Lokesh Sharma | Editor
Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
कोरबा। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज एक दिवसीय कोरबा प्रवास पर रही। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण-सेवा भारती का अवलोकन किया और यहाँ निवासरत बच्चों के सम्बंध में जानकारी ली। उन्होंने यहाँ उपलब्ध सुविधाओं और बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई से चर्चा कर बच्चों को मिल रही सुविधाओं से अवगत हुई।
मंत्री राजवाड़े ने उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री राजवाड़े ने विभाग के गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को लाभ मिला है। आर्थिक समृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह आसान हुई है और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, डीपीओ रेणु प्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा विभाग के अधिकारी, प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कोरबा। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के द्वारा बुधवार 24 सितबंर को जिला पंचायत सभागार, कोरबा में रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएमपी) योजना के अंतर्गत ‘‘ई-मार्केटप्लेट एवं डिजिटल मार्केटिंग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए बाजार विकास’’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में जिले के दर्जनों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों, महिला उद्यमियों एसएचजी सदस्य एवं पीएफएमई व पीएमईजीपी एवं स्टार्टअप ने भाग लिया। मास्टर ट्रेनर द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफार्म एवं डिजिटल मार्केटिंग के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं को साझा किया जिन पर ट्रेनर द्वारा समाधान एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
विनय टेगर, महाप्रबंधक ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने की दिशा में अहम भूमिका निभाते है और भविष्य में ऐसे और भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होने कार्यशाला में उपस्थित मास्टर ट्रेनर एवं उद्यमियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जिनेंद्र कुमार टोंडरे की अदालत ने एक हत्या प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त धर्मेंद्र चंद्रवंशी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त को जेल भेजने के लिए जेल वारंट जारी कर दिया है।
मामला क्या है
अदालत में चले मुकदमे के अनुसार अभियुक्त धर्मेंद्र चंद्रवंशी पिता जबर सिंह उम्र 21 वर्ष, निवासी टेटलापारा थाना इंद्रावती जिला गरियाबंद, हाल मुकाम रायल पोल्ट्री फार्म, धनी मोड़ थाना मुजगहन जिला रायपुर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304(B), 306 और 34 के तहत मामला दर्ज था। सुनवाई के दौरान अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
अदालत का आदेश
फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्त को धारा 304(B) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपए का अर्थदंड दिया जाता है। अर्थदंड न भरने पर अतिरिक्त एक माह का कारावास भुगतना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि सजा भुगतने के दौरान अभियुक्त को उचित श्रेणी की जेल में रखा जाएगा और कैदी के सभी अधिकारों का पालन किया जाएगा।
जेल प्रशासन को निर्देश
जारी किए गए आदेश के अनुसार, जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल रायपुर को अभियुक्त को हिरासत में लेकर वारंट के मुताबिक सजा दिलवाने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने कहा कि अभियुक्त को सुरक्षित तरीके से जेल पहुँचाया जाए और उसकी सजा की गणना आज से की जाएगी।
जुर्माना और कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्त 1,000 रुपए का अर्थदंड अदा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त एक माह की कैद भुगतनी होगी। वारंट के साथ अदालत की हस्ताक्षरित प्रति जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। यह आदेश 25 सितम्बर 2025 को जारी किया गया, जिस पर द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रायपुर (छ.ग.) की विधिवत मुहर और हस्ताक्षर मौजूद है।
राजनांदगांव नवरात्र पर्व पर बसंतपुर स्थित कृषि उपज मंडी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मंडी परिसर में बाबा केदारनाथ धाम बनाया गया है। करीब 55 फीट ऊंचा बाबा केदारनाथ का मंदिर बना कर इसमें मां बम्लेश्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ से एक विशाल शिला लाकर स्थापित की गई है। शिला केदारनाथ मंदिर की असली शिला की तरह है। इस शिला की लंबाई एवं चौड़ाई करीब 4 से 5 फीट है जिस मुख्य मंदिर में स्थापित किया गया। मंदिर को बाबा केदारनाथ धाम और मंदिर का स्वरूप दिया गया है।
भक्त बाबा केदारनाथ का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में विशाल पंडाल सजा कर मांग दुर्गा की विशाल प्रतिमा विराजित की गई है। इस पंडाल और केदारनाथ धाम को रंगी विद्युत झालरों से सजाया गया है। पहाड़ों के बीच से मां मनसा के चित्रों का दर्शन करते भक्त आगे बढ़ते है। केदारनाथ धाम मंदिर परिसर के किनारे विशाल सफेद रंग के पहाड़ बनाए गए और यहां ठंडकता महसूस होती है। कोलकाता के कारीगरों ने धाम तैयार किया इसमें उपयोग आने वाले बांस कोरबा से मंगाए जिनकी लंबाई करीब 25 फीट है।
मंडी परिसर में मेले में खानपान सहित अन्य दुकानें लगी हुई हैं मंडी परिसर में लगे नवरात्र मेले का आनंद लेने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहें है। यहां विशाल झूले और खिलौनों की दुकानें सजी है। खानपान की सामग्री की दुकानों में लोग इसका आनंद ले रहे। श्रद्धालु भक्तों के लिए रोज प्रसादी भंडारा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें समिति के सदस्य भक्तों को प्रसादी वितरण में सहयोग करते है। भीड़ को नियंत्रित करने समिति सदस्यों को विभिन्न स्थानों में तैनात किया गया है। शाम होते ही यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है। यहां पार्किग की व्यवस्था है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़ी चित्रकारी भी यहां पर की गई है रंगीन रोशनी वाले झूमरों के बीच से चल कर बांस और टोकरियों से बनी एक विशालकाय गुफा से बाबा केदारनाथ थाम में एंट्री होती है। यहां विशाल पर्दों में रंग.बिरंगे धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़ी चित्रकारी की गई है। इसके बाद बाबा केदारनाथ का विशाल मंदिर दिखाई देता है। मंदिर के भीतर सुनहरे रंग से साज सज्जा की गई। इसमें ओम क आकृति एवं कला का प्रदर्शित किया गया है। वहीं बीच में डोंगरगढ़ से लाई गई विशाल शीला को स्थापित किया गया है। इसके सामने विशालकाय नंदी महाराज बैठे हैं।
स्थानीय निकायों के निर्वाचन 2025 के उत्कृष्ट प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग हुआ नामांकित
रायपुर,
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकायों के निर्वाचन 2025 के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड के लिए नामांकित हुआ है। आयोग को संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क(UNPAN) की शोध संस्था International Centre for Parliamentary Studies (ICPS) द्वारा अवार्ड हेतु नामांकित किया गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रबंधन की पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के नेतृत्व में मिली सफलता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयोग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को ICPS ने स्वीकार किया है। आयोग द्वारा नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 को एक साथ संपन्न कराने की पहल को ICPS ने उत्कृष्ट उपलब्धि मानते हुए विजेता अवार्ड अथवा Special Recognition for Outstanding Achievement Award तक के लिये नामांकित किया है।
ICPS : लोकतांत्रिक व्यवस्था पर शोधरत संस्था ICPS का मुख्यालय लंदन (यू.के.) स्थित मिलबैंक टावर में है। यह संस्था संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की सहयोगी है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अध्ययन, अनुसंधान करती है एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र की मजबूती के लिए विभिन्न सरकारों को सुझाव देती है।
बोत्सवाना की राजधानी गेब्रोन में होगा अवार्ड समारोह अवार्ड वितरण कार्यक्रम 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2025 के मध्य बोत्सवाना की राजधानी गेब्रोन में आयोजित होगा। ICPS ने आयोग के प्रतिनिधियों को समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया है। आयोग की ओर से सुखनाथ अहिरवार, सचिव तथा आलोक कुमार श्रीवास्तव, उप सचिव को अधिकृत किया गया है। शासन से विदेश प्रवास की अनुमति प्राप्त होने पर वे छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कृषि मंत्री नेताम ने आमजनों को स्वच्छता के लिए किया प्रेरित
रायपुर,
स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार करने स्वच्छता अभियान तहत बलरामपुर स्थित बाजार परिसर में एक दिन-एक घंटा स्वच्छा ही सेवा अभियान के तहत कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सामूहिक श्रम कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।
मंत्री नेताम ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं है, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। स्वच्छता हर नागरिक का दायित्व है। इसके लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता के महत्व को बताते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से हर कार्य आसानी से संभव है। हम सभी प्रतिदिन थोड़ी देर भी सफाई के लिए निकालें तो पूरा जिला स्वच्छ और साफ हो जाएगा।
मंत्री नेताम ने कहा कि जब हम सब मिलकर एक दिन, एक घंटा, एक साथ-सफाई के लिए समय देंगे, तभी स्वच्छ जिला, राज्य और देश बनेगा। स्वच्छ वातावरण से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति भी होती है। मंत्री नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रयास को सफल बनाने जिले के आम नागरिकों से स्वच्छता अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।
इस दौरान कलेक्टर राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट‘ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार बोर्ड के 76वें स्थापना दिवस 20 सितंबर 2025 को बेंगलूर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद एवं बोर्ड सदस्य के. सुधाकर के हाथों प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उप संचालक रेशम मनीष पवार ने ग्रहण किया।
छत्तीसगढ़ में रेशम की गतिविधियाँ विशेषकर दूरस्थ आदिवासी अंचलों में रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनी हैं। वर्तमान में लगभग 78 हजार ग्रामीण महिलों एवं पुरुषों रेशम विभाग की विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर स्व-रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
राज्य में टसर कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार पौधारोपण और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। “मेरा रेशम मेरा अभिमान” कार्यक्रम के अंतर्गत वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी और उनके प्रश्नों के सरल समाधान भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
इस दौरान रायगढ़ जिले को “उत्कृष्ट जिला” तथा ललित गुप्ता (ग्राम आमाघाट, तमनार, रायगढ़) को “उत्कृष्ट कृषक” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गुप्ता लंबे समय से टसर कृमिपालन से जुड़े हैं और अपने क्षेत्र में प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कार्यों की सराहना से यह प्रमाणित होता है कि राज्य रेशम उत्पादन न केवल स्व-रोजगार के अवसर बढ़ा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय से राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर,
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
एसडीआरएफ/एनडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावितों के रेस्क्यू का किया लाइव अभ्यास
रायपुर,
भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए दुर्ग जिले के शिवनाथ नदी में आज राज्य स्तरीय मॉकड्रिल आयोजित की गई। नगर सेना विभाग द्वारा जिला स्तर पर उपलब्ध समस्त बाढ़ बचाव संसाधनों का प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल की शुरुआत इंसिडेंट कमाण्डर एवं एडीएम अभिषेक अग्रवाल के कमांड से हुआ। उनके कमांड मिलते ही एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों ने उफनती शिवनाथ नदी में उतरकर ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन किया।
अभ्यास के दौरान यह परिदृश्य बनाया गया कि अतिवृष्टि से नदी में जलभराव होने पर ग्रामीण लकड़ी या छोटे नाव से नदी पार कर रहे थे, तभी नाव पलट गई और लोग डूबने लगे। इस स्थिति में मोटर बोट, स्क्यूबा डाइविंग, अंडरवॉटर कैमरा, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, आस्का लाइट, पेलिकन लाइट और सर्च लाइट का उपयोग कर बचाव अभियान चलाया गया।
रेस्क्यू टीमों ने तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों, पेड़ों पर चढ़े ग्रामीणों और पुल टूटने से अलग-थलग पड़े लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ग्रामीण नदी में गिर गए थे, जिन्हें त्वरित कार्रवाई कर बचाया गया। इसी दौरान एक नाव पलटने पर टीम के सदस्यों को भी सुरक्षित निकाला गया। डूबे हुए व्यक्तियों को फस्ट एड, सीपीआर और डीप डाइविंग कर रेस्क्यू किया गया।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉकड्रिल से आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्यवाही संभव हो सकेगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने हेतु अभ्यास के दौरान घरेलू सामग्री जैसे टीपा, भगोना, ड्रम, मटका, ट्यूब आदि से राफ्ट बनाने और पानी की बोतल को एयरटाइट कर अस्थायी लाइफ जैकेट की तरह इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया गया।
मॉकड्रिल के अंतर्गत अंजोरा स्थित पंचायत प्रशिक्षण भवन में राहत शिविर लगाया गया, जहां बाढ़ प्रभावितों के लिए रहने, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई। प्रभावित गांवों के पशुओं के लिए भी दवाई और चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, एएसपी अभिषेक झा, नगर सेना कमाण्डेंट नागेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं सिल्ली थॉमस, डिप्टी कलेक्टर लवकेश ध्रुव, हितेष पिस्दा, उत्तम ध्रुव, डॉ. सीबीएस बंजारे एवं उनकी टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना के जवान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव, तुमड़ीबोड़ क्वांर नवरात्रि में दुर्गोत्सव के पावन अवसर पर ग्राम तुमड़ीबोड़ में 27 सितंबर को शाम 4 बजे चुनरी यात्रा निकाली जाएगी। विशेष रूप से रथ में मातारानी एवं हनुमान जी विराजित रहेंगे।
51 फिट की विशाल चुनरी यात्रा दुर्गा चौक से प्रारंभ होकर हनुमान मंदिर, शीतला मंदिर से दुर्गा पंडाल में मातारानी को चुनरी भेंट की जाएगी। आयोजन समिति ने इस चुनरी यात्रा में सभी भक्तों को शामिल होने की अपील की है। ग्राम में स्थापित सार्वजनिक दुर्गोत्सव में माता दुर्गा के दर्शन, शीतला मंदिर में ज्योत और ग्राम में जंवारा के दर्शन के लिए लोगों का लगातार आना जाना जारी है।
रायपुर, राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने सात मुख्य अभियंताओं के नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर में वास्तुविद, डिजाइन एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे की बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता के रूप में नवीन पदस्थापना की गई है। सरगुजा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता नागेश कुमार जयंत को दुर्ग परिक्षेत्र, ए.डी.बी. परियोजनाओं के निदेशक पी.एम. कश्यप को रायपुर परिक्षेत्र, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एम.एल. उरांव को बस्तर परिक्षेत्र तथा रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप को राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र का मुख्य अभियंता बनाया गया है।
राज्य शासन द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता जी.आर. रावटे की प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर में वास्तुविद, डिजाइन एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता के रूप में नई पदस्थापना की है। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भोलाशंकर बघेल को सरगुजा परिक्षेत्र का मुख्य अभियंता बनाया है। बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता विजय सिंह कोरम को प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर में मुख्य अभियंता (प्रशासन) पदस्थ किया गया है।
‘ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक 18.37 करोड़ की सड़क परियोजना मंजूर’’
‘‘प्रकृति प्रेमियों के स्वर्ग दनगरी घाट को मिलेगी बेहतर सड़क सुविधा’’
रायपुर,
प्रकृति प्रेमियों और रोमांच चाहने वालो के लिए एक मनमोहक सांस्कृतिक यात्रा आपको सब कुछ प्रदान करता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग होने के अलावा, जशपुर एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी घर है। यहाँ रहने वाले आदिवासी समुदायों की अपनी अनूठी परंपराएँ, कलाएँ, संगीत और लोककथाएँ हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड स्थित ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक सुगम यातायात के लिए 13.60 किमी सड़क निर्माण के लिए 18 करोड 37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई हैं। निर्माण हेतु आगे की प्रक्रिया जारी है। लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है। घने जंगलों, कल-कल बहते झरनों, पहाड़ी नदियां, ऊँचे पहाड़ों और पठारों से घिरा जशपुर प्राकृतिक खूबसूरती का अद्वितीय खजाना है। पर्यटकों के लिए सहज आकर्षित करने वाले इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद जशपुर की इन पर्यटन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान देने के साथ ही रोजगार के नए अवसर निर्मित करना है। ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक सडक बन जाने से आसपास के ग्रामों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जशपुर मुख्यालय से लगभग 88 किमी दूर घने जंगलों में स्थित यह झरना ऊँची चट्टानों से तीन-चार धाराओं में गिरता है। शांत, मनोहारी और रोमांच से भरपूर यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं।
‘‘पर्यटन बन रही है जशपुर की नई पहचान’’ ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने 14 सितंबर को बगिया से सामुदायिक पर्यटन के तहत जशपुर के पांच ग्रामों में होम स्टे की शुरुआत की थी, जिसमें दनगरी भी शामिल है। यह नीति लागू करने का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर निर्मित करने के साथ ही देश-दुनिया के पर्यटकों को यहां की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन से परिचय कराना भी है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। जशपुर के पर्यटन स्थलों की जानकारी के लिए पर्यटन वेबसाइट https://www.easemytrip.com/ में जगह दी गई है।
प्रदेश में ”महिला कृषकों के लिये उपयुक्त सहयोगी कृषि उपकरण विषय पर 22 सितंबर से 24 सितंबर तक आयोजित तीन दिसवीय प्रशिक्षण कार्यक्रम“ सम्पन्न हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड धरसीवां के ग्राम सिलतरा में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, ट्रैक्टर नगर, बुदनी मध्यप्रदेश, राज्य स्तरीय कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर, कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई थी।
प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले दिन पंजीयन उपरांत प्रशिक्षण की रूपरेखा से अवगत कराया गया तथा बुदनी में वर्ष भर होने वाले आवासीय प्रशिक्षणों के संबंध में जानकारी दी गयी। कार्यशाला में बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त करके ना सिर्फ महिलायें बल्कि गांव के युवा वर्ग ग्रामीण आजीविका का एक नया साधन स्वयं के लिये बना सकते हैं। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम निशुल्क रहते हैं तथा तिथिवार प्रशिक्षण कैलेंडर संस्थान की वेबसाईट https://fmttibudni.gov.in/index.php/en/ में उपलब्ध रहता है। यह संस्थान भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आता है। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि वर्ष 1955 से किसानों के हित व कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा देने का कार्य इस संस्थान द्वारा किया जा रहा है। महिलाओं हेतु उपयोगी कृषि उपकरणों की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दूसरे दिन निंदाई-गुड़ाई एवं उद्यानिकी फसलों के लिए उपयोग किये जाने वाले उपकरणों जैसे खुरपी, सेरेटेड हंसिया, हैण्ड हो, सिकेटियर, ट्री प्र्रुनर, हेज सियर (कैंची) आदि के उपयोग के संबंध में विस्तार से बताया गया। साथ ही छिड़काव के लिये उपयोग होने वाले सभी प्रकार के स्प्रेयर जैसे कि हैण्ड स्प्रेयर, हस्तचलित नैपसेक स्प्रेयर, बैटरी चलित नैपसेक स्प्रेयर, इंजन चलित नैपसेक स्प्रेयर के विषय में भी प्रदर्शन कर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के तीसरे दिन महिलाओं को इंजिन चलित वीडर जिसका उपयोग निंदाई के लिए, ब्रश कटर जिसका उपयोग झाड़ियों की कटाई-छंटाई के लिए, डिबलर जिसका उपयोग बीजों को उचित दूरी पर बोने की जानकारी दी गई। वहीं चाफ कटर, मिनी राईस मिल मसाला मशीन के विषय में बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं द्वारा पूछे गये प्रश्नों का समाधान भी किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिलतरा एवं आसपास के गांव मटिया, बरबंदा, टांडा, नेउरडीह आदि की कृषक उत्पादक संगठन एवं समूह से जुड़ी लगभग 250 महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुदनी से रॉय सिंह गुर्जर, तकनीकी सहायक कोमल सिंह, वरिष्ठ तकनीशियन, राज्य स्तरीय कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर से आलोक पाल, सहायक अभियंता, प्रवीण वर्मा, यांत्रिक सहायक, कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर से डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, विषय वस्तु विशेषज्ञ सहित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) सत्य सांई महिला बहुउद््देशीय सहकारी समिति, टेकारी की अध्यक्ष गिरिजा बंजारी सहित महिला कृषक शामिल थी।
दुर्ग । मोहन नगर थाना क्षेत्र के कादंबरी नगर निवासी अनिल बंसल बुधवार शाम से लापता हैं। बंसल की सफेद वैगनआर कार नंदनी थाना क्षेत्र के डूमा पथरिया के पास नदी किनारे मिली है। 48 वर्षीय बंसल बुधवार शाम को बिना कुछ बताए घर से निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने मोहन नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बंसल के परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। वे दो भाइयों में से एक हैं। गुरुवार सुबह उनकी कार नदी किनारे संदिग्ध हालत में मिली। पुलिस ने तुरंत SDRF टीम को बुलाया। टीम नाव और गोताखोरों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चला रही है।
मोहन नगर और नंदनी पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज की जांच कर रही है। परिवारजन इस घटना के बाद सदमे में हैं। उनका कहना है कि अनिल बंसल ने घर से बिना कुछ बताए अचानक बाहर कदम रखा। वे यह भी नहीं जानते कि वह किस वजह से घर छोड़कर गए। परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द उनका पता लगाने की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस के पास केवल कार का सुराग है। SDRF की टीम द्वारा चलाया जा रहा तलाश अभियान जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनिल बंसल की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि इस नृत्य नाटिका भाओना के माध्यम से असम राज्य की संस्कृति और भावना का सशक्त प्रदर्शन हो रहा है, जिसे श्रीमंत शंकर देव ने लगभग 500 वर्ष पूर्व लिखा था। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में अंतर्राज्यीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर असम से आए कलाकारों ने पौराणिक ग्रंथ रामायण में वर्णित सीता पाताल गमन प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका भाओना सीता पाताल गमन की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ दोनों में रामायण कालीन संस्कृति की छाप स्पष्ट दिखाई देती है और दोनों राज्यों की सांस्कृतिक परंपराएं आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। डेका ने असम के रहने वाले देश के विख्यात गायक जुबीन गर्ग जिनका हाल ही में आकस्मिक निधन हो गया था, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल डेका ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, रिकेश सेन अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. आर. प्रसन्ना, संस्कृति विभाग के संचालक एवं अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की विविधता और उसकी गहराई से अवगत कराया।
रायगढ़। अग्रोहा प्लांट में काम करते समय एक श्रमिक गर्म राख से झुलस गया। जहां उसे ईलाज के लिए अस्पताल लाया गयाए लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले की सूचन पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्रामीण चवंरपुर का रहने वाला उमेश चौहान 20 साल करीब 3 माह से गेरवानी स्थित अग्रोहा स्टील प्लांट में लेबर कॉलोनी में रहकर मजदूरी काम कर रहा था। जहां बुधवार को प्लांट में उसकी ड्यूटी ए शिप्ट में रखी थी और वह जब प्लांट में काम करने गयाए तो इस दौरान चिमनी के चेंबर में राख जाम मिलाए जिसे निकालने की उसने कोशिश कीए तो अचानक से काफी मात्रा में गर्म राख उसके उपर गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस कर घायल हो गया। जब घटना को आसपास के अन्य मजदूरों ने देखाए तो वहां काफी संख्या में मजदूरों की भीड़ इक्ट्ठा हो गई।
धमतरी । जिले के नगरी रोड पर गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यात्री बस पलटने से 4 साल की बच्ची रागिनी निषाद की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल धमतरी में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, डीआरडी कंपनी की यात्री बस (CG/04/E/2872) धमतरी बस स्टैंड से नगरी की ओर जा रही थी। बस में सवारियां एक तरफ ज्यादा बैठी थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे, खड़ादाह गांव के पास (थाना केरेगांव क्षेत्र, स्टेट हाइवे) पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस और पेट्रोलिंग टीम पहुँची घटना की सूचना मिलते ही केरेगांव पुलिस मौके पर पहुँची। साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग-2 के प्रधान आरक्षक चमन ध्रुव और आरक्षक वेद मरकाम ने मौके पर राहत कार्य शुरू किया।
अस्पताल लाए गए यात्री हादसे में घायल हुए टीकाराम साहू (58) और उनकी पत्नी कुमारी बाई साहू (54), निवासी ग्राम बेलौदी को जिला अस्पताल पहुँचाया गया। इसके अलावा, 108 एंबुलेंस से कलेसिया निषाद (निवासी ग्राम बासनवाही) और उनकी नातिन रागिनी (4 वर्ष) को भी अस्पताल लाया गया। जाँच के बाद डॉक्टर तेजस शाह ने रागिनी को मृत घोषित कर दिया।
घायल कलेसिया बाई ने बताया कि वे अछोटा रिश्तेदार के घर आई थीं और अपनी नातिन रागिनी के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
फिलहाल, केरेगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर । राजधानी से एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। फिल्म हेरा फेरी की तर्ज पर ठग ने 100 दिन में पैसे डबल करने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के करीब दो दर्जन निवेशकों से 5 करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़ितों ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी और रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
आरोपी की पहचान पुलिस ने आरोपी की पहचान अनिरूद्ध दलवी निवासी बेलगाम, कर्नाटक के रूप में की है। उसने खुद को ए स्क्वायर ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी का एमडी और आईसीआईसीआई बैंक का फंड मैनेजर बताकर निवेशकों को विश्वास में लिया। आरोपी ने डीमैट खाते में सौ करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी और लाइव ट्रेडिंग दिखाकर लोगों का भरोसा जीता।
कैसे दिया धोखे का जाल? पीड़ित अनवर मोहम्मद (रायपुर निवासी) की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बताया कि निवेश करने पर 100 दिन तक प्रतिदिन 2% मुनाफा मिलेगा और अंत में रकम दोगुनी लौटाई जाएगी। उसने निवेशकों को सुरक्षा के लिए भूमि समझौते और चेक देने का भी झांसा दिया।
लालच में आकर रायपुर, दुर्ग, जांजगीर, कोरबा, झारखंड और आंध्र प्रदेश तक के लोगों ने जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच नकद और ऑनलाइन मिलाकर करीब 5 करोड़ रुपये जमा किए।
शुरुआत में किया भरोसा पक्का शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि सबसे पहले 5.40 लाख रुपये निवेश करने पर आरोपी ने उसके खाते में करीब 30 हजार रुपये लौटाए। इससे भरोसा बढ़ा और अन्य परिचितों व रिश्तेदारों ने भी रकम जमा कर दी।
ठगी का खुलासा अप्रैल 2025 के बाद जब ब्याज मिलना बंद हुआ तो लोगों ने पैसे वापस मांगे। आरोपी ने कभी सॉफ्टवेयर अपडेट, कभी वेबसाइट हैकिंग, तो कभी ट्रेडिंग खाते में फंड न होने का बहाना बनाकर सभी को टालना शुरू कर दिया। छह महीने तक टालने के बाद पीड़ितों को समझ आया कि वे ठगी के शिकार हो चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई पीड़ितों ने थक-हारकर टिकरापारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और उसके मोबाइल नंबर व बैंक खातों के आधार पर तलाश की जा रही है।
रायपुर । जवाहर नगर मंडल ने 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 109 वीं जयंती मंडल के वार्डो में बूथ स्तर पर मनाई। इस अवसर पर आज सुबह 10 बजे तात्यापारा वार्ड क्र 36 स्थित दुलार धर्म शाला बढ़ई पारा मुख्य मार्ग पर पंडित दीनदयाल की छायाचित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें जवाहर मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व वार्ड वासियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष का स्मरण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व साभापति, लौह शिल्पकला बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल का मूल मंत्र कार्यकर्ताओं का सम्मान था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मक मानववाद के संस्थापक थे। जनसंघ की संस्थापक सदस्य में एक थे। वे जनसंघ के महासचिव और अध्यक्ष भी बनाए गए।
तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधीं वार्ड के पार्षद व एमआईसी सदस्य अवतार सिंह बागल, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश पांडे, जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष संदीप जंघेल, भाजपा जिला से असगर अली, मनोज विश्वकर्मा मंडल महामंत्री रमेश शर्मा, गीता रेड्डी, रिखी राम श्रीवास, कान्हा सिंह ठाकुर, सूरज शर्मा, शंकर शर्मा, नीलू तलमेल, दिनेश अग्रवाल, संतोष निहाल, राहुल विश्वकर्मा, पूनम सोनी, प्रियंका साहू, सरोज गुरुगोसाई, विजय सोनी, दीप लक्ष्मी साहू, कुशल गेडेकर, मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन के साथ मोहल्ला वासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
दुर्ग । दुर्ग जिले के संगठन को सशक्त बनाने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए जिला भाजपा पदाधिकारियों की घोषणा औपचारिक रूप से की जाती है। यह नियुक्तियाँ पार्टी की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त व संगठित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।