• CG : मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन

    रायपुर ,07 जनवरी 2026

    मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे से जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

  • Rajnandgaon: शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय वार्षिक इंडोर–आउटडोर खेल प्रतियोगिता संपन्न


    राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के क्रीड़ा विभाग द्वारा दिनांक 05.01.2026 एवं 06.01.2026 को इंडोर एवं आउटडोर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इंडोर प्रतियोगिता के अंतर्गत टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कैरम एवं शतरंज की प्रतियोगिता एवं आउटडोर प्रतियोगिता के अंतर्गत 100 मी. दौड़, गोली चम्मच दौड़, तीन तंगड़ी दौड़, रिले रेस, स्लो साईकिल रेस, गोला फेंक, चक्र फेंक, लंबी कूद एवं प्राचार्य इलेवन विरुद्ध छात्राओं के बीच क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

    महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंजली अवधिया ने छात्राओं को शासन द्वारा दिए गए खेल सुविधाओं से अवगत कराया। साथ ही छात्राओं को अधिक से अधिक खेलों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया एवं छात्राओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने हेतु खेलकूद में हिस्सा लेने एवं प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु शुभकामनाएं दी।
    इंडोर प्रतियोगिता का परिणामों में टेबल टेनिस में प्रथम भारती कंवर (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय दिव्या शर्मा (बीएससी तृतीय सेमे.), तृतीय योगिता (बीएससी तृतीय सेमे.), बैडमिंटन में प्रथम प्रीति तारम (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय माही तुलावी (बी.कॉम प्रथम सेमे.), तृतीय देविका साहू (बीएससी तृतीय वर्ष), कैरम में प्रथम देविका साहू (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय चन्द्रा बंजारे (बीएससी तृतीय सेमे.), तृतीय संजना साहू (बीएससी तृतीय वर्ष), शतरंज में प्रथम प्रज्ञा बाम्बेश्वर (बीए तृतीय सेमे.), द्वितीय रूचिका साहू (बीएससी प्रथम सेमे.), तृतीय दिव्या शर्मा (बीएससी तृतीय सेमे.), 100 मीटर दौड़ में प्रथम अंजली निपाद (बीएससी तृतीय वर्ष), द्वितीय मंजू धुर्वे (बीएससी प्रथम सेमे.), तृतीय धनेश्वरी (बीए तृतीय सेमे.), गोली चम्मच दौड़ में  प्रथम अहिल्या (बीएससी प्रथम सेमे.), द्वितीय दिव्या शर्मा (बीएससी तृतीय सेमे.), तृतीय मिली कोरी (बीएससी तृतीय वर्ष), स्लो साईकल रेस सोना साहू (बीए प्रथम सेमे.), द्वितीय भारती साहू (बीए प्रथम सेमे.), तृतीय भारती कंवर (बीएससी तृतीय वर्ष), तीन तंगड़ी दौड़ में प्रथम वेदिका पाल (बीएससी प्रथम सेमे.) एवं ललिता (बीएससी प्रथम सेमे.), द्वितीय लोकेश्वरी (बीए तृतीय वर्ष) एवं पुनम यादव (बीएससी तृतीय वर्ष), तृतीय प्रिया पटेल (बीएससी तृतीय सेमे.) एवं अंजली निपाद (बीएससी तृतीय सेमे.), लंबी कूद में प्रथम कावेरी यादव (बीए प्रथम सेमे.), द्वितीय निलेश्वरी (बीएससी तृतीय सेमे.), तृतीय धनेश्वरी (बीए तृतीय सेमे.), गोला फेंक में प्रथम चांदनी (बीए तृतीय वर्ष), द्वितीय लोकेश्वरी (बीए तृतीय वर्ष), तृतीय कावेरी यादव (बीए प्रथम सेमे.), रिले रेस में प्रथम निकिता-सोना-भारती-कावेरी, द्वितीय लोकेश्वरी-अंजली-पूनम-प्रिया तृतीय जागृति-देविका-रोशनी-पिंकी, चक्र फेंक में प्रथम चांदनी घावड़े (बीए तृतीय वर्ष), द्वितीय रीना यादव (बीए तृतीय वर्ष) एवं तृतीय पूनम यादव (बीए तृतीय वर्ष) है।
    सभी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्राओं को मेडल एवं सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य इलेवन एवं छात्राओं के बीच हुए रोमाचंक क्रिकेट मैच में प्राचार्य इलेवन की टीम विजयी रही।
    वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता में महाविद्यालय की डॉ. निवेदिता ए. लाल, डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव, डॉ. बसंत कुमार सोनबेर, आलोक कुमार जोशी, अमरनाथ निषाद, खिलेन्द्र सोनी एवं अन्य सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, जनभागीदारी प्राध्यापक, स्ववित्तीय शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी। प्रतियोगिता के सफल संचालन में विशेष रूप से आलोक कुमार जोशी एवं समस्त सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, ज.भा.शि., स्ववित्तीय शिक्षक एवं कर्मचारियों ने सहयोग किया।
    महाविद्यालय की क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नीता एस. नायर ने प्रतियोगिता के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • राजनांदगांव : स्व-निधि योजना से आत्मनिर्भर बन रहे शहरी पथ विक्रेता, अब तक 2286 को मिला ऋण

    प्रधानमंत्री स्व निधि योजना का लाभ के लिये ऋण लेने शहरी पथ विक्रेता करे ऑनलाईन आवेदन

    राजनांदगांव 7 जनवरी। भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री स्व निधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स को निजी व्यवसाय के लिए व्यक्तिगत ऋण देकर उन्हें आत्म निभर बनाने का कार्य किया जा रहा है, योजना का क्रियान्वयन नगर निगम राजनांदगांव क्षंेत्रांतर्गत निवासरत छोटे व्यवसायियों से भी  ऑनलाईन आवेदन लिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री स्व निधि योजना का लाभ लेने निगम सीमाक्षेत्र के 3715 शहरी पथ विक्रेता एवं छोटे दुकानदारो द्वारा विभिन्न बैको में ऋण लेने ऑनलाईन आवेदन किया गया है। पात्र व्यवसायियो को बैको द्वारा 2534 प्रकरणो पर स्वीकृति प्रदान करते हुए 2286 लोगो को ऋण का वितरण कर लाभान्वित किया जा चुका है। योजनांतर्गत बैको के माध्यम से तीन स्तर में प्रथम ऋण राशि 15 हजार रूपये, प्रथम ऋण अदायगी करने पर द्वितीय ऋण रूपये 25 हजार एवं द्वितीय ऋण अदायगी करने पर तृतीय ऋण राशि 50 हजार रूपये का ऋण देने का प्रावधान है।

    योजनांतर्गत ऋण प्रकरणो में प्रथम ऋण राशि 15 हजार रूपये के लिए 1687 लोगो को, द्वितीय ऋण रूपये 25 हजार के लिए 490 लोागो को एवं तृतीय ऋण राशि 50 हजार रूपये के लिए 109 लोगो को ऋण प्रदान किया गया है, इस तरह कुल 2286 पथ विक्रेताओ एवं छोटे दुकानदारो को विभिन्न बैंको के माध्यम से ऋण वितरण किया जा चुका है। शासन दिशा निर्देशो के तहत निकाय द्वारा वर्तमान में आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा के निर्देश पर नगर निगम राजनांदगांव क्षेत्रांतर्गत शहरी पथ विक्रेताओ एवं छोटे दुकानदारो का सर्वेक्षण कार्य कराया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के संबंध में महापौर श्री मधुसूदन यादव ने बताया कि निम्न वर्ग के लोग जिनके द्वारा फेरी लगाकर या छोटा मोटा व्यवसाय कर, गुजर बसर किया जाता है, उन्हे आर्थिक संबल प्रदान करने शासन द्वारा प्रधानमंत्री स्व निधि योजना प्रारंभ किया गया है। शासन मंशा अनुरूप हमें योजनांतर्गत नियमानुसार उन्हें व्यवसाय करने ऋण प्रदान करना है। ऋण लेने के लिए ऑनलाईन आवेदन कराने के लिए आवश्यक दस्तावेंज जैसे आधार कार्ड, (मोबाईल नम्बर लिंग हो) बैंक पास बुक, मतदाता परिचय पत्र, 02 फोटो के साथ साथ मोबाईल फोन लाना अनिवार्य है। उन्होंने स्वयं के व्यवसाय हेतु ऋण प्राप्त करने की अपील की हैै।

  • 10वीं–12वीं के परिणाम सुधारने कलेक्टर सख्त, संतोषजनक परीक्षा परिणाम प्राप्त नहीं करने वाले स्कूलों के प्रति जाहिर की नाराजगी

    कलेक्टर ने प्राचार्य, बीईओ, गणित एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की ली बैठक
    – जिले के स्कूलों का परीक्षा परिणाम होना चाहिए बेहतर – कलेक्टर
    – सभी प्राचार्य शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष तौर पर ध्यान देते हुए करें कार्य
    – 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक करें कार्य

    राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में अद्र्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम सुधारने के लिए दो पालियों में जिले के प्राचार्यों, बीईओ, गणित एवं अंगे्रजी विषय के शिक्षकों की बैठक ली। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी प्राचार्यों से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष तौर पर ध्यान देते हुए कार्य करें। उन्होंने इसके लिए सभी प्राचार्यों को कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए। उन्होंने संतोषजनक परीक्षा परिणाम प्राप्त नहीं करने वाले स्कूलों के प्रति नाराजगी जाहिर की। 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट होना चाहिए। इसके लिए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कार्य योजना बनाकर प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें और अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जिले के स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर होना चाहिए। शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करते है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आते है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष तौर पर ध्यान देते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की उपस्थिति कक्षाओं में नियमित होनी चाहिए। बच्चों का सिलेबस समय पर पूर्ण कर पूर्व वर्षो के प्रश्न पत्रों को हल कराने के लिए अभ्यास कराने कहा। विद्यार्थियों के कमजोर विषय पर अवकाश के दिनों में पढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बोर्ड कक्षाओं के बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर प्रतिदिन परीक्षा की तैयारी कराने के लिए प्रश्नों को हल कराना चाहिए।

    कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने अद्र्धवार्षिक परीक्षा परिणामों की विकासखंडवार गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्कूलवार और विषयवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप परिणाम प्राप्त होना चाहिए। पढ़ाई में कमजोर बच्चों के पालकों से चर्चा कर बच्चों को प्रोत्साहित करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि बोर्ड की परीक्षा के लिए विशेष तौर पर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें। टेस्ट के माध्यम से उनकी पढ़ाई की मानिटरिंग करते रहे। बच्चों की पढ़ाई में प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने ऑनलाईन कक्षा एवं प्रश्न बैंक, कक्षा दसवीं व बारहवीं हेतु वर्ष 2025-26 का लक्ष्य वार कमजोर विषयों और 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी तथा तैयारी की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, डीएमसी श्री सतीश ब्यौहारे, परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, एडीपीओ रोहित सिन्हा,  एपीसी पी आर झाड़े, एपीसी श्री रफीक अंसारी, एपीसी श्री आदर्श वासनिक, एपीसी श्री मनोज मरकाम, एपीसी श्री केपी विश्वकर्मा, एपीसी श्रीमती प्रणिता शर्मा सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 40454 आवास निर्माण की मिली स्वीकृति

    – जिले में 23294 आवास पूर्ण एवं 14099 आवास निर्माणाधीन

    राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास विहिन एवं कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास बनाने के लिए पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 20 हजार रूपए एवं मनरेगा योजना से 90 मानव दिवस मजदूरी की सहायता दी जाती है। शासन द्वारा जिले में विगत दो वर्ष में 40454 आवास निर्माण की स्वीकृति मिली। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 30766 आवास स्वीकृत किए गए है। जिनमें से 23294 (75.71 प्रतिशत) आवास पूर्ण कर लिया गया है तथा 7472 आवास प्रगतिरत है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9688 आवास स्वीकृत किये गये है। जिसमें से 7026 हितग्राहियों को प्रथम किश्त प्रदाय किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में स्वीकृत हितग्राहियों के आवासों का समय-समय पर भूमि पूजन तथा पूर्ण हुए आवासों का हितग्राहियों के उपस्थिति में गृह प्रवेश कार्यक्रमों का आयोजन कर गृह प्रवेश कराया जा रहा है। जिले में नवाचार द्वारा एक दिवसीय अभियान का आयोजन करते हुए स्वीकृत हितग्राहियों को अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने, निर्माणाधीन आवास को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हितग्राहियों के स्वीकृत आवासों में रेन हार्वेस्टिंग के तहत सोख्ता गड्ढा का निर्माण तथा उत्कृष्ट आवास के हितग्राही एवं कम समय में आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को जिला एवं विकासखंड स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। हितग्राहियों के जीवन स्तर में वृद्धि हेतु कुशल श्रमिक के रूप में दक्ष करने हेतु ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र बरगा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से किसानों की बदली किस्मत

    – 1900 मछुवारों को दिया गया प्रशिक्षण
    – जिले में मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण
    – मत्स्य बीज उत्पादन में जिला होगा आत्मनिर्भर
    –  जिले के खदान एवं जलाशय में 21 इकाई केज लगाकर मत्स्यपालन का किया जा रहा कार्य
    – मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 3 प्रक्षेत्र एवं किसानों के निजी भूमि में 148 हेक्टेयर में 590.166 लाख रूपए की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखर किए गए निर्मित

    राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से जिले में मत्स्य क्रान्ति की नींव रखी गई है। इस योजना से किसानों एवं मछुवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आधुनिक तकनीकों केज कल्चर, पॉण्ड बायोफ्लॉक एवं तालाब निर्माण को बढ़ावा देकर मत्स्योत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है। मछुवा परिवारों को आदान सामग्री मछली बीज, जाल, आइस बॉक्स, मोटर सायकल, पिकअप वाहन सुविधाएं प्रदान की गई है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना अन्तर्गत मछुवारों को सस्ती एवं सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराया जा रही है। मछली पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी के लिए 1900 मछुवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिले में मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण, जिससे मत्स्य बीज उत्पादन में जिला आत्मनिर्भर होगा। जिले में मछली बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि एवं मत्स्योत्पादन में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिले के खदान एवं जलाशय में 21 इकाई केज लगाकर मत्स्यपालन का कार्य किया जा रहा है। मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 3 प्रक्षेत्र एवं किसानों के निजी भूमि में 148 हेक्टेयर में 590.166 लाख रूपए की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखर निर्मित किए गए। जिससे जिले में कुल 2500 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए है। 11471 मछुवा हितग्राहियों को नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, 1900 हितग्राहियों को प्रशिक्षण एवं 450 हितग्राहियों को मछली जाल, ऑइस बॉक्स, मछली बीज प्रदाय किया गया है। इस प्रकार पिछले 2 वर्षों में जिले में मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर बदली है और किसानों की आय, रोजगार एवं मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई।

  • Rajnandgaon: एकीकृत किसान पोर्टल में 15 जनवरी तक कैरी फारवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन

    त्रुटि पूर्ण आधार के प्रकरण में पूर्ण पंजीयन निरस्त कर नवीन पंजीयन किया जाएगा
    – 31 जनवरी तक सभी प्रकार के संशोधन कार्य किए जाएंगे

    राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन उपरांत विवरण संशोधन का प्रावधान समस्त समितियों में समिति लॉगिन किया गया है। इसके अलावा खसरा व रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण की प्रविष्टि, नवीन पंजीयन, रकबा संशोधन अन्य कार्रवाई हेतु कृषकों से अपील की जा रही है। एकीकृत किसान पोर्टल में 15 जनवरी 2026 तक कैरी फारवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन, त्रुटि पूर्ण आधार के प्रकरण में पूर्ण पंजीयन निरस्त कर नवीन पंजीयन, राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर कलेक्टर की अनुशंसा पर नवीन पंजीयन तथा 31 जनवरी 2026 तक सभी प्रकार के संशोधन कार्य हेतु सभी समितियों में समिति लॉगिन में प्रावधान किया जा रहा है।

    कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया सम्मानित

    राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिला पंचायत सभाकक्ष में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, कार्यक्रम अधिकारी एवं आवास मित्र को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रही। कार्यक्रम में भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।

    कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य जिले की दीर्घकालीन आवश्यकताओं से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आवास विहिन एवं कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आवास मित्रों की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह केवल सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य में और अधिक समर्पण एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी है। इस अवसर पर अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • CG: मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में बिलासपुर को राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

    डबल इंजन सरकार का निर्णायक कदम — बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बिलासपुर के विकास का नया रोडमैप तय

    राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर बिलासपुर को प्रमुख स्थान दिलाने की बड़ी शुरुआत: केंद्र–राज्य समन्वय से बिलासपुर के विकास को मिली नई रफ्तार

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रस्तुत किया बिलासपुर का 15 वर्षीय विकास विज़न

    रायपुर,  6 जनवरी 2026

    छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अमर अग्रवाल , विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर  उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर—दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।

    बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। 

    केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा।

    बैठक में बताया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है।

    बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी पहल की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    यह भी पढे़ : बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

  • CG : गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन

    रायपुर, 06 जनवरी 2026

    गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन
    गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन
    गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन

    राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तीसरे बजट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट निर्माण को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में गृह विभाग से संबद्ध पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान तथा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार इकाइयों के विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी विभागों से प्राप्त बजट अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गई।

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट निर्माण में मितव्ययता और प्राथमिकताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक व्ययों पर नियंत्रण रखते हुए कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पुलिस बल की क्षमता वृद्धि, आवास एवं आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण, जेल सुधार तथा अभियोजन की प्रभावशीलता जैसे आवश्यक मदों के लिए पर्याप्त और समयोचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ।

    उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट प्रस्ताव परिणामोन्मुखी हों और उनसे जनसुरक्षा, त्वरित न्याय, तथा सेवा-प्रदाय की गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने प्रस्तावों में स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित परिणाम और व्यय-लाभ विश्लेषण का समावेश करें।

    बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस बैठक में एसीएस श्री मनोज पिंगुआ, डीजीपी श्री अरूण कुमार गौतम, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सचिव श्री रमेश शर्मा, सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस श्री प्रदीप गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनीष शर्मा, संचालक अग्निश्मन श्री चन्द्र मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।रायपुर : गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन

    यह भी पढे़ :  CG.जिले में स्वरोजगार एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए शासन की योजनाओं का हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन

  • बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

    न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा

    रायपुर, 06 जनवरी 2025

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। श्री साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

    बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

    इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) – रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

    बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

    यह भी पढे़ : एक धड़कन, जिसने ज़िंदगी बदल दी – प्रोजेक्ट धड़कन के तहत ईलाज से मिली अरमान को हृदय रोग से मुक्ति

  • स्कूल में 17 बच्चे ज़हर के असर से अचानक बीमार, स्कूल परिसर के पास उगे जहरीले फल खाने से बिगड़ी हालत, स्कूल में 17 बच्चे बीमार, डीईओ बोले – मुझे जानकारी नहीं थी

    खैरागढ़ जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे एक-एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही मिनटों में स्कूल का माहौल डर और अफरा-तफरी में बदल गया। शिक्षक और स्टाफ समझ ही नहीं पाए कि अचानक बच्चों के साथ क्या हो रहा है।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने से पहले कुछ बच्चे परिसर के आसपास उगे रतनजोत नामक जहरीले पौधे का फल खा बैठे थे। बच्चों को इसके जहरीले प्रभाव का अंदाज़ा नहीं था। प्रार्थना सभा के दौरान अचानक ज़हर का असर शुरू हुआ और 16 से 17 बच्चे बीमार पड़ गए

    हालात बिगड़ते देख सभी बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, चार बच्चों पर ज़हर का असर अधिक देखा गया है, जबकि अन्य बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे खैरागढ़ रेफर किया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में बच्चों की हालत को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिले के जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी को घटना की जानकारी तक नहीं थी। जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा,

    “मुझे इस घटना की जानकारी नहीं थी, मीडिया के माध्यम से पता चला है। जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

    जिला शिक्षा अधिकारी का इस तरह घटना से अनभिज्ञ होना स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था, निरीक्षण प्रणाली और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है

    स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर और आसपास मौजूद सभी जहरीले पौधों को तत्काल हटाने, लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह पूरा मामला खैरागढ़ जिले के करमतरा शासकीय प्राथमिक स्कूल का है, जहां एक छोटी सी अनदेखी मासूम बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गई।

    यह भी पढे़ : Rajnandgaon News: Mamta Nagar में पुलिसकर्मी पर कुत्ते के बच्चे को मारने का आरोप, Video Viral से हंगामा

  • एक धड़कन, जिसने ज़िंदगी बदल दी – प्रोजेक्ट धड़कन के तहत ईलाज से मिली अरमान को हृदय रोग से मुक्ति

    श्रुति सिंह, उप संचालक,
    धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क

    रायपुर, 6 जनवरी 2026/ गांव में मितानिन ने एक दिन कहा था, “आपके बच्चे की धड़कन बाकी बच्चों से तेज है,” यह वाक्य आज भी श्रीमती रजनी यादव के कानों में गूंजता है। वे बोलते-बोलते रो पड़ती हैं, “हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया३ अब लगता है, क्यों नहीं दिया!”

    गोगांव, रायपुर की रहने वाली श्रीमती रजनी यादव का तीसरा बेटा अरमान, अपने दोनों बड़े भाईयों और दोस्तों के साथ हंसता-खेलता बड़ा हो रहा था। कभी पिट्टूल खेलता, कभी दौड़ लगाता, सब कुछ सामान्य लगता था। बस बार-बार होने वाला सर्दी-बुखार माता- पिता को थोड़ा परेशान जरूर करता था, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि उस मासूम सी हंसी के पीछे एक गंभीर खतरा छिपा है। फिर 13 दिसंबर 2025 का दिन आया। सरोरा स्थित शासकीय स्कूल में, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार पहुँची चिरायु टीम ने जब बच्चों की जांच शुरू की, तो अरमान की बारी पर डॉक्टर ठिठक गए। उसके हृदय की धड़कन सामान्य नहीं थी। यही वह पल था, जिसने एक परिवार की ज़िंदगी की दिशा बदल दी।

    एक धड़कन, जिसने ज़िंदगी बदल दी – प्रोजेक्ट धड़कन के तहत ईलाज से मिली अरमान को हृदय रोग से मुक्ति


    प्रोजेक्ट धड़कन छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की एक स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों (Congenital Heart Diseases – CHDs) का जल्द पता लगाना और उनका मुफ्त इलाज कराना है, जिसमें श्री सत्य साई हॉस्पिटल और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं, विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की जांच की जाती है और उन्हें आवश्यक डिजिटल उपकरण (जैसे स्टेथोस्कोप) प्रदान किए जाते हैं। टीम अरमान को तत्काल श्री सत्य साईं नारायण अस्पताल, नया रायपुर लेकर गई। विस्तृत जांच हुई और रिपोर्ट ने माता-पिता के पैरों तले ज़मीन खिसका दी। अरमान के दिल में 18 मिमी का छेद था। डॉक्टरों ने बिना देर किए कहा, “ऑपरेशन जरूरी है।” ईंट-भट्ठे में काम करने वाले पिता श्री रंगनाथ यादव और मां रजनी के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा था कि पैसे का इंतजाम कैसे होगा?

    एक धड़कन, जिसने ज़िंदगी बदल दी – प्रोजेक्ट धड़कन के तहत ईलाज से मिली अरमान को हृदय रोग से मुक्ति

    बच्चा का स्वास्थ्य, उसका भविष्य कैसा होगा? लेकिन उस घड़ी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। चिरायु टीम की सलाह पर भरोसा किया और अपने बेटे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। ज़िला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के अंतर्गत 28 दिसंबर 2025 को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में अरमान का जटिल हृदय ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क सफलतापूर्वक किया गया। लगातार निगरानी और देखभाल के बाद कुछ ही दिनों में वह डिस्चार्ज होकर घर वापिस आ गया।

    आज जब अरमान पिट्टूल खेलता है, दोस्तों के पीछे भागता है, तो यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि सिर्फ एक हफ्ते पहले वह अस्पताल में एक जटिल सर्जरी प्रक्रिया से गुजर रहा था। चिरायु टीम द्वारा लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अरमान की सेहत में उल्लेखनीय सुधार है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। उसके चेहरे की मुस्कान आज सिर्फ उसके परिवार की नहीं, पूरे मोहल्ले की खुशी बन गई है।

    भावुक होकर श्रीमती रजनी यादव कहती हैं, “अगर समय पर जांच और ईलाज नहीं मिलता, तो शायद आज मेरा बच्चा मेरे सामने न होता।” वहीं पिता श्री रंगनाथ यादव कहते हैं, ष्मेरे पास न पैसा था, न साधन३ लेकिन प्रोजेक्ट धड़कन ने मेरे बेटे को नई ज़िंदगी दे दी।” आज अरमान केवल अपने माता-पिता का सहारा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आशा, विश्वास और समय पर मिली मदद की ताकत का प्रतीक बन चुका है। रजनी और रंगनाथ, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ज़िला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते नहीं थकते।

    यह कहानी सिर्फ एक बच्चे के बचने की नहीं है – यह कहानी है संवेदनशील शासन, समय पर हस्तक्षेप और उस भरोसे की, जो एक मासूम दिल को फिर से धड़कने का मौका दे सका।

    यह भी पढे़ : समाज कल्याण की योजनाओं से लाखों जरूरतमंदों को मिला संबल: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

  • Raipur Crime News: OPERATION NISCHAY में बड़ी कामयाबी, 17,808 नशीली टेबलेट जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार

    रायपुर।
    रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “OPERATION NISCHAY” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। मेडिकल दवाइयों की आड़ में चल रहे नशीली टेबलेट सप्लाई सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 17,808 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट जब्त की हैं। कार्रवाई में 04 मेडिकल स्टोर संचालक और 01 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सहित कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    मेडिकल स्टोर्स से हो रही थी अवैध बिक्री

    पुलिस जांच में सामने आया कि पुरानी बस्ती, टिकरापारा, खमतराई और धरसींवा थाना क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोर्स बिना वैध दस्तावेज के प्रतिबंधित नशीली टेबलेट का अवैध विक्रय कर रहे थे। प्रशासन ने संबंधित सभी मेडिकल स्टोर्स को सील करने और उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    कोरियर और बस से होती थी अंतर्राज्यीय तस्करी

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि नशीली टेबलेट अन्य राज्यों से कोरियर और बस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से रायपुर लाई जा रही थीं। पुलिस अब कोरियर कंपनियों और बस संचालकों की भूमिका की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

    1 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने

    • टाटा सफारी कार (CG-04-Q-0513)
    • 05 मोबाइल फोन
      भी जब्त किए हैं। जप्त मशरूका की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    मामले में थाना पुरानी बस्ती में अपराध क्रमांक 10/26, धारा 21(सी), 29 NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    कैसे हुआ खुलासा

    दिनांक 05.01.2026 को एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना मिली कि कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर में अवैध रूप से नशीली टेबलेट बेची जा रही हैं। पुलिस ने टेस्ट पर्चेस के जरिए पुष्टि की और तत्पश्चात रेड की। पूछताछ में सप्लाई चैन का खुलासा होने पर अलग-अलग टीमों ने शहर के अन्य मेडिकल स्टोर्स पर एक साथ दबिश दी।

    रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और डीआईजी/एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चल रहे OPERATION NISCHAY के तहत रायपुर पुलिस इंटेलिजेंस-ड्रिवन और माइक्रो-लेवल सर्विलांस के जरिए नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी है।

    सील किए जाने वाले मेडिकल स्टोर

    • रत्ना मेडिकल स्टोर – कुशालपुर, पुरानी बस्ती
    • काव्या मेडिकोज – टिकरापारा
    • प्यारी लक्ष्मी मेडिकल स्टोर – भनपुरी, खमतराई
    • भरोसा मेडिकल स्टोर – सांकरा, धरसींवा

    गिरफ्तार आरोपी

    • कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज (31) – पुरानी बस्ती
    • आनंद शर्मा (45) – न्यू चंगोराभाठा (MR)
    • धीमन मजूमदार (31) – टिकरापारा
    • राहुल वर्मा (26) – खमतराई
    • मोह. अकबर (29) – धरसींवा

    पुलिस के अनुसार एक अंतर्राज्यीय आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

    यह भी पढे़ : Rajnandgaon News: Mamta Nagar में पुलिसकर्मी पर कुत्ते के बच्चे को मारने का आरोप, Video Viral से हंगामा

  • Rajnandgaon News: Mamta Nagar में पुलिसकर्मी पर कुत्ते के बच्चे को मारने का आरोप, Video Viral से हंगामा

    राजनांदगांव।
    शहर के ममता नगर गली नंबर–1 में एक पुलिसकर्मी पर कुत्ते के बच्चे को बेरहमी से मारने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।

    क्या है पूरा मामला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ममता नगर निवासी एक पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने अपने घर के पास कुत्ते के छोटे से बच्चे को लकड़ी से पीटकर मार डाला। इसी दौरान एक पड़ोसी ने घटना का वीडियो बना लिया। आरोप है कि वीडियो बनाए जाने पर पुलिसकर्मी ने आसपास मौजूद लोगों को धमकाया, जिससे विवाद बढ़ गया।

    Video Viral होते ही भड़के लोग

    घटना का वीडियो मोहल्ले के WhatsApp Group में वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया।

    Police on Spot, स्थिति नियंत्रण में

    सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में तनाव बना रहा, हालांकि पुलिस लगातार समझाइश में जुटी हुई है।

    Animal Cruelty Law के तहत कार्रवाई की मांग

    स्थानीय निवासियों ने कहा कि यह मामला पशु क्रूरता निवारण कानून से जुड़ा है और इसमें दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

    यह भी पढे़ : CG स्कूल छुट्टी ब्रेकिंग: कड़ाके की ठंड के चलते इस जिले में स्कूलों में अवकाश, डीईओ ने जारी किया आदेश

  • CG स्कूल छुट्टी ब्रेकिंग: कड़ाके की ठंड के चलते इस जिले में स्कूलों में अवकाश, डीईओ ने जारी किया आदेश

    Chhattisgarh School Closed News
    छत्तीसगढ़ में बढ़ती ठंड ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर की चेतावनी के बीच शिक्षा विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है।

    मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार 6 जनवरी को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में केवल छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश रहेगा।

    हालांकि, इस अवकाश से कक्षा 10वीं और 12वीं के वे छात्र बाहर रहेंगे, जिनकी प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं चल रही हैं। उनके लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं आयोजित होंगी। वहीं, शिक्षक एवं अन्य स्कूल कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचेंगे और शासकीय कार्यों का निर्वहन करेंगे।

    यह भी पढे़ : CG स्कूल अलर्ट: कुत्तों के हमलों से दहशत, शिक्षा विभाग ने मांगी प्रशासन से मदद….

    CG स्कूल छुट्टी ब्रेकिंग: कड़ाके की ठंड के चलते इस जिले में स्कूलों में अवकाश, डीईओ ने जारी किया आदेश
    CG स्कूल छुट्टी ब्रेकिंग: कड़ाके की ठंड के चलते इस जिले में स्कूलों में अवकाश, डीईओ ने जारी किया आदेश

  •  CG.जिले में स्वरोजगार एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए शासन की योजनाओं का हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन

    राजनांदगांव जिले में स्वरोजगार एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा विभिन्न केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजनाओं के माध्यम से विगत दो वर्षों में बड़ी संख्या में हितग्राहियों को ऋण एवं सब्सिडी का लाभ प्रदान किया गया है। साथ ही जिले में स्थापित नए सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद उद्योगों के माध्यम से न केवल उल्लेखनीय पूंजी निवेश हुआ है, बल्कि सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी)

        प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना अंतर्गत विगत दो वर्षों में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव द्वारा कुल 102 हितग्राहियों को ऋण प्रदान किया गया है। योजना अंतर्गत हिग्राहियों को कुल 271.32 लाख रूपए की सब्सिडी प्रदान की गयी है। 

    प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई)

        प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजनांतर्गत विगत दो वर्षों में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव द्वारा कुल 48 हितग्राहियों को ऋण प्रदान किया गया है। योजना अंतर्गत हिग्राहियों को कुल 223.73 लाख रूपए की सब्सिडी प्रदान की गयी है। 

    57 उद्योगों की स्थापना से 720 व्यक्तियों को मिल रहा रोजगार

        जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव अंतर्गत विगत दो वर्षों में 9 सूक्ष्म उद्योग, 40 लघु उद्योग, 5 मध्यम उद्योग तथा 3 वृहद उद्योग कुल 57 उद्योगों की स्थापना हुई है। इन उद्योगों से 720 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। इसके तहत 9 सूक्ष्म उद्योग से 1107.39 लाख रूपए का पूंजी निवेश हुआ है तथा 37 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। 40 लघु उद्योग से 8443.33 लाख रूपए का पूंजी निवेश हुआ है तथा 337 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। 5 मध्यम उद्योग से 5074.85 लाख रूपए का पूंजी निवेश हुआ है तथा 48 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। 3 वृहद उद्योग से 6464.61 लाख रूपए का पूंजी निवेश हुआ है तथा 298 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। 

  • CG.ऊर्जा पार्क में रंग-बिरंगे म्यूजिकल फाउंटेन की बिखरी मोहक छटा

    धानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर ऊर्जा पार्क में म्यूजिकल फाउंटेन पुन: प्रारंभ

        राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा)  के गौरव पथ स्थित ऊर्जा पार्क में शाम 6.30 बजे से शाम 7.30 बजे तक नागरिकों के लिए म्यूजिकल फाउंटेन प्रारंभ हो गया है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर ऊर्जा पार्क में पुन: म्यूजिकल फाउंटेन प्रारंभ किया गया है। रंग-बिरंगे म्यूजिकल फाउंटेन की मोहक रोशनी एवं दृश्य को देखने बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग ऊर्जा पार्क पहुंच रहे हैं।

  • CG : आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर

    राजनांदगांव .जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड और आयुष्मान कार्ड में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। 
        जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत बना कर उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। इसी तरह आयुष्मान कार्ड पंजीयन लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने में राज्य में जिला राजनांदगांव प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले के कुल 25 हजार 88 वरिष्ठ 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड हेतु पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य कुल 9 लाख 52 हजार 546 के विरूद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत है। 
        स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदाय करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख तक का मुफ्त, कैशलेस और पेपरलेस इलाज प्रदान किया जा रहा है। शासन की एक बड़ी स्वास्थ्य बीमा पहल है जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है। 

  • समाज कल्याण की योजनाओं से लाखों जरूरतमंदों को मिला संबल: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

    समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछले दो वर्षों में समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक एवं प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा उभयलिंगी व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास और आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत 22 लाख से अधिक हितग्राहियों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश को डीबीटी के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड, छात्रवृत्ति, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, विवाह प्रोत्साहन योजना और विशेष शिक्षण संस्थानों के माध्यम से हजारों दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से अब तक लाखों वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराई गई है।

    प्रेस वार्ता में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि नशामुक्ति, उभयलिंगी व्यक्तियों के सशक्तिकरण, वृद्धाश्रम संचालन, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुनर्वास तथा ‘सियान हेल्पलाईन’ जैसी पहलों से समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और समाज कल्याण विभाग की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।

  • CG : भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती परीक्षाओं को पूर्ण करने के लिए की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

    रायपुर, 5 जनवरी 2026

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में आयोजित हो रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए शासन की प्रतिबद्धता है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती परीक्षाएँ पारदर्शी ढंग से आयोजित की जाएँ तथा परीक्षा प्रणाली को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे, इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी सभी उपायों पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे राज्य में भर्ती प्रणाली अधिक सरल, न्यायोचित और समयबद्ध बनेगी। बैठक में पुलिस बल सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई और चयन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में समान अहर्ता वाले पदों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाएँ आयोजित किए जाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। समान पात्रता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विभागों को समय पर मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

    पीएससी की परीक्षा प्रणाली को और अधिक समकालीन, पारदर्शी तथा अभ्यर्थी हितैषी बनाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। यह भी विचार किया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को वर्तमान आवश्यकताओं एवं समसामयिक विषयों के अनुरूप और अधिक प्रासंगिक बनाया जाए।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर.पी. कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • CG.डीएसआईआर ने धमतरी जिले की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु एनआईटी रायपुर को STREE परियोजना की स्वीकृत

    ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण एवं  विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर को STREE (महिलाओं की आर्थिक वृद्धि को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के माध्यम से कौशल विकास) परियोजना स्वीकृत की है। इस परियोजना की स्वीकृति का हस्ताक्षर समारोह 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जितेंद्र सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।

    यह पहल एनआईटी रायपुर की कंपनी एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत महिलाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास एवं उपयोग कार्यक्रम (TDUPW) के तहत समर्थित इस परियोजना के लिए 36 माह की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना करना है, जिसके माध्यम से तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

    परियोजना को धमतरी जिला प्रशासन से  श्री अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी,  श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला पंचायत, डॉ. शैलेंद्र सिंह, सहायक निदेशक, CSSDA एवं जिला अधिकारी, तथा श्री जय वर्मा, DPM, CGSRLM शामिल हैं, जो स्थानीय समन्वय एवं व्यापक जनपहुंच सुनिश्चित करेंगे।

    एनआईटी रायपुर की ओर से इस परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव द्वारा किया जा रहा है।परियोजना का नेतृत्व डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक एवं प्रधान अन्वेषक कर रहे हैं। उनके साथ श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव एवं सह-प्रधान अन्वेषक एवं प्रभारी अधिकारी, NITRRFIE के रूप में जुड़े हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की ओर से डॉ. विपिन शुक्ला, वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार तथा A2K+ के प्रमुख, तथा डॉ. वंदना कालिया, वैज्ञानिक ‘एफ’ इस परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    समारोह में डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी रायपुर एवं STREE परियोजना के प्रधान अन्वेषक उपस्थित थे, जो शिक्षा जगत, सरकार एवं जिला प्रशासन के बीच सुदृढ़ सहयोग का प्रतीक है।

    STREE परियोजना ग्रामीण महिलाओं के समग्र कौशल विकास पर केंद्रित रहेगी। इसके अंतर्गत कोसा (कोकून) रेशम से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण, आधुनिक बुनाई तकनीकें, उत्पाद डिजाइन एवं विकास, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा बाजार संपर्क सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से हाशिये पर बसे एवं कृषि-आधारित समुदायों को लक्षित करती है, जिसका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों का सृजन और सतत आजीविका के नए अवसर प्रदान करना है।

    एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि –
    “केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह की विशिष्ट उपस्थिति में STREE परियोजना की स्वीकृति का समारोह समावेशी नवाचार और महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में एनआईटी रायपुर के लिए एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। STREE परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए सतत और स्केलेबल समाधान बनाने हेतु अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को जमीनी स्तर के विकास के साथ एकीकृत करने की हमारी दृष्टि को साकार करती है।”

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि “STREE (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना का एनआईटी रायपुर को स्वीकृत होना छत्तीसगढ़, विशेषकर धमतरी जिले की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना तथा अगले तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को कोसा रेशम फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता और बाजार संपर्क जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर यह पहल महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों और सतत आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नेतृत्व में विकास और समावेशी प्रगति की हमारी दृष्टि के अनुरूप है।”