• राजनांदगांव : पोषण पुर्नवास केन्द्र में किए जा रहे कार्यों के मिल रहे कारगर परिणाम

    – कलेक्टर ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
    – पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए नि:शुल्क उपचार के साथ मिल रहा समृद्ध आहार
    – वर्ष 2024-2025 में एनआरसी में 484 कुपोषित बच्चों का किया गया सफल उपचार
    – एनआरसी में गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जा रही

    राजनांदगांव : पोषण पुर्नवास केन्द्र में किए जा रहे कार्यों के मिल रहे कारगर परिणाम


    राजनांदगांव । जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में गंभीर कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। पोषण पुर्नवास केन्द्र में किए जा रहे कार्यों के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है।

    कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र कार्यक्रम शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कार्यक्रम का उद्देश्य कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण करना तथा जिले में कुपोषण की दर को कम करना है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को विभिन्न स्तरों पर समन्वित तरीके से कार्य करने के लिए कहा। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही है, ताकि कुपोषित बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ सके। प्रक्रिया में नोडल अधिकारी द्वारा रेफर किए गये गंभीर कुपोषित बच्चों के परामर्श और भर्ती में फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर द्वारा सहायता प्रदान करने हेतु निर्देश दिए गए है।


    गौरतलब है कि एनआरसी में कार्यरत स्टॉफ नर्स और फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर नियमित रूप से ओपीडी, आईपीडी और इन्फैंट एण्ड यंग चाइल्ड फीडिंग कांउसलिंग सेंटर पर आने वाले कुपोषित बच्चों को प्रोटोकॉल के अनुसार एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों के खेल-कूद हेतु व्यवस्था कर बच्चों को स्वस्थ माहौल प्रदान कराया जा रहा है।

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन से समन्वय स्थापित कर गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर इलाज हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराया जा रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एनआरएलएम के सहयोग से जिले में पोट्ठ लईका कार्यक्रम का संचालन भी किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केन्द्र के ओपीडी में स्क्रिनिंग से आने वाले बच्चों का डेटा संधारित किया जाएगा और इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में एनआरसी, कुपोषित बच्चों के लिए 10-बेड वाला विशेष वार्ड है। यहां गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। अप्रैल 2024-अक्टूबर 2025 के 1 साल में इन केन्द्र ने 484 कुपोषित बच्चों का सफल उपचार किया है।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : खुशियों की गुल्लक से मिल रही कई सौगात…

  • राजनांदगांव : खुशियों की गुल्लक से मिल रही कई सौगात…

    – किसान गेंदलाल चंद्राकर ने विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर दिया उपहार
    – सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में आई समृद्धि : किसान गेंदलाल चंद्राकर
    – उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे
    – धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, बारदाना, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था
    – किसानों ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी तथा धान उपार्जन केन्द्रों में अच्छी सुविधा मिलने पर शासन को दिया धन्यवाद

    राजनांदगांव : खुशियों की गुल्लक से मिल रही कई सौगात…


    राजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन की धान खरीदी का यह महोत्सव किसानों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया है। उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में अपना धान बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। यह समय है जब खुशियों की गुल्लक से किसानों को सौगात मिलेगी। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है और उनके खातों में राशि प्राप्त हो रही है। खेत-खलिहानों से अपने धान को संग्रहित कर किसान धान उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। ग्राम बुचीभरदा के किसान गेंदलाल चंद्राकर धान उपार्जन केन्द्र सुरगी धान बिक्री के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 एकड़ कृषि भूमि है और आज वे 190 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आए है। उन्होंने टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन कटवाया था।

    उन्होंने कहा कि सरकार धान का अच्छा मूल्य दे रही है। समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर उपहार में दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दो ट्रेक्टर, थ्रेसर मशीन एवं अन्य कृषि यंत्र खरीदे है। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के हिसाब से वर्ष में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। किसान गेंदलाल चंद्राकर ने धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, पर्याप्त संख्या में बारदाना, श्रमिकों की व्यवस्था के लिए खुशी जाहिर की। इलेक्ट्रानिक मशीन से धान की तौलाई आसानी से हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में समृद्धि आयी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बहुत धन्यवाद दिया।


    गौरतलब है कि धान उपार्जन केन्द्र सुरगी अंतर्गत ग्राम कुम्हालोरी, बेलटिकरी, आरला, बुचिभरदा, सुरगी, कोटराभाटा, मुड़पार म, मलपुरी ग्राम के किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में 1768 किसान पंजीकृत है और वे ऑनलाईन टोकन कटाकर अपने धान की बिक्री बारी-बारी से कर रहे है। ग्राम मुड़पार के किसान परमेश्वर साहू धान बिक्री के लिए सुरगी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 9 एकड़ जमीन है। जिसमें उन्होंने धान की खेती की है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में सुचारू रूप से धान की खरीदी हो रही है। आसानी से टोकन प्राप्त हो गया है। पहले किसानों को खेती करने के लिए मार्केट से ऋण लेना पड़ता था। अब किसानों को साहूकार, बिचौलियों से मुक्ति मिल गयी है। सरकार की समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना से अब किसानों को इतनी बचत हो रही है कि अब किसान आसानी से कृषि कर पा रहे है।

  • मोहला : सुव्यवस्थित धान खरीदी से किसान अकबर सिंह बंदे में दिखा उत्साह

    – समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से कृषि क्षेत्र में बढ़ी किसानों की रुचि

          मोहला । छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए जाने एवं प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी खरीदी व्यवस्था के चलते जिले के किसानों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इस नीति का सकारात्मक प्रभाव किसानों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के समग्र विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।


          विकासखंड मोहला के ग्राम तेलीटोला निवासी किसान अकबर सिंह बंदे ने गोटाटोला धान खरीदी केंद्र में 72 क्विंटल धान विक्रय किया। उन्होंने बताया कि सीएससी चॉइस सेंटर गोटाटोला में टोकन कटवाने से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया सरल और व्यवस्थित रही। वही शासन द्वारा धान का बेहतर समर्थन मूल्य प्राप्त होने से किसानों का खेती में निवेश बढ़ा है।


          किसान अकबर सिंह बंदे ने खरीदी केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था ने सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि कृषि के प्रति किसानों का रुझान भी बढ़ा है।

    इसे भी पढ़े : मोहला : तोलुम और कहगांव रेत खदानों की निविदा खोलने की नई तिथि 28 नवम्बर निर्धारित

  • मोहला : तोलुम और कहगांव रेत खदानों की निविदा खोलने की नई तिथि 28 नवम्बर निर्धारित

          मोहला । छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय नियम 2025 के अंतर्गत जिले के तोलुम और कहगांव रेत खदानों की ई-नीलामी के लिए तकनीकी एवं वित्तीय बोली 14 से 20 नवम्बर 2025 तक आमंत्रित की गई थी। पहले निविदा खोलने की तिथि 21 नवम्बर 2025 निर्धारित थी, जिसे अब अपरिहार्य कारणों से बदलकर 28 नवम्बर 2025 कर दिया गया है।


          दोनों रेत खदानों की निविदा खोलने तथा अधिमानी बोलीदार चयन की प्रक्रिया 28 नवम्बर 2025, शुक्रवार प्रातः: 11:00 बजे से कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में संपन्न होगी।

    इसे भी पढ़े : मोहला : सुदूर अंचल में वन विभाग की पहल से बदल रहा ग्रामीणों का जीवन

  • मोहला : सुदूर अंचल में वन विभाग की पहल से बदल रहा ग्रामीणों का जीवन

    – पहले होती थी केवल 4-5 कूपों की ही कटाई, वन मंडल के गठन के बाद सभी 18 कूपों के साथ 10 अतिरिक्त कूपों की हो रही कटाई

    – पिछले दो वर्षों में मोहला वन मंडल के 34 समितियों को 38 लाख से अधिक रुपये का लाभांश वितरित

          मोहला । जिले के सुदूर क्षेत्रों में वन विभाग की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन ने ग्रामीणों के जीवन में बदलाव की शुरुआत कर दी है। वर्ष 2025 में वन मंडल मोहला द्वारा की गई वृहद कूप कटाई ने जहां विभागीय उपलब्धि हासिल की है। वही ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। पहले जहां 18 कूपों में से केवल 4-5 कूपों की ही कटाई हो पाती थी, वहीं वन मंडल के गठन के बाद यह संख्या लगातार बढ़ती गई और वर्ष 2025 में सभी 18 कूपों के अलावा 10 अतिरिक्त कूपों की कटाई कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया।

    मोहला : सुदूर अंचल में वन विभाग की पहल से बदल रहा ग्रामीणों का जीवन


            कूप कटाई का लाभ केवल लकड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। कटाई कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला और साथ ही वन प्रबंधन समितियों को राजस्व का 20 प्रतिशत लाभांश प्राप्त हुआ है। इसी राजस्व से पिछले दो वर्षों में मोहला वन मंडल की 34 समितियों को 38 लाख 59 हजार 100 रुपये का लाभांश वितरित किया जा चुका है। यह राशि अब ग्रामीण विकास की धुरी बन रही है। कई गांवों में अधोसंरचना निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, तो कहीं मछली पालन और कुसुम लाख पालन जैसी रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है।


            वर्तमान में क्षेत्र की पाँच समितियों में अधोसंरचना विकास कार्य प्रगतिरत है। जबकि 17 समितियां विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर ग्रामीणों के लिए स्थायी आय के स्रोत तैयार कर रही हैं। यह उपलब्धि वन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता का सामूहिक परिणाम है।

    इसे भी पढ़े : मोहला : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी, जिले में अब तक 5090 क्विंटल धान की हुई खरीदी

  • मोहला : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी, जिले में अब तक 5090 क्विंटल धान की हुई खरीदी

            मोहला । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर से जिले में सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जिले के 19 सेवा सहकारी समितियों के 27 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्था बेहतर और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। जिले में 148 किसानों के माध्यम से अब तक 5090 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।

    मोहला : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी, जिले में अब तक 5090 क्विंटल धान की हुई खरीदी


                कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में प्रत्येक उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि अवैध धान की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सके और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही जिले के विभिन्न स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर निरीक्षण दल का गठन कर उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।
               कलेक्टर प्रजापति के कुशल मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन की सतत निगरानी में उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी और किसान हितैषी बनाकर लागू की गई है। इससे किसानों में बढ़ा विश्वास और सहयोगिता देखने को मिल रही है तथा उपार्जन केंद्रों पर उत्साह का माहौल है। जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में सुबह से ही किसानों की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिल रही है। किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों में सुव्यवस्थित टोकन सिस्टम, पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

    • शिकायत निवारण हेतु टोल फ्री नंबर जारी

    धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यह कॉल सेंटर राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगा। सभी उपार्जन केंद्रों में इस नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है, ताकि किसान आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तीन दिवस के भीतर किया जाएगा।

    इसे भी पढ़े : मोहला : छत्तीसगढ़ में 7 दिसम्बर को अमीन भर्ती परीक्षा: व्यापम ने जारी किए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

  • मोहला : छत्तीसगढ़ में 7 दिसम्बर को अमीन भर्ती परीक्षा: व्यापम ने जारी किए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

             
            मोहला । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर 2025 को राज्य के 16 जिलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय पूर्वाहन 12:00 बजे से 2:15 बजे तक निर्धारित है। व्यापम ने परीक्षा के सुचारू संचालन और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिनका पालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लेना होगा तथा परीक्षा वाले दिन कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना आवश्यक होगा। परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पूर्व, अर्थात 11:30 बजे, केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा।


              व्यापम ने ड्रेस कोड भी अनिवार्य किया है, जिसके तहत अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनने होंगे और काला, गहरा नीला, गहरा हरा, जामुनी, मैरून, बैगनी व गहरा चॉकलेट रंग पहनना प्रतिबंधित रहेगा। बिना पॉकेट वाला साधारण स्वेटर अनुमति योग्य होगा, जिसकी सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों को सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा और अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा।


              इसके अलावा, परीक्षार्थियों को फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति दी गई है, वहीं कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अनुचित साधन के उपयोग पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभ्यर्थिता समाप्त की जा सकती है। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल पेन साथ लाने की अनुमति होगी। व्यापम ने अपील की है कि सभी परीक्षार्थी समय पर पहुंचे और दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : जंगलेसर मोखला एनीकट का हुआ गुणवत्तायुक्त मरम्मत कार्य

  • राजनांदगांव : जंगलेसर मोखला एनीकट का हुआ गुणवत्तायुक्त मरम्मत कार्य

    राजनांदगांव । कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग राजनांदगांव ने बताया कि जंगलेसर मोखला एनीकट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण हुआ है। एनीकट की लम्बाई 210 मीटर है। अतिवृष्टि से आये बाढ़ के कारण एनीकट के कुछ जगह की ऊपरी परत उखड़ गई थी, जिसका गुणवत्तायुक्त मरम्मत कार्य किया गया है। जंगलेसर मोखला एनीकट व्यपवर्तन में तटबंध संरक्षण कार्य बजट वर्ष 2024-25 में सम्मिलित है। इस कार्य का डीपीआर राशि 494.19 लाख रूपए  प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है। जिसमें एनीकट के टॉप में फ्लोरिंग, स्लोप में जैकटिंग एवं डी/एस में प्रोटेक्शन कार्य शामिल है।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं से जिले के किसानों में खुशी : किसान यादव राम वर्मा

  • राजनांदगांव : धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं से जिले के किसानों में खुशी : किसान यादव राम वर्मा

    – इस वर्ष धान ब्रिकी से प्राप्त राशि से बनाएंगे अपना नया घर
    – मुख्यमंत्री किसानों के हित में कर रहे बहुत अच्छा कार्य

    राजनांदगांव : धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं से जिले के किसानों में खुशी : किसान यादव राम वर्मा


    राजनांदगांव । शासन के समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदने तथा धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और इलेक्ट्रानिक मशीन से धान की तौलाई होने से जिले के किसानों में खुशी है। जिले के किसान अपने-अपने क्षेत्र के धान उपार्जन केन्द्र में अपनी उपज को विक्रय करने के लिए उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। धान उपार्जन केन्द्र तुमड़ीबोड़ में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम कोपेडीह के कृषक यादव राम वर्मा ने बताया कि वे 7 एकड़ में खेती करते है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश होने से धान की पैदावार भी अच्छी हुई है। उन्हें टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से 132 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त हुआ है। जिसके तहत आज धान उपार्जन केन्द्र तुमड़ीबोड में अपना धान बेचने पहुंचे है।


    शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों में हर्ष है और बड़ी संख्या में किसान धान उपार्जन केन्द्रों में अपना धान लेकर पहुंच रहे हैं। किसान यादव राम वर्मा ने धान उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक तौल यंत्र में बारदाना की तौलाई की जा रही है, जो बहुत ही सुविधाजनक है। उन्होंने कहा कि धान ब्रिकी से प्राप्त राशि का उपयोग नया घर बनाने एवं कृषि कार्य में करेंगे। धान उपार्जन केन्द्र तुमड़ीबोड़ में धान विक्रय करने आए अन्य किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के हिसाब से वर्ष में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों के हित में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार धान का बहुत अच्छा मूल्य दे रही है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को तहेदिल से शुक्रिया कहा।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : किसान वैभव ने धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने पर प्रसन्नता जाहिर की

  • राजनांदगांव : किसान वैभव ने धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने पर प्रसन्नता जाहिर की

    – सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य कर रही प्रदान : किसान वैभव पुरोहित
    – विगत वर्ष की धान बिक्री से प्राप्त राशि से खेत में बोर लगाने पर पानी की हुई पर्याप्त व्यवस्था

    राजनांदगांव : किसान वैभव ने धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने पर प्रसन्नता जाहिर की


    राजनांदगांव । जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों से धान खरीदी कार्य निरंतर जारी है। शासन द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। किसान प्रसन्नता के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर धान विक्रय कर रहे है। राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र तुमड़ीबोड़ में अपना धान विक्रय करने पहुंचे ग्राम तुमड़ीबोड़ के किसान वैभव पुरोहित ने बताया कि वह 10 एकड़ में खेती करते है।

    उन्होंने 17 नवम्बर को टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से 122 क्विंटल धान विक्रय का टोकन प्राप्त किया था। जिसके तहत आज वह अपना धान विक्रय करने तुमड़ीबोड़ सोसायटी पहुंचे है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र तुमड़ीबोड़ में किसानों के लिए पेयजल, छांव, बैठक व्यवस्था सहित पर्याप्त संख्या में बारदाना और श्रमिकों की उपलब्धता है। जिससे यहां धान खरीदी का कार्य निरंतर सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार किसानों के हित में अच्छा कार्य कर रही है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान कर रही है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों से धान का अच्छा मूल्य मिलने पर सिंचाई सुविधा के लिए अपने खेत में दो बोर करवाए है। जिससे खेती करने के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो रही है।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी

  • राजनांदगांव : किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी

    – जिले के 1 लाख 3 हजार 203 किसानों को 20 करोड़ 64 लाख रूपए का आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किसानों को राशि हस्तांतरित

    राजनांदगांव : किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी


    राजनांदगांव । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोयम्बटूर तमिलनाडु से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 3 हजार 203 किसानों को 20 करोड़ 64 लाख रूपए का भुगतान आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया। सांसद संतोष पाण्डेय कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। सांसद संतोष पाण्डेय ने किसानों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष जिला पंचायत किरण वैष्णव और समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत ने भी किसानों को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए खेती करने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने केन्द्र की गतिविधियों की जानकारी दी।


    उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने विभागीय योजनायों एवं रबी फसल में धान के बदले अन्य दलहन एवं तिलहन फसल लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कृषि से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल एवं प्रदर्शनी लगाकर कृषकों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विभागीय जानकारी एवं कृषकोन्मुखी योजनाओं के संबंध में कृषकों को संबोधित किया। प्रक्षेत्र प्रबंधक आशीष गौरव शुक्ला द्वारा केन्द्र की गतिविधियों एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में किसानों को जागरूक किया गया। उद्यानिकी विभाग राजनांदगांव के मेहरा, लीड बैंक मैंनेजर मुनीश शर्मा, पशुधन विकास विभाग के ममता मेश्राम एवं मत्स्य पालन विभाग से डॉ वर्तिका ठाकुर ने किसानों को विभागीय जानकारी दी। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष जिला पंचायत किरण साहू, सदस्य जिला पंचायत जागृति यदु, सांसद प्रतिनिधि बिशेसर दास साहू, सदस्य जिला पंचायत देेव कुमारी साहू, सदस्य जिला पंचायत गोपाल सिंह भूआर्य, सभापति कृषि स्थायी समिति जनपद पंचायत पूर्णिमा साहू, सरपंच सुग्रीव साहू सहित कार्यक्रम में जिले के लगभग 400 से 500 किसान उपस्थित थे।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : धान की अवैध बिक्री करने वाले कोचियों पर कड़ी कार्रवाई करें : कलेक्टर

  • राजनांदगांव : धान की अवैध बिक्री करने वाले कोचियों पर कड़ी कार्रवाई करें : कलेक्टर

    – अन्य राज्यों से लगे सीमावर्ती चेकपोस्ट में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सतत निगरानी करने के दिए निर्देश
    – विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को समय पर पूर्ण करने के लिए कहा
    – प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए जनमानस को करें प्रोत्साहित
    – प्रधानमंत्री आवास योजना तथा एएचपी अंतर्गत निर्माणाधीन आवास को प्राथमिकता से पूर्ण करने के दिए निर्देश
    – हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए कहा
    – किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को अधिक से अधिक करें लाभान्वित
    – हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी के लिए कहा
    – साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
    राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि धान खरीदी शासन का महत्वपूर्ण कार्य है। इसके लिए कृषि, खाद्य, सहकारिता, मार्कफेड एवं अन्य संबंधित विभाग समन्वित तरीके से कार्य करेंगे। उन्होंने धान की अवैध बिक्री करने वाले कोचियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि जिले के अन्य राज्यों से लगे सीमावर्ती चेकपोस्ट में धान का अवैध परिवहन नहीं होना चाहिए, इस पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शराब की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महती योजना है। इस योजना अंतर्गत विभिन्न कालोनी, आवासीय परिसर में इस योजना अंतर्गत रूपटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए जनमानस को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप उपभोक्ता सोलर प्लांट लगा सकते है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा की बचत होगी। उन्होंने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गहन समीक्षा की तथा कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना तथा एएचपी के तहत निर्माणाधीन आवास के संबंध में जानकारी ली तथा निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।


    कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने शिक्षा विभाग में किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। अपार आईडी निर्माण के तहत आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापित होने पर आईडी बनने से कार्य में तेजी आयी है। इसी तरह डिजिटल माध्यम से स्मार्ट बोर्ड प्रोजेक्टर से हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने परीक्षा परिणाम बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाईन कोचिंग के माध्यम से जिले में नेट एवं जेईई की पढ़ाई सतत जारी रखने के लिए कहा। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित केसीसी की समीक्षा की। उन्होंने विशेष तौर पर मत्स्य पालन के तहत किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी के लिए गृह भ्रमण एवं फोन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी की समीक्षा की। उन्होंने सभी हॉस्पिटल का निरीक्षण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी विशेष तौर पर कार्य करें। गर्भवती माताओं के एएनसी जांच, दवाईयों पर ध्यान देने की जरूरत है। कलेक्टर ने टीकाकरण, भू-अर्जन, भू-बंटन की स्थिति, पोषण पुर्नवास केन्द्र, महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवायसी एवं शासन की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    इसे भी पढ़े : शिवनंदन, अटोईराम, गोवर्धन लाल साहू ने राज्य शासन की नि:शुल्क श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना को बताया बहुत अच्छी पहल

  • शिवनंदन, अटोईराम, गोवर्धन लाल साहू ने राज्य शासन की नि:शुल्क श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना को बताया बहुत अच्छी पहल

     – पति-पत्नी एक साथ प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए जा रहे दर्शनार्थियों में खुशी हुई दोगुनी
    – जिले के श्रद्धालुओं को कराया जा रहा प्रभु श्री राम के दर्शन
    – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद

    शिवनंदन, अटोईराम, गोवर्धन लाल साहू ने राज्य शासन की नि:शुल्क श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना को बताया बहुत अच्छी पहल


    राजनांदगांव । शासन की महती योजना श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत जिले के नागरिक एवं बुजुर्ग श्रद्धालु अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन कर रहे हैं। श्री रामलला दर्शन के लिए जिले के बुजुर्ग श्रद्धालुओं का दल प्रतिमाह अयोध्या जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन तीर्थयात्री विशेष ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुए।
    अयोध्या धाम की यात्रा के लिए तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन में बैठे छुरिया विकासखंड के ग्राम खोभा निवासी शिवनंदन सिन्हा और उनकी पत्नी मालती सिन्हा ने बताया कि कभी सोचे नहीं थे कि उन्हें अयोध्या धाम में श्री रामलला दर्शन के लिए एक साथ दर्शन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की महती योजना रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना से सभी वर्गों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। शिवनंदन ने कहा कि शासन की श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना बहुत सुन्दर योजना है। अयोध्या धाम जाने के लिए हर व्यक्ति नहीं जा पाते हैं। मन में इच्छा बन कर रह जाती है। राज्य शासन की श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना से नागरिकों को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन करना आसान हो गया है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया है।
    इसी तरह छुरिया विकासखंड के ग्राम शिकारीमहका निवासी अटोईराम और पत्नी संतरी बाई, ग्राम लाममेटा निवासी गोवर्धन लाल साहू एवं पत्नी सविता बाई एक साथ अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शासन की महती योजना श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना बहुत अच्छी योजना है। उन्होंने कहा कि एक साथ प्रभु श्री राम के दर्शन करने की बहुत इच्छा थी। इस योजना से प्रभु श्री राम के दर्शन करने का मौका मिलने पर खुशी जाहिर किए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को योजना शुरू करने के लिए आभार और धन्यवाद दिया।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : सांसद संतोष पाण्डेय ने रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 665 तीर्थ यात्रियों की स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

  • राजनांदगांव : सांसद संतोष पाण्डेय ने रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 665 तीर्थ यात्रियों की स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    – प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों में भारी उमंग एवं उत्साह का क्षण
    – जयश्री राम के जयकारे के साथ ढोल-मंजीरे की मंगल ध्वनि के साथ श्रद्धालुओं को अयोध्या के लिए किया गया विदा

    राजनांदगांव : सांसद संतोष पाण्डेय ने रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 665 तीर्थ यात्रियों की स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना


    राजनांदगांव । सांसद संतोष पाण्डेय ने आज रेल्वे स्टेशन राजनांदगांव से रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 13 जिलों के 665 तीर्थ यात्रियों की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य शासन की महत्वपूर्ण श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन से जाने वाले दर्शनार्थियों में भारी उमंग एवं उत्साह का क्षण रहा। जयश्री राम के जयकारे के साथ ढोल-मंजीरे की मंगल ध्वनि के साथ श्रद्धालुओं को अयोध्या के लिए विदा किया गया।


    सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर से श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए सभी तीर्थ यात्रियों को नि:शुल्क ले जाना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता को प्रदर्शित कराता है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन से चौथी बार श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाया गया।

    श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना का प्रदेश के नागरिक लाभ ले रहे है। उन्होंने प्रभु श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। उन्होंने दर्शनार्थियों से बातचीत कर तीर्थ यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत किरण साहू, सदस्य जिला पंचायत देवकुमार साहू, कोमल सिंह राजपूत, खूबचंद पारख, सचिन बघेल, भरत वर्मा, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल, उप संचालक समाज कल्याण वैशाली मरडवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : खरीफ विपणन वर्ष 2025, धान विक्रय हेतु पंजीयन 25 नवम्बर तक

  • राजनांदगांव : खरीफ विपणन वर्ष 2025, धान विक्रय हेतु पंजीयन 25 नवम्बर तक

    राजनांदगांव । शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025 में धान विक्रय हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हेतु तिथि में वृद्धि करते हुए 25 नवम्बर 2025 तक की गई है। धान विक्रय हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन के लिए छूटे हुए किसान निर्धारित तिथि तक अपने संबंधित तहसील कार्यालय में संपर्क कर सकते है। किसानों द्वारा पंजीयन, आवश्यकतानुसार कैरीफारवर्ड या संशोधन का कार्य नहीं करने पर धान विक्रय करने एवं कृषक उन्नति योजना के लाभ से वंचित हो सकते है।
    उल्लेखनीय है कि गत वर्ष खरीफ 2024 में जिले के 133285 कृषकों ने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया था।

    उनमें से 124308 किसानों ने इस वर्ष खरीफ 2025 में पंजीयन कैरीफारवर्ड कराया है। 1646 कृषकों के निरस्तीकरण के बाद भी अभी 7331 कृषकों का कैरीफारवर्ड छूटा है। शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में शेष कृषक, नवीन पंजीयन, डूबान, वन पट्टाधारी कृषकों के कैरीफारवर्ड तथा पंजीकृत फसल व रकबे में संशोधन हेतु 25 नवम्बर 2025 तक अतिरिक्त समय का प्रावधान तहसील लॉगिन में किया गया है।

  • CG : छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित 

    प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय

    रायपुर,

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित

    जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आज 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। 

    रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं।

    बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। राजनांदगांव जिले को केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। 

     महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं। 
     
    बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। 

    धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। 

  • Rajnandgaon: सामूहिक रक्तदान — राजनांदगांव में आबकारी विभाग की सराहनीय पहल, 40 कर्मचारियों ने किया रक्तदान

    राजनांदगांव। श्री अभिषेक तिवारी, प्र0 सहायक आयुक्त आबकारी, राजनांदगांव के तत्वावधान में आज दिनांक 18-11-2025 को बिलासा ब्लड बैंक, राजनांदगांव में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की गई। इस अवसर पर आबकारी विभाग के 40 कर्मचारियों ने रक्तदान कर मानवतावादी कार्य का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

    इस कार्यक्रम के दौरान श्री अभिषेक तिवारी ने बताया कि विभाग आगामी समय में भी अधिक से अधिक मात्रा में निःस्वार्थ रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित रहेगा, ताकि जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

  • राजनांदगांव : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26, किसान शंकरलाल को समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना से मिला आर्थिक संबल

    – धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होने पर की प्रशंसा
    राजनांदगांव 18 नवम्बर 2025। शासन की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति से धान उपज का बेहतर मूल्य मिलने पर जिले के किसानों में हर्ष व्याप्त है। धान खरीदी केन्द्र सुकुलदैहान में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान के किसान शंकर लाल साहू धान विक्रय करने आए थे। किसान शंकर ने बताया कि उनके पास 2 एकड़ 76 डिसमिल जमीन है, जिसमें उन्होंने धान की फसल ली थी। जिसकी उपज इस वर्ष बहुत अच्छी हुई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन मोबाईल एप्प टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटवाकर धान खरीदी केन्द्र सुकुलदैहान में साढ़े 57 क्ंिवटल धान का विक्रय करने आए हैं। सोसायटी से अच्छी गुणवत्ता वाला बारदाने मिला है।

    उन्होंने कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान विक्रय करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई है। इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान की तौलाई तेजी से हुई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से उनके समय की बहुत बचत हुई है। किसान शंकर लाल ने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना का अच्छा लाभ मिला था। जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला। किसान शंकर लाल ने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति क्ंिवटल 3100 रूपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी से किसानों की आर्थिक उन्नति हो रही है। किसानों को उनके वास्तविक उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने राज्य शासन की धान खरीदी नीति से किसानों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त की राशि के रूप में जिले के 1 लाख 3 हजार 203 किसानों को 20 करोड़ 64 लाख रूपए की राशि का होगा भुगतान

  • राजनांदगांव : पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त की राशि के रूप में जिले के 1 लाख 3 हजार 203 किसानों को 20 करोड़ 64 लाख रूपए की राशि का होगा भुगतान

    राजनांदगांव । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 19 नवम्बर 2025 को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त की राशि का भुगतान किया जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के रूप में जिले के 1 लाख 3 हजार 203 किसानों को 20 करोड़ 64 लाख रूपए का आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली द्वारा सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरण किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार 19 नवम्बर 2025 को पीएम किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

    कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वय से जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं पंचायत स्तर पर पीएम किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही ब्रॉडकास्ट लिंक के माध्यम से भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते है। कृषि विभाग द्वारा सभी कृषकों एवं नागरिकों से पीएम किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मोबाईल, लेपटॉप से लिंक https://pmindiawebcast.nic.in कनेक्ट कर या निकटतम आयोजित पीएम किसान दिवस कार्यक्रम में उपस्थित होकर सहभागी बनने की अपील की गई है।


    उल्लेखनीय है कि देश में आजीविका के लिए केवल कृषि फार्म पर निर्भर लघु, सीमांत तथा दीर्घ कृषकों को आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत की गई थी। योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के हिसाब से वर्ष में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। राजनांदगांव जिले के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20 किश्तों में 22 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : अनुसूचित जाति, जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए अंतिम तिथि निर्धारित

  • राजनांदगांव : अनुसूचित जाति, जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए अंतिम तिथि निर्धारित

    राजनांदगांव । अनुसूचित जाति, जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2025 तक निर्धारित की गई है। वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जाति के 62 एवं अनुसूचित जनजाति के 12, वर्ष 2022-23 में अनुसूचित जनजाति के 13, वर्ष 2023-24 में अनुसूचित जाति के 4 प्रकरण लंबित है।

    इसी तरह वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति के 14 एवं अनुसूचित जनजाति के 3 प्रकरण के निराकरण के लिए 31 दिसम्बर 2025 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग राजनांदगांव से प्राप्त की जा सकती है।  

    इसे भी पढ़े : राजनांदगांव : राज्य वीरता पुरस्कार हेतु 20 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित