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Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : अपने जान की परवाह किए बिना काम करती हैं नर्सेस: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    व्यावसायिकता के बीच सेवा भाव बनाए रखना एक चुनौती: स्वास्थ्य मंत्री

    सत्य साईं अस्पताल नया रायपुर में 31वें स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के बायनियल कॉन्फ्रेंस का हुआ आयोजन

    रायपुर,

    श्री सत्य साईं अस्पताल नया रायपुर में 31वें स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के बायनियल कॉन्फ्रेंस का हुआ आयोजन

    श्री सत्य साईं अस्पताल नया रायपुर में 31वें स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के बायनियल कॉन्फ्रेंस का हुआ आयोजनराज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ा सकती है, व्यवस्था बना सकती है लेकिन इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डॉक्टर्स और नर्सेस को अपने भीतर सेवा भाव खुद उत्पन्न करना होगा। ये बातें आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहीं। जायसवाल आज सत्य साईं अस्पताल नया रायपुर में 31वें स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के बायनियल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि एक नर्सिंग छात्र की यात्रा असीम ज्ञान और विकास की यात्रा होती है, जो उन्हें निस्वार्थ सेवा के भविष्य के लिए तैयार करती है। नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं है; यह करुणा, लचीलेपन और अटूट समर्पण का आह्वान है। 
    स्वास्थ्य मंत्री ने इस मौके पर कहा कि सत्य साईं अस्पताल आज विश्व स्तर पर सेवा करने का काम कर रहा है और इससे छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन हो रहा है। उन्होंने नर्सेस को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि नर्सेस अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा करती हैं और हम सभी ने कोविड 19 महामारी में इसका सर्वोच्च उदाहरण देखा है। जायसवाल ने इस मौके पर ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के द्वारा आयोजित किए द्विवार्षिक स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के सोवेनियर का विमोचन किया। 

    श्री सत्य साईं अस्पताल नया रायपुर में 31वें स्टूडेंट नर्सिंग एसोसियन ऑफ इंडिया के बायनियल कॉन्फ्रेंस का हुआ आयोजनस्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मौके पर सत्य साईं हॉस्पिटल में निःशुल्क दिल का ऑपरेशन करने के बाद स्वस्थ हो चुके 4 बच्चों को नवजीवन का उपहार देकर उनके घर रवाना किया। इस कार्यक्रम में सत्य साईं हॉस्पिटल रिसर्च फाउंडेशन के चेयरमैन सी श्रीनिवासन, आयुष यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति डॉ.पी के पात्रा , टीएनएआई की पदाधिकारी और नर्सिंग की छात्राएं उपस्थित थीं।

  • CG : बिलाईडांड में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 17 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

    गौरेला पेंड्रा मरवाही, मरवाही विकासखंड के ग्राम बिलाईडांड में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 17 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। राशन दुकानों के युक्तियुक्तकरण के तहत ग्राम पंचायत सेमरदरी अंतर्गत ग्राम बिलाईडांड हेतु अतिरिक्त नवीन उचित मूल्य दुकान की स्थापना हेतु कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात सेमरदर्दी शासकीय उचित मूल्य दुकान से ग्राम बिलाईडांड में अतिरिक्त नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान खोला जाना है।

    इसके लिए छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु निर्धारित एजेंसी आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, लघु वनोपज समिति एवं अन्य सहकारी संस्था को आबंटित किया जाना है। नियम के तहत महिला स्व सहायता समूह को तीन माह पूर्व छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। अतः जो ऐजेंसी शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करना चाहते हैं, वे अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ 17 सितंबर तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा।

  • CG : पीएम सूर्य घर योजना: सूरज की रोशनी से रोशन हुए घर, बिजली बिल शून्य

    रायपुर, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “पीएम सूर्य घर योजना” से प्रदेश के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना के अंतर्गत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगने से अब लोग न केवल अपनी बिजली की जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन रहे हैं।

    मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया के सरगॉव ग्राम निवासी श्री लक्की पाड़े इसका उदाहरण बने हैं। उन्होंने योजना का लाभ उठाकर अपने घर पर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल स्थापित किया। इससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया। श्री पाड़े ने बताया कि पहले हर माह बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब सूरज की रोशनी से घर रोशन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना में उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा आसान किश्तों में बैंक फाइनेंस और कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।

    योजना से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में इस योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है और लोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

  • CG : मुख्यमंत्री से पूज्य संत असंग देव जी ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में परम पूज्य संत असंग देव जी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पूज्य संत असंग देव जी का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। संत असंग देव जी ने मुख्यमंत्री को गौमाता की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूज्य संत असंग देव जी के मध्य विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा बड़ी संख्या में संत असंग देव जी के अनुयायी संतगण भी उपस्थित थे।

  • CG : एंबुलेंस ने बाइक सवार युवक को मारी टक्कर एंबुलेंस ड्राइवर ने शराब पी थी..

    खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले में एंबुलेंस चालक की लापरवाही से एक युवक की जान चली गई। गुरुवार (11 सितंबर) को दाऊचौरा नाका के पास हुए हादसे में 27 वर्षीय रविकांत साहू की मौत हो गई। मामला खैरागढ़ थाना क्षेत्र का है।

    राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज से मरीज को गातापार जंगल छोड़कर लौट रही एंबुलेंस ने बाइक सवार रविकांत को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एंबुलेंस पंकज कोसरे के मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। घटना के समय घर में कोई नहीं था।

    घायल रविकांत को डायल 112 की मदद से सिविल अस्पताल खैरागढ़ ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है, एंबुलेंस ड्राइवर नशे में था।

    नशे में था एंबुलेंस ड्राइवर

    पुलिस जांच में सामने आया कि एंबुलेंस चालक गोविंद पटेल शराब के नशे में था। 21 वर्षीय गोविंद राजनांदगांव के बांकल का रहने वाला है। नशे की हालत में उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया।

    खैरागढ़ पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का पंचनामा कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के गांव दिवान झीटिया में शोक का माहौल है।

  • CG : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: सूरज की रोशनी से आत्मनिर्भरता की राह पर बाबा साहू

    रायपुर, रायगढ़ निवासी बाबा साहू की कहानी सिर्फ एक घर को रोशन करने की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की एक मिसाल है। अगस्त 2025 में बाबा साहू ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करके इसकी शुरुआत की।

    बाबा साहू ने बताया कि सरकारी बैंक से उन्हें लोन की सुविधा आसानी से मिल गई और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कुछ ही दिनों में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया। इस सरल और पारदर्शी प्रक्रिया ने योजना पर उनका भरोसा और भी मजबूत किया। आज उनके सोलर प्लांट से प्रतिदिन 20-25 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में 80-90 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है।

    बाबा साहू ने बताया कि सोलर प्लांट रख-रखाव बहुत कम है। वे बताते हैं कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने का साधन नहीं है, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक सशक्त माध्यम भी है। बाबा साहू शहरवासियों से कहते हैं कि हर परिवार को अपनी छत को ऊर्जा उत्पादन का साधन बनाना चाहिए, ताकि वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनें, बल्कि एक हरित और सशक्त भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे सकें।

  • CG : युक्तियुक्तकरण से विद्यालयों में लौटी रौनक, शिक्षा व्यवस्था हुई सशक्त

    खरसिया के 29 एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन शालाओं में हुई शिक्षकों की व्यवस्था

    रायपुर, वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे  रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड की विद्यालयों में अब नई उम्मीद दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया ने न केवल एकल शिक्षकीय व शिक्षकविहीन विद्यालयों की दशा सुधरी है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में ठोस पहल भी साबित हो रही है। प्राथमिक शाला धांगरपारा सरवानी, जहाँ लंबे समय से शिक्षक नहीं थे, अब दो शिक्षकों की तैनाती से बच्चों की पढ़ाई नए उत्साह के साथ शुरू हो चुकी है। इसी प्रकार खरसिया विकासखंड के 29 एकल शिक्षकीय शालाओं में भी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे इन स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हुई है।

            युक्तियुक्तकरण से सिर्फ प्राथमिक ही नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय शिक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है। हाईस्कूल पामगढ़, छोटे मूड़पार और नगरपालिका कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय जो वर्षों से विषयवार शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे, अब व्याख्याता शिक्षकों की पदस्थापना से लाभान्वित हो रहे हैं। इससे विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो रही है। शासन की इस महत्वपूर्ण पहल से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सैकड़ों विद्यालयों में आवश्यकता अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हुआ है।

               गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता का नया संतुलन कायम हो रहा है। यह पहल न केवल खरसिया, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    युक्तियुक्तकरण के लिए पालकों एवं छात्रों ने शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार
    युक्तियुक्तकरण से पालकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल। ग्राम कोलम चितवाही के पालकों का कहना है कि लंबे समय से जिस बदलाव की प्रतीक्षा थी, वह अब पूरी हो गई है। इससे बच्चों को न केवल नियमित शिक्षा मिल रही है, बल्कि बेहतर वातावरण और सुविधाएँ भी उपलब्ध हो रही है। पालक महेश अगरिया ने बताया कि उनकी दो बालिकाएं है, वे दोनों ग्राम के शासकीय स्कूल में अध्ययन के लिए जाती है। पहले शिक्षक के कमी के कारण उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही थी, लेकिन युक्तियुक्तकरण से स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना के फलस्वरूप उनकी बच्चियों की पढ़ाई में काफी सुधार आया है। वहीं बालिकाओं ने बताया कि स्कूल में शिक्षक के आ जाने से सभी कक्षाएं नियमित रूप से लग रही है और उन्हें विषयवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। उन्होंने स्कूल में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • Rajnandgaon : मानसिक रुप से कमजोर 2 बहनें आग में झुलस गईं वही समान हटा रहे पडोसी को सांप ने काट लिया

    राजनांदगांव शहर के गौरी नगर वार्ड के एक मकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली की घर में मौजूद दो बहनें भीतर ही फंस गई। पड़ोसियों ने जब ध्ुंआ उठता देखा तो उन्होंने आग बुझाने का प्रयास​ किया। इसी दौरान सामान हटा रहे एक युवक को सांप ने डस लिया।

    घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे की है। गली नंबर 3 में रहने वाली रेखा मसीह ;45द्ध व मालती मसीह ;48द्ध घर में खाना बन रही थीए इसी दौरान घर में अचानक आ लग गई। दोनों बहने मानसिक रुप से कमजोर है। जिसकी वजह से वह तेजी से बाहर नहीं आ सकी और भीतर ही फंस गई। गौरी नगर के पार्षद हफीज खान को इसकी जानकारी मिली।

    जिसके बाद उन्होंने पड़ोसियों की मदद से घर में लगी आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान घर का सामान हटा रहे प्रकाश राव नामक युवक को सांप ने डंस लिया। आग में दोनों बहनें झुलस गई। जिन्हें मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में दाखिल किया गया है। वहीं प्रकाश राव को भी इलाज के ​लिए दाखिल किया गया।

    बड़ा हादसा टलाए वार्डवासियों ने दिखाई एकजुटतारू आग लगने की जानकारी के बाद पार्षद हफीज खान खुद ही लोगों के साथ आग बुझाने में जुटे रहे। मौके से फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। ​दोनों बहनों का इलाज फिलहाल जारी है।

  • CG :महतारियों के सशक्तिकरण में छत्तीसगढ़ सरकार ने कायम की मिसाल

    • डॉ. दानेश्वरी संभाकर

    रायपुर,

     विशेष लेख :महतारियों के सशक्तिकरण में छत्तीसगढ़ सरकार ने कायम की मिसाल

     विशेष लेख :महतारियों के सशक्तिकरण में छत्तीसगढ़ सरकार ने कायम की मिसालस्त्री पुरुष समानता के मामले में छत्तीसगढ़ की मिसाल पूरे देश में रही है लेकिन आर्थिक समानता में फिर भी पुरुषों का पलड़ा अब तक भारी होता था। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की सरकार आने के बाद इस आर्थिक विषमता को दूर करने का रास्ता भी खुल गया है। अब छत्तीसगढ़ की हर माँ और बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए वे स्वयं निर्णय ले सकती हैं। महतारी वंदन योजना जैसी योजनाएं महिलाओं को उनके श्रम और भागीदारी के लिए सम्मानित करती हैं वहीं साय सरकार की आजीविकामूलक योजनाओं से महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की राह मिली है। आधी आबादी को सशक्त कर मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रख दी है।

    छत्तीसगढ़ ने पिछले 19 महीनों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के हर मोर्चे पर मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और त्वरित लाभ पहुंचाने की व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

    आर्थिक स्वावलंबन – महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भर महिला की ओर कदम

     1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांति ला दी है। विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।यह राशि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, पोषण और मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहायक है।चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

     179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक सदन 2,500 वर्गफुट में 29.20 लाख रुपए की लागत से बनेगा, जो महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा।


    स्वरोजगार और उद्यमिता का विस्तार

    साय सरकार ने महिला श्रमिकों और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं:
    जिसमें मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को 7,900 रुपए की सहायता एक सिलाई मशीन के लिए दी जा रही है।दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है।
    मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके।

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना ने पंजीकृत श्रमिकों को अपनी 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के पढ़ाई लिखाई तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
    महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त  और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी साय सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से  उन्हें बिना जमानत के 25,000 रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक ऋण भी दिया जा रहा है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी नवाचारी पहलें भी योजनाओं में शामिल है।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ, उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।

    साय सरकार ने महिला सुरक्षा को नीति के केंद्र में रखा है।
    नवाबिहान योजना से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा, परामर्श और आश्रय सुविधा प्रदान की जाती है।इसके लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
    छत्तीसगढ़ सखी वन-स्टॉप सेंटर में SOP लागू करने वाला देश में पहला राज्य बन गया है। 27 जिलों में सेंटर संचालित, 24×7 सेवा उपलब्ध है।महिला हेल्पलाइन 181 और डायल 112 द्वारा संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता और पुलिस समन्वय की सुविधा प्रदान की जाती है।

     शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें, 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री प्रदान की जा रही है जिसके लिए 13 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान है।हाई स्कूल छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

     गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य पूरक और पोषण पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जा रही है।

      नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है,जहाँ महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री होगी।जशप्योर ब्रांड  जशपुर जिला में निवासरत आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित वन-आधारित उत्पाद है,जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पहचान बना रहा है, साथ ही“वोकल फॉर लोकल” का सफल उदाहरण भी है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है। इसमें महतारी वंदन, पोषण, स्वास्थ्य, ऋण और सुरक्षा योजनाओं का विस्तार शामिल है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक बदलाव लाने से संभव है। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुँचे।

  • Rajnandgaon : नवरात्र पर्व की तैयारी की बैठक…

    राजनांदगांव| शारदीय नवरात्र पर्व की तैयारी को लेकर श्री परमहंस दुर्गा उत्सव समिति रामाधीन मार्ग की बैठक रखी गई।

    जिसमें नवरात्र पर्व पर होने वाले विभिन्न आयोजन पर चर्चा की गई। समिति के संरक्षक जुगल अग्रवाल, विजय शर्मा, संजय शर्मा, जितेन्द्र जैन, अशोक बाफना, लक्ष्मण लोहिया मौजूद रहे। वहीं कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें अध्यक्ष प्रतीक अग्रवाल, उपाध्यक्ष संयम जैन, सचिव शुभम शर्मा, आशीष अग्रवाल, चिराग शर्मा, कोषाध्यक्ष संतोष जैन, इशांत शर्मा को बनाया गया है।

  • CG : बच्चों और महिलाओं को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाए : मंत्री राजवाड़े

    जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण

    रायपुर,

    जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण
    जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जशपुर जिले में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह (बालक), बालिका गृह, खुला आश्रय गृह (बालिका), सखी वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग, शयन, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, मनोरंजन, सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के संरक्षण में कोई कमी न रहे, यह राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इन संस्था में बेहतर संचालन किया जाए। सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाए। उन्होंने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह (बालक) के बच्चों से मुलाकात कर उसे पढ़ाई में मन लगाकर अच्छा आचरण करने की समझाईश दी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित परामर्श और मार्गदर्शन की व्यवस्था और मजबूत करने को कहा। बालिका गृह में उन्होंने निवासरत बच्चियों से उनकी दिनचर्या, शिक्षा, भोजन की गुणवत्ता और मीनू पर चर्चा की तथा नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। 

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने खुला आश्रय गृह (बालिका) में वसुंधरा विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में छोटे बच्चों को देखकर उन्होंने उन्हें गोद में लेकर दुलारा और अधिकारियों से बच्चों की देखभाल की विस्तृत जानकारी ली। सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुनी। उन्होंने नवा बिहान कक्ष एवं काउंसिलिंग सेवाओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • CG : शिक्षकीय सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत ज्ञानदीप एवं शिक्षा दूत हेतु 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को किया गया अलंकृत

    रायपुर,

    शिक्षकीय सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव
    शिक्षकीय सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

    शिक्षकीय ज्ञान प्रदान करने से बड़ा पुण्य कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता। भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से पहले स्थान दिया गया है और शिक्षक का सम्मान ही जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी तथा ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं।

    शिक्षकीय सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

    शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कार्यभार ग्रहण करते ही 1122 शिक्षकों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए। प्रदेश के सरकारी स्कूल अब शनिवार को प्रातः संचालित होंगे तथा उच्च न्यायालय के आदेश प्राप्त होते ही प्राचार्य एवं व्याख्याता पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। 

    मंत्री यादव ने कहा कि उनका जीवन ग्रामीण परिवेश में बीता है, इसलिए वे गांव और बच्चों की जरूरतों को भलीभांति और बेहतर रूप से समझते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सरकारी स्कूल के शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आदर्श प्रस्तुत करने की भी है। शिक्षण कार्यों में कोताही और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई शीर्ष अधिकारी और नेता सरकारी स्कूलों में पढ़कर आगे बढ़े हैं। यदि वे आगे बढ़ सकते हैं तो आज के विद्यार्थी भी पीछे नहीं रह सकते। शिक्षकों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर छत्तीसगढ़ के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाना होगा।

    सांसद विजय बघेल ने कहा कि शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए गुरुजनों का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि मजबूत आधार ही उच्च स्तरीय शिक्षा को सशक्त बनाता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत ज्ञानदीप एवं शिक्षा दूत हेतु कुल 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिल्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें दुर्ग जिले के पुष्पेन्द्र कुमार साहू, विजय लक्ष्मी राव, कु. वर्षा यादव, दीपक कुमार साहू, भानेश्वरी साहू, हिरेन्द्र कुमार मण्डावी, राघवेन्द्र कुमार ध्रुव, कामता प्रसाद धनकर, सुनील कुमार स्वर्णकार, दिलीप कुमार वर्मा, मोहन लाल यादव एवं शुभ्रा वर्मा शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त कबीरधाम के व्याख्याता चंद्रिका प्रसाद चंद्रवंशी और बालोद के व्याख्याता तामसिंह पारकर को भी सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, नगर निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।

  • CG : राष्ट्रीय राजमार्ग 930 का झलमला से शेरपार तक निर्माण पूर्ण

    रायपुर, बालोद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 का झलमला से शेरपार तक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इससे सुगम एवं सुरक्षित आवागमन का मार्ग सुलभ हुआ है। वहीं पुरूर से झलमला तक शेष मार्ग के लिए भारत सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

    लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग बालोद के अनुविभागीय अधिकारी अनिल कुमार छारी ने बताया कि पैकेज-01 के अंतर्गत झलमला से शेरपार तक का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही पैकेज-02 के अंतर्गत शेरपार से महाराष्ट्र सीमा तक का कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। इस मार्ग के पूर्ण हो जाने पर जिले के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों और छत्तीसगढ़ राज्य को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, लोक निर्माण मंत्री अरुण साव और क्षेत्रीय सांसद भोजराज नाग के प्रयासों से स्वीकृति और बजट मिला है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में कार्य को शीघ्र पूरा करने की कार्रवाई जारी है। 

  • CG : देश का प्रथम डिजिटली जीवंत संग्रहालय लगभग बनकर तैयार

    छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय

     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे संग्रहालय का शुभारंभ

    संग्रहालय निर्माण का कार्य 30 सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की निर्माण कार्यो की समीक्षा

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय

    नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय लगभग बनकर तैयार हो गया है। देश का पहला डिजिटली संग्रहालय होगा, जहां छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव गाथा एवं योगदान की जीवंत झांकी देखने को मिलेगी। यह संग्रहालय आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में तैयार हो रहा है। 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और 30 सितम्बर तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने और संग्रहालय के फर्श पर ट्राईबल कलाकारों की आर्ट्स को अंकित करने के साथ ही संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हीना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी और निविदाकार उपस्थित थे।

    डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी जनजातीय विद्रोहों की झलक 

    शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन होगा। 

    शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित यह संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली रूप से तैयार किया जा रहा है। आगंतुक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से आदिवासी विद्रोहों की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन के जरिए भी क्यू आर कोड स्कैन के जरिए देखी जा सकेगी। स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी।

    सेल्फी प्वाइंट और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष इंतजाम 

    संग्रहालय में पर्यटकों एवं आगंतुको के लिए आदिवासी विद्रोहों से संबंधित कॉफी टेबल बुक भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा संग्रहालय में आगंतुकों के लिए भी सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। यहां आने वाले सीनियर सिटीजन और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष सुविधाओं का भी इंतजाम किया जा रहा है।

  • CG : बिशुनपुर का अमृत सरोवर बना ग्रामीणों के लिए आजीविका गतिविधियों का केंद्र

    पहले से तीन गुना ज्यादा जलभराव में मछलीपालन तथा 14 एकड़ में सिंचाई की सुविधा

    कोरिया, मानव निर्मित तालाब प्रकृति में जलसंरक्षण एवं भूमिगत जल संवर्धन की सबसे प्राचीन व्यवस्था है। इसे आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा बीते वर्षों से मिशन अमृत सरोवर नामक अभियान चलाया गया है जिसका लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों में परिलक्षित होने लगा है। बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के ग्राम बिशुनपुर में एक पुराना तालाब गाद जमने से अनुपयोगी हो गया था परंतु मिशन अमृत सरोवर के तहत उसके नवीनीकरण के बाद यह ग्राम पंचायत का एक बेहतरीन बहुपयोगी जल संसाधन बन गया है। आज इस अमृत सरोवर में पहले से तीन गुना ज्यादा जलभराव क्षमता हो चुकी है और अब आस पास के कई एकड़ खेतों में सिंचाई के लिए इस संसाधन का उपयोग हो रहा है। साथ ही यहां होने वाली मछलीपालन जैसी आजीविका गतिविधियों से महिलाओं के समूह को एक अतिरिक्त स्वरोजगार भी मिल रहा है।

    अमृत सरोवरों की खासियत
    ऐसे तालाब जिनका क्षेत्रफल एक एकड़ या उससे अधिक है और वह गाद जमने या अतिक्रमण का शिकार होकर अनुपयोगी हो चले हैं उन्हे इस अभियान के तहत चयनित किया गया है। उनका जीर्णाेद्धार करते हुए कम से कम 10 हजार घनमीटर जलभराव क्षमता लायक बनाया गया और इन तालाबों में मछलीपालन जैसी आजीविका गतिविधियों को सुनिश्चित किया गया है। साथ ही जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यहां राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, योग दिवस जैसी कई गतिविधियों को संपादित कराया जा रहा है।

    मनरेगा से बन रहे अमृत सरोवर
    बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बिशुनपुर में स्थित तालाब को ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत नवीनीकरण कार्य हेतु 9 लाख 14 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा कार्य पूर्णता के बाद इस तालाब के एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में 10 हजार घनमीटर से ज्यादा जलभराव क्षमता हो गई है। यह इसकी जलभराव की पूर्व क्षमता से लगभग तीन गुना ज्यादा हो गई है।

    दर्जनों ग्रामीणों के लिए आजीविका का आधार
    अमृत सरोवर बन जाने के बाद बिशुनपुर के दर्जनों ग्रामीणों के लिए यह एक आजीविका का माध्यम बनकर तैयार हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस तालाब का सीधा फायदा यहां निवासरत 41 परिवारों को खेती में सिंचाई के संसाधन के तौर पर और मछलीपालन की आजीविका से हो रहा है। अमृत सरोवर बिशुनपुर से आसपास के किसानों के कुल 14 एकड़ खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ गई है तथा 200 स्थानीय पशुओं के लिए बारहमासी पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

    मछली पालन से समूह की महिलाएं हो रहीं मजबूत
     ग्राम पंचायत बिशुनपुर में अमृत सरोवर अब आजीविका का एक संसाधन बन गया है। यहां कार्यरत स्थानीय स्व सहायता महिला समूह को मछली पालन से प्रतिवर्ष 2 लाख तक की आय हो रही है। ग्राम पंचायत ने महिला सहायता समूह को यह तालाब मछलीपालन के लिए लीज पर आवंटित किया है जिससे ग्राम पंचायत को भी एक निश्चित आय प्राप्त हो रही है।

    जनसहभागिता का केंद्र
    मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हो चुके से इस तालाब के किनारे अब निरंतर सामुदायिक गतिविधियां का आयोजन किया जाता है। इससे यह एक अलग पहचान बना रहा है। सामूहिक सहभागिता के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा यहां राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण किया जाता है। साथ ही जनभागीदारी से साफ-सफाई अभियान भी चलाया जाता है। सरोवर तट पर  स्थानीय जनों के पौधरोपण, विश्व योग दिवस पर योगाभ्यास जैसी गतिविधियों से यह गांव का एक महत्वपूर्ण सहभागिता केंद्र बनकर उभर रहा है।

  • CG : कोण्डागांव जिला अस्पताल ने रचा इतिहास, पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से सफल किडनी ऑपरेशन

    आर्थिक तंगी झेल रही महिला को मिला नया जीवन

    आर्थिक तंगी झेल रही महिला को मिला नया जीवन

    रायपुर, कोंडागांव जिले ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कोण्डागांव जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से किडनी का सफल ऑपरेशन किया।  

    कोण्डागांव के बाजारपारा की 35 वर्षीय सावित्री कोर्राम घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू–पोछा और बर्तन धोने का काम करके अपने दो बेटे और दो बेटियों का पालन–पोषण कर रही थी। लेकिन तकदीर ने फिर करवट बदली। दो वर्ष पहले उन्हें गंभीर किडनी रोग की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन निजी अस्पताल का खर्च सुनते ही सावित्री की दुनिया जैसे थम गई। आर्थिक स्थिति ने उन्हें मजबूर किया कि वह अधूरे इलाज के साथ घर लौट आएँ। चार बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच सावित्री को लगा कि उनकी जिंदगी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

    कोण्डागांव जिला अस्पताल बना सहारा

    हताशा और निराशा के बीच उन्होंने जिला अस्पताल कोण्डागांव का दरवाजा खटखटाया। अस्पताल के सर्जन डॉ. एस. नगुलन व उनकी टीम ने जांच की और स्पष्ट किया कि उनकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिसे निकालना ही एकमात्र विकल्प है।

    सामान्य ऑपरेशन में बड़े चीरे और संक्रमण का खतरा अधिक था। यह जोखिम उठाना सावित्री के लिए कठिन था। तब डॉक्टर नगुलन ने साहसिक निर्णय लिया ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया जाएगा।

    जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार 4 सितंबर को जिला अस्पताल कोण्डागांव में सावित्री का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन थिएटर में डॉ. एस. नगुलन के साथ डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अनिल देवांगन, डॉ. कृष्णा मरकाम मौजूद थे। ओटी हेड नर्स स्वप्नप्रिया, स्टाफ नर्स पुष्पलता कुंवर, हेमंत मंडावी, संजना जैन, रामेश्वरी, अर्चना, साधना और रीना ने भी अहम भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे चले इस ऑपरेशन में सावित्री की खराब किडनी को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह ऑपरेशन पूर्णत: सफल रहा और अब सावित्री तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। किडनी के सफलतापूर्वक इलाज के बाद सावित्री ने कहा”पहले लगा कि गरीबी और बीमारी ने मेरी जिंदगी खत्म कर दी है। लेकिन जिला अस्पताल और आयुष्मान कार्ड ने मुझे नया जीवन दिया है।”

    प्रशासन की दूरदर्शिता और टीमवर्क

    इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की योजनाबद्ध मेहनत भी है। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी और सिविल सर्जन डॉ. प्रेम मंडावी के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक ऑपरेशन संभव हुआ।

    यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री C विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं। राज्य सरकार का विजन है कि अब इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

    पहले बस्तर अंचल के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशाखापत्तनम, रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करते थे, लेकिन अब जिला स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोण्डागांव जिला अस्पताल में हुआ यह लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन इसी दिशा में मील का पत्थर है।

  • CG : इंडिया मूवमेंट तथा खेल एवं युवा विभाग के द्वारा सांसद खेल महोत्सव अधिक से अधिक खिलाड़ियों के पंजीयन पर जोर…

    सांसद ने महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले की बैठक लेकर की तैयारियों की समीक्षा

    महासमुंद । भारत सरकार के फिट इंडिया मूवमेंट तथा खेल एवं युवा विभाग के द्वारा सांसद खेल महोत्सव 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में आज महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले की संयुक्त बैठक लेकर सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की तैयारियों के संबंध में बैठक ली एवं अधिक से अधिक पंजीयन पर जोर दिया। पंजीयन की प्रक्रिया 29 अगस्त से प्रारंभ हो चुकी है, जो आगामी 20 सितम्बर 2025 तक चलेगी। महोत्सव में सामूहिक एवं एकल दोनों प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा।

    आज कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, खेल अधिकारी मनोज कुमार धृतलहरे, रेखराज शर्मा, धमतरी एवं गरियाबंद जिले के शिक्षा एवं खेल अधिकारी शामिल हुए। वीसी के माध्यम से धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा एवं गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके शामिल हुए। बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि पंजीयन के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। अतः शिक्षा विभाग, खेल एवं जनपद के सीईओ, अधिक से अधिक संख्या में खिलाड़ियों के पंजीयन को प्राथमिकता देवें। साथ ही उन्होंने संकुल स्तरीय एवं विधानसभा स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए तिथि एवं स्थान चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए सफल खेल आयोजन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए तैयारी करें। तैयारी के संबंध में तीनों जिलों द्वारा जानकारी दी गई।

    महोत्सव अंतर्गत सामूहिक खेल में आयु वर्ग 14 से 19 वर्ष एवं 19 से 24 वर्ष के बालक-बालिकाएँ शामिल होंगे। जिसमें कबड्डी, खो-खो एवं वॉलीबॉल खेल शामिल है। इसी प्रकार एकल खेल में आयु वर्ग 14 से 17, 18 से 20 एवं 21 से 24 वर्ष के बालक बालिकाएं भाग लेंगे। जिसमें 100 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, लंबी कूद, ऊँची कूद, बैडमिंटन, गेड़ी दौड़ खेल शामिल है। संकुल स्तरीय खेल महासमुंद के 30, धमतरी एवं गरियाबंद के 10-10 संकुलों में आयोजित किया जाएगा।

    पंजीयन हेतु इच्छुक प्रतिभागी www.sansadkhelmahotsav.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया गया है कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों, संकुल, विद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में पंजीयन की कार्यवाही सुनिश्चित कराएँ।

    उल्लेखनीय है कि सांसद खेल महोत्सव तीन स्तर पर आयोजित होगा, ग्रामीण स्तर, विधानसभा तथा लोकसभा स्तर। ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन 21 सितम्बर से 21 अक्टूबर तक, विधानसभा स्तर पर 22 अक्टूबर से 22 नवम्बर तक तथा लोकसभा स्तर पर 23 से 25 दिसम्बर के बीच किया जाएगा।

  • CG : मसानडबरा आवास कॉलोनी बनेगी कमार समाज की पहचान

    रायपुर,

    मसानडबरा आवास कॉलोनी बनेगी कमार समाज की पहचान

    विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है। धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित ग्राम मसानडबरा में इस योजना के तहत पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। यह देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ की पहली प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी है, जो कमार समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान का प्रतीक होगी। मसानडबरा ग्राम पंचायत संकरा से लगभग 5 किमी दूर सुदूर वनांचल में स्थित है। यहाँ मुख्यतः कमार परिवार निवासरत हैं। कुल 42 परिवारों में से 36 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में ये परिवार जर्जर कच्चे मकानों में रहते हैं और आजीविका हेतु मुख्यतः वनोपज जैसे महुआ, टोरा, कोसा, कंदमूल, दातून एवं तेंदूपत्ता पर निर्भर हैं।

    धमतरी जिले में पीएम जनमन योजना अंतर्गत कुल 1481 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 982 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। 1470 हितग्राहियों को 23.90 करोड़ रुपये की राशि प्रदाय की जा चुकी है। मसानडबरा कॉलोनी को एक मॉडल बसाहट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एक जैसे डिज़ाइन में पक्के मकान, आकर्षक टाइल्स और रंग-रोगन के साथ प्रत्येक घर में स्वच्छ शौचालय और पेयजल सुविधा, प्रत्येक आँगन में फलदार वृक्षारोपण, कॉलोनी में सीसी सड़क, सार्वजनिक उद्यान, बच्चों के लिए झूलाघर और हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्थानीय परंपराओं के सम्मान में देवगुड़ी की स्थापना भी की जा रही है।

    कमार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न आजीविका गतिविधियाँ जोड़ी गई हैं, जिनमें किराना दुकान, सैलून, सामूहिक मुर्गी पालन और सुअर पालन हेतु शेड निर्माण तथा लिलांज नदी पर स्टॉप डेम बनाकर मछली पालन को बढ़ावा देना शामिल है। इन प्रयासों से न केवल आजीविका के साधन विकसित होंगे बल्कि समुदाय की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

    प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी से कमार परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलेगा, बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार होगा। आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और समुदाय मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मसानडबरा में बनाई जा रही यह कॉलोनी केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन स्तर में सुधार, आजीविका संवर्धन और सामाजिक सम्मान दिलाने का भी कार्य कर रही है। मसानडबरा की प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी न केवल आवास निर्माण की पहल है, बल्कि कमार समुदाय के सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।

  • CG : समाजसेवी संस्था उदयाचल ने महापौर नरेश डाकलिया का किया सम्मान

    राजनांदगांव| समाजसेवी संस्था उदयाचल ने गुरुवार को पूर्व महापौर नरेश डाकलिया का सम्मान किया।

    डाकलिया राजनीतिक के अलावा अन्य क्षेत्रों में योगदान देने आगे रहते हैं। खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उनकी भूमिका है। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ.पुखराज बाफना, अशोक मोदी, उदयाचल के अध्यक्ष राजेन्द्र बाफना, धनराज सोनी एवं संस्था के अन्य लोग उपस्थित थे।

  • CG : आंगनबाड़ी केंद्र में बच्ची की मृत्यु पर हटाए गए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका…

    पर्यवेक्षक को किया गया निलंबित

    कोण्डागांव । कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार आगनबाड़ी केंद्र पदेली स्कूलपारा, सेक्टर- मर्दापाल-02 परियोजना कोण्डागांव-03 में करेंट लगने से एक बच्ची की मृत्यु की घटना पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बर्खास्त किया गया है। वहीं पर्यवेक्षक को निलंबित किया गया है।

    परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कोंडागांव 3 द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त घटना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धसनी बाई एवं आंगनबाड़ी सहायिका ममता कोर्राम के घोर लापरवाही प्रदर्शित होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया गया है।

    साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार पर्यवेक्षक द्वारा पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही तथा स्वेच्छाचारी आचरण पाये जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत संबंधित मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक, सेक्टर मर्दापाल-02 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक का मुख्यालय कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मबावि जिला-कोण्डागांव में निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

    कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम अजय उरांव ने विभागीय अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंचकर मृतक बच्ची के परिजनों से मुलाकात की और प्रशासन की ओर सहायता के रूप में 20 हजार रुपए की राशि दी गई।