lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : बाढ़ में फंसे आतुरगांव व सिंगारभाट के ग्रामीणों को रेस्क्यू कर बचाया गया, मवेशियों की भी बचाई गई जान

    बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत बचाव राहत हेतु नगर सैनिकों ने किया ‘मॉक ड्रिल’

    उत्तर बस्तर कांकेर, होमगार्ड के सैनिक आज सुबह सिंगारभाट के जिला सेनानी कार्यालय परिसर में ग्राम आतुरगांव व सिंगारभाट के बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को फौरी तौर पर रेस्क्यू करते हुए उनकी जान बचाई। साथ ही बाढ़ की चपेट में आए गाय-बकरियों को भी तात्कालिक रूप से बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस दौरान प्रशिक्षित नगर सैनिकों ने पानी में डूबते हुए ग्रामीण, बाढ़ के चलते पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाते हुए युवक तथा दूसरे छोर पर फंसे ग्रामीणों की जान बचाई।
    यह दृश्य जिला कार्यालय से लगे ग्राम सिंगारभाट के जिला सेनानी कार्यालय परिसर में आज सुबह देखने को मिला, जब नगर सैनिकों ने आपातकालीन स्थिति में किए जाने वाले आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य का मॉक ड्रिल (काल्पनिक दृश्य) किया। भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदा एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाने व राहत दिलाने के लिए उक्त मॉक ड्रिल संबंधित विभागों के परस्पर समन्वय से किया गया। इस दौरान नगर सैनिक के जवानों ने बचाव कार्य के लिए क्रमशः बोट को प्रभावित क्षेत्र में लेकर जाना, उसमें सभी प्रकार के आवश्यक उपकरण रखना, फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन कराते हुए पीड़ित ग्रामीणों को लाइफ जैकेट पहनाकर सुरक्षित ढंग से लाने का प्रदर्शन किया। इसके अलावा मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ में फंसे गाय, बैल एवं बकरियों को सुरक्षित ढंग से बाहर निकालने का भी प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात बाढ़ में जलभराव के चलते भवन में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सीढ़ी के माध्यम से बाहर लाने का लाइव डेमो किया गया। इसके बाद प्रभावित लोगों का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण मेडिकल टीम द्वारा किया गया तथा आवश्यकतानुसार उन्हें एम्बुलेंस के जरिए समीप के स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाने का प्रदर्शन किया गया।
    इसके उपरांत नंदनमारा पुल के समीप रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों का मार्ग डायवर्ट करने और राहत प्रबंधन का प्रदर्शन नगर सैनिकों के द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, जिला सेनानी, जल संसाधन, वन, जनसम्पर्क, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, पशु चिकित्सा, विद्युत, खाद्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, दूरसंचार, परिवहन, नगरीय निकाय, कोष एवं लेखा, कृषि तथा एनसीसी के कैडेटस् आदि संपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया से अवगत हुए तथा विभागीय दायित्वों के संबंध में मौके पर उन्हें जानकारी दी गई। इस दौरान एडिशनल एसपी दिनेश कुमार सिन्हा, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर नोडल अधिकारी सरस्वती बंजारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
    बचाव कार्य में प्रयुक्त उपकरणों का किया गया प्रदर्शन
    मॉक ड्रिल के दौरान नगर सैनिकों के द्वारा बाढ़ प्रबंधन एवं बचाव कार्य में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों एवं उनकी उपयोगिता का भी प्रदर्शन किया गया। इनमें एल्युमिनियम बोट, ओबीएम, एचडीपीई लाइफ बोट, लाइफ जैकेट, सर्चिंग लाइट, मनीला रोप, नायलोन रोप, रबर दस्ताने, कटिंग प्लायर, तारपोलिन शीट, चप्पू, लोहा कांटा, कंबल, फर्स्ट एड बॉक्स, ओबीएम स्टैण्ड, लाइफ बोट ट्रॉली तथा माइक इत्यादि शामिल थे।

  • CG : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में ‘भाओना सीता पाताल गमन’ की मनमोहक प्रस्तुति…

    रायपुर । छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में अंतरराज्यीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर असम से आए कलाकारों ने पौराणिक ग्रंथ रामायण में वर्णित सीता पाताल गमन प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका भाओना सीता पाताल गमनकी प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

    कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस नृत्य नाटिका के माध्यम से असम राज्य की संस्कृति और भावना का सशक्त प्रदर्शन हो रहा है, जिसे श्रीमंत शंकर देव ने लगभग 500 वर्ष पूर्व लिखा था। राज्यपाल ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ दोनों में रामायण कालीन संस्कृति की छाप स्पष्ट दिखाई देती है और दोनों राज्यों की सांस्कृतिक परंपराएं आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। राज्यपाल डेका ने असम के रहने वाले देश के विख्यात गायक जुबीन गर्ग जिनका हाल ही में आकस्मिक निधन हो गया था ,उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • CG : कोटरी नाला जलाशय योजना के कार्यों के लिए 21.29 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले के विकासखण्ड-छुरा की कोटरी नाला जलाशय योजना के शीर्ष कार्य मरम्मत मुख्य नहर एवं इसकी अन्य नहरों के रिमॉडलिंग एवं सीमेंट क्रांकीट लाईनिंग कार्य हेतु 21 करोड़ 29 लाख 42 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर योजना की रूपांकित सिंचाई 1485 हेक्टेयर के विरूद्ध 435 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • CG : युक्तियुक्तकरण नीति से संवर रहा बच्चों का भविष्य

    प्रत्येक कक्षा के लिए है अलग-अलग शिक्षक, बच्चों को विषयवार कराई जा रही पढ़ाई

    गांव के सरपंच राजू परतेती ने की इस पहल की सराहना’
        
    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी युक्तियुक्तकरण नीति के चलते छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पहले जहां स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, वहीं अब नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो रही है।

        मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के धानापायली गांव का प्राथमिक शाला में इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला है। जहाँ पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को कभी एक ही शिक्षक से सभी विषय पढ़ने पड़ते थे। शिक्षकों की कमी के चलते दूसरे स्कूल से एक शिक्षिका को भेजा जाता था, जो सभी कक्षाओं और विषयों की जिम्मेदारी निभाती थीं। परिणामस्वरूप, शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा था व एक-एक बच्चों पर ध्यान देना असंभव सा था।

        लेकिन युक्तियुक्तकरण नीति के अंतर्गत दो नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। अब प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग शिक्षक उपलब्ध हैं और बच्चों को विषयवार पढ़ाई कराई जा रही है।

        गांव के सरपंच राजू परतेती ने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि  युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की बेहतर व्यवस्था होने से स्कूल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब हमारे गांव के बच्चे निजी स्कूलों की ओर नहीं देख रहे, बल्कि सरकारी स्कूल में ही गर्व से पढ़ाई कर रहे हैं।

           धानापायली जैसे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का यह बदलाव स्पष्ट संकेत है कि युक्तियुक्तकरण केवल शिक्षक पुनर्वितरण नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को एक नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है। यह नीति न केवल स्कूलों को सशक्त बना रही बल्कि बच्चों के भविष्य को गढ़ने का काम भी कर रही है। 

  • CG : देवपुरी शराब दुकान का अहाता सील…

    गंदगी और प्लास्टिक पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

    रायपुर । नगर निगम ने गंदगी फैलाने और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। निगम स्वास्थ्य विभाग और जोन-10 टीम ने गुरुवार को देवपुरी मेन रोड स्थित सरकारी शराब दुकान के पास संचालित अहाते को सील कर दिया।

    लगातार मिल रही थीं शिकायतें
    स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि शराब दुकान और अहाते के आसपास भारी गंदगी फैली रहती है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जगह पर गंदगी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई।

    प्लास्टिक पर भी कार्रवाई
    निरीक्षण के दौरान अहाता संचालक के पास से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के पानी पाउच और डिस्पोजल जब्त किए गए। स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि देवपुरी इलाके की शासकीय शराब दुकान को भी नोटिस जारी किया जाएगा।

  • CG : जाति प्रमाण-पत्र बनाने का विशेष अभियान, 34 हजार से अधिक बच्चों का बना जाति प्रमाण-पत्र

    37 विद्यालय ने बनाए शत-प्रतिशत जाति प्रमाण-पत्र,  अशासकीय विद्यालय भी शामिल

    जिले के शत-प्रतिशत बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाने तक चलेगा अभियान

     रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में जिले में जाति प्रमाण पत्र बनाने वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों का दस्तावेज संकलन कर शिविर आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जिसमें 49 हजार 874 लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 34 हजार 271 बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। वहीं जिले के 34 विद्यालयों ने अपने शत प्रतिशत विद्यार्थियों जाति प्रमाण पत्र बनाए हैं।                        
            जिले के तीनों विकासखंड मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी के स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जिसमें कक्षा पहली से बारहवीं तक के छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत 15 सितंबर 2025 की स्थिति में 34 हजार 271 जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। जिसमें विकास खंड मोहला में 10 हजार 413 जाति प्रमाण पत्र, इसी तरह विकासखंड मानपुर में 10 हजार 396 एवं विकासखंड अंबागढ़ चौकी में 13 हजार 262 जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति जिले के शत-प्रतिशत बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनने तक आयोजित  किए जाने बात कही। बच्चों का स्कूल में ही जाति प्रमाण पत्र बन जाने से पालकों को बड़ी राहत मिल रही है। 

    37 विद्यालयों ने बनाए शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र’
        जिले के कुल 34 विद्यालय ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। इनमें विकासखंड मोहला के 5, मानपुर के 14 और अंबागढ़ चौकी के 15 विद्यालय शामिल हैं। जिसमें मोहला विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डंडासुर, हर्राटोला, भालापुर, दनगढ़ और शासकीय पूर्व प्राथमिक शाला कोला टोला शामिल हैं। इसी प्रकार अंबागढ़ चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला दूर्रेटोला, संसारगढ़, बालक प्राथमिक शाला दाऊटोला, कन्या प्राथमिक शाला दाऊटोला, बीरूटोला, डूमरघुचा, पूर्व माध्यमिक शाला देवरसुर, हाड़ीटोला, कन्या शिक्षा परिसर अंबागढ़ चौकी, हाई स्कूल देवरसुर, बूटाकसा, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेंगाकटेरा, छछनपहरी, भड़सेना और चिखली। इसी तरह विकासखंड मानपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सेजेश खडगांव, हाई स्कूल डोकला, बोरिया ठेकेदारी, सिवनी, कोराचा, माध्यमिक शाला तेरेगांव कोराचा, संबलपुर, ढाब्बा, बिरजूटोला, प्राथमिक शाला कुंडकल, बोरिया ठेकेदारी, बोरिया पटेलपारा और संबलपुर शामिल है। इसके अतिरिक्त 3 अशासकीय विद्यालयों ने भी शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनाए है। जिसमें हाई स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर औंधी, संदीपनी इंग्लिश मीडियम स्कूल मानपुर, विद्याश्री विस्डम ठाकुर टोला  खड़गांव शामिल है। 

  • CG : झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बिगड़ी बच्चे की हालत, अस्पताल में गई जान…

    बलरामपुर । जिले में झोलाछाप डॉक्टर के चक्कर में एक बच्चे की जान चली गई। जिला मुख्यालय में एक मेडिकल स्टोर संचालक के इंजेक्शन लगाने से बच्चे की तबियत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

    क्या है मामला?
    मामला बलरामपुर जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 8 का है। मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा इंजेक्शन लगाने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी। शंभू मेडिकल स्टोर संचालक ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी और फिर दम तोड़ दिया।

    पैरों में इंजेक्शन लगाया, फिर मौत
    जानकारी के मुताबिक़, 10 वर्षीय बच्चे की पहचान अनमोल एक्का पिता जितेंद्र एक्का के रूप में हुई है। बच्चा सरस्वती शिशु मंदिर बलरामपुर में कक्षा छठवीं में पढता था। उसके पैरों में घाव हो गया था। घाव के इलाज के लिया बच्चे के पिता उसे बुधवार शाम शंभू मेडिकल स्टोर लेकर गया था।

    मेडिकल स्टोर के संचालक ने बच्चे के पैरों में इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने कुछ देर बाद बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। तबियत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया। लेकिन बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस घटना के बाद हड़कंप मच गया, परिजनो का रो रोकर बुरा हाल है। माना जा रहा है इंजेक्शन से बच्चे की मौत हुई है। इस मामलर में सीएमएचओ डा. बसंत सिंह ने कहा कि मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। मामले में शिकायत मिलने पर इसकी जांच कराई जाएगी।

  • CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से मिल रही राहत

    घर की छत पर बन रही बिजली से कोनी निवासी सागर चौधरी का बिल हुआ आधा

    रायपुर, केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। योजना का लाभ उठाकर कृष्णा विहार कोनी निवासी सागर चौधरी ने अपने घर की छत पर 6 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल आधे से भी कम हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

     कृष्णा विहार कोनी में रहने वाले सागर चौधरी ने बताया कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 6 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब तीन लाख 50 हजार रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है। जबसे उनके घर पर सोलर पैनल लगा है, परिवार को बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।

    उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर योजना में एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। साथ ही अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। यह योजना  पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बड़ा कदम है। योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है।योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

  • CG : कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं: आंतरिक समिति नहीं बनाई तो 50 हजार का जुर्माना

    जगदलपुर, कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि अब जिले की सभी दुकानों, शो-रूम, अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों, एनजीओ और ट्रस्टों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाना है। यदि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले किसी भी संस्थान ने यह समिति गठित नहीं की तो उस पर राशि 50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।


    श्रम पदाधिकारी भुपेन्द्र नायक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर हरिस एस. के मार्गदर्शन में जिले के संस्थानों में कार्यरत कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए श्रम विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा जिले के सभी निजी संस्थानों का सर्वे किये जाने हेतु दल का गठन किया गया है। साथ ही यह आदेश महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चत करने की दिशा में बड़ा कदम है श्रम पदाधिकारी ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे शीघ्र ही आंतरिक समिति गठित करें, जिन संस्थानों में समिति नहीं मिलेगी, उन पर कार्यवाही की जावेगी।

  • CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: सौर ऊर्जा से हरित भविष्य की ओर कदम

    योजना बनी आमजन के लिए राहत एवं बचत का नया विकल्प

    रायपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप बिजली बिल की समस्या का समाधान करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का संचालन किया जा रहा है। यह योजना तेजी से बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं और बिजली दरों में इज़ाफ़े के बीच आम नागरिकों के लिए राहत एवं बचाव का नया विकल्प बन रहा है। योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है, इससे न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता घट रही है, जिससे आर्थिक और पारिस्थितिक दोनों स्तरों पर राहत मिल रही है। इस योजना से लाभान्वित होकर आमजन सौर ऊर्जा से हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
        प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजनांतर्गत 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। योजना अंतर्गत लगाए गए सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पन्न बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और उपभोक्ता को उसका लाभ आय के रूप में प्राप्त होता है। इसके साथ ही कम ब्याज दर एवं आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

    लाभ लेने वेबसाइट या मोबाइल एप से करें आवेदन
          इस योजना का लाभ लेने हेतु उपभोक्ताओं को https://pmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar मोबाइल एप पर पंजीकरण कर लॉगिन आईडी प्राप्त करनी होती है। इसके बाद पोर्टल पर सूचीबद्ध वेंडर का चयन कर बिजली विभाग के कर्मचारी की सहायता से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। अनुबंध के बाद वेंडर द्वारा प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर लगाया जाता है। सत्यापन पश्चात सरकार द्वारा सब्सिडी सीधे खाते में अंतरित की जाती है। इसके अतिरिक्त यदि उपभोक्ता चाहे, तो शेष राशि के लिए 07 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी पहल है, जो न केवल आर्थिक रूप से नागरिकों को सशक्त बना रही है, बल्कि अक्षय ऊर्जा की दिशा में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हो रही है।

    उपभोक्ताओं को मंहगे बिजली बिल से राहत
        योजना का लाभ लेने में आमजनों का उत्साह साफ देखा जा रहा है। इस योजना के लाभार्थी मुंगेली संदीपनपुरी गोस्वामी ने बताया कि सरकार की इस योजना से बहुत लाभ मिला। हमनें आवेदन किया, सब्सिडी मिली और छत पर सिस्टम लग गया। अब घर में नियमित बिजली की सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही जो बिजली ज्यादा बनती है, वो ग्रिड में जाती है और उसका फायदा भी हमें मिलता है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन को धन्यवाद देते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस योजना का लाभ लेने की अपील की।

  • CG : बाढ़ आपदा से निपटने हेतु आछोल-समोदा तट पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और नगर सेना की मॉक ड्रिल

    महानदी किनारे आपदा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन, आम नागरिकों को भी दी गई जीवन रक्षक जानकारी

    जिला अस्पताल में राहत कैंप का कमिश्नर एवं कलेक्टर ने लिया जायजा

    महासमुंद, महानदी तटस्थ ग्राम आछोल-समोदा में आज सुबह 10 बजे राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एवं नगर सेना की संयुक्त टीम द्वारा बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की वैज्ञानिक तैयारी को परखना और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था। इसके पश्चात द्वितीय चरण में जिला अस्पताल में राहत शिविर बनाया गया था, जहां आपातकालीन मेडिकल सेवा का प्रदर्शन किया गया। यहां आपातकालीन सेवाओं में तत्काल उपचार और मेडिकल सुविधा का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर महादेव कांवरे एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राहत कैंप और मेडिकल सुविधाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार मौजूद थे।


    अछोला में मॉक ड्रिल कमांडेंट मनीषा ठाकुर रावटे के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू, एएसपी प्रतिभा पांडेय, एसडीएम हरिशंकर पैकरा, स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत, आरटीओ, ग्रामीण, विभागों के अधिकारी-कर्मचारी की मौजूदगी में माॅक ड्रिल सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
    आज सुबह 10 बजे वैज्ञानिक प्रदर्शन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के दल ने नाव, मोटरबोट एवं रस्सी की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीकें दिखाई। बचाव अभ्यास के दौरान तेज धारा में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब एवं रस्सी फेंककर बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। प्राथमिक उपचार व मेडिकल सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने और एम्बुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाने की प्रक्रिया समझाई। पशुधन की सुरक्षा के लिए पशुपालन विभाग ने बताया कि बाढ़ के दौरान मवेशियों को ऊँचे सुरक्षित स्थानों पर कैसे ले जाया जाए। विद्युत विभाग ने आपदा के समय बिजली बंद करने की अनिवार्यता पर बल दिया, वहीं पीएचई विभाग ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के उपाय बताए।
    आम नागरिकों के लिए बचाव के सामान्य तरीके एवं व्यवहारिक सुझाव दिए गए। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ आने पर ऊँचे स्थान पर पहुँचें और भीड़भाड़ से बचें। बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें, पानी को उबालकर पीएं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। साथ ही आपदा प्रबंधन दल द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
    इस मॉक ड्रिल ने न केवल प्रशासनिक अमले को आपदा से निपटने की तत्परता का अनुभव कराया बल्कि आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ाई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास समय-समय पर आयोजित कर लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसी भी जान-माल की हानि को कम किया जा सके। 

  • CG : सार्वजनिक शौचालय सह दुकान में बिक रही अवैध शराब, पूर्व सरपंच पर आरोप…

    7 दिनों के भीतर स्थल खाली करने का आदेश जारी

    बिलाईगढ़ । ग्राम पंचायत टेढ़ीभदरा के आश्रित झुमरपाली में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित सार्वजनिक शौचालय सह दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस स्थल का संचालन कर रहे पूर्व सरपंच हेतराम भारती पर अवैध शराब बिक्री के आरोप लगे हैं। इस पर जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के सीईओ ने उन्हें 7 दिनों के भीतर स्थल खाली करने के निर्देश जारी किए थे।

    आरोप है कि हेतराम भारती पंचायत की बार-बार चेतावनी के बावजूद वहां अवैध शराब का धंधा जारी रखे हुए हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत टेढ़ीभदरा के सरपंच, सचिव और पंचों ने प्रस्ताव पारित कर शिकायत भी की थी। शिकायत में कहा गया कि ऐसे कार्यों से न केवल पंचायत की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि स्थानीय माहौल भी बिगड़ रहा है।

    हालांकि, निर्देश जारी हुए सात दिन बीत जाने के बाद भी स्थल खाली नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

    अब देखने वाली बात होगी कि उच्च अधिकारी इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हैं या फिर आरोपों के मुताबिक सांठगांठ और संरक्षण के चलते कार्रवाई टलती है।

  • Rajnandgaon : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने माँ बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की…

    – प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

    राजनांदगांव, क्वांर नवरात्रि के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह ने माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

    इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव, माँ बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित ट्रस्ट समिति के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • Rajnandgaon : माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ अद्भूत परिक्रमा पथ : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह….

    – विधानसभा अध्यक्ष ने क्वांर नवरात्रि पर्व के अवसर पर माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ का किया लोकार्पण
    – परिक्रमा पथ में छत्तीसगढ़ में स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां प्रतीक के रूप में की गई स्थापित
    – फलदार, छायादार एवं विभिन्न प्रजातियों के 10 हजार से अधिक पेड़ लगाए गए

    राजनांदगांव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्वांर नवरात्रि पर्व के अवसर पर माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ का लोकार्पण किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ की परिकल्पना 2015 में की गई थी और यह परिकल्पना 2025 में पूरी हो रही है। माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ अद्भूत परिक्रमा पथ है। परिक्रमा पथ में छत्तीसगढ़ में स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां प्रतीक के रूप में स्थापित की गई है। यह परिक्रमा पथ साढ़े तीन किलोमीटर लम्बा है। जिसमें फलदार, छायादार एवं विभिन्न प्रजातियों के 10 हजार से अधिक पेड़ लगाए गए है। डोंगरगढ़ आने वाले देश एवं प्रदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए यह परिक्रमा पथ आकर्षण का केन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ नगर के नागरिकों को प्रभात फेरी के लिए एक अच्छा स्थल मिल गया है। इस तरह परिक्रमा पथ श्रद्धा, सेहत एवं संस्कार के लिए भी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष तौर पर परिक्रमा पथ को बनाया गया है। परिक्रमा पथ पर बच्चों के मनोरंजन के लिए सिंह, हिरण एवं अन्य वन्यजीवों के चित्र भी बनाए गए है। माँ बम्लेश्वरी के आर्शीवाद से परिक्रमा पथ का कार्य पूरा हो गया है। डोंगरगढ़ नगर माँ बम्लेश्वरी के साथ-साथ सर्वधर्म समन्वय का भी स्थान है, जहां सभी समाज के इष्ट देव विराजते है।


    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि माँ बम्लेश्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ का लोकार्पण किया गया है। माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ की आधारशिला 2015 में रखी गई थी और यह आज पूर्ण हो गया है। डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ आस्था का केन्द्र बनेगा। परिक्रमा पथ स्वास्थ्य, श्रद्धा एवं संस्कार की दृष्टि से केन्द्र बिंदु है। बच्चे, बुजुर्ग सहित सभी वर्ग के लोग परिक्रमा करेंगे और स्वास्थ्य लाभ भी लेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सचिन बघेल, अध्यक्ष नगर पालिक परिषद रमन डोंगरे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, जिला पंचायत सदस्य अनिता मंडावी, पूर्व विधायक रामजी भारती, समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव, माँ बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित ट्रस्ट समिति अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • CG : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग बस स्टैंड परिसर में लगाया झाड़ू…

    भिलाई । शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग बस स्टैंड परिसर में झाड़ू लगाया। उन्होंने X में जानकारी साझा करते हुए लिखा, सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज दुर्ग बस स्टैंड परिसर में आयोजित स्वच्छता जनजागरूकता अभियान में सहभागिता की। इस दौरान व्यापारियों और नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की और स्वयं भी हस्ताक्षर कर स्वच्छता संकल्प में शामिल हुआ।

    इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, पार्षद नीलेश अग्रवाल, नरेंद्र बंजारे, कांशीराम कोसरे, मीना सिंह, दिनेश देवांगन, कलेक्टर अभिजीत सिंह, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक और व्यापारी उपस्थित रहे।

  • CG : अक्टूबर में एक दिन शराब दुकानें बंद रहेगी…

    कांकेर । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर आगामी 02 अक्टूबर 2025 को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन उन्होंने जिले की समस्त देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों, एफ.एल.4 (क) व्यवसायिक क्लब एवं एफ.एल.7, सैनिक कैन्टीन को पूर्णतः बंद रखे जाने के लिए आदेशित किया गया है। शुष्क दिवस के दौरान मदिरा का सम्पूर्ण संव्यवहार प्रतिबंधित रहेगा।

    कलेक्टर ने जिले में अवैध मदिरा संग्रहण, विनिर्माण, परिवहन व विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध रखने हेतु जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किए हैं। देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे “स्वच्छता ही सेवा“ पखवाड़ा के अंतर्गत सरगुजा जिले के मैनपाट जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रोपाखार में देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे प्रारंभ किया गया है। यह नवाचार पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक अपशिष्ट के स्थानीय संग्रहण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

    कलेक्टर विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने आज मैनपाट क्षेत्र के भ्रमण के दौरान इस ग्रामीण गार्बेज कैफे का अवलोकन किया और इसे प्रशंसनीय नवाचार बताया। उन्होंने संबंधित विभागों और भागीदारी संस्थाओं को इस मॉडल को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। यह पहल जिला प्रशासन सरगुजा, एलआईसी एचएफएल ग्रीन टुमॉरो परियोजना एवं फिनिश सोसायटी के सहयोग से संचालित की जा रही है।

    इसका उद्देश्य हैकृ ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का समुचित प्रबंधन, पर्यावरणीय जागरूकता का प्रसार एवं ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त करना। इस कैफे का संचालन “कार्ब हट किचन, रोपाखार“ में किया जा रहा है।ग्रामीण या पर्यटक एक किलो साफ प्लास्टिक (जैसे सफेद प्लास्टिक, पानी की बोतल, एल्युमिनियम कैन, कांच की बोतल आदि) लाकर नाश्ता प्राप्त कर सकते हैं।दो किलो प्लास्टिक के बदले भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस नवाचार से न केवल स्वच्छता बढ़ेगी बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट का पुनः उपयोग भी संभव होगा।

  • Rajnandgaon : कौशल विकास प्रशिक्षण से जीवन भर के लिए मिलता है हुनर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

    – विधानसभा अध्यक्ष लाईवलीहुड कॉलेज ग्राम सांकरा में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
    – कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को वितरण किया गया ऑफर लेटर
    – राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
    – ग्राम पंचायत सांकरा में विकास कार्यों के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा

    राजनांदगांव , विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सांकरा स्थित लाईवलीहुड कॉलेज में आयोजित ऑफर लेटर वितरण सह राजमिस्त्री प्रशिक्षण के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सांकरा में विकास कार्यों के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी को क्वांर नवरात्र पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कौशल उन्नयन के लिए कॉलेजों की स्थापना की गई और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर देश के बड़े-बड़े शहरों में कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिले, इसके लिए योजना का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कौशल का कार्य आना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने चीन एवं जापान यात्रा के दौरान हुए अनुभव को साझा करते हुए बताया कि इन देशों की 80 से 85 प्रतिशत आबादी किसी न किसी क्षेत्र में हुनरमंद है। छोटे-छोटे कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर बड़े-बड़े कार्य किए जा सकते हैं। विकसित देशों में कौशल उन्नयन के सबसे ज्यादा कार्य हो रहे हैं।
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शासन की कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं का कौशल विकास हो रहा है और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमिस्त्री का कार्य पहले पुरूष ही करते थे, लेकिन शासन ने महिलाओं को भी प्रशिक्षण प्रदान कर राजमिस्त्री बनने का अवसर दिया है। साथ ही कौशल प्रशिक्षण अंतर्गत गारमेंट मेंकिंग, टूरिजम एण्ड हॉस्पिटालिटी, इलेक्ट्रिशियन, सोलर पैनल सहित अन्य पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षण प्राप्त कर ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के अवसर मिल भी रहे है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत बड़ी संख्या में सोलर पैनल लगाया जा रहे है, इससे रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करने से जीवन भर का हुनर मिलता है। उन्होंने कहा कि यहां से सोलर पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 28 हितग्राहियों को ऑफर लेटर का वितरण किया गया है एवं राजमिस्त्री कोर्स में 30 हितग्राहियों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को 200 रूपए प्रति दिवस का मानदेय खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को प्रतिकात्मक रूप से चाबी का वितरण किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।


    कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लाईवलीहुड कॉलेज की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राजनांदगांव जिले में सबसे पहले प्रशिक्षण की शुरूआत की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष 820 युवाओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण देने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अब तक प्रशिक्षण के लिए 220 युवाओं का पंजीयन किया जा चुका है। लाईवलीहुड कॉलेज में 150 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न पाठ्यक्रमों में कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। 30 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है, जिन्हें आज ऑफर लेटर दिया जा रहा है। साथ ही योजना के तहत दैनिक मजदूरी करने वाले 60 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के साथ ही श्रमिकों को 200 रूपए प्रति दिवस का मानदेय दिया जाएगा और प्रशिक्षण उपरांत किट भी प्रदान किया जाएगा।


    कार्यक्रम को संरपंच ग्राम पंचायत सांकरा भानेश्वरी साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य देव कुमारी साहू, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, राजेश श्यामकर, मूलचंद भंसाली, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, एसडीएम राजनांदगांव गौतम चंद पाटिल, श्रम पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • CG : केशकाल मार्ग के लिए करोड़ों रुपए जारी, CM साय ने मोदी सरकार का जताया आभार…

    केशकाल । राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर छत्तीसगढ़ के केशकाल नगर सीमा के भीतर सड़क की हालत बद से बद्तर हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों और धंसी हुई परतों ने इस मार्ग को जानलेवा बना दिया है। स्थिति यह है कि महज ढाई किलोमीटर सड़क पार करने में वाहनों को आधे घंटे तक का समय लगने लगा है।

    पर अब इस सड़क से आने-जाने वालों के लिए अच्छी खबर आई है। दरअसल केशकाल की जर्जर सड़क से अब लोगों को राहत मिलेगी। खबर आ रही है कि केंद्र सरकार ने NH30 के लिए 819.67 लाख रुपये स्वीकृत किया है। केशकाल शहर में लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी सड़क की समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH30 के तहत केशकाल की करीब 3.800 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत के लिए 819.67 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है।

    यह सड़क पिछले कई समय से खराब स्थिति में होने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही सड़क की खराब हालत के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो रही थीं, जिससे स्थानीय जनता काफी चिंतित थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस स्वीकृति पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केशकाल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और यहां के लोगों के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराएगी।

  • CG : बालोद जिले में तेज बारिश का रेड अलर्ट…

    रायपुर | छत्तीसगढ़ में आज फिर मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज अंधड़ की चेतावनी जारी की है। बालोद जिले के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिसका असर अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ पर दिख सकता है। मौसम विभाग ने रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, मोहला मानपुर 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

  • CG : प्रदेश में अब तक 1101.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1101.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1503.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 512.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1009.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 893.2 मि.मी., गरियाबंद में 1045.1 मि.मी., महासमुंद में 897.0 मि.मी. और धमतरी में 1029.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1112.0 मि.मी., मुंगेली में 1079.3 मि.मी., रायगढ़ में 1322.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1047.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1337.5 मि.मी., सक्ती में 1225.6 मि.मी., कोरबा में 1099.8 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1017.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 859.8 मि.मी., कबीरधाम में 770.2 मि.मी., राजनांदगांव में 914.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1338.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 814.0 मि.मी. और बालोद में 1175.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 744.3 मि.मी., सूरजपुर में 1122.6 मि.मी., बलरामपुर में 1497.7 मि.मी., जशपुर में 1039.1 मि.मी., कोरिया में 1175.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1060.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1487.7 मि.मी.,कोंडागांव जिले में 1031.3 मि.मी., कांकेर में 1253.9 मि.मी., नारायणपुर में 1317.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1452.7 मि.मी. और सुकमा में 1147.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।