लेकर अलीगंज थाने पहुंची। इस बीच सहारा के प्रबंधन ने अपने प्रभाव का भरपूर इस्तेमाल किया लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने किसी दबाव के आगे झुकने से इन्कार किया और अंततः इन चारों डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर राजनांदगांव के लेकर आ गई.

निवेशकों की जमा रकम वापस नहीं करने पर खुद अभिकर्ताओं ने सहारा इंडिया के संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया था। 26 नवंबर 2021 को कोतवाली पुलिस ने सहारा की चार शाखा कंपनियों सहारा क्रेडिट सहकारी समिति मर्यादित, सहारा सेंट्रल, क्यू-शाप प्रोडक्ट रेंज लिमिडेट व सहारा मल्टी स्टेट कंपनी के संचालकों के खिलाफ भादंवि की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। सभी कंपनियों का मुख्यालय लखनऊ ही है। तीन दिन पहले जिला पुलिस की विशेष टीम लखनऊ भेजी गई थी।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस. महादेवा के अनुसार सहारा मुख्यालय लखनऊ से सहारा के संचालक सिटी प्लाजा लखनऊ निवासी मो. आलिद, पेपर मिल कालोनी लखनऊ निवासी शैलेष मोहन, उनके सहायकों में राजाजीपुरम लखनऊ निवासी प्रदीप कुमार व अलीगढ़ निवासी लालजी वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। दोपहर बाद सभी को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया गया। एएसपी ने बताया कि पूछताछ के आधार पर कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

चिटफंड कंपनियों में आम लोगों के अरबों रुपये फंसे हुए हैं। कानूनी कार्रवाई के साथ ही कंपनियों की संपत्तियांं नीलाम कर निवेशकों की राशि लौटाई जा रही है। इस बीच सहारा इंडिया से जुड़े अभिकर्ताओं व निवेशकों ने लगातार प्रदर्शन आंदोलन किया था। राज्यपाल व मुख्यमंत्री से भी शिकायत की गई थी। उग्र आंदोलन के बाद चार संचालकों के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया था।

उनके खिलाफ शिकायत है कि कंपनी ने अलग-अलग योजनाओं के नाम पर निवेशकों के अरबों रुपये जमा तो करा लिया, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी राशि नहीं लौटाई जा रही। एफआईआर के बाद संचालकों को नोटिस भेजा गया था, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

  • सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
  • तीन राज्यों की पुलिस को गिरफ्तार करने का आदेश
  • पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में सशरीर कोर्ट में पेश होने को कहा था, लेकिन वो शुक्रवार को पेशी के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे. इसके बाद कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. पटना हाईकोर्ट ने बिहार, दिल्ली और उत्तरप्रदेश के डीजीपी को सुब्रत राय को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगीसहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. कोर्ट में निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने के मामले में बीते गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप कुमार ने अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया.  उन्हें 13 मई को दिन के 10:30 बजे कोर्ट में पेश होने को कहा गया था. साथ ही कोर्ट ने पहले ही ये साफ कर दिया था कि अगर वह नहीं आए तो फिर उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जाएगा, लेकिन आज भी वो नहीं पहुंचे. जिसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी से संबंधित वारंट तीन राज्य के डीजीपी को जारी किया.

ज्ञात रहे कि भिलाई में सहारा इंडिया कंपनी में एजेंट का काम करने वाली एक महिला अभिकर्ता ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा समेत 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

महिला अभिकर्ता ने आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था। जिस पर न्यायालय ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। महिला अभिकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने ज्यादा से ज्यादा निवेश करवाने पर विभिन्ना स्कीम के तहत पुरस्कार देने का झांसा दिया था। जिस पर महिला ने भारी भरकम राशि निवेश कराई और कंपनी के स्कीम के तहत दो करोड़ एक लाख 51 हजार रुपये बतौर पुरस्कार जीते। लेकिन, आरोपितों ने उसे पुरस्कार की राशि नहीं दी। साथ ही उसने जिन लोगों के रुपये निवेश कराए थे। उनके बांड भी नहीं दिए थे। इन बिंदुओं को आधार बनाकर उसने न्यायालय की शरण ली थी और आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने में सफलता हासिल की।

आशीष नगर पश्चिम रिसाली निवासी शालिनी जैन (51) सहारा इंडिया कंपनी में अभिकर्ता के रूप में काम करती थी। वर्ष 2015 में कंपनी ने अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा राशि निवेश करवाने के लिए स्कीम चलाई।जिसके तहत ज्यादा से ज्यादा राशि निवेश करने वाले अभिकर्ता को प्लेटिनम ड्रा, गोल्डन ड्रा और डायमंड ड्रा के तहत पुरस्कृत किए जाने का झांसा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने खूब मेहनत की और काफी लोगों से कंपनी में रुपये निवेश कराए। जिसके कारण शिकायतकर्ता ने प्लेटिनम ड्रा और गोल्डन ड्रा जीता। जिसकी कुल राशि दो करोड़ एक लाख 51 हजार रुपये थी। पुरस्कार जीतने के बाद भी शिकायत कर्ता को उसके रुपये नहीं दिए गए। साथ ही उसने जिन लोगों के रुपये निवेश कराए थे। उनके भी बांड सर्टिफिकेट और रसीद के पेपर नहीं दिए गए।बार-बार मांग करने पर भी उसे कुछ नहीं मिला। जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन, थाने में प्राथमिकी दर्ज न किए जाने पर उसने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

इनके खिलाफ दर्ज की गई थी प्राथमिकी

1. सुब्रत राय सहारा (प्रबंध संचालक व चेयरमैन सहारा इंडिया परिवार, निवासी सहारा शहर गोमती नगर लखनऊ उत्तर प्रदेश)

2. ओमप्रकाश श्रीवास्तव (उप प्रबंध संचालक, पता सहारा इंडिया भवन कपूरथला कांप्लेक्स अलीगंज लखनऊ उत्तर प्रदेश)

3. अलख कुमार सिंह (अधिशासी निदेशक, पता सहारा इंडिया भवन कपूरथला कांप्लेक्स अलीगंज लखनऊ उत्तर प्रदेश)

4. कुमारी समरीन जैदी (विभागाध्यक्ष सहारयन फोरम सहारा इंडिया परिवार, पता सहारा शहर गोमती नगर लखनऊ उत्तर प्रदेश)

5. सुधीर कुमार श्रीवास्तव (तात्कालीन अध्यक्ष सहारा क्रेडिट को आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पता सहारा इंडिया भवन कपूरथला कांप्लेक्स अलीगंज लखनऊ उत्तर प्रदेश)

6. विनय श्रीवास्तव (तात्कालीन एरिया मैनेजर सहारा इंडिया, पता जोनल आफिस मेडिकल कांप्लेक्स के पास तरुण छत्तीसगढ़ प्रेस कांप्लेक्स रायपुर)

7. मनोज पांडेय (तात्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक सहारा इंडिया, पता बाफना मंगलम के पास पुलगांव जेल रोड बायपास केनरा बैंक के ऊपर पद्मनाभपुर दुर्ग)

8. आलोक सुहाने (तात्कालीन सेक्टर व शाखा प्रबंधक सहारा इंडिया, पता बाफना मंगलम के पास पुलगांव जेल रोड बायपास केनरा बैंक के ऊपर पद्मनाभपुर दुर्ग)

9. जय प्रकाश सिंह निवासी रिसाली (तात्कालीन लिपिक सहारा इंडिया, पता बाफना मंगलम के पास पुलगांव जेल रोड बायपास केनरा बैंक के ऊपर पद्मनाभपुर दुर्ग)

10. पप्पू यादव (तात्कालीन लिपिक सहारा इंडिया, पता बाफना मंगलम के पास पुलगांव जेल रोड बायपास केनरा बैंक के ऊपर पद्मनाभपुर दुर्ग)

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