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कोयला परिवहन घोटाले – ईडी ने तीन खनिज अधिकारियों को किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धमतरी, कवर्धा व बलरामपुर के जिला खनिज अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। तीनों अधिकारियों के यहां सोमवार को छापा मारा गया था। धमतरी में पदस्थ सहायक जिला खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा पहले रायगढ़ में पदस्थ थे। बलरामपुर में पदस्थ अवधेश बारीक भी पहले रायगढ़ में थे। कवर्धा के जिला खनिज अधिकारी संदीप नायक इससे पहले सूरजपुर जिले में पदस्थ थे।तीनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इससे पहले छत्तीसगढ़ के खनिज परिवहन घोटाले की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सोमवार को तीन जिले धमतरी, कवर्धा और बलरामपुर में एक साथ जांच शुरू की। ईडी की टीम तीनों जिले के खनिज कार्यालय पहुंची और अधिकारियों से पूछताछ की। खनिज परिवहन घोटाले में आइएएस समीर बिश्नोई, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी सहित पांच आरोपित रायपुर के सेंट्रल जेल में हैं।ईडी के तीन अधिकारी सोमवार सुबह 11 बजे धमतरी के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। टीम ने जिला सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा, खनिज निरीक्षक खिलावन कुलार्य व नगर सैनिक मनोहर सिन्हा से पूछताछ की। ईडी की टीम उस समय पहुंची जब धमतरी के दर्री और दोनर रेत खदान के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही थी। ईडी के अधिकारियों ने खनिज विभाग के तीनों अधिकारियों से बंद कमरे में पूछताछ की। ईडी की पूछताछ सुबह 11 बजे से शुरू हुई, जो शाम सात बजे तक जारी थी।उल्लेखनीय है कि सात सितंबर 2022 को सहायक खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा के रायगढ़ आवास से आइटी की टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए थे। आइटी जांच के बाद ही पैकरा का ट्रांसफर धमतरी हुआ है। उधर, बलरामपुर में भी ईडी की तीन सदस्यीय टीम संयुक्त जिला कार्यालय के खनिज शाखा में पहुंची। यहां सहायक खनिज अधिकारी अवधेश बारिक से पूछताछ की। बारिक इसके पहले रायगढ़ में पदस्थ थे। रायगढ़ में पहले भी ईडी की टीम ने जांच की थी। इसके बाद अवधेश बारिक का स्थानांतरण बलरामपुर में हो गया था। कवर्धा में ईडी की टीम पहली बार पहुंची। कलेक्ट्रेट के प्रथम तल पर ईडी की टीम ने खनिज विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की। जिला खनिज अधिकारी संदीप नायक से पूछताछ हुई।

ईडी के विशेष न्यायालय ने इसी माह सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, आइएएस समीर बिश्नोई और सुनील अग्रवाल को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया था। प्रकरण की अगली सुनवाई अब 23 नवंबर को होगी। अब तक सूर्यकांत तिवारी ईडी की हिरासत में थे ,जबकि आइएएस बिश्नोई व अन्य कारोबारी रायपुर सेंट्रल जेल में थे। इनकी रिमांड अवधि समाप्त हुई। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से सूर्यकांत को भी जेल भेजा गया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों आरोपितों की रिमांड अवधि बढ़ाने का आदेश दिया।

सूर्यकांत तिवारी है घोटाले का सूत्रधार

ईडी यहां 500 करोड़ के कोयला परिवहन घोटाले की जांच कर रही है। सूर्यकांत तिवारी को इस घोटाले का सूत्रधार बताया गया है। अक्टूबर में ईडी के छापे में आइएएस बिश्नोई के घर से चार किलो सोना व 47 लाख नकद बरामद किया गया था।

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