• CG : राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर किया नमन


    रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री  भारत रत्न  अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया।
        डेका ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, वाणी और आचरण से लोकतांत्रिक मूल्यों को नई ऊँचाई दी। वे एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ प्रभावशाली वक्ता, संवेदनशील लेखक और बहुआयामी प्रतिभा के धनी जननायक थे।
        राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाना उनके दूरदर्शी नेतृत्व और प्रशासनिक मूल्यों का प्रतीक है। सुशासन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के आदर्श,ईमानदारी, राष्ट्रहित और जनसेवा की उनकी प्रतिबद्धता आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने नागरिकों से इन आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

  • CG : अस्पतालों में अवकाश के दिनों में भी इमरजेंसी सेवाएं रहती हैं बहाल

    रायपुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर ने बताया है कि शासन के नियमानुसार रविवार और अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन ओपीडी का संचालन निरंतर किया जाता है। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन OPD मुख्य आपातकालीन कक्ष से संचालित किया जाता है। इस दौरान ड्यूटी पर चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और अन्य आवश्यक स्टाफ उपस्थित रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अवकाश के दिनों में नियमित ओपीडी बंद रहती है, लेकिन आपातकालीन मामलों में मरीजों को अटेंड किया जाता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहती है ।

    अस्पतालों में जांच सुविधाओं के बारे में सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि नियमानुसार 24×7 पैथोलॉजी जांच की सेवा केवल जिला अस्पतालों में अनिवार्य होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को अवकाश के चलते एक्स-रे, सोनोग्राफी और अन्य नियमित पैथोलॉजी लैब की सेवाएं उपलब्ध नहीं रहती हैं । उन्होंने जानकारी दी है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में भी  रविवार और अवकाश के दिनों में प्रसव सुविधाएं सुचारू रूप से जारी रहती हैं।

  • CG : आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बढ़ा सुविधाओं का दायरा; मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से सुधरी स्वास्थ्य व्यवस्था

    रायपुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), राजनांदगांव ने जानकारी देते हुए कहा है कि नगर निगम क्षेत्र के शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आम जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग के अनुसार, नगर निगम के 51 वार्डों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से इन केंद्रों की स्थापना की गई है, जहाँ आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण कर निरंतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं । पूर्व में संचालित केंद्रों में जहाँ केवल एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात होती थी, वहीं अब सेटअप में वृद्धि कर उच्च योग्यताधारी मेडिकल ऑफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की गई है, जिससे ओ.पी.डी. की संख्या में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है ।

    दवाओं की उपलब्धता के बारे में विभाग ने बताया कि शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बी.पी., शुगर और अन्य आवश्यक दवाओं की आपूर्ति नजदीकी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर, मोतीपुर और लखोली के माध्यम से की जा रही है । इसके अतिरिक्त, सी.जी.एम.एस.सी. द्वारा प्रदाय की जाने वाली दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं । विभाग का कहना है कि दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता के लिए तकनीकी कमियों को दूर कर गैप विश्लेषण के माध्यम से सर्विस डिलीवरी में सुधार किया जा रहा है ।

    स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर विभाग ने जानकारी दी है कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणीकरण प्राप्त है, जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का परिचायक है । इन केंद्रों में मातृत्व शिशु स्वास्थ्य, ई-संजीवनी, फिजियोथैरेपी, लैब जांच और फार्मेसी जैसी सेवाएं अनवरत दी जा रही हैं । साथ ही, जिला चिकित्सालय में संचालित “हमर लैब” के माध्यम से विभिन्न प्रकार की लैब जांच की सुविधाएं भी निरंतर जारी हैं ।

  • CG : तुरंगा जलाशय के कार्यों के लिए 1.90 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायगढ़ जिले के विकासखण्ड-पुसौर अंतर्गत तुरंग जलाशय का जलद्धार निर्माण एवं मुख्य बांध के उन्नयन कार्यों के लिए 1 करोड़ 90 लाख 82 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। सिंचाई योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूरा हो जाने पर योजना की रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित हैं। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने हेतु मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • CG : सोनकछार जलाशय योजना के लिए 45.83 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विकासखण्ड-गौरेला के अंतर्गत सोनकछार जलाशय योजना  के निर्माण कार्यों के लिए 45 करोड़ 83 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना से करीब 800 हेक्टेयर खरीफ एवं 800 हेेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों के लिए क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के निर्माण कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • CG : राज्यपाल ने क्रिसमस पर्व पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिवस क्रिसमस के अवसर पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी हैं।

    अपने शुभकामना संदेश में राज्यपाल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने प्रेम, करुणा, क्षमा और समानता जैसे मूल्यों को समाज के केंद्र में रखा। प्रभु यीशु ने मानव सेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और गरीबों, वंचितों तथा जरूरतमंदों की सेवा का संदेश दिया।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाएं आज भी समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करती हैं। उनके विचार सदैव मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।

  • CG : उद्यानिकी प्रशिक्षण से सशक्त होंगे किसान और युवा

    हरित समृद्धि की ओर मजबूत कदम

    रायपुर,

     उद्यानिकी प्रशिक्षण से सशक्त होंगे किसान और युवा

    किसानों एवं स्थानीय युवक- युवतियों को उद्यानिकी क्षेत्र में सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन सप्ताह पर  विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जो भविष्य में जिले की उद्यानिकी को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा। सूरजपुर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की गई है। जिला खनिज न्यास डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग से उद्यानिकी के क्षेत्र में किया जा रहा है l 

     उद्यानिकी प्रशिक्षण से सशक्त होंगे किसान और युवा

    सब्जियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए ग्राफ्टिंग कारगर पद्धति

             ग्राफ्टिंग के माध्यम से एक ही पौधे में बैंगन और टमाटर पैदा करने की एक नवीन तकनीक अंतर-विशिष्ट ग्राफ्टिंग, जैविक और अजैविक तनावों के प्रति सहनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ सब्जियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक आशाजनक रूप में उभरी है।

    ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन का किसानों को प्रशिक्षण

            मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशन में सूरजपुर जिले में ग्राफ्टेड टमाटर, बैंगन एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सब्जियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में किसानों को नई ताकत मिलेगी।

    ग्राफ्टेड पौधे तैयार करने के लिए कौशल विकास आधारित माली प्रशिक्षण

              अब तक जिले के किसानों को ग्राफ्टेड पौधों के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय, लागत और उपलब्धता की समस्याएं सामने आती थीं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में ही ग्राफ्टेड पौधे तैयार करने के लिए कौशल विकास आधारित माली प्रशिक्षण योजना लागू की है, जिससे किसानों की बाहरी निर्भरता कम होगी।

    डीएमएफ निधि से उद्यानिकी विभाग को माली प्रशिक्षण हेतु राशि उपलब्ध

              इस उद्देश्य से कलेक्टर एस. जयवर्धन द्वारा डीएमएफ निधि से उद्यानिकी विभाग को माली प्रशिक्षण हेतु राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अंतर्गत जिले की दो प्रमुख शासकीय उद्यान रोपणियां शासकीय उद्यान दतिमा, विकासखंड सूरजपुर और शासकीय उद्यान खोरमा, विकासखंड प्रतापपुर में 30-30 कुल 60 हितग्राहियों (किसान एवं स्थानीय युवक-युवतियां) को निःशुल्क माली प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना उद्देश्य

              प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को कटिंग, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग द्वारा पौधा तैयार करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उद्यानिकी टूल-किट भी प्रदान की जाएगी, ताकि प्रशिक्षित हितग्राही तुरंत अपने कार्य की शुरुआत कर सकें।

    रोजगार सृजन, उत्पादन वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

         यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में रोजगार सृजन, उत्पादन वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवक-युवतियों के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही ग्राफ्टेड पौधों की सुलभ उपलब्धता, लागत में कमी, गुणवत्ता में सुधार और उद्यानिकी उत्पादन में वृद्धि जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

  • CG : गुरू ख़ुशवंत साहेब, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार तथा कौशल विकास विभाग की प्रेस वार्ता

    रायपुर,

    श्री गुरू ख़ुशवंत साहेब, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन

    प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास और समन्वय स्थापित करने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग सदैव प्रयासरत है। वर्तमान में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत 29 इंजीनियरिंग महाविद्यालय तथा 53 पॉलिटेक्निक संस्थाए एवं 101 फार्मेसी संस्थाए संचालित है। जिनमे इंजीनियरिंग संस्थानों में स्नातक स्तर के 30 पाठ्यक्रम, स्नातकोत्तर स्तर पर 36 तथा पॉलिटेक्निक संस्थाओं में डिप्लोमा स्तर के 21 त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम संचालित है। जिसमे लगभग 60 हजार छात्र-छात्राए अध्ययनरत है । विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    श्री गुरू ख़ुशवंत साहेब, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन

          सत्र 2025-26 से आई. आई.टी. के तर्ज पर शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओ एवं शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय को उन्नयन करते हुए इंमर्जिंग ब्रांच (रोबोटिक्स, इन्टरनेट ऑफ थिंग्स इत्यादी) के साथ 04 छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है एवं जल्द ही रायपुर बिलासपुर तथा दुर्ग में छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की जावेगी।

          छत्तीसगढ़ के युवाओं के बीच नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य में i-Hub बनाने हेतु छत्तीसगढ़ शासन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग एवं i-Hub गुजरात के साथ MoU का निष्पादन किया गया एवं शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में i-Hub की स्थापना की गई। जिसमें प्रदेश के छात्र/छात्राओं को Startup एवं Innovation संबंधी मार्गदर्शन प्रदाय किया जा रहा है।

    श्री गुरू ख़ुशवंत साहेब, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन

            तकनीकी शिक्षा संस्थाओंके छात्र/छात्राओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु Apanatech. pvt.Ltd. के साथ विभाग द्वारा MoU हस्ताक्षर किया गया है तथा छात्र/छात्राओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण प्रदाय किये जाने हेतु CSRBOX.pvt.ltd के साथ विभाग द्वारा MoU इस्ताक्षर किया गया है तथा छात्र/छात्राओं को आत्मनिर्भर किये जाने हेतु उनके द्वारा किये जाने वाले Startup एवं Innovation के प्रोजेक्ट को उद्योग में उपयोग किये जाने हेतु CII एवं YI समूह से विभाग द्वारा द्वारा MoUहस्ताक्षर किया गया है।

           तकनीकी शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में सत्र 2025-26 से छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किया गया है। 

           छत्तीसगढ़ राज्य के तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शिक्षा ग्रहण करने वाले निर्धन परिवार के विद्यार्थियों जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख तक है उन्हें 4 लाख तक की शिक्षा ऋण में बैंकों द्वारा ली जाने वाली व्याज दर को दृष्टीगत रखते हुए विद्यार्थियों को व्याज अनुदान प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना लागु की गई है। आज दिनांक तक 11643 विद्यार्थियों को 22.53 करोड़ की ब्याज में अनुदान प्रदान की जा चुकी है।

              शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत प्रथम श्रेणी के 204 शिक्षकों को कैरियर संवर्धन योजना के तहत लेवल 9A से 10 मं  प्रोन्नत किया गया ।

            शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत 116 तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं 205 समयमान वेतनमान प्रदान की गई है। इसी प्रकार 05 चतुर्थ श्रेणीके कर्मचारियों को पदोन्नति एवं 115 समयमान-वेतनमान प्रदान की गई है। 

    केन्द्र शासन की योजनाओं में प्रशिक्षण 

    योजनाओं की जानकारी

    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0
    वित्तीय वर्ष 24-25 में 3326 युवाओं का प्रशिक्षण (1504 महिला तथा 1822 पुरुष)

    पी. एम. विश्वकर्मा
    लाईवलीहुड 12,952 कॉलेज में हितग्राही प्रशिक्षित

    पीएम-जनमन
    चिन्हांकित PVTG युवाओ में से 726 युवा प्रशिक्षित

    नल जल पित्रा कार्यक्रम
    484 युवा प्रशिक्षित एवं 1002 प्रशिक्षण 

    राज्य शासन की योजनाओं में प्रशिक्षण

        मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में दिसम्बर 2023 से दिसम्बर 2025 तक कुल 21053 युवाओं का प्रशिक्षण किसने 14109 – प्रशिक्षित एवं 6944 – प्रशिक्षणरत, प्रशिक्षित 14109 युवाओ में से 10089 युवा नियोजित।

         नियद नेल्लानार योजना के तहत 587 हितग्राही प्रशिक्षित।

    627 आत्मसमर्पित युवा प्रशिक्षित एवं 453 प्रशिक्षणरत्

    बस्तर संभाग में युवाओ के कौशल प्रशिक्षण हेतु विशेष प्रयास

        बस्तर संभाग के प्रत्येक विकासखंड में स्किल डेवलपमेंट सेंटर (SDC) स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 20:25-26 में राशि रू. 400 लाख प्रावधानित ।

           LWE क्षेत्र के लाइवलीहुड कॉलेज में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा हेतु नवीन मद में राशि रू. 1000 लाख प्रावधानित

         जिला नारायणपुर में 50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण हेतु राशि रु 100 लाख स्वीकृत।

          आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड बनाये जाने प्रक्रिया में विलंब को दृष्टिगत  रखते हुए, कौशल प्रशिक्षण पूर्व पंजीयन में आधार अनिवार्यता को शिथिल करते हुए मूल्यांकन के पूर्व होना आवश्यक किया गया जिससे प्रशिक्षण प्रारंभ करने में व्यवधान ना हो एवं आधार बनाये जाने के लिए सस्य उपलब्ध हो सके।

           LWE जिलों में स्थित कुल 08 पुर्नवास केन्द्र में 06 केंद्र (जिला बीजापुर, वडा नागपुर, सुकमा का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VIP) के रूप में पंजीयन पूर्ण एवं शेष केन्द्रों को बोटीपी के रूप में पंजीकृत कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

    कौशल प्रशिक्षण हेतु अधोसंरचना एवं मानव संसाधन की व्यवस्था

            नवीन जिलों के जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी हेतु कुल 50 स स्वीकृत।

          06 नवीन जिलों एवं दुर्ग, भकारा भटेली धमतरी सहित कुल 18 लाइवलीहुड कॉलेज भवन निर्माण हेतुराक 20 लाखा स्वीकृत।

            घोषणा पत्र अनुरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाईवलीहुड कॉलेज में कला स्टूडियो स्थापित किये जाने हेतु राशि रू 200 लाख प्रावधानित ।

    आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण हेतु संस्थाओ के साथ अनुबंध

    03 जिलों (बलरामपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा में ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स में कौशल प्रशिक्षण हेतु माहा एक मडिया से अनुबंध

             रायपुर में इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण हेतुसारोटेक्नोलॉजी एलिमें अनुबंध

           युवाओं में ‘एम्प्लॉयबिलिटी स्किल’ बढ़ाये जाने नांदी फाउंडेशन से अनुबंध।

    अन्य उपलब्धियाँ

           मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत पूर्व में प्रचलित यंत्र (अंगूठा आधारित आधार उपस्थिति प्रणाली के स्थान पर फेस (चेहरा) आधारित आधार उपस्थिति प्रणाली आरंभ।

    आईटीआई सुदृढ़ीकरण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि

          कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय मंत्री जी के निर्देशों के पालन में विगत दो वर्षों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्नयन, आधुनिकीकरण एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की गई हैं।

    प्रमुख उपलब्धियाँ

    100 से अधिक नवीन ट्रेडों का चिन्हांकन, जिनमें 16 दीर्घ अवधि एवं 91 लघु अवधि ट्रेड शामिल

    वर्ष 2024-25 में SIDBI पोषित 13 आईटीआई में 10 नवीन ट्रेड प्रारंभ (ड्रोन टेक्नीशियन, 5जी नेटवर्क टेक्नीशियन, 3 डी प्रिंटिंग, फूड प्रोसेसिंग आदि) |

    पिपरिया (कबीरधाम), कोर्रा (धमतरी), ओरछा (नारायणपुर) एवं कुस्तुरा (जशपुर) में 04 नवीन आईटीआई की स्थापना |

    आईटीआई की संख्या 197 से बढ़कर 201 |

    09 आईटीआई में 15 अप्रासंगिक ट्रेड बंद करने का निर्णय (अगस्त 2025 से प्रभावी) |

    03 आईटीआई में 04 ट्रेड एनसीवीटी से संबद्ध |

    प्रशिक्षण नीति के माध्यम से अधिकारीयों एवं कर्मचारियों का देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सम्बध्द प्रशिक्षण |

    क्षेत्रीय कार्यालयों के दायित्व निर्धारण, त्रैमासिक निरीक्षण एवं प्रशिक्षणार्थी फीडबैक प्रणाली लागू।

    5जी नेटवर्क टेक्नीशियन ट्रेड प्रारंभ l

    विगत दो वर्ष की विभागीय उपलब्धियाँ

    रोजगार इच्छुकों का पंजीयन
    वर्ष  2024  में जीवित पंजीयन
    1412448 (31 दिसंबर 2024 की स्थिति में)

    वर्ष  2025 में जीवित पंजीयन
    1547857 (30 नवंबर 2025 की स्थिति में)

    निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में रोजगार हेतु प्लेसमेंट कैंप का आयोजन
    वर्ष 2024-25 में आयोजित 311 प्लेसमेंट कैंप की संख्या और चयनित आवेदकों की 5314 इसी प्रकार वर्ष 2025-26 
    वर्ष 2024-25 में आयोजित 245 प्लेसमेंट कैंप की संख्या और चयनित आवेदकों की 4149 संख्या(30 नवंबर 2025 की स्थिति में)

    सैन्य भर्ती

    भारतीय सैन्य बलों में छत्तीसगढ़ के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्रों द्वारा जनपद / नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार।

    भारतीय सेना सामान्य प्रवेश परीक्षा पूर्व कोचिंग तथा शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण।

    विवरण 2024-25 अग्निवीर ‘थल सेना’ 23515 में से (731 चयनित)

    2025-26 में ऑनलाईन पंजीयन 23,111  हुआ जिसमें से (572 आवेदक प्रशिक्षणरत्)

    कॅरियर मार्गदर्शन

    स्कूल/कॉलेजों में कॅरियर मार्गदर्शन

    विवरण वर्ष 2024-25 कुल शैक्षणिक संस्था 222 छात्र-छात्राओं की संख्या 24095 इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में  कुल शैक्षणिक संस्था 124 (30 नवंबर 2025 की स्थिति में) 10955 नवंबर 2025 की स्थिति में)

  • CG : 146 करोड़ रू. की लागत से काशी की तर्ज पर बनेगा भव्य भोरमदेव कॉरिडोर

    छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर बनेगी विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल

    रायपुर, केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।

    1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन
    भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। 

    स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
    भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।

  • CG : ज्ञानपीठ सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी भावभीनी अंतिम श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुँचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं।

    उन्होंने कहा कि शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा। साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा। शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

    इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी ऐतिहासिक सिंचाई सौगात

    किसानों के हित में 11 परियोजनाओं के लिए लगभग 199 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन के दो वर्षों के दौरान जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय को स्थायी मजबूती मिलेगी।

    प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षा पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।

    जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाओं में मैनी नदी, बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपये, कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये, सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये तथा डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।

    इसी क्रम में तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये, बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये, मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये, कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये, अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये तथा कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

    इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे किसानों को खेती के लिए नियमित पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और कृषि को स्थायी आजीविका का मजबूत आधार प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन योजनाओं से जिले के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

  • CG : डबरी निर्माण से ग्रामीण आजीविका और जल संरक्षण को मिलेगा नया आधार

    रायपुर, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने, स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिलों में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर डबरी का निर्माण प्राथमिकता से होगा। बालोद जिले में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 300 आजीविका डबरी के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय (अभिसरण) से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।

    आजीविका डबरी निर्माण से वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज में सहायक होगा, साथ ही खेतों के लिए आवश्यक सिंचाई सुविधा भी सृजित होगी, इससे खरीफ एवं रबी दोनों मौसम की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, डबरी के माध्यम से पशुपालन एवं मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। इस पहल से न केवल कृषि आधारित आजीविका को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थायित्व प्राप्त होगा।

    आजीविका डबरी ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी मॉडल है। डबरी निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को रोजगार तथा जल संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा। 

  • CG : प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना

    रायपुर, मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    पूर्व में तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

  • CG : मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को सवेरे 11.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी।

  • CG : युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध

    बिलासपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग और खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण

    मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

    रायपुर,

    मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
    मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

    छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आज बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृ8 दलीय एवं 6 एकलकृमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर 
    प्रयासरत हैं।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

    इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।

  • CG : छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ स्किल टेक में कौशल-आधारित निवेश को मिली नई गति: 13,690 करोड़ रुपये के स्किलिंग-लिंक्ड निवेश आकर्षित

    GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

    रायपुर,

    GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

    भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

    GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

    इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।

    कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट

    निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया।

    लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

    यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।

    परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।”

    विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र

    गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

    कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
    छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है। 

    उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

    उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।

    यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

  • CG : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से बेटियों को मिला सुरक्षित भविष्य

    रायपुर, बेमेतरा जिले के ग्राम खुड़मुड़ा निवासी केसर निषाद के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आशा की नई किरण बनकर आई है। सीमित आय वाले मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाली केसर निषाद के पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद केसर निषाद ने हमेशा अपने बच्चों को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देने का सपना देखा, जिसे शासन की इस योजना ने साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण के बाद उन्हें नियमित स्वास्थ्य परामर्श, पोषण संबंधी जानकारी और आवश्यक दवाइयाँ मिलीं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 3 हजार रूपए की पहली और पुत्री के जन्म के बाद 2 हजार रूपए की दूसरी किस्त प्राप्त हुई, जिससे पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में सहायता मिली।

    दूसरी पुत्री के जन्म पर उन्हें योजना के तहत 6 हजार रूपए एकमुश्त राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने न केवल अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दिया, बल्कि पहली बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता भी खुलवाया। केसर निषाद का कहना है कि पूरक पोषण आहार, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं ने उन्हें एक जागरूक माँ बनने का आत्मविश्वास दिया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने उनकी बेटियों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी है।

  • CG : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल प्रांतीय मझवार महासम्मेलन में हुए शामिल

    उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

    रायपुर,

    उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के रामगढ़ उदयपुर में आयोजित प्रांतीय मझवार महासम्मेलन में शामिल होकर समाज के लोगों से सीधा संवाद किया। अग्रवाल ने उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मझवार समाज ने सदैव परिश्रम, ईमानदारी और अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के बल पर सरगुजा अंचल की अस्मिता एवं विकास में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और इस दायित्व को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवा पीढ़ी की शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर विकास की मुख्यधारा में अग्रसर हो सकता है। मंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि वे उच्च शिक्षा और कौशल विकास के उपलब्ध अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए रास्ते खुल सकें।

    उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा
    उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने मझवार समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोकगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ‑साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और पारंपरिक समुदायों की    सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनमें उत्सव, सांस्कृतिक महोत्सव और लोककला मंचों का विशेष योगदान है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे न केवल क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ समन्वय कर अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक विशेषताओं को चिन्हित और संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि “राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। वंचित और पिछड़े समुदायों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान हमारी प्राथमिकता है और मझवार समाज सहित सभी संवेदनशील वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में ऐसी योजनाएं लागू हों, जिनका लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचे और कोई भी समाज स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे।”

    अग्रवाल ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मझवार समाज के वरिष्ठजनों, नवयुवकों और महिलाओं की सराहना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी समाज इसी एकजुटता के साथ शिक्षा, जागरूकता और संगठन के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री अग्रवाल को मझवार समाज की ओर से पारंपरिक प्रतीक चिह्न भेंट किए गए।

  • CG : तीन परिवारों को मिला प्रधानमंत्री बीमा योजना का सहारा : बीमा राशि का किया गया भुगतान

    रायपुर, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर एक मजबूत संबल दे रही हैं। आकस्मिक दुर्घटना अथवा असमय निधन की स्थिति में यह योजना न केवल आर्थिक राहत देती हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों को जीवन की कठिन घड़ी से उबरने का साहस भी प्रदान करती हैं।

    इसी क्रम में कोंडागांव जिले के दो परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और एक परिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिससे आश्रितों परिवारों आर्थिक राहत मिल सकी। ग्राम उमरगांव निवासी पूर्णिमा मांडवी को उनके पति स्वर्गीय रतन राम मांडवी के निधन के पश्चात बीमा राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार ग्राम सिंघनपुर, पोस्ट उमरगांव, जिला कोंडागांव निवासी साधुराम को उनकी पत्नी स्वर्गीय धसीन बाई, जिनकी मृत्यु पानी में डूबने से हो गई थी, के आकस्मिक निधन पर बीमा सहायता दी गई। वहीं, ग्राम डूमर गोदारा निवासी मंगलदई मांडवी को उनके पति स्वर्गीय आंदोराम मांडवी, जिनकी मृत्यु सड़क दुर्घटना में हुई थी, के निधन के बाद हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि का लाभ मिला। तीनों मामलों में पात्र हितग्राहियों के प्रत्येक परिवार को 2-2 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की गई। गत दिवस जिला प्रशासन द्वारा तीनों परिवारों के आश्रितों को चेक प्रदान किए गए।

    लाभार्थियों ने बीमा राशि प्राप्त होने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में मिली यह सहायता उनके लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हुई है। उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु के बाद परिवार के सामने आजीविका और बच्चों की शिक्षा जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो गई थीं, ऐसे में बीमा राशि से उन्हें काफी राहत मिली है।

  • CG : विशेष लेख : सुशासन, संवेदना और सुरक्षा : श्रमिक हित में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष

    रायपुर,

    सुशासन, संवेदना और सुरक्षा : श्रमिक हित में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष

    सुशासन केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की संकल्पबद्ध प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग विगत दो वर्षों में इसी सुशासन की भावना को धरातल पर साकार करता हुआ दिखाई देता है। इस अवधि में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने तथा उन्हें सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए अनेक ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम उठाए गए हैं।

    विष्णु के सुशासन की स्पष्ट झलक श्रम विभाग द्वारा अपनाए गए डिजिटल नवाचारों में दिखाई देती है। प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से समस्त नस्तियों का संधारण ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रारंभ किया गया है। विभागीय योजनाओं और सेवाओं को आमजन के लिए सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने हेतु एक आधुनिक, यूज़र-फ्रेंडली विभागीय वेबसाइट विकसित की गई है। श्रमिकों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल ऐप श्रमिक पंजीयन, योजनाओं में आवेदन तथा श्रमिक पलायन की ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जो डिजिटल सुशासन की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

    राज्य के नवगठित जिलों तक श्रम विभाग की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए पाँच नवीन श्रम पदाधिकारी कार्यालयों की स्थापना हेतु 20 पदों का सृजन किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के दौरान श्रमायुक्त संगठन अंतर्गत श्रम पदाधिकारी, श्रम निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के पदों पर कुल 32 नई नियुक्तियाँ की गईं। इन प्रयासों से न केवल विभागीय कार्यों में गति आई, बल्कि श्रमिकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ भी सुनिश्चित हुईं।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में आवश्यक और संतुलित सुधार करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और श्रमिक हितों के मध्य सामंजस्य स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 के प्रभावी क्रियान्वयन से छोटे व्यापारियों को राहत मिली, वहीं नियत कालिक नियोजन कर्मकार की नई श्रेणी ने रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोले। 

    राष्ट्रपति की अनुमति के उपरांत लागू किए गए छत्तीसगढ़ श्रम कानून संशोधन एवं विविध प्रावधान विधेयक, 2025 के माध्यम से अवैधानिक हड़ताल पर नियंत्रण, छोटे अपराधों में समझौते तथा लघु उद्योगों को छूट जैसे प्रावधान किए गए। महिला सशक्तिकरण की दिशा में रात्रि पाली में महिला कर्मकारों के सशर्त नियोजन की अनुमति देना सरकार की प्रगतिशील और संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

    श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में श्रमिक कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की मानवीय प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। विभिन्न श्रम मंडलों के माध्यम से दो वर्षों में 11.03 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया तथा 27.33 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस अवधि में 784.73 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिक कल्याण पर व्यय की गई, जो यह दर्शाती है कि यह सरकार आंकड़ों से आगे बढ़कर संवेदना के साथ श्रमिकों के जीवन में बदलाव ला रही है।

    24×7 संचालित मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र ने शिकायत निवारण और पंजीयन प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया है। वहीं प्रत्येक जिले और विकासखंड में संचालित मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्रों ने प्रशासन को सचमुच श्रमिकों के द्वार तक पहुँचाया है। निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में स्व-घोषणा प्रमाण पत्र की व्यवस्था ने प्रक्रियाओं को सरल किया, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के माध्यम से सैकड़ों श्रमिक परिवारों को अपने पक्के आवास का सपना साकार करने में सहायता मिली। मिनीमाता महतारी जतन योजना एवं असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के अंतर्गत लाखों महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता प्रदान की गई, जिससे मातृत्व सुरक्षा को नया संबल मिला।

    श्रमिक परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, छात्रवृत्ति, मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन तथा नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना जैसी पहल ने शिक्षा के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत मात्र पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सुशासन की मानवीय और संवेदनशील आत्मा को दर्शाता है।

    केन्द्रीकृत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से करोड़ों रुपये सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए, जिससे पारदर्शिता, विश्वास और समयबद्धता सुनिश्चित हुई। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार-मुक्त और जवाबदेह शासन की मजबूत आधारशिला है।

    सुशासन दिवस के अवसर पर श्रम विभाग की यह दो वर्षीय यात्रा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन केवल नीतियों और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह श्रमिकों के जीवन में वास्तविक, सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने का माध्यम बन चुका है। 

    श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की सक्रिय भूमिका, संवेदनशील दृष्टिकोण और निरंतर निगरानी ने इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया है। डिजिटल नवाचार, संवेदनशील कानून, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय सोच के साथ श्रम विभाग ने छत्तीसगढ़ को एक श्रमिक-हितैषी, सशक्त और समावेशी राज्य बनने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।