• CG : धमतरी जिले में पंचायत सचिवों की बैठक, कलेक्टर ने दी सख्त हिदायतें

    धमतरी, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन, कर वसूली एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंचायतों की आय बढ़ाने, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लंबित कार्यों में गति लाने तथा स्वच्छता गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ पूरा करना होगा। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रोमा श्रीवास्तव उपस्थित थीं।
       कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बैठक में निर्देश दिए कि आगामी 2 से 10 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन कर वृक्षारोपण और स्वच्छता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। सचिव “समर्थ पंचायत पोर्टल” के माध्यम से कर वसूली का ऑनलाइन एंट्री करें तथा करारोपण अधिकारी अधिकतम वसूली सुनिश्चित करें। कम कर वसूली पर जिम्मेदार पंचायत सचिवों के विरुद्ध वेतन रोकने व कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही की जाएगी।
      कलेक्टर ने कहा कि जिले में ऐसे पीएम आवास (ग्रामीण) जो प्लिंथ स्तर पर लंबित हैं, उन्हें  शीघ्र पूरा करने  की कार्यवाही की जाए। उन्होंने नगरी और मगरलोड विकासखंड की कई पंचायतों में कमजोर प्रदर्शन पर विशेष निर्देश दिए गए।
      उन्होंने अटल सुविधा केंद्र भोथापारा, ठेनही, बोरई एवं फरसिया के कार्य एक माह में पूर्ण कराने और सभी निर्माण कार्यों का मूल्यांकन एसडीओ से कराने के आदेश दिए। वहीं, मनरेगा योजना के तहत बने डबरी और तालाबों में मत्स्य पालन की संभावना को देखते हुए पंचायत सचिवों को किसानों को प्रोत्साहित करने व एविश सर्वे कराने को कहा गया।
      बैठक में  जनपद पंचायत सीईओ दीपक ठाकुर, कुरुद सीईओ अमित सेन, मगरलोड सीईओ दिव्या ठाकुर, नगरी सीईओ रोहित बोर्झा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता रामनारायण राठौड़, विभागीय अधिकारी, करारोपण अधिकारी एवं ग्राम सचिव उपस्थित थे।

  • CG : प्रयास विद्यालय में प्रवेश के लिए काउंसलिंग 12 एवं 13 सितम्बर को

    बलौदाबाजार, सत्र 2025-26 में प्रयास आवासीय विद्यालय की कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चतुर्थ प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों क़ा काउंसलिंग 12 एवं 13 सितम्बर 2025 क़ो प्रयास बालक आवासीय विद्यालय सड्डू उरकुरा मार्ग, व्ही.आई.पी. सिटी कालोनी के सामने रायपुर में होगा।

     सर्व प्रथम नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय जिला बलरामपुर के रिक्त सीट की पूर्ति पश्चात ही राजनांदगांव एवं बिलासपुर जिले के रिक्त सीट भरे जायेंगे।
    काउंसलिंग में अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालक, अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालिका, अनुसूचित जाति बालक एवं बालिका 12 सितम्बर 2025, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग बालक एवं बालिका ह 13 सितम्बर 2025 प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक भाग ले सकते है।काउंसिलिंग में अपने साथ प्रवेश पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, 8वीं उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र, मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, सिकल सेल जांच प्रमाण पत्र, 2 स्वयं का पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, यदि परिवार नक्सल हिंसा से सीधे प्रभावित हैं तो इस आशय का सम्बधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र लाना होगा।

  • CG : राजस्व कोर्ट में लंबित प्रकरणों का समय -सीमा में निराकरण करें – कलेक्टर

    जेम पोर्टल में सामग्री खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश

    बलौदाबाजार, कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार क़ो समय -सीमा की बैठक में  विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग में लंबित आवेदननो की समीक्षा करते हुए कोर्ट  में लंबित प्रकरणों का समय -सीमा में निरकारण कराने के निर्देश दिये।

    कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निराकृत करने अभियान चलाएं। इसके साथ है एक से 5 वर्ष तक लंबित प्रकरणों का तेजी से निरकारण करने तथा गति शक्ति अभियान के तहत रेलवे ओवर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज हेतु भू अर्जन के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने एग्रीस्टेक पंजीयन में छूटे हुए  किसनों का पंजीयन शीघ्र कराने के निर्देश क़ृषि विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होने डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी कार्य में प्रगति लाने राजस्व विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया।

    कलेक्टर ने जेम पोर्टल के माध्यम से शासकीय सामग्री खरीदी की समीक्षा करते हुए विशेष सतर्कता एवं सावधानी  बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर खरीदी प्रक्रिया के लिए समिति गठित की गई है। विभाग द्वारा सामग्री खरीदी से पूर्व समिति से आवश्यक मार्गदर्शन व अनुमोदन प्राप्त कर लें। शासन के नियमों का शतप्रतिशत पालन करें। निविदा शर्तो में अपने से कोई भी कण्डिका न जोड़ें। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सीपीग्राम्स, मुख्यमंत्री जनदर्शन, शिकायत शाखा,  आदि कर्मयोगी अभियान, रजत महोत्सव,समय -सीमा के आवेदनों का विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते एवं अवध राम टंडन सहित सभी एसडीएम,जनपद सीईओ  एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

  • CG : 50 साल पुराने बरकेला बांध का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

    जल-भराव की स्थिति को लेकर सतर्क रहने ग्रामीणजनों एवं विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    अम्बिकापुर , कलेक्टर विलास भोसकर आज अम्बिकापुर विकासखण्ड के बरकेला बांध पहुंचे। जहां उन्होंने बांध में जलभराव, तटबंध की स्थिति और मिट्टी के कटाव का जायजा लिया।
    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बांध की निरंतर देखरेख और निगरानी की जाए। उन्होंने बांध के समीप बने मकानों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो। निरीक्षण के दौरान मौजूद उपसरपंच, वार्ड पंच और ग्रामीणों को कलेक्टर ने बांध की वास्तविक स्थिति पर सतत् निगरानी रखने को कहा।

    गौरतलब है कि अम्बिकापुर विकासखण्ड में स्थित बरकेला बांध लगभग 50 वर्ष पुराना है, वर्तमान समय में बांध से करीब 16 जगहों पर जल रिसाव हो रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने रिसाव को नियंत्रित करने के लिए फिल्टर लगाए हैं और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
    इस दौरान एसडीएम फागेश सिन्हा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक निरंजन, तहसीलदार अमन चतुर्वेदी, नायब तहसीलदार सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • CG : सस्ता, सुलभ एवं बेहतरीन विद्युत आपूर्ति का माध्यम बना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना

    कृषक बसंत लाल साहू के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है सौर ऊर्जा की बिजली

    रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना निम्न और मध्यम वर्गीय अनेक हितग्राहियों एवं आम नागरिकों के लिए सस्ता, सुलभ एवं बेहतरीन विद्युत आपूर्ति का माध्यम बन गया है। कम खर्च में बेहतर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने की दृष्टि से शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केन्द्र सरकार की मंशानुरूप हितग्राहियों एवं आम नागरिको के लिए अत्यंत कारगर एवं बहुपयोगी साबित हो रहा है। इस योजना के फलस्वरूप केन्द्र एवं राज्य शासन के सहयोग से बहुत ही कम लागत में अपने घर में 03 किलोवॉट का सोलर पावर प्लांट लगाने के उपरांत वर्तमान में उसे मिल रहे बेहतरीन सुविधा से जिले के बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पलारी के कृषक बसंत लाल साहू ने इस योजना की भूरी-भूरी सराहना की। 

         किसान बसंत लाल ने बताया कि अपने घर में सोलर प्लेट लगाने के पश्चात् बहुत ही कम खर्च में बेहतर सुविधा मिलने से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अत्यंत किफायती एवं फायदेमंद साबित हो रहा है।  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अपने घर में सोलर प्लेट लगाने के पूर्व परपंरागत माध्यम से बिजली के उपयोग करने पर सोलर प्लेट की तुलना में बहुत अधिक लागत आता था। लेकिन अपने घर में सोलर प्लेट लगाने के बाद उसे बहुत ही कम खर्च में बेहतर विद्युत सुविधा प्राप्त हो रहा है। इस तरह से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं कम लागत में बेहतर विद्युत सुविधा प्राप्त करने का सबसे कारगर माध्यम बन गया है।

             कम खर्च में आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सराहना करते हुए कृषक बसंत लाल साहू ने इस योजना को अपने जैसे अनेक निम्न, मध्यम वर्गीय कृषकों एवं आम नागरिकों के लिए उपयोगी बताया है। किसान उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती, किसानी के माध्यम से जीवन यापन करने वाले निम्न मध्यमवर्गीय कृषक परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगाने के पूर्व उनके परिवार को विद्युत आपूर्ति के लिए केवल परपंरागत माध्यम पर ही आश्रित रहना पड़ता था। लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारियों के द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी लिने के पश्चात् उन्होंने कार्यपालन अभियंता विद्युत वितरण कंपनी बालोद में पहुँचकर अपने घर में सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन जमा किया था। इसके पश्चात् विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप 03 मार्च 2025 को उनके घर में सोलर पैनल लगाया। उन्होंने बताया कि सोलर प्लेट लगाने हेतु कुल 01 लाख 40 हजार रूपये की राशि जमा किया था। इस कार्य के लिए उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा कुल 78 हजार रूपये एवं राज्य सरकार के द्वारा 30 हजार रूपये का अनुदान भी प्रदान किया गया है। आज उनके घर में सोलर प्लेट लगने से पंखा, कूलर के उपयोग एवं पेयजल आपूर्ति तथा समुचित मात्रा में प्रकाश व्यवस्था हेतु पर्याप्त एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। 

            किसान बसंत लाल साहू ने कहा कि इस तरह से केन्द्र और राज्य सरकार की जनहितैषी योजना के फलस्वरूप उनके घर में सोलर प्लेट लगने से उसे बहुत ही कम खर्च में बेहतर एवं कारगर विद्युत सुविधा प्राप्त हो रही है।  उन्होंने आम जनता के हित में इस योजना को शुरू कर किफायती दर में विद्युत व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की राज्य सरकार के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया है।

  • CG : कृषि विभाग द्वारा कृषि आदान केन्द्रों का सतत निरीक्षण

    35 दुकानों के लाइसेंस निलंबित एवं 20 दुकानों को कारण बताओं नोटिस जारी

    रायपुर, कृषकों को अच्छी गुणवत्ता की आदान सामग्री मिल सके इस हेतु सतत रूप से जिला स्तरीय निरीक्षण दल एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार कृषि आदान केन्द्रों/विक्रय स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। कलेक्टर महासमुद के निर्देशानुसार जिले के उप संचालक कृषि ने बताया कि 01 अप्रैल 2025 खरीफ मौसम प्रारंभ से आज की स्थिति में 90 दुकानों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें 55 दुकानों के संचालक को उर्वरक नियंत्रण आदेश का पालन नहीं करने के फलस्वरूप कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, जिसमें 35 दुकानों का जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर उनका उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिवस के लिए निलंबित किया गया। 

             उप संचालक कृषि महासमुंद द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश का पालन नहीं करने के फलस्वरूप 55 दुकानों के संचालक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया जिनमें मेसर्स गुलशन कृषि केन्द्र झलप, शिव कृषि केन्द्र पासिद, मोनू कृषि केन्द्र तुमगांव, भानू फर्टिलाइजर महासमुंद, बीना एग्रोटेक झलप, आनंद एग्रो एंड सर्विसेज तुमगांव शामिल है। इसी प्रकार अमूल्या खाद भंडार झलप, ओम भवानी कृषि केन्द्र तुसदा, जय मां भीमेश्वरी सुनसुनिया, गीतांजली बीज भंडार तेन्दुकोना, श्रीहरि कृषि केन्द्र बागबाहरा, शिवम बीज भंडार बागबाहरा, श्री गणेश कृषि केंद्र बागबाहरा, आर.एस. टेªडर्स बागबाहरा, मनीष कृषि सेवा केन्द्र झगरेनडीह, पटेल कृषि सेवा केन्द्र मेमरा, जय किसान ट्रेडर्स लाखागढ़, शुभम् कृषि सेवा केन्द्र कौहाकुड़ा, कुलदीप कृषि सेवा केन्द्र पिथौरा, शिवम् कृषि सेवा केन्द्र पिथौरा, राज कृषि सेवा केन्द्र भगतदेवरी, खत्री ट्रेडर्स सांकरा, बजरंग कृषि सेवा केन्द्र सांकरा को उर्वरक नियंत्रण आदेश का पालन नहीं करने के कारण दुकान के संचालक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। महेश टेªडिंग कंपनी बसना, कंसल खाद भंडार बसना, सिंधु कृषि सेवा केन्द्र बंसुला, प्रेम कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, सृष्टि इंटरप्राईजेस भूकेल, पटेल कृषि सेवा केन्द्र सरायपाली, कृषि दुनिया सरायपाली, प्रधान कृषि सेवा केन्द्र सरायपाली, ओम फर्टिलाईजर सरायपाली, अग्रवाल ट्रेडर्स सरायपाली, राजेश अग्रवाल सरायपाली एवं सरायपाली स्वाभिमान महिला प्रोड्यूसर कंपनी सरायपाली के संचालक को उप संचालक कृषि महासमुंद द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश का पालन नहीं करने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया है।

              इसके अलावा खत्री बीज भंडार सांकरा के द्वारा बगैर पी.सी. के बीज क्रय करने पर संबंधित फर्म के बीज के विक्रय पर 21 दिवस के लिये प्रतिबंध लगाया गया है। इसी प्रकार बसना विकासखंड के समलेश्वरी कृषि सेवा केन्द्र के द्वारा अवैध 57 बोरी डी.ए.पी. रखने पर जप्ती बनाकर राजसात की कार्यवाही की गई है। मेसर्स लक्ष्मी कृषि सेवा केन्द्र खट्टी में अमानक डी.ए.पी. उर्वरक पाये जाने के फलस्वरूप डी.ए.पी. के विक्रय पर 21 दिवस के लिये प्रतिबंध लगाया गया है एवं राजसात की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली के प्रतिष्ठान से 220 बोरा यूरिया किसानों को सरकारी दर पर उपलब्ध कराया गया एवं मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली के प्रतिष्ठान से 270 बोरी यूरिया सरकारी दर पर किसानों को उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली तथा कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भी विकासखंड के निजी खाद विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया एवं दुकानदारों को सही कीमत पर उर्वरक बेचने एवं पी.ओ.एस. मशीन के द्वारा बेचने के निर्देश दिए गए। खरीफ मौसम में लगातार यह कार्यवाही जारी रहेगी, कृषकों को अपील की गई है कि वे संबंधित फर्म से बिल लेकर ही कृषि आदान सामग्री का क्रय करें।

  • CG : जशपुर जिले में 56 करोड़ 57 लाख की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

    बच्चों और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम

    रायपुर, प्रदेश के बच्चों और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को  लेकर सरकार सतत कार्य कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जशपुर जिले में 56 करोड़ से भी अधिक की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन पर 11 लाख 69 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे।  करोड़ों रुपए की राशि से बनने वाली आंगनबाड़ी भवन से जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार को  गति मिलेगी। इससे न केवल बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक स्थायी और सुसज्जित कार्यस्थल प्राप्त होगा।

    आंगनबाड़ी स्थायी भवन की ओर

            अब तक अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हालत में या किराए के मकानों में संचालित होते थे। ऐसे स्थानों में न तो बच्चों को बैठने की समुचित सुविधा मिलती थी और न ही साफ-सफाई का पर्याप्त वातावरण। लेकिन नए भवन बनने के बाद बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे उनकी शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियाँ व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी।

    बच्चों और माताओं के लिए एक संपूर्ण केंद्र

           नए आंगनबाड़ी भवन सिर्फ पूर्व प्राथमिक शिक्षा या पोषण आहार वितरण का स्थान नहीं होंगा, बल्कि ये ग्रामीण समाज में पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता का केंद्र बनेगा। इन भवनों में बच्चों को पौष्टिक आहार, खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य जांच, गर्भवती ओर शिशुवती माताओं के लिए पोषण व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इन केन्द्रों के माध्यम से  जिले में कुपोषण को कम करने और शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प अब कोई भी बच्चा शिक्षा से नहीं होगा वंचित

            मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा अब कुपोषण और शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। सरकार हर बच्चे और हर माता को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। नए आंगनबाड़ी केन्द्रों के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पूर्व प्राथमिक शिक्षा आने वाली पीढ़ी के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे और प्रदेश में पोषण क्रांति की नींव मजबूत करेंगे।

    ग्रामीणों की खुशी और सीएम साय के प्रति आभार

           ग्रामीण अंचलों के लोगों ने इस नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की स्वीकृति का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाली साबित होगी। अब बच्चे आंगनबाड़ी भवन के अस्थायी कमरों में नहीं, बल्कि सुसज्जित भवनों में शिक्षा और पोषण प्राप्त करेंगे।

  • CG : पमशाला से सराईटोला मार्ग निर्माण को मंजूरी

    लगभग 24 करोड़ की लागत से होगा सड़क का निर्माण

    रायपुर, राज्य शासन ने फरसाबहार-तपकरा मार्ग अंतर्गत पमशाला से सराईटोला पहुँच मार्ग के निर्माण को प्रशासकीय मंजूरी दी है। यह सड़क लगभग 11.50 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें पुल-पुलिया निर्माण का कार्य भी शामिल रहेगा। इस परियोजना पर कुल 23 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी कड़ी में फरसाबहार क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। 

    इस सड़क के निर्माण से ग्रामीण अंचल को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। क्षेत्र के लोगों को यातायात और संपर्क साधनों में सहूलियत मिलेगी। किसानों के लिए अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाना आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी।

    ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस सड़क के बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा। जशपुर जिले में विकास कार्यों की यह नई कड़ी मुख्यमंत्री की उस सोच को दर्शाती है जिसमें हर गांव और हर इलाके तक बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने का संकल्प शामिल है।

  • CG : एमसीबी जिले पर विशेषः लगभग दो सौ वर्षों बाद हुआ पुनः विभाजन

    एमसीबी, छत्तीसगढ़ के 32वें जिले के रूप में 9 सितम्बर 2022 को अस्तित्व में आया मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला, जो कोरिया जिले से विभाजित होकर बना और जिसका मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में स्थापित किया गया। जिले के नोडल अधिकारी पर्यटन, पुरातत्व एवं इतिहासकार डॉ. विनोद कुमार पांडेय बताते हैं कि पूर्व में कोरिया रियासत में 1600 ई. तक राजा बालंद का शासन था। 1750 में मैनपुरी के चौहान वंश के दलथम्मन शाही व धारमलशाही कोरिया पहुंचे और वहां कोल जाति व गोंडों के बाद चौहान वंश का राज्य स्थापित हुआ। यह वंश स्वयं को सम्राट पृथ्वीराज चौहान का वंशज मानता है।

    कुछ समय उपरांत ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों नागपुर के मोड़ेजी भोसले के परास्त हो जाने के बाद छत्तीसगढ़ के अधिकांश राज्य ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गए और उसी के साथ कोरिया राज्य भी ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गया। 24 दिसंबर 1819 में राजा गरीब सिंह के स्वीकृत करारनामा के अनुसार राज्य को 400 रुपये वार्षिक अंग्रेजों को देने का प्रावधान किया गया, साथ ही चांगभखार रियासत (जनकपुर) कोरिया की सामंती अधीनता होने के कारण 386 रुपये कोरिया राज्य के माध्यम से कंपनी को देना तय हुआ। आगे डॉ. पांडेय बताते हैं कि राजा गरीब सिंह के बाद राजा अमोल सिंहदेव का शासन प्रारंभ हुआ।

    सन् 1848 में हुए एक अन्य अनुबंध के अनुसार चांगभखार रियासत ने देय राशि सीधे ईस्ट इंडिया कंपनी को देना शुरू कर दिया और इस प्रकार वह कोरिया रियासत से अलग होकर स्वतंत्र अस्तित्व में आ गया तथा उसे ‘भैया’ की उपाधि दी गई। कालांतर में इतिहास ने करवट ली और लगभग 200 वर्षों बाद 25 मई 1998 को रियासत के इसी हिस्से में कोरिया जिले का गठन हुआ, जिसका मुख्यालय बैकुंठपुर बनाया गया और इसका क्षेत्रफल 5977.70 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया। जिस प्रकार 1848 में कोरिया रियासत से अलग होकर चांगभखार रियासत का स्वतंत्र अस्तित्व बना था, उसी प्रकार इतिहास दोहराया गया और 9 सितंबर 2022 को कोरिया जिले से अलग होकर नवीन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला अस्तित्व में आया, जिसका मुख्यालय मनेंद्रगढ़ बनाया गया। इसमें पूर्व चांगभखार रियासत तथा कोरिया रियासत का कुछ भाग शामिल किया गया।

    मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का गठन कोरिया जिले के उपखंड मनेंद्रगढ़ (तहसील मनेंद्रगढ़ व केल्हारी), उपखंड भरतपुर (तहसील भरतपुर), उपखंड खड़गवां-चिरमिरी (तहसील खड़गवां एवं चिरमिरी) को समाविष्ट करते हुए किया गया। इसकी सीमाएं उत्तर में तहसील कुसमी जिला सीधी-सिंगरौली (मध्यप्रदेश), दक्षिण में तहसील पोड़ी उपरोड़ा जिला कोरबा एवं तहसील रामानुजनगर जिला सूरजपुर, पूर्व में तहसील बैकुंठपुर एवं सोनहत तथा पश्चिम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही व अनूपपुर (मध्यप्रदेश) जिले से मिलती हैं। जिले का क्षेत्रफल 1726.39 वर्ग किलोमीटर तथा जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 4,22,248 थी।

    जिले के नामकरण के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए डॉ. पांडेय बताते हैं कि वास्तव में मनेंद्रगढ़ का मूल नाम कारीमाटी था, क्योंकि यहां के आसपास कोयले का विशाल भंडार था तथा इस भूभाग की मिट्टी काली थी। सन 1927 में कारीमाटी में भीषण आग लग गई, जिससे संपूर्ण क्षेत्र जलकर राख हो गया। 1930 में रेलवे लाइन आने के बाद तत्कालीन कोरिया राजा रामानुज प्रताप सिंह ने रेलवे स्टेशन के निकट नगर बसाने का निर्णय लिया और इस स्थान का नाम अपने तृतीय पुत्र महेंद्र प्रताप सिंहदेव के नाम पर मनेंद्रगढ़ रखा। चिरमिरी नाम की उत्पत्ति का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी एक मत के अनुसार यहां चेरी माई की स्मृति में स्थित एक सती मंदिर था, जो भग्नावस्था में था और उसी के नाम पर इस क्षेत्र का नाम चिरमिरी पड़ा होगा। इसी प्रकार जनकपुर का संबंध चांगभखार रियासत से रहा है और इसका नामकरण रियासत की कुलदेवी माता चांगदेवी के नाम पर किया गया था।

  • CG : छत्तीसगढ़ में महिलाओं व किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए SANKALP: HEW अभियान की शुरुआत

    10 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान में कानून, स्वास्थ्य और योजनाओं की मिलेगी जानकारी

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ में महिलाओं व किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए SANKALP: HEW अभियान की शुरुआत

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिशन शक्ति के अंतर्गत SANKALP: HEW नामक विशेष 10 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है।

    प्रदेश के सभी जिलों के शहरी व ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और समुदायों में इस दौरान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रमों में हब की टीमें उपस्थित हितग्राहियों को पॉक्सो अधिनियम, माहवारी स्वच्छता, प्रजनन क्षमता विकास, भ्रुण हत्या निषेध, समानता का अधिकार, पोषण एवं स्वास्थ्य जैसे विषयों से अवगत करा रही हैं। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना और नोनी सुरक्षा योजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जा रही है।

    इस अभियान के अंतर्गत विशेषज्ञ टीमें महिला उत्पीड़न रोकथाम, बाल विवाह निषेध, पोषण सुधार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दे रही हैं। महिलाओं और किशोरियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित की जा रही है, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूकता के प्रसार हेतु प्रशिक्षित की जा रही है।

    छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि यह पहल केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में ठोस कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला और किशोरी सशक्त, आत्मनिर्भर और अधिकारों के प्रति सजग नागरिक बने।

  • CG : सौर सुजला योजना से खेतों में निर्बाध सिंचाई, किसानों की बढ़ी आमदनी

    रायपुर, छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रजत महोत्सव मना रहा है। इन 25 वर्षों में राज्य ने कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। किसानों की खुशहाली और उन्हें स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में सौर सुजला योजना बड़ी भूमिका निभा रही है।
    सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत साल्ही के किसान अमृत सिंह इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुँचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले सिंचाई के लिए बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे खेती के साथ पैदावार पर असर पड़ता था। लेकिन सौर सुजला योजना से अब खेतों की सिंचाई निर्बाध रूप से हो रही है।

    अमृत सिंह ने बताया कि अब वे सालभर खेती कर पा रहे हैं। धान की फसल के साथ-साथ सब्जियों की खेती करने से उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। लगातार उपलब्ध पानी से खेती आसान हुई और फसल उत्पादन भी दोगुना हो गया है। जिससे आमदनी भी बढ़ी है।


    उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर सुजला योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है और कृषि कार्य में खर्च भी घटा है। शासन की यह योजना प्रदेश के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रही है, जिससे वे अब निर्बाध रूप से खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना रहे हैं।

  • CG : किचन गार्डन की अनोखी पहल : बेलडेगी स्कूल के बच्चे अपनी उगाई सब्जियां खा रहे हैं मिड-डे मील में

    रायपुर, जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा स्थित प्राथमिक विद्यालय बेलडेगी ने बच्चों की थाली तक ताजी और स्वास्थ्यवर्धक पोषक तत्व पहुँचाने की अनोखी पहल की है। अब यहां मिड-डे मील में परोसी जा रही सब्जियां सीधे स्कूल परिसर के किचन गार्डन से आती हैं, जिन्हें बच्चे और शिक्षक मिलकर उगाते हैं।


    प्रधान पाठक अल्फा किरण मिंज और शिक्षक मुनु राम के मार्गदर्शन में स्कूल परिसर में तैयार इस बागान में भिंडी, टमाटर, बैंगन, पालक, धनिया, लहसुन और मटर जैसी हरी सब्जियां उगाई जा रही हैं। इससे पहले बच्चे लौकी, कद्दू, करेला और तरोई जैसी ताजी सब्जियों का भी स्वाद ले चुके हैं। स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थियों ने मिलकर इस बगिया को सजाया-संवारा है। वहीं पंचायत द्वारा लगाए गए सबमर्सिबल पंप ने सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

     
        ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने कहा कि बेलडेगी स्कूल ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प और सामूहिक प्रयास हों, तो सरकारी योजनाओं को और भी प्रभावी बनाया जा सकता है। बच्चों को न केवल ताजी, पोषक और शुद्ध सब्जियां मिल रही हैं बल्कि वे खेती-बाड़ी और श्रम का महत्व भी सीख रहे हैं। यह पहल पूरे ब्लॉक के लिए मॉडल बन चुकी है।
        इस प्रयास से बेलडेगी स्कूल अब सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी मिसाल कायम कर रहा है।

  • CG : लोक रंग पर्व 2025 : राजधानी रायपुर में 9 से 13 सितम्बर तक होगा आयोजन

    महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में संध्याकालीन प्रस्तुतियों से गूंजेगा छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत और नृत्य

    रायपुर, संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक रंग पर्व 2025 का आयोजन 9 से 13 सितम्बर तक राजधानी रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय स्थित मुक्ताकाशी मंच, सिविल लाइन्स में किया जा रहा है। प्रत्येक शाम 7 बजे से पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकगाथा, लोकसंगीत, लोकनृत्य और नाचा-गम्मत की प्रस्तुतियाँ होंगी।

    पांच दिवसीय इस पर्व में देवार गीत, करमा नृत्य, पंडवानी, बांसगीत, सुआ नृत्य, भरथरी, ढोलामारू, राउत नाचा, पंथी नृत्य, लोरिक चंदा, संस्कार गायन, जसगीत जैसी विधाओं की विविध प्रस्तुतियाँ होंगी। लोकरंग में प्रदेशभर से लोक कलाकार शामिल होकर अपनी परंपरागत कला का प्रदर्शन करेंगे।

    कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगाथा प्रस्तुतियों में भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू और लोरिक चंदा, लोकनृत्य में सुआ, करमा और पंथी, लोकगायन में बांसगीत और देवारी गीत तथा लोकसंगीत में ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

  • CG : पीडीएस के तहत माह सितंबर के लिए 1740 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन

    रायपुर, छत्तीसगढ़ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राज्य के गैर अनुसूचित क्षेत्रों के गैस कनेक्शनधारी राशनकार्डों में भी पीडीएस के तहत केरोसिन प्रदाय करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ को माह सितंबर के लिए 1740 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन किया गया है। जिसे उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को वितरित किया जाएगा। इस आशय का पत्र इन्द्रावती भवन स्थित खाद्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों एवं राज्य स्तरीय समन्वयक ऑयल उद्योग रायपुर को जारी कर दिया गया है।

    पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रचलित समस्त अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डों को पात्रता होगी। नगरीय क्षेत्रों के राशनकार्डधारियों के लिए एक लीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित क्षेत्र तथा गैर अनुसूचित क्षेत्रों के राशनकार्डधारियों को अधिकतम दो लीटर केरोसिन प्रदान किया जाएगा। माह सितंबर 2025 के लिए आबंटित केरोसिन का उठाव 30 सितंबर तक करने को कहा गया है।

    राज्य में माह सितंबर के लिए जिलेवार केरोसिन आबंटन की मात्रा इस प्रकार है – बिलासपुर जिले के लिए 108 किलोलीटर, रायपुर व सरगुजा जिले के लिए 96-96 किलोलीटर तथा बलौदाबाजार-भाठापारा व जशपुर जिले के लिए 84-84 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन किया गया है। दुर्ग, जांजगीर-चांपा, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए 72-72 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन किया गया है। इसी प्रकार बस्तर, कांकेर, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, बेमेतरा, कवर्धा जिले के लिए 60-60 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन मिला है।

    वहीं कोंडागांव, बालोद, राजनांदगांव, धमतरी, गरियाबंद, बलरामपुर, सूरजपुर व सक्ती जिले के लिए 48-48 किलोलीटर आबंटन जारी हुआ है। दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेण्ड्रा- मारवाही, कोरिया, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के लिए 24-24 किलोलीटर तथा बीजापुर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के लिए 12-12 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन जारी किया गया है |

  • CG : दूरस्थ अंचल के ग्राम मूंगवाल के 50 बच्चों का बना जन्म प्रमाण पत्र

    प्रमाण पत्र बनने से बच्चों के अभिभावकों को मिली बड़ी राहत

     रायपुर, जिला प्रशासन की पहल से कोंडागांव विकासखंड अंतर्गत मर्दापाल तहसील के दूरस्थ क्षेत्र के गांव ग्राम पदनार और मुंगवाल के 50 बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने गांव में पहुंचकर बच्चों के यह प्रमाण पत्र वितरित किया।
        जन्म प्रमाण पत्र बनने से बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। अब तक प्रमाण पत्र न होने के कारण वे शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित थे। प्रशासनिक प्रयासों के बाद अब बच्चों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
        ज्ञात हो कि जनदर्शन में ग्राम पंचायत पदनार अंतर्गत सुदूर क्षेत्र मूंगवाल के ग्रामीणों द्वारा 50 बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या से अवगत कराया गया था, जिसके कारण बच्चों की अपार आईडी भी नहीं बन पा रहा था। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना द्वारा तहसीलदार मर्दापाल एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म मृत्यु) को सभी बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जल्द से जल्द बनाने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म मृत्यु) के संयुक्त तत्वाधान में त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी 50 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र प्राथमिक शाला मूंगवाल में वितरित किया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार जताया।

    जन्म या मृत्यु पंजीयन कैसे करवायें?
        जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार जन्म प्रमाण पत्र जन्म एवं मृत्यु के 21 दिवस के भीतर – निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। शासकीय अस्पताल में प्रसव होने पर डिस्चार्ज के पूर्व जन्म प्रमाण पत्र उसी संस्थान से प्राप्त करें। शासकीय अस्पताल में मृत्यु होने पर प्रमाण पत्र उसी संस्थान से प्राप्त करें। निजी अस्पताल, घर, अन्य स्थान में जन्म, मृत्यु होने पर पंजीयन हेतु संबंधित नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत में सूचित करें।
        शिशु के नाम के बिना भी जन्म पंजीयन कराया जा सकता है। जन्म पंजीयन की तारीख से 12 मास के भीतर शिशु का नाम निःशुल्क जोड़ा जावेगा। जन्म, मृत्यु पंजीयन कराने के पश्चात प्रमाण पत्र लेना न भूले। जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र कानूनी पहचान एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने हेतु महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। प्रमाण पत्र में नाम तथा तिथि सावधानीपूर्वक दर्ज कराएं जिससे बाद में किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। जन्म या मृत्यु पंजीयन कराने के लिए मोबाइल नंबर तथा ई मेल की जानकारी अवश्य दें।

    जन्म या मृत्यु पंजीयन कराने हेतु आवश्यक दस्तावेज
        जन्म या मृत्यु पंजीयन कराने हेतु आवश्यक दस्तावेजों में पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस आदि), निवास का प्रमाण (बिजली बिल, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस आदि), मृत्यु पंजीयन के लिए मृत्यु का स्थान एवं मृत्यु तिथि का प्रमाण (चिकित्सक द्वारा प्रमाणित पत्र, पंचनामा आदि) शामिल है।

    ऑनलाइन जन्म या मृत्यु पंजीयन कैसे करें?
        पोर्टल https://dc.crsorgi.gov.in/crs/Auth/generalpublic के माध्यम से घर में हुई घटना की सूचना 21 दिनों के भीतर रिपोर्ट कर सकते है। 21 दिवस के पश्चात भी ऑनलाइन सूचना दी जा सकती है। प्रत्येक जन्म या मृत्यु हेतु अलग-अलग सूचना देना होगा। लॉगिन के पश्चात, जन्म या मृत्यु के रिपोर्टिंग फॉर्म की जानकारी पूर्ण रूप से भरे। वांछित दस्तावेज भी संलग्न करें। पंजीयन उपरांत प्रमाण पत्र की जानकारी उपलब्ध कराए गए ईमेल आईडी एवं मोबाईल नम्बर पर भी प्राप्त हो जाएगा।

  • CG : बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह 18 व 19 सितम्बर को

    जांजगीर जिला मुख्यालय में विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजन
        
    रायपुर,
     जांजगीर-चांपा जिले में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह 18 एवं 19 सितम्बर 2025 को आयोजित होगा। समारोह की तैयारियों की समीक्षा हेतु कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक ली। यह दो दिवसीय आयोजन शहीद स्मारक परिसर कचहरी चौक और कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में होगा।


    समारोह के अंतर्गत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीद परिवारों का सम्मान, प्रतिभा सम्मान, विधिक संगोष्ठी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा विभागीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।


    कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में कृषक संगोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती और फसल चक्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

  • CG : मनियारी नदी पर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 8.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मुंगेली जिले के विकासखण्ड-पथरिया अंतर्गत मनियारी नदी पर निर्मित लाटा एनीकट से सिंचाई हेतु सौर ऊर्जा संचालित उद्वहन सिंचाई योजना निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 33 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत किये गए हैं।

    इसी प्रकार से करही एनीकट से सिंचाई हेतु सौर ऊर्जा संचालित उद्वहन सिंचाई योजना निर्माण कार्य हेतु 4 करोड़ 42 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किये हैं। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

  • CG : विविध पौराणिक प्रसंगों एवं आधुनिक घटनाओं पर आधारित सुसज्जित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र: झांकियों को देखने रायपुर में उमड़ा जनसैलाब

    ऐतिहासिक विसर्जन झांकी में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर,

    ऐतिहासिक विसर्जन झांकी में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 सितंबर की देर रात राजधानी रायपुर के हृदयस्थल जयस्तंभ चौक स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित स्वागत मंच पर पहुंचे और ऐतिहासिक गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल होकर झांकियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी अत्यंत ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने विघ्नहर्ता गणेश से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की। मुख्यमंत्री साय ने ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    उल्लेखनीय है कि विगत दिवस राजधानी रायपुर में शाम 8 बजे से ही गणेश झांकी यात्रा प्रारंभ हो गई थी। इस बार भी निर्धारित रूट पर शारदा चौक से झांकियों को टोकन प्रदान किया गया। झांकियां तेलघानी नाका, राठौर चौक और तात्यापारा से होकर शारदा चौक में एकत्रित हुईं, तत्पश्चात एक-एक कर आगे बढ़ीं। ये सभी झांकियां जयस्तंभ चौक से होते हुए मालवीय रोड, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर, सुंदर नगर और रायपुरा मार्ग से होकर महादेव घाट तक पहुंचीं। इस वर्ष भी झांकियों को विभिन्न विषयों पर आकर्षक रूप से सजाया गया। इनमें विविध पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमान की झलक भी देखने को मिली। रायपुर की सड़कों पर झांकी के रूप में राफेल विमान का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एक झांकी में बप्पा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विराजमान दिखाई दिए। इन झांकियों को देखने के लिए न केवल रायपुर शहरवासी बल्कि आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे। 

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • CG : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने धरसेड़ी आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया

    बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, स्वच्छता व्यवस्था और सेवाओं की ली जानकारी

    रायपुर,

     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने धरसेड़ी आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धरसेड़ी पहुंचीं। उन्होंने यहां आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजवाड़े ने केंद्र में बच्चों को प्रदत्त पोषण आहार की गुणवत्ता और उपलब्धता का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी परिसर की स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति, खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था तथा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की भी जानकारी प्राप्त की।

    मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से नियमित रूप से बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और केंद्र में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की बुनियाद हैं, इसलिए यहां दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को समय पर पूरक पोषण आहार, टीकाकरण और अन्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए।

    मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से भी संवाद कर केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें बच्चों की शिक्षा व पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला और बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण को लेकर प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सतत प्रयास जारी हैं। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • CG : हिमालय की ओर रवाना हुई जशपुर की जनजातीय पर्वतारोहण टीम, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विज़न को मिला नया आयाम

    रायपुर, छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। जशपुर जिले के पाँच जनजातीय युवा पर्वतारोही हिमाचल प्रदेश स्थित दुहंगन ग्लेशियर क्षेत्र के लिए रवाना हो गए हैं। यह 18 दिवसीय उच्च हिमालयी प्रशिक्षण एवं पर्वतारोहण अभियान केवल साहस और रोमांच का अनुभव ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उस विज़न का हिस्सा है, जिसके तहत उन्होंने जनजातीय युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प लिया है।

    जशपुर से निकलकर हिमालय की चोटियों तक

    साजन टोप्पो, संजीव कुजूर, प्रतीक एक्का, मनीष नायक और अजीत लकड़ा यह पाँचों युवा जशपुर की जनजातीय पृष्ठभूमि से आते हैं। इनका हिमालय की ओर बढ़ता साहसिक कदम यह साबित कर रहा है कि गाँव और जंगल की मिट्टी से निकले सपने भी दुनिया की सबसे कठिन चोटियों को छू सकते हैं। यह अभियान न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश है कि अवसर और जज़्बा हो तो कोई मंज़िल दूर नहीं।

    मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और राज्य सरकार का सहयोग

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रवाना होने से पूर्व पर्वतारोहण टीम को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को वैश्विक मंच तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। राज्य सरकार के सहयोग और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के मार्गदर्शन से यह अभियान संभव हो पाया है।

    अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों का साथ

    इस यात्रा में स्पेन, अमेरिका और भारत के विख्यात पर्वतारोही और गाइड टीम के साथ रहेंगे। युवा पर्वतारोही बर्फीली चोटियों, ग्लेशियरों और दुर्गम चट्टानों पर चढ़ाई करते हुए नए पर्वतारोहण मार्गों को तलाशेंगे। यह अनुभव आगे चलकर छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रोफेशनल एडवेंचर स्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन की दिशा में सशक्त करेगा।

    यह टीम हिमालय की ऊँचाइयों तक पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत मिशन का संदेश लेकर जाएगी। अभियान की शुरुआत से पहले पर्वतारोहियों ने जशपुर के प्रसिद्ध मधेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    यह केवल हिमालय की चढ़ाई नहीं, बल्कि जनजातीय युवाओं की शक्ति, मुख्यमंत्री के विज़न, पर्यावरणीय जागरूकता और रोमांच का संगम है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक प्रेरणा बनेगा कि यदि हौसला बुलंद हो तो न केवल हिमालय, बल्कि सपनों की हर ऊँचाई को छुआ जा सकता है।