• Rajnandgaon: नाला में बहे युवक की लाश मिली…

    Rajnandgaon: नाला में बहे युवक की लाश मिली…

    देर रात तक युवक की खोज – बिन के बाद रेस्क्यू टीम को सुबह सफलता मिली
    घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण,परिजन परेशान

    डोंगरगढ़/ बेलगांव। मोहारा मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम कोलेंद्रा – ठाकुर टोला के मध्य स्थित नाला में अचानक आई बाढ़ से, मार्ग में बने स्टॉप डैम कम रपटा को पार करते समय युवक के बह जाने से उसके खोजबीन में पूरा गांव इकट्ठा हो गया। किंतु देर रात तक युवक का पता नहीं चल पाया। पूरी रात परिजन परेशान रहे। प्रशासन की ओर से तैनाद रेस्क्यू टीम को सुबह झाड़ियां में फंसे युवक की बॉडी मिली।

    ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार,शनिवार शाम को हुई तेज बारिश और डंगोरा डैम में चल रहे उलट के कारण नाला में अचानक बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। ग्राम कोलेंद्रा निवासी मिथिलेश वर्मा पिता शिवप्रसाद वर्मा उम्र 35 वर्ष किसी काम से खैरागढ़ गया था। युवक ठाकुर टोला होते हुए अपने घर पैदल नाला पार करते हुए जा रहा था। तभी युवक का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाले पानी की चपेट मैं आकर नीचे गिर गया। नीचे गिरने के बाद युवक लापता हो गया । गांव वालों ने बताया कि स्टॉप डैम कम रपटा में सात गेट लगे हुए हैं।जिसमें से मात्र चार गेट ही खुले हैं। बाकी गेट खराब हो चुके हैं। जिसे विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि,अगर सभी गेट खुले रहते तो पानी पुलिया के ऊपर नहीं आता। घटना स्थल पर 112 एवं मोहरा पुलिस की टीम पहुंच चुकी थी।

    प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही ने ली युवक की जान –

    सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित स्टाफ डैम कम रपटा का निर्माण वर्षों पूर्व किया गया था।किंतु आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं किए जाने के कारण इसके अनेक गेट क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद हो गए थे। इसके अलावा सिंचाई विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अन्य गेटों को खोला नहीं गया था। इसके कारण पानी का जलस्तर बढ़ गया और पानी रपटा (पुल) के ऊपर से होकर बहने लगा। सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित इस रपटा(पुल) का उपयोग बेलगांव से मोहरा जाने वाले ग्रामीण वर्षों से करते आ रहे हैं।

    अत्यधिक सकरे इस मार्ग से हमेशा नाला में गिरने का खतरा सामान्य दिनों में भी बना रहता है। मार्ग सकरा होने एवं मार्ग के दोनों और रेलिंग नहीं लगने के कारण आने-जाने वाले ग्रामीणों को नाले में गिरने का भय हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि ,सिचाई विभाग का ये स्टॉप डेम (रपटा ) का गेट अगस्त महीने मे क्यों बंद रखा गया। अगर गेट खुला होता तो ऊपर से पानी नहीं बहता और आज एक युवक की मौत नहीं होती।

    बेलगांव से मोहरा के बीच स्थित ग्रामों में अत्यधिक वर्षा होने के कारण अनेक घटनाएं घट चुकी है। कुछ दिन पूर्व कोलेंद्रा – ठाकुर टोला मार्ग में बने एक अन्य पुल के धराशाई हो जाने एवं नाले का पानी गांव में घुस जाने से अनेक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे।

    एवं अनेक किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा था। दोनों ही घटना के समय क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट नहीं करना, गैर जिम्मेदारना कृत्य के रूप में देखा जा रहा है। विधायक श्रीमती हर्षिका स्वामी बघेल ने दोनों ही घटनाक्रम को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा किसी भी जनप्रतिनिधि ने इतने बड़े घटनाक्रम को संज्ञान में नहीं लिया। ग्रामीणों को प्रभावहीन पंचायत प्रतिनिधियों के भरोसे छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीणों में अत्यधिक आक्रोश व्याप्त है।

  • CG : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से ओमप्रकाश सेन ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में  स्थित उनके कार्यालय में ओमप्रकाश सेन ने सौजन्य मुलाकात की। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 3 दिवसीय आईडीसी कैम्प में छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधि ओमप्रकाश सेन ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

        
           शासकीय कचना धुरवा कॉलेज, छुरा जिला – गरियाबंद में बी कॉम तीसरे सेमेस्टर के छात्र ओमप्रकाश सेन, ग्राम दादरगांव पुराना निवासी हैं। कैम्प से लौटने के उपरांत उन्होंने मंत्री यादव से मुलाकात की। मंत्री यादव ने ओमप्रकाश सेन को राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की भागीदारी हेतु हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है। प्रदेश के छात्र राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता कर समाज और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने ओमप्रकाश सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देते हुए आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।

  •  CG : देशव्यापी साक्षरता सप्ताह 7 सितम्बर तक : कल दूसरे दिन कार्यशाला और सेमिनार किए जाएंगे आयोजित

    रायपुर, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उल्लास: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु देशव्यापी साक्षरता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में 02 सितम्बर 2025 को राज्य के सभी  जिले में जिला शिक्षा अधिकारियों तथा यूईईएएस की जिला कार्यान्वयन एजेंसियों की भागीदारी के साथ एक विशेष कार्यशाला/सम्मेलन/सेमिनार का आयोजन किया गया जाएगा।

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाना और समाज के विभिन्न वर्गों को साक्षरता अभियान से जोड़ना है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं यूईईएएस की जिला कार्यान्वयन एजेंसियाँ, डाइट एवं उनसे संबद्ध शिक्षक, सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकगण तथा एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के अंतर्गत टीटीआई के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी प्रकार विश्वविद्यालय एवं एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से संबद्ध डिग्री कॉलेज/तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि, नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस), एनसीसी, एनएसएस तथा स्काउट एवं गाइड संगठन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।


              राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को समाज में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाती है। उन्होंने इस अभियान में युवाओं, शिक्षकों और स्वयंसेवी संगठनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका बताया। उन्होंने कहा साक्षरता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और नवाचार आधारित कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा।

  •  CG : कलेक्टर ने की खाद भण्डारण व वितरण की समीक्षा

     समितियों में आवश्यकता अनुसार यूरिया उपलब्ध कराने के निर्देश

    बलौदाबाजार, कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को क़ृषि, सहकारिता एवं अन्य सम्बधित विभाग  के अधिकारियों की  बैठक लेकर जिले में उर्वरक  भण्डारण एवं वितरण की समीक्षा की। उन्होंने यूरिया की बढ़ती मांग को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यकता अनुसार प्राथमिकता से समितियो में यूरिया उपलब्ध कराने  के निर्देश दिये।

    कलेक्टर ने कहा कि जिन समितियों में यूरिया उर्वरक की ज्यादा मांग है वहां प्राथमिकता से उपलब्ध कराए। किसानों को नैनो यूरिया उपयोग के लिए प्रेरित करें। किसानों को खाद लेने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।उन्होंने तय मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय करने वाले विक्रेताओं पर कार्यवाही करने लगातार जांच अभियान चलाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही छूटे हुए किसानो का एग्रीस्टेक  पोर्टल पर पंजीयन की कार्यवाही में तेजी लाने के भी निर्देश दिये।

    बताया गया कि विगत दिनों 400 मेट्रिक टन यूरिया का आवंटन मिला है जिसे समितियों में भण्डारण किया गया है एवं आगामी 3 से 4 दिन में पुनः 400 मेट्रिक टन यूरिया मिलने की संभावना है। वार्तमान में 53 मेट्रिक टन यूरिया डबल  लॉक में उपलब्ध है जिसे समितियों को वितरित किया जा  रहा है। अब तक लक्ष्य 27000 मेट्रिक टन के विरूद्ध 28700 मेट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है।

  • CG : ‘दीदी के गोठ’ से गूँजी महिलाओं की सफलता की कहानियाँ, जिलेभर में उत्साहपूर्वक हुआ प्रसारण

     मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सराहा, ‘‘दीदी के गोठ’’ बना सशक्तिकरण का मंच

    एमसीबी , जिले में महिलाओं की आजीविका और सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाले रेडियो प्रसारण ‘‘दीदी के गोठ’’ का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। यह कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की दीदियों की सफलता की कहानियों पर आधारित है, जिसका शुभारंभ रायपुर से किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, माननीय केंद्रीय मंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) शिवराज सिंह चौहान तथा छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को संदेश देते हुए उन्हें आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

    नेताओं ने कहा कि ‘‘बिहान’’ की दीदियों ने अपने कार्यों से न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी कायम की है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंकिता सोम शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के सभी संकुल संगठन एवं ग्राम संगठन स्तर पर ‘‘दीदी के गोठ’’ का प्रसारण सुनवाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं और कम्युनिटी कैडर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी कहानियों से प्रेरणा ली और नई योजनाओं को आत्मसात कर भविष्य में और बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया।


    जिले के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा रहा, जहां हर महिला ने यह महसूस किया कि उनकी मेहनत और संघर्ष को न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। ‘‘दीदी के गोठ’’ का यह प्रसारण ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। जिले में इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि अवसर और मंच मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

  •  CG : तीन दिवसीय प्रशिक्षण का विधायक सम्पत अग्रवाल ने किया शुभारम्भ

    आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है – विधायक अग्रवाल

    जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान – जिला सीईओ नंदनवार

    महासमुंद, जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” नामक नई पहल की गई है। इस अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज बसना विधायक सम्पत अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।


    इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक सम्पत अग्रवाल ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है। जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास दूरदर्शी आव्हान का प्रतीक है तथा विकसित भारत के व्यापक रूपरेखा है। उन्होंने कहा कि आज ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जिसमें जिले के जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ और उनकी समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निश्चित ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजाति कार्यक्रम में अब योजनाएं उनके समग्र विकास के लिए बनेंगी।

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने कहा कि पहले योजनाएं ऊपर से नीचे की ओर आती थी। इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना तैयार की जा रही है। 

     
    ज्ञात है कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान प्रेरणादायक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके पूर्व जिले की 6 अधिकारियों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण 1 से 3 सितम्बर तक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है।
    उल्लेखनीय है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है। जनमन योजना अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के 77 बसाहटों के 940 परिवारों (3306 जनसंख्या) को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही सामुदायिक उत्थान हेतु प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। वहीं धरती आबा अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।


    अभियान के तहत विकास कार्यों को तीन स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना। इनमें राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी,  वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन निर्देशानुसार करने कहा है।

  • CG : मनेंद्रगढ़ में सड़क सुरक्षा सप्ताह पर जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई संपन्न

    नव्या गुप्ता ने हासिल की प्रथम स्थान

    एमसीबी, सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए | निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया।

    प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।

  • CG : 25वीं राज्य स्तरीय चार दिवसीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का हुआ भव्य आगाज

    राष्ट्रगान की बैंडधुन पर  संभागवार खिलाड़ियों के दल ने अलग अलग पोशाक में अपने ध्वज के साथ किया शानदार मार्चपास्ट

    शुभारंभ अवसर पर आकर्षक वेशभूषा में छात्र छात्राओं ने दी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति

    गौरेला पेंड्रा मरवाही, फिजिकल कॉलेज खेल मैदान पेंड्रा में 25वीं राज्य स्तरीय चार दिवसीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आज भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा एवं विशिष्ट अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। राष्ट्रगान की बैंडधुन पर प्रदेश के पांचों सभांग बस्तर, दुर्ग, रायपुर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के खिलाड़ियों के दल ने अलग अलग पोशाक में अपने ध्वज के साथ शानदार मार्चपास्ट किया। शुभारंभ अवसर पर आकर्षक वेशभूषा में छात्र छात्राओं ने लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीन खेल विधाए-जिमनास्टिक, ताइक्वांडो और क्रिकेट शामिल है।

    कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी के मार्गदर्शन में 1से 4 सितंबर तक चलने वाले इस खेल प्रतियोगिता में 675 खिलाड़ी एवं 50 कोच-मैनेजर भाग ले रहे हैं। जिमनास्टिक में 14, 17 एवम 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका, ताइक्वांडो में 14, 17 एवम 19 वर्ष आयु वर्ग की बालिका और क्रिकेट में 19 वर्ष के बालक शामिल हैं। जिमनास्टिक का आयोजन गुरुकुल जिमनास्टिक हॉल गौरेला में, ताइक्वांडो का आयोजन अटल सभागार जनपद स्कूल पेंड्रा में और क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन फिजिकल कॉलेज मैदान पेंड्रा में किया जा रहा है। 

       उदघाटन समारोह के मुख्य  अतिथि  समीरा पैकरा ने कहा कि बड़ा ही सौभाग्य की बात है। फिजिकल कॉलेज मैदान में चार दिवसी राज्य स्तरीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ हो रहा है। यहां छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से प्रतिभावान खिलाड़ी आये हैं। हमारे खिलाड़ी काफी देर से धूप में तप रहे हैं, इसी तपन से खरा सोना बनकर अपनी खेल प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करेेंगे और आने वाले समय में देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेेंगे।


    उन्होंने सभी खिलाड़ियों को ऊर्जा के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया और अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रतियोगिता का विधिवत् उद्घाटन और ध्वजोत्तोलन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ने सभी प्रतिभागियों को खेल के निर्धारित नियमों एवं विधियों का निष्ठापूर्वक पालन करने तथा देश एवं खेल के गौरव के लिए सच्चे खिलाड़ी भावना के साथ भाग लेने की शपथ दिलाई।

     जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि गौरव का विषय है कि जीपीएम जिले को राज्य स्तरी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के आतिथ्य का अवसर मिला है। मां नर्मदा के आंचल में बसे जीपीएम जिला का वातावरण खेल और शिक्षा के लिए  उत्कृष्ट रहा है। इसीलिए राज्य स्तरीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता का लगातर अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा की खिलाड़ी यहां से अच्छी और सुनहरी याद लेकर जाएंगे। हम खिलाड़ियों के सेवा भाव में किसी तरह की कमी नहीं होने देंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उजज्वाल भविष्य की कामना की। जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने स्वागत भाषण दिया किया। जिला शिक्षा अधिकारी राजनीश तिवारी ने खेल प्रतिवेदन  प्रस्तुत किया। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। उदघाटन समारोह में जिला पंचायत सदस्य पूर्णिमा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला मुकेश दुबे एवं उपाध्यक्ष रोशनी शर्मा, जनपद अध्यक्ष मरवाही जानकी खुसरो, जनपद  उपाध्यक्ष पेंड्रा निशांत तिवारी, राकेश चतुर्वेदी, अखिलेश नामदेव, तापस शर्मा, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, डिप्टी कलेक्टर देवेंद्र सिरमौर, जिला खेल अधिकारी सीमा डेविड सहित गणमान्य नागरिक, कोचेस, मैनेजर एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  •  CG : सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए 2.50 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में खड़गंवा की सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए दो करोड़ 50 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्यों के पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 297 हेक्टेयर में 145 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति होगी तथा 10 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। योजना से क्षेत्र के किसानों को कुल 307 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

  •  CG : नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए राज्य भर में कार्रवाई लगातार जारी

    रायपुर,

    नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए राज्य भर में कार्रवाई लगातार जारी

    दवाओं का दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में की गई कार्रवाइयों में कई स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित औषधियां जब्त की गईं और आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया।

       हाल ही में पंडरिया जिला कबीरधाम में प्रतिबंधित औषधि की अवैध बिक्री की सूचना पर छापा मारकर इसकी 200 स्ट्रिप जब्त की गई। वहीं रायपुर में कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और इनसे 120 नग औषधियां बरामद की गयी। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

           गरियाबंद जिले के कोपरा में चन्दन मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित नशीली दवाओं के क्रय विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितता पायी गयी। इसके पश्चात दुकान संचालक के विरूद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।

         महासमुंद में नगर पालिका कार्यालय में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नशामुक्त महासमुंद अभियान पर चर्चा हुई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में ये चर्चा की गयी कि नशे के आदि लोग अक्सर दवाइयों का गलत उपयोग करते हैं, जिससे अपराधों में वृद्धि होती है। सभी से अपील है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में किसी भी प्रकार से सहयोग न करें।

            औषधि विभाग द्वारा  जागरूकता गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बेमेतरा जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आमजन को नशा पान से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला कोंडागांव, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर,  एवं राजनांदगांव मे भी औषधि निरीक्षकों द्वारा समाज में नशीली दवायों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजन किये गए व युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गयी।
         
     एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों एवं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के प्रतिनिधियों द्वारा,  सीडीएससीओ मुंबई से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड,  पुणे की कुछ दवाइयों का विधिक सैंपल लिया गया। ये नमूने निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार एकत्र किए गए हैं तथा परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु अग्रेषित किए जाएंगे, ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित की जा सके।