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फर्जी काल सेंटर का राजफाश.चार आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

 Raipur- पुलिस ने दिल्ली में फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित चेतन यादव निवासी गाजी, बुलंदशहर (उप्र), आलोक कुमार यादव उर्फ सचिन यादव निवासी रथिपुरसिया अलीगढ़ (उप्र), हिमांशु शुक्ला निवासी तुरकीपुर (उप्र), दिलप्रीत सिंह निवासी तिलकनगर दिल्ली को रायपुर लाया गया है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह का मुख्य आरोपित दिलप्रीत सिंह है। दिल्ली के विकासपुरी में दो कमरे में फर्जी काल सेंटर चल रहा था। यहीं पर बैठकर लोगों को झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते थे। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने राजफाश करते हुए बताया कि आरोपित पढ़े-लिखे हैं। क्रेडिट कार्ड उपयोग करने वालों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। आरोपितों से अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद कर दर्जनों बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। आरोपितों ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र के लोगों के साथ ठगी करना स्वीकार किया है। रायपुर पुलिस संबंधित राज्यों से संपर्क करेगी। एसएसपी ने बताया कि आरोपित क्रेडिट कार्ड बंद कराने या फिर क्रेडिट कार्ड से मंहगे गिफ्ट का लालच देकर झांसे में लेते थे।

शैलेंद्रनगर निवासी विज्ञान कुमार जैन कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकेमोबाइल पर एक काल आया था। काल करने वाले ने क्रेडिट कार्ड उपयोग नहीं करने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए कहा तो काल करने वाले ने कहा कि कुछ देर में मोबाइल पर ओटीपी का मैसेज आएगा, जिसके बताने पर बंद कर दिया जाएगा। काल करने वाले को जैसे ही ओटीपी नंबर बताया क्रेडिट कार्ड से एक लाख 89 हजार रुपये कट गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के प्रभारी गिरीश तिवारी और गौरव तिवारी के नेतृत्व में टीम जुट गई थी।

मुख्य आरोपित दिलप्रीत सिंह दिल्ली में एक इवेंट कंपनी में काम करता है। वहीं, हिमांशु और चेतन गाड़ी चलाते हैं। दिलप्रीत ही लोगों को ठगी के जाल में फंसाता था। दिलप्रीत के साथ सबसे पहले हिमांशु जुड़ा था। दोनों की एक इवेंट में पहचान हुई थी। दिलप्रीत ने दिन में लाखों कमाने की प्लानिंग बताई थी। हिमांशु को चार से पांच एटीएम कार्ड और खाता नंबर के साथ कुछ और लोगों को जोड़ने के लिए कहा। हिमांशु ने चेतन को अपने साथ जोड़ा। चेतन ने अपने साले आलोक को भी शामिल कर लिया। करीब एक साल में ठगी का पूरा गिरोह तैयार हो गया। खाते में आने वाले पैसे का 20 से 25 प्रतिशत तीनों को मिलता था।

पुलिस ने दिल्ली में फर्जी काल सेंटर पकड़ा, दुबई में नाैकरी दिलाने का झांसा देकर बनाते थे ठगी का शिकार

ग्वालियर – पुलिस ने दिल्ली में कार्रवाई करते हुए दुबई में नाैकरी दिलाने के नाम पर लाेगाें काे ठगी का शिकार बनाने वाले काल सेंटर काे पकड़ा है। आराेपित अब तक कई लाेगाें काे ठगी का शिकार बना चुके हैं। एक इंजीनियर की शिकायत के बाद पुलिस जांच करते हुए दिल्ली पहुंची थी और काल सेंटर की आड़ में चल रहा ठगी का अड्डा पकड़ा गया।

दरअसल ग्वालियर निवासी आशीष शास्त्री ने एमआइटीएस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इंजीनियर ने विदेश में नाैकरी के लिए द जॉब कार्ट डॉट कॉम पर अपना बायाेडाटा अपलाेड किया था। इसके बाद काल सेंटर से फरियादी काे फाेन आया और दुबई में नाैकरी की बात बताई। साथ ही 5 लाख का पैकेज की बात सुनकर ताे इंजीनियर काफी खुश हाे गया। इसके बाद आराेपिताें ने नाैकरी दिलाने के नाम पर इंजीनियर से करीब 73 लाख ठग लिए। फरियादी ने ग्वालियर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। ये लाेग एक फर्जी वेबसाइट के जरिए बेराेजगार युवकाें के बायाेडाटा लेते थे। इसके बाद जरूरतमंद लाेगाें काे फाेन करके विदेश में अच्छी नाैकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी काे अंजाम देते थे। पुलिस ने जब दिल्ली में फर्जी काल सेंटर पर छापा मारा ताे यहां पर फ्लैट से लेपटाप, वायरलेट फाेन सहित करीब 6 लाख रुपये नगदी बरामद हुई है। इसके अलावा दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक आराेपित एक कराेड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं। काल सेंटर से पुलिस ने इस फर्जी काल सेंटर के मास्टरमाइंड काे भी हिरासत में लिया है, जबकि एक आराेपित भागने में सफल हाे गया

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