lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : बसनारा और पहिया जलाशय योजना के लिए 5.61 करोड़ रूपए स्वीकृत …

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले की दो जलाशय योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 61 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-ओड़गी की बसनारा जलाशय का मरम्मत (जीर्णोद्वार) कार्य के लिए एक करोड 26 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हो जाने से रूपांकित सिंचाई क्षमता 60 हेक्टेयर के विरूद्ध 30 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

    इसी तरह विकासखण्ड प्रतापपुर की पहिया जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 34 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर खरीफ एवं 30 हेक्टेयर रबी सहित कुल 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • CG : 4 इलाकों में पानी सप्लाई नहीं …

    भिलाईनगर। रामनगर उच्चस्तरीय जलागार में पानी भरने हेतु मुख्य राइजिंग पाइप लाइन से इंटरकनेक्शन का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है. इस सुधार कार्य के कारण 11 फरवरी को जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित रहेगी. कार्य प्रारंभ 10 फरवरी को प्रातः 9 बजे से होगा. कार्य के दौरान 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र ड्ब्ल्यूटीपी सुबह से कार्य पूर्ण होने तक बंद रहेगा. मुख्य सुधार कार्य के कारण 11 फरवरी को संबंधित क्षेत्रों में आंशिक रूप से जलप्रदाय प्रभावित रहेगा. प्रभावित होने वाले क्षेत्र उच्च स्तरीय जलागार खुर्सीपार, छावनी, गौतम नगर एवं वैशाली नगर है. संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से निगम ने अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार पानी का भंडारण पूर्व में ही कर लें.

  • CG : अब माओवाद नहीं, विकास और आत्मविश्वास की पहचान है बस्तर: पीएम मोदी …

    छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की पहचान अब धीरे-धीरे एक नए रूप में उभर रही है। जिस बस्तर को लंबे समय तक माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था, वही बस्तर अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और आत्मविश्वास के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है ‘बस्तर पंडुम’, जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।” इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी ‘बस्तर पंडुम’ में शामिल हुए और उन्होंने इसे बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “वामपंथी उग्रवादियों के भय और हिंसा से बाहर निकलकर बस्तर अपनी संस्कृति और धरोहरों को आगे बढ़ा रहा है और विकसित भारत का ब्रांड एंबेसडर बन रहा है। आज जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के ‘बस्तर पंडुम’ में जनजातीय बहनों-भाइयों को पुरस्कार वितरित कर उनसे संवाद किया।”

    उन्होंने कहा, “नक्सलियों ने जिस बस्तर को सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था, मोदी जी के नेतृत्व में वहां की कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत वैश्विक पहचान पा रही है। जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ में जनजातीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।” उन्होंने आगे कहा, “कैसे एक सरकार नेक इरादे, नेक मंशा और मजबूत नीति व स्पष्ट नीयत से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर सकती है, ‘बस्तर पंडुम’ में हंसता-खेलता बस्तर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद से विकासवाद की उस यात्रा का प्रत्यक्ष साक्षी है।”

  • CG : 108 दूल्हे-दुल्हनिया घायल, रतनपुर महामाया मंदिर में होनी थी शादी, जाते वक्त पलटा बस …

    मनेन्द्रगढ़. जनकपुर से रतनपुर स्थित महामाया मंदिर जा रही एक दुर्गा बस मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई. बस पोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नागपुर रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे गड्ढे में जा घुसी. हादसे के वक्त बस में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे करीब 54 जोड़े सवार थे. हादसे में बस में बैठे सभी यात्री घायल हो गए. घायलों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के जान गंवाने की सूचना नहीं है, हालांकि कई जोड़ों को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है.

    जानकारी के अनुसार, घटना पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर चौकी की है. बस तेज रफ्तार में थी और नागपुर रेलवे स्टेशन के पास संतुलन बिगड़ने से सड़क किनारे गड्ढे में उतर गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर मौके से गायब हो गए, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना और नागपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक-कंडक्टर की तलाश की जा रही है. इस हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • CG : दुर्ग SSP ने क्राइम कंट्रोल को लेकर मीटिंग की …

    दुर्ग। जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में थाना प्रभारियों औक राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। क्राइम मीटिंग में जांच की गुणवत्ता, लंबित मामलों की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, प्रशासनिक अनुशासन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने अधिकारियों को 16 बिंदुओं पर काम करने के निर्देश दिए। गंभीर और संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    क्राइम मीटिंग में एसएसपी ने आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, फरार वारंटियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में थाना प्रभारियों को प्रतिदिन थाना गणना उपस्थित सुनिश्चित करने, स्थानीय जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण करने, गंभीर अपराधों की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करेंगे। सभी आरक्षकों के लिए A-B नोटबुक संधारण अनिवार्य किया गया, जिसका साप्ताहिक निरीक्षण थाना प्रभारी करेंगे। रात्रिकालीन गश्त के प्वाइंट बढ़ाने, थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

  • CG : CM साय आज साइंस कॉलेज मैदान में सामूहिक विवाह कार्यक्रम में होंगे शामिल …

    रायपुर। सीएम विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य स्तरीय विवाह कार्यक्रम से प्रदेशभर के 6 हजार 412 से अधिक जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह में बंधने वाले नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। मुख्यमंत्री साय स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का भी शुभारंभ करेंगे। अभियान के प्रथम चरण में छह माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को कवर किया जाएगा।

    बता दें कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में हिंदू रीति से 6,281, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध रीति से 5 और बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जिसमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं सुकमा जिले शामिल हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

  • CG : प्रेमी से जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पाई किशोरी, चुन्नी से मौत को गले लगा ली …

    बैकुंठपुर। जिले में रहने वाली नाबालिग ने तोरवा क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार घर पर फांसी लगा ली। सुबह स्वजन जब अपने काम में व्यस्त थे तभी किशोरी ने अपनी ही चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगाई। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि किशोरी अपने प्रेमी के पास दिल्ली चली गई थी। स्वजन उसे किसी तरह समझाकर घर लाए थे। इसके बाद उसके प्रेमी ने दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी मिलने के दूसरे दिन ही किशोरी ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    सीएसपी गगन कुमार(आइपीएस) ने बताया कि बैकुंठपुर जिले में रहने वाली 16 साल कि किशोरी ने तोरवा में रहने वाली अपनी बुआ के घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है।पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि नाबालिग कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ दिल्ली चली गई। स्वजन ने उसकी तलाश की। उसे दिल्ली से खोजकर स्वजन शहर ले आए। नाबालिग को घर लेकर जाने के बजाए उसे तोरवा में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर पर थे। पूछताछ में पता चला है कि नाबालिग के प्रेमी ने रविवार को दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

  • CG : नदी में रेत चोरी पर सख्त कार्रवाई, अभय कन्स्ट्रक्शन के खिलाफ FIR दर्ज …

    जशपुर। जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार सतत निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। सहायक खनि अधिकारी जशपुर ने बताया कि ईब नदी में रेत चोरी और अवैध खदान के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच 09 फरवरी 2026 को की गई। जांच के दौरान ईब नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर भण्डारित की गई कुल 960 घनमीटर रेत को अभय कन्स्ट्रक्शन, जशपुर से जप्त किया गया। इस मामले में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

    खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वैध एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु फरसाबहार क्षेत्र में दाईजबहार एवं खारीबहार रेत खदान घोषित कर उनके ऑनलाइन आबंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। ताकि निर्माण कार्यों के लिए वैध रूप से रेत की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। खनिज अधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी जिले के समस्त क्षेत्रों में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण से संबंधित मामलों की नियमित जांच की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध खनन की जानकारी मिलने पर प्रशासन को सूचित करें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

  • CG : पिकअप से सागौन लकड़ी जब्त, अवैध परिवहन पर कार्रवाई …

    वाहन चालक द्वारा प्रस्तुत ट्रांजिट पास आम की लकड़ी के परिवहन हेतु जारी पाया गया, जो कि फॉरेस्ट ऑफिसर, पेंड्रूथी सेक्शन, विशाखापट्टनम रेंज द्वारा निर्गत था। ट्रांजिट पास के अनुसार वाहन में आम चिरान 300 नग (3.12 घनमीटर) परिवहन किया जाना दर्शाया गया था। संदेह के आधार पर वाहन की गहन जाँच करने पर यह पाया गया कि आम चिरान के नीचे 1.85 घनमीटर सागौन चिरान को योजनाबद्ध रूप से छिपाकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।

    यह कृत्य भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त अवैध सागौन चिरान सहित वाहन को अंतर्राज्यीय वनोपज जाँच नाका टेमरी में विधिवत जब्त किया गया। इस संबंध में वन अपराध क्रमांक 22663/05 दिनांक 09.02.2026 पंजीबद्ध कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। अवैध सागौन परिवहन में प्रयुक्त वाहन को राजसात किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

  • CG : महिला हेड कांस्टेबल गिरफ्तार, चोरी मामले में नौकरी गई अब जेल …

    दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में चोरी के एक गंभीर प्रकरण में जब्त सोने की ज्वेलरी का गबन करने के आरोप में बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी महिला आरक्षक के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. दरअसल, कुछ साल पहले दुर्ग की मोहन नगर पुलिस ने चोरी के एक मामले में करीब 79 ग्राम सोने की ज्वेलरी जब्त कर आरक्षक विवेचक मोनीका गुप्ता की अभिरक्षा में रखवाई गई थी.

    लेकिन कुछ समय बाद यह ज्वेलरी गायब पाई गई. जांच के दौरान थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेह महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता पर गया. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच की गई. तो यह स्पष्ट हुआ कि सोने के जेवरों का गबन मोनिका गुप्ता ने ही किया था. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बता दें कि मोनिका गुप्ता पहले भी विवादों में रह चुकी है. पुलिस विभाग ने विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था.

  • Rajnandgaon: नो पार्किंग में खड़े 30 वाहनों पर यातायात पुलिस की कार्रवाई, जुर्माना वसूला, देखे Video

    राजनांदगांव।
    यातायात नियमों का उल्लंघन कर आम सड़क व सर्विस रोड पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आज दिनांक 09 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक महोदया सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया।

    इस दौरान अग्रवाल ट्रांसपोर्ट तिराहा से पुराना बस स्टैण्ड चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, रेलवे स्टेशन रोड, भगत सिंह चौक, महावीर चौक, गुरुद्वारा चौक, नया बस स्टैण्ड, अंबेडकर चौक, मनोकामना से आर.के. नगर चौक तक सर्विस रोड के दोनों ओर आम आवागमन में बाधा बने नो पार्किंग वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    यातायात पुलिस द्वारा सड़क पर खड़े वाहनों पर व्हील लॉक लगाकर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई, वहीं नो पार्किंग क्षेत्र में खड़े दोपहिया वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कार्रवाई की गई। इसके अलावा काला शीशा लगे एक चारपहिया वाहन पर मोटरयान अधिनियम की धारा 100 के तहत कार्रवाई करते हुए 2000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

    अभियान के दौरान कुल 30 वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने बताया कि सर्विस रोड पर अवैध पार्किंग के कारण आमजनों की आवाजाही बाधित होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

    यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने तथा अन्य लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। शहर में सफेद पट्टी के भीतर वाहन पार्क करें तथा फ्लाईओवर के नीचे निर्धारित स्थानों पर ही पार्किंग करें। साथ ही सभी कारोबारियों से अपील की गई है कि मालवाहक वाहनों में लोडिंग-अनलोडिंग जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्धारित समय के अनुसार ही कराएं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

    Read Also: राजनांदगांव: शहर में पुलिस की कांबिंग गश्त, 45 से अधिक असामाजिक तत्वों की चेकिंग की गई ….

  • राजनांदगांव: शहर में पुलिस की कांबिंग गश्त, 45 से अधिक असामाजिक तत्वों की चेकिंग की गई ….

    राजनांदगांव। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

    अभियान के तहत तीन अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिनके द्वारा थाना कोतवाली, थाना बसंतपुर एवं पुलिस चौकी चिखली क्षेत्रों के संवेदनशील मोहल्लों और कॉलोनियों में सघन कांबिंग गश्त की गई।

    कांबिंग गश्त के दौरान 60 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। पुलिस टीमों ने गली-मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों एवं सुनसान क्षेत्रों में भ्रमण कर 45 से अधिक असामाजिक एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच-पड़ताल की।

    अभियान के अंतर्गत थाना कोतवाली क्षेत्र के लखोली, बैगपारा, दुर्गा चौक एवं राजीव नगर, पुलिस चौकी चिखली क्षेत्र के 16 खोली स्टेशन, शंकरपुर, शांति नगर, मोतीपुर एवं रामनगर तथा थाना बसंतपुर क्षेत्र के कुआं चौक, नंदई चौक, इंदिरा नगर चौक एवं डबरीपारा में विशेष रूप से चेकिंग की गई।

    कांबिंग गश्त के दौरान सक्रिय गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। साथ ही पूर्व में अपराध में संलिप्त रहे नाबालिग बालकों के घर जाकर उनके माता-पिता को बच्चों को रात्रि समय अनावश्यक रूप से बाहर न घूमने देने की समझाइश भी दी गई।

    इस अभियान में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक श्री एलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी डोंगरगढ़ श्री केसरी नंदन नायक सहित सभी संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारी अपने-अपने दल-बल के साथ उपस्थित रहे।

    राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कांबिंग गश्त आगे भी निरंतर जारी रहेगी, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे और अपराधियों में भय का वातावरण कायम हो।

  • Kal Valentine Ka Konsa Day Hai: 10 फरवरी को मनाया जाएगा Teddy Day, जानिए पूरा महत्व और शुभकामनाएं

    प्यार के हफ्ते से जुड़ी एक खास खबर। फरवरी का महीना आते ही हर तरफ मोहब्बत, दोस्ती और अपनापन महसूस होने लगता है। वजह साफ है—वेलेंटाइन वीक। 7 फरवरी से शुरू हुआ ये प्यार का हफ्ता अब अपने चौथे पड़ाव पर पहुंच चुका है। रोज डे, चॉकलेट डे और प्रपोज डे के बाद अब लोगों के मन में सिर्फ एक ही सवाल है—कल यानी 10 फरवरी को वेलेंटाइन वीक का कौन सा दिन है?

    तो चलिए, आपकी सारी कंफ्यूजन दूर करते हैं।

    कल वेलेंटाइन वीक 2026 का कौन सा दिन है?

    कल यानी 10 फरवरी 2026, मंगलवार को वेलेंटाइन वीक का चौथा दिन – टेडी डे मनाया जाएगा। इसे टेडी बियर डे भी कहा जाता है। यह दिन खास तौर पर प्यार, मासूमियत और केयर को जाहिर करने के लिए जाना जाता है।

    टेडी डे कब मनाया जाता है?

    टेडी डे हर साल 10 फरवरी को मनाया जाता है। यह चॉकलेट डे के ठीक अगले दिन और प्रॉमिस डे से एक दिन पहले आता है। यानी वेलेंटाइन वीक के बीचों-बीच आने वाला ये दिन भावनाओं को और गहराई देने का काम करता है।

    टेडी डे क्यों मनाया जाता है?

    टेडी बियर सिर्फ एक सॉफ्ट टॉय नहीं है, बल्कि यह प्यार, अपनापन और मासूम एहसासों का प्रतीक माना जाता है। टेडी डे इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग अपने दिल की बात बिना ज्यादा शब्दों के कह सकें।
    जब आप किसी को टेडी गिफ्ट करते हैं, तो इसका मतलब होता है—“तुम मेरे लिए खास हो, मैं तुम्हारी परवाह करता/करती हूं।” यही वजह है कि टेडी हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। यह रिश्तों में मिठास घोलता है और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।

    टेडी डे कैसे मनाया जाता है?

    टेडी डे आमतौर पर बेहद सरल लेकिन दिल से मनाया जाने वाला दिन होता है। लोग अपने पार्टनर, क्रश, दोस्त या किसी खास इंसान को टेडी बियर गिफ्ट करते हैं। कई लोग इसके साथ चॉकलेट, ग्रीटिंग कार्ड या एक प्यारा सा मैसेज भी देते हैं।
    कुछ कपल्स इस दिन साथ समय बिताते हैं, कैफे जाते हैं, बातें करते हैं या यादगार फोटो क्लिक करते हैं। कुल मिलाकर टेडी डे प्यार और दोस्ती को हल्के-फुल्के अंदाज में सेलिब्रेट करने का दिन है।

    टेडी डे शुभकामनाएं संदेश 2026

    अगर आप भी इस टेडी डे अपने जज़्बात शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो ये संदेश आपके काम आ सकते हैं—

    1.
    आजकल हम हर टेडी को देखकर मुस्कुराते हैं,
    कैसे बताएं उन्हें कि,
    हमें वही हर टेडी में नजर आते हैं।
    Happy Teddy Day

    2.
    काश मेरी जिंदगी में भी वो खूबसूरत पल आ जाए,
    मेरा टेडी मिलते ही,
    किसी को मुझसे भी प्यार हो जाए।
    Happy Teddy Day

    3.
    यादों का ये कारवां हमेशा रहेगा,
    दूर होते हुए भी प्यार वही रहेगा,
    माफ करना मिल नहीं पाते आपसे मगर,
    यकीन रखना हर साल टेडी जरूर पहुंचेगा।
    Happy Teddy Day

    4.
    संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
    बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया,
    भेज रहा हूं टेडी तेरे लिए, बसा ले उसे भी अपने दिल में।
    Happy Teddy Day

    5.
    तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं,
    तेरे दीदार में आंखें बिछाए बैठे हैं,
    तू टेडी डे के दिन बस टेडी दे दे,
    इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।
    Happy Teddy Day

    तो दोस्तों, अब जब आपको साफ हो गया है कि कल 10 फरवरी को टेडी डे है, तो देर किस बात की? अपने खास लोगों को टेडी और ढेर सारा प्यार देना न भूलें।

  • CG : तेन्दूपत्ता शाखकर्तन का प्रशिक्षण 16 से 20 फरवरी तक

    उत्तर बस्तर कांकेर, तेन्दूपत्ता संग्रहण काल के पूर्व शाखकर्तन का प्रशिक्षण सभी वन परिक्षेत्र मुख्यालय में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित कांकेर के प्रबंध संचालक से मिली जानकारी के अनुसार तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्य के लिए कोरर में 16 फरवरी को, नरहरपुर में 17 फरवरी, कांकेर में 18 फरवरी, चारामा में 19 फरवरी एवं सरोना में 20 फरवरी को प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें संबंधित क्षेत्र के समितियों के साथ ही सरपंच, समिति अध्यक्ष, संचालक मंडल के सदस्य, प्रबंधक, नोडल अधिकारी, फड़ मुंशी, वन समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के लिए प्रबंध संचालक द्वारा सभी वन परिक्षेत्र अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

  • CG : मोर गांव मोर पानी अभियान से 45 परिवारों की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव …

    क्षण की पहल से पांच एकड़ से अधिक भूमि में लहलहाई खेती

    जल संरक्षण की पहल से पांच एकड़ से अधिक भूमि में लहलहाई खेती

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल मोर गांव मोर पानी अभियान आज गांवों में जल आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम मुख्तियारपारा में वर्षों से उपेक्षित एक अनुपयोगी स्टापडेम को नया जीवन मिला है। बहते पानी को सहेजने की इस सामूहिक कोशिश ने न सिर्फ जल संकट दूर किया बल्कि खेती, पशुपालन और ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे दी।

    जब जर्जर स्टापडेम बना समस्या
    ग्राम मुख्तियार पारा में कई वर्ष पूर्व एक स्थानीय नाले पर निर्मित स्टापडेम समय के साथ जर्जर हो चुका था। गाद जमाव के कारण इसकी जल धारण क्षमता लगभग समाप्त हो गई थी। सर्दियों के बाद नाले का प्रवाह कम होते ही ग्रामीणों को दैनिक उपयोग तक के लिए पानी नहीं मिल पाता था। खेतों की सिंचाई तो दूर, पशुओं के लिए भी जल का संकट बना रहता था।

    ग्राम सभा से निकली समाधान की राह
    गत वित्तीय वर्ष में आयोजित ग्राम सभा में मोर गांव मोर पानी अभियान पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर खराब पड़े स्टापडेम के पुनरुद्धार का प्रस्ताव रखा। सामुदायिक जलभराव क्षेत्र निर्माण एवं भूमि सुधार कार्य को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत लगभग 4.95 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई और ग्राम पंचायत मुख्तियार पारा को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी निगरानी में यह कार्य समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।

    जल से समृद्ध हुआ गांव का भविष्य
    सिल्ट हटने और भूमि सुधार कार्य के बाद स्टापडेम में जल का ठहराव पहले की तुलना में कहीं अधिक हो गया है। इसका सीधा लाभ ग्राम सलका और सिरौली के लगभग 45 परिवारों को मिल रहा है। आज यहां घरेलू उपयोग, पशुपालन और निस्तार के लिए भरपूर जल उपलब्ध है। आसपास के जलस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस जलसंचय के कारण 8 से 10 परिवारों ने रबी फसल के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी शुरू कर दिया है

    और पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि सिंचित हो चुकी है। यह कहानी बताती है कि जब सरकार की योजना, ग्राम सभा की सहभागिता और श्रमशक्ति एक साथ आती है, तो अनुपयोगी संरचनाएं भी समृद्धि का आधार बन जाती हैं। मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत किया गया यह कार्य ग्रामीण आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और टिकाऊ विकास की एक प्रेरणादायी सफलता की कहानी बनकर उभरा है।

  • CG : संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का समापन …

    सुकमा के जनजातीय नाट्य ने बिखेरा जलवा

    मुड़िया जनजाति पर आधारित नाट्य का मंचन

    गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित

    रायपुर : बस्तर संभाग की गौरवशाली संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण हेतु आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ में सुकमा जिले ने सफलता का परचम लहराया है। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में आयोजित इस भव्य संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल विधा को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।
    देश के गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

    संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल

            मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य के मूल स्वरूप को सहेजना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त हो रही विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समूहों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

    सुकमा के कलाकारों ने जीती प्रतियोगिता

          कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

    प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी।

    कला का जीवंत चित्रण

             मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे ताड़ का पत्ता, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल का कलात्मक प्रयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इन कलाकारों ने बढ़ाया जिले का गौरव

           कोंटा विकासखंड में स्थित पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित किया है। कलाकारों की इस सफलता में नोडल अधिकारी मनीराम मरकाम और पी श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।

  • CG : अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह …

    स्तर पंडुम में दिखी आदिवासी जीवन की झलक, प्रदर्शनी देखकर मंत्रमुग्ध हुए केंद्रीय गृहमंत्री

    जनजातीय संस्कृति की अनूठी पहचान बना बस्तर पंडुम, विजेताओं को मिला सम्मान

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह
    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    रायपुर : संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लालबाग मैदान में आयोजित जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर जनजातीय समाज के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाओं की जानकारी ली।

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    केंद्रीय गृह मंत्री ने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, जनजातीय चित्रकला, वन औषधि, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है।

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों का प्रदर्शन किया गया। जनजातीय चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। वहीं, वैद्यराज द्वारा वन औषधियों का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया।

    स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जोंधरी लाई के लड्डू, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजन तथा लांदा और सल्फी पेय पदार्थ प्रदर्शित किए गए।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राज्य सरकार जनजातीय कला, शिल्प और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”

    इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर पंडुम की बारह विधाओं की प्रतियोगिता में विजेता दलों से भेंट कर उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    “बस्तर पंडुम 2026” संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता

    1.     जनजातीय नृत्य – गौर माड़िया नृत्य (बुधराम सोढ़ी, दंतेवाड़ा)
    2.     जनजातीय गीत – पालनार दल (मंगली एवं साथी, दंतेवाड़ा)
    3.     जनजातीय नाट्य – लेखम लखा (सुकमा)
    4.     जनजातीय वाद्ययंत्र – रजऊ मंडदी एवं साथी (कोण्डागांव)
    5.     जनजातीय वेशभूषा – गुंजन नाग (सुकमा)
    6.     जनजातीय आभूषण – सुदनी दुग्गा (नारायणपुर)
    7.     जनजातीय शिल्प – ओमप्रकाश गावड़े (कोया आर्ट्स, कांकेर)
    8.     जनजातीय चित्रकला – दीपक जुर्री (कांकेर)
    9.     जनजातीय पेय पदार्थ – भैरम बाबा समूह (उर्मीला प्रधान, बीजापुर)
    10.     जनजातीय व्यंजन – ताराबती (दंतेवाड़ा)
    11.     आंचलिक साहित्य – उत्तम नाईक (कोण्डागांव)
    12.     बस्तर वन औषधि – राजदेव बघेल (बस्तर)

  • CG : प्राकृतिक आपदा पीड़ित के वारिस को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि

     कोण्डागांव, कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा पीड़ित के प्रकरण में वारिस को 04 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि प्रदान की गयी। कलेक्टर द्वारा धनोरा तहसील के ग्राम कलेपाल निवासी भवानी की सर्पदंश से मृत्यु होने पर माता सुकोती, पिता मानतू को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गयी है। उक्त स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि सम्बन्धित वारिस के बैंक खाते में हस्तांतरित करने के निर्देश सम्बन्धित तहसीलदार को दिए गए हैं।

  • CG : स्कूली बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह , ताली बजाकर बढ़ाया उत्साह …

    ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ गीत पर बच्चों की प्रस्तुति ने बांधा समा
    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान

    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान
    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान

    रायपुर : संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री के स्वागत में जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों ने “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की भावपूर्ण और अनुशासित प्रस्तुति देखकर अमित शाह भी भावविभोर हो उठे और उन्होंने बच्चों को ताली बजाकर प्रोत्साहित किया।

    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान
    कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा *मलखंभ प्रदर्शन* भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने बच्चों की कला, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।


    उल्लेखनीय है कि “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत को हिंदी एवं हल्बी बोली में रचा गया है। इसमें बस्तर की बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत का योगदान दिया है। दायरा बैंड द्वारा इस गीत को आधुनिक संगीत के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे यह गीत युवाओं और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

  • CG : तेन्दूपत्ता शाखकर्तन का प्रशिक्षण 16 से 20 फरवरी तक

    उत्तर बस्तर कांकेर, तेन्दूपत्ता संग्रहण काल के पूर्व शाखकर्तन का प्रशिक्षण सभी वन परिक्षेत्र मुख्यालय में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित कांकेर के प्रबंध संचालक से मिली जानकारी के अनुसार तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्य के लिए कोरर में 16 फरवरी को, नरहरपुर में 17 फरवरी, कांकेर में 18 फरवरी, चारामा में 19 फरवरी एवं सरोना में 20 फरवरी को प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें संबंधित क्षेत्र के समितियों के साथ ही सरपंच, समिति अध्यक्ष, संचालक मंडल के सदस्य, प्रबंधक, नोडल अधिकारी, फड़ मुंशी, वन समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के लिए प्रबंध संचालक द्वारा सभी वन परिक्षेत्र अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।