lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : बगीचा में आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ…

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जशपुर बन रहा खेलों का नया केंद्र, तेजी से सुविधाएं की जा रही है विकसित

    रायपुर । दो करोड़ 83 लाख रूपए की लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इस स्टेडियम में वुडन फ़्लोरिंग युक्त दो बैडमिंटन कोर्ट होंगे। साथ ही खिलाडि़यों के लिए ड्रेसिंग रूम, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। क्षेत्रवासियों और खिलाडि़यों ने इस पहल पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब उन्हें बड़े शहरों जैसी खेल सुविधाएँ अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी, जिससे बेहतर खिलाड़ी उभर के सामने आएंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को पहचान और उन्हे बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार दूरदर्शी सोच के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चमक बिखेरें और देश व राज्य का नाम रौशन करें। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर ही खेल मैदानों और आवश्यक अधोसंरचनाओं के निर्माण की लगातार स्वीकृति दी जा रही है। साथ ही निर्माण भी कार्य सतत् रूप से जारी है।

    खेल ग्राउंड और जरूरी अधोसरंचना के निर्माण को निरंतर मिल रही हैं स्वीकृतियाँ

    आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के खिलाडि़यों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से तीरंदाजी, ताईक्वांडों, तैराकी, एथेलेटिक्स और हॉकी में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री साय ने जिले को खेल की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने दृढ़संकल्पित है। उनके प्रयास स्वरूप सन्ना में आधुनिक सुविधाओं से लैस तीरंदाजी अकादमी और कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति मिली है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा की गई है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रो टर्फ हाकी मैदान के पास बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही मयाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है।

    जशपुर के घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। इसके अलावा नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव तक के स्टेडियम व खेल के मैदानों की जीर्णाेद्धार की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है।

    खिलाडि़यों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि मुख्यमंत्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढि़यों को खेलों के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेगी।

  • CG : प्रदेश में अब तक 1033.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज…

    रायपुर । छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1033.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 494.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 901.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 752.7 मि.मी., गरियाबंद में 905.5 मि.मी., महासमुंद में 734.3 मि.मी. और धमतरी में 933.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1083.9 मि.मी., मुंगेली में 1047.9 मि.मी., रायगढ़ में 1257.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 907.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1234.0 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1053.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1004.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 796.1 मि.मी., कबीरधाम में 751.5 मि.मी., राजनांदगांव में 870.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1242.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 753.6 मि.मी. और बालोद में 1080.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 734.9 मि.मी., सूरजपुर में 1100.1 मि.मी जशपुर में 1012.6 मि.मी., कोरिया में 1168.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1052.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1407.8 कोंडागांव जिले में 955.3 मि.मी., कांकेर में 1149.3 मि.मी., नारायणपुर में 1239.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1381.0 मि.मी., सुकमा में 1088.9 मि.मी. और बीजापुर में 1415.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • CG : नवरात्रि और मूर्ति विसर्जन को लेकर कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन…

    पंडाल-ध्वनि यंत्र-पर्यावरण नियमों का पालन अनिवार्य

    अम्बिकापुर । शारदीय नवरात्रि पर्व एवं आगामी मूर्ति विसर्जन को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने जिले में शांति, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने हेतु विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। आदेश में आयोजन समितियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं नागरिकों को पालन करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये गये हैं।

    पंडाल व्यवस्था

    सड़क पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किया जायेगा। अस्पताल, विद्यालय, एम्बुलेंस व फायर ब्रिगेड के आवागमन में बाधा नहीं आनी चाहिए। पंडाल लगाने के लिए यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनुमति आवश्यक होगी। पंडाल एवं आसपास सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाये जायेंगे। विसर्जन उपरांत 12 घंटे के भीतर पंडाल व स्ट्रक्चर हटाना होगा। पंडालों में डस्टबिन रखना, प्लास्टिक सामानों का उपयोग न करना और केवल पत्तों के दोना-पत्तल का प्रयोग करना होगा। प्रसाद वितरण के दौरान वाहनों को रोकना व सड़क पर गंदगी फैलाना प्रतिबंधित रहेगा। पंडाल के आसपास व्यवस्था हेतु वालंटियर्स नियुक्त कर उनकी सूचना पुलिस को देना अनिवार्य होगा। गरबा नृत्य आयोजन हेतु संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।

    मूर्ति स्थापना

    केवल मिट्टी से बनी मूर्तियों की स्थापना की अनुमति होगी। प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं केमिकल रंग से बनी मूर्तियों की बिक्री और स्थापना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। मुख्य पंडाल के बाहर अतिरिक्त मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी।

    ध्वनि विस्तारक यंत्र

    ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी तक सीमित रहेगा तथा सभी यंत्र साउंड लिमिटर से युक्त होने चाहिए। बिना अनुमति व नियम विरुद्ध यंत्रों का उपयोग करने पर जप्ती और आपराधिक प्रकरण दर्ज होंगे। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले व अश्लील गानों पर पूर्णतः रोक रहेगी।

    मूर्ति विसर्जन व्यवस्था

    प्रतिमा विसर्जन केवल निर्धारित स्थल व पूर्व निर्धारित रूट के अनुसार ही होगा। सड़क किनारे मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी, उल्लंघन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को विसर्जन स्थल पर न ले जाने की अपील की गई है। नगर निगम द्वारा पर्याप्त स्टाफ, क्रेन, गोताखोर एवं जेसीबी की व्यवस्था की जाएगी। घाटों की पूर्व सफाई, पर्याप्त प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी। राज्य विद्युत मंडल को विसर्जन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में त्वरित सुधार दल तैनात करने के निर्देश दिये गये हैं।

    कलेक्टर ने सभी अनुभागीय दण्डाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर एसओपी के पालन की निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

  • CG : नवनिर्वाचित महिला सरपंचों को महिला सशक्तिकरण के लिए दिया गया प्रशिक्षण…

    कवर्धा । महिला हितैषी थीम पर डंगनिया स्थित प्रशिक्षण केन्द्र, जिला पंचायत संसाधन केन्द्र कबीरधाम में नवनिर्वाचित महिला सरपंचों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इसमें महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, आर्थिक भागीदारी बढ़ाना तथा निर्णय लेने में समान अवसर प्रदान करना प्रमुख लक्ष्य हैं।

    मिशन शक्ति को “सबल” (सुरक्षा हेतु) एवं “सामर्थ्य” (सशक्तिकरण हेतु) नामक दो उप-क्षेत्रों में लागू किया गया है। इनके अंतर्गत विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनमें सखी वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पालना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष आदि शामिल हैं।

    प्रशिक्षण में महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर भी जानकारी दी गई। इसमें घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर उत्पीड़न अधिनियम 2013, पोक्सो एक्ट 2012, बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 सहित विभिन्न अधिनियमों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही साइबर फ्रॉड से सुरक्षा हेतु टोल फ्री नंबर 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में सहायक विस्तार अधिकारी खेमान बंजारे, किशन गुप्ता, संस्थागत संरक्षण अधिकारी क्रांति साहू तथा जेंडर विशेषज्ञ सरिता साहू उपस्थित रहीं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिला सरपंचों को शासन की योजनाओं, कानूनी प्रावधानों तथा महिला सशक्तिकरण के पहलुओं से परिचित कराया गया, ताकि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में प्रभावी नेतृत्व प्रदान कर सकें।

  • CG : महात्मा गांधी नरेगा योजना से निर्मित पशु शेड गौ पालक रामफल के लिए बना आमदनी का जरिया…

    गौवंश को सुरक्षित रखने के साथ व्यवसाय को बढ़ाने का मिला मौका

    कवर्धा । सुविधा एवं साधन विहीन ऐसे हितग्राही जो जीवन में आगे बढ़ने की ललक रखते है उनके लिए सफलताओं का मार्ग भी प्रशस्त होता है। व्यवसाय करने के लिए शासकीय योजनाओं से जुड़कर सफलता के द्वार खुलते है और लक्ष्य की प्राप्ति तब और सूखद अनुभव में परिलक्षित होता है जब मन चाहा काम पूरा हो जाता है। ऐसी ही कहानी है ज़िले के विकासखंड पंडरिया के ग्राम पंचायत चारभाठाखुर्द के हितग्राही रामफल पिता विश्राम की।

    महात्मा गांधी नरेगा योजना में दैनिक मजदूरी से अपना जीवन-यापन करने वाले रामफल का सपना छोटा सा व्यवसाय करने का था। गौ पालक बनकर आगे बढ़ने की इच्छा थी लेकिन संसाधनों की कमी आड़े आ रही थी। समस्याओं का समाधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से निकला। जिसमें पशु शेड का निर्माण करने से व्यवसाय ने गति पकड़ी और बढ़ती आमदनी से जीवन आसान हो गया।पशु शेड बन जाने से गौ माता को सभी मौसमों में सुरक्षित रखने की सुविधा अलग से मिल गई।

    आमदनी में बढ़ोतरी और पशुओं की सुरक्षा का साधन बना पशु शेड

    पशु शेड नहीं होने से अनेकों परेशानियां थी जिसमें प्रमुख रूप से सभी मौसमों से पशुधन को बचाना। खुले में पशुधन रहने के कारण यहा वहां चले जाना, किचड़ एवं गंदगी के कारण गायों को होने वाली बिमारियां और साथ ही इस पर होने वाले खरचो की परेशानी बनी रहती थी। पशु शेड़ बनने के पहले शुरूआत में आमदनी कम हुआ करती थी और पशुधन के देखरेख में ज्यादा पैसे खर्च हो जाते थे। इन सभी समस्याओं का समाधान पशु पालन शेड निर्माण के रूप में स्थायी तौर पर हो गया।

    पशुशेड निर्माण कार्य पर एक नजर

    हितग्राही रामफल को अपने पंचायत से पता चला कि महात्मा गांधी नरेगा योजना की सहायता से उनके पशुधन के लिए पक्का शेड निशुल्क बनाया जा सकता है। फिर क्या था उनकी मांग एवं समस्याओं को देखकर ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा इसका हल निकाला। पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर पशु शेड निर्माण कार्य 68500 रूपए राशि से स्वीकृत कराया गया

    । स्वीकृति पश्चात् माह अक्टुबर 2023 को पशु शेड निर्माण प्रारंभ किया गया। कार्य प्रारंभ होने पर ऐसा लगा जैसे व्यवसाय में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया हो। देखते ही देखते लगभग एक माह के अल्प समय में निर्माण कार्य पूरा हो गया। पशु शेड निर्माण में स्वंय हितग्राही को 48 दिवस का रोजगार मिला साथ ही 12 मानव दिवस का रोजगार सृजन करते हुए अन्य परिवारो सहित सभी ग्रामीणों को मजदूरी के रूप में 7 हजार 5 सौ रूपए प्राप्त हुए।

    कार्य का परिणाम

    पशुशेड का महत्व रामफल बहुत अच्छे से जानते थे क्योंकि यही वह जगह है जो उनके व्यवसाय को समय के साथ आगे बढ़ाने में प्रमुख योगदान देकर आजिविका को आगे बढ़ाने का सपना सच होता दिख रहा है। पक्का एवं हवादार पशु शेड बन जाने से व्यवसाय में प्रगति हो रहीं है। 3 से 4 हजार रूपए प्रतिमाह की आमदनी दुध बेचकर होने लगा साथ मे घर के लिए भी दूध मिल रहा है। सारा व्यवसाय अपने घर से संचालित करने की खुशी अलग से।आजीविका के नए साधन बन जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ रही है। आमदनी परिवार के बहुत काम आ रहा है। जिसमें छोटी सी 2 एकड़ के खेतीहर भूमि में उपयोग कर कृषक कार्य कर रहें और अलग से आमदनी का स्त्रोत बन रहा है।

    हितग्राही के अनुभव

    हितग्राही रामफल अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पशुशेड बनाने के पूर्व अपने पशुओं को सुरक्षित रखने की बहुत चिंता रहती थी। खुले में पशुधन को बरसात के दिनों में पानी से बचाने एवं सर्दी के दिनों में ठण्ड से बचाना बड़ी समस्या था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पशुशेड नही बन पा रहा था। रोजगार गारंटी योजना से मेरी सभी चिन्ताएं दूर हो गई और अब पशुधन के सुरक्षा की चिन्ता नही रही। पशुधन से होने वाली आमदनी गौसेवा में लगा रहा हूं और साथ ही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ने के लिए और अधिक गाय पालने में समर्थ हो गया हूं।

  • CG : कबीरधाम जिले के 11 परिवारों ने बढ़ाया प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना की ओर कदम…

    आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा,कबीरधाम जिले से शुरू हुई ऊर्जा क्रांति की कहानी

    कवर्धा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने कबीरधाम जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है। जिले के 11 परिवारों ने अपने घरों पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर यह बता रहे है कि यह योजना केवल बिजली बिल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की जनआंदोलन जैसी पहल कम नही है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में योजना का क्रियान्वयन तेज रफ्तार से हो रहा है। अब तक जिले में 94 से अधिक हितग्राही वेंडर का चयन कर चुके हैं और कई को सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। आने वाले महीनों में हजारों परिवार इस योजना से जुड़ने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

    कबीरधाम जिले के 11 परिवार जिन्होंने योजना को अपनाया है, उसमें योगेन्द्र सिंह कश्यप (राजमहल चौक, कवर्धा), नरेश कुमार चंद्रवंशी एवं रितेश कुमार चंद्रवंशी (दौजरी), सतीश कुमार धवलकर (मठपारा वार्ड-3), लीना तिवारी (मठपारा वार्ड-12), रोशन राम (नागर जवादन रोड), कुमारी देवी सोम (श्याम नगर),ओंकार साहू (रामनगर), सरोज बाई ठाकुर, माधुरी (कालिका नगर) इन परिवारों की छतों पर लगाए गए 1 से 3 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनल प्रतिमाह लगभग 300 यूनिट मुफ्त बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली को सीएसपीडीसीएल ग्रिड में भेजकर वे भविष्य के बिलों में क्रेडिट का लाभ ले रहे हैं।

    लाभार्थियों ने साझा किए अपने अपने अनुभव, सबने कहा यह योजना भविष्य के लिए सुखद है

    योगेन्द्र सिंह कश्यप ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, अब सोलर रूफटॉप लगने से बिल लगभग खत्म हो गया है। यह योजना राहत और बचत दोनों लेकर आई है। नरेश कुमार चंद्रवंशी, ग्राम दौजरी बताया कि “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से हमें आत्मनिर्भरता का अहसास हो रहा है।

    अब हम सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन गए हैं। लीना तिवारी, मठपारा निवासी ने कहा कि “सोलर से घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने पर अगले बिल में लाभ मिल रहा है। योजना सरल और भरोसेमंद है।“ सतीश कुमार धवलकर ने कहा कि “सूर्यघर योजना से घर रोशन हो गया है और खर्च भी घट गया है। हम चाहते हैं कि जिले के हर घर में यह सुविधा मिले।

    सौर ऊर्जा अपनाने पर 1.08 लाख रूपए तक की सहायता

    कबीरधाम जिले के अधीक्षण अभियंता रंजीत घोष ने बताया कि सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम लगाने पर 45 हजार से एक लाख 8 हजार रूपए तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। इस योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।

  • CG : 30 सितम्बर तक हर किसान का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य रूप से करें : कलेक्टर…

    समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर तय होगी जिम्मेदारी

    कवर्धा । कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए एग्री स्टेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन प्रत्येक किसान के लिए अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर सुनिश्चित कराना आरईओ की जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने सख्त निर्देशित किया कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी एवं किसान पंजीयन 30 सितम्बर तक हर हाल में पूर्ण होना चाहिए।

    कलेक्टर वर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं एग्रीस्टेक फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसान पंजीयन सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन, उप संचालक मोहंती सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

    कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पटवारी एवं तहसीलदार स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में आरईओ स्तर पर कोई भी पंजीयन लंबित नहीं रहना चाहिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि आरईओ की यह जिम्मेदारी होगी कि वे प्रत्येक किसान से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर पंजीयन कार्य सुनिश्चित करें।

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी पात्र किसान को पंजीयन के अभाव में धान खरीदी की प्रक्रिया से वंचित नहीं होना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 1 लाख 18 हजार 419 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है, जिनमें से 1 लाख 11 हजार 81 किसानों के पंजीयन का अनुमोदन तहसीलदारों द्वारा किया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष किसानों का भी शत-प्रतिशत पंजीयन शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

    कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मौसम को देखते हुए फसलों में बीमारियों की आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसानों को समय पर सही उपचार उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी कृषि केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। कलेक्टर वर्मा ने सभी आरईओ को निर्देशित किया कि वे कृषि केंद्रों का निरीक्षण कर वहां रखी दवाइयों की गुणवत्ता, मूल्य और एक्सपायरी डेट की जांच करें।

    उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी केंद्र में एक्सपायरी दवा किसानों को उपलब्ध न कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को फसल बीमारी के अनुसार उचित दवा की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि किसान समय पर दवा का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रख सकें।

    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि फसल कटाई प्रयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक एवं सभी की उपस्थिति में किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक कार्यवाही नहीं है बल्कि किसानों को फसल क्षति राशि दिलाने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब फसल कटाई प्रयोग मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा।

    इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी संबंधित अधिकारियों व किसानों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध होगी। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए कि फसल कटाई प्रयोग के समय संबंधित अधिकारी, पटवारी, आरईओ के साथ-साथ गांव के किसान और आम ग्रामीण भी मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि किसानों को इस प्रयोग की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे स्वयं देख सकें कि उनकी फसल की स्थिति के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की जा रही है।

    कलेक्टर ने बताया कि जिले में किसानों की सुविधा के लिए 22 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां दलहन एवं तिलहन की फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल तरीके से की जानी चाहिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    कलेक्टर वर्मा ने बताया कि जिले में किसानों के लिए खाद का नया रैक उपलब्ध हो गया है। उन्होंने सभी आरईओ को निर्देशित किया कि सोसाइटीवार और गांववार खाद की आवश्यकता का पूरा विवरण तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराएं। आवश्यकता अनुसार खाद सीधे गांव तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

  • CG : कविता के माध्यम से हिन्दी कवियों को किया गया याद…

    गौरेला पेण्ड्रा मरवाही । हिन्दी पखवाड़ा तथा पितृपक्ष के अवसर पर भारत के गौरवशाली हिन्दी कवियों की स्मृति में डाइट पेण्ड्रा तथा साहित्य और कला को समर्पित संस्था आनंद फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में तर्पण नाम से जिला स्तरीय काव्यपाठ प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इस प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों हेतु भारत के गौरवशाली कवियों की रचनाओं का पाठ एवं स्वरचित कवितापाठ प्रतियोगिता आयोजित की गयी। साथ ही जिले के शिक्षकों के लिए भी पहली बार स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम संयोजक आशुतोष आनंद दुबे ने बताया कि यह आयोजन तर्पण नाम से विगत दो वर्षों से परंपरा के रूप में किया जा रहा है। जो कि आने वाले वर्षों में भी निरंतर जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेण्ड्रा के प्राचार्य उप संचालक जे पी पुष्प रहे। समापन सत्र में पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह रहे।

    विशिष्ट अतिथि डाइट उपप्राचार्य आभा सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रतिनिधि आलोक शुक्ला, निर्णायकगण सुश्री मीना शर्मा प्राचार्य शा उच्च माध्य विद्यालय कोडगार, एम पी शर्मा सेनि व्याख्याता तथा शत्रुघ्न प्रसाद राय सेनि लिपिक, कार्यक्रम प्रभारी रश्मि नामदेव व्याख्याता डाइट पेण्ड्रा, विशिष्ट अतिथियों में सहायक प्राध्यापक एम चक्रवर्ती, शांति पेन्द्रो, प्रमिला श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का सफल संचालन आशुतोष दुबे एवं व्याख्याता सुनीता लकड़ा ने किया। साथ ही डाइट के समस्त स्टाफ संगीता सोनी, उषा मित्रा, एम राव, केपी राव, भरत सोनी, जेपी पैकरा, श्वेता तिवारी, संतोष चंद्रा, विकास वर्मा, सिद्धार्थ गुप्ता, शिवराम साहू, एनबी काशीपुरी, कविता दुबे, शांति ओट्टी आदि डाइट परिवार उपस्थित रहे। उक्त प्रतियोगिता में विद्यार्थी वर्ग एवं शिक्षक वर्ग में जिले भर से चयनित कुल 35 प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से सभी को आनंदित किया साथ ही चिंतन हेतु प्रेरित भी किया।

    विद्यार्थी वर्ग में ओंकार, मानवी तथा शिक्षक वर्ग में नीरज चौधरी रहे विजेता

    रोचक और आकर्षक प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। विद्यार्थी वर्ग में भारत के गौरवशाली कवियों की काव्यपाठ प्रतियोगिता में ओंकार कैवर्त्य सेजेस हिन्दी माध्यम पेण्ड्रा प्रथम, आस्था सोंधिया,डी ए वी, मरवाही द्वितीय, अनन्या श्रीवास्तव, आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं स्वरचित कविता पाठ में विद्यार्थी वर्ग में कु मानवी मिश्रा, सेजेस सेमरा प्रथम स्थान पर, द्वितीय अनन्या श्रीवास्तव, आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, तथा कु. रीना, एकलव्य डोंगरिया तृतीय स्थान पर रहे।

    शिक्षक वर्ग स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता में नीरज चौधरी शिक्षक डीएव्ही मरवाही प्रथम, दुर्गेश दुबे, व्याख्याता सेजेस हिन्दी माध्यम पेण्ड्रा द्वितीय, शशांक शेण्डे, व्याख्याता शा उच्च माध्य विद्यालय अण्डी तृतीय स्थान पर रहे। इनके अतिरिक्त सभी प्रतिभागियों ने सराहनीय प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति के लिए सभी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति के रूप में सहयोगी कवि विश्वनाथ सोनी ने अपनी सुंदर ओजस्वी रचना का पाठ किया तथा अपनी किताब किताब ए जिंदगी अतिथियों को भेंट किया। डीएलएड प्रथम वर्ष की छात्राध्यापिका ने रिया मांझी ने आशकरण अटल जी की कविता प्रस्तुत कर सभी को आनंदित किया।

    कविता मानवीय संवेदना का आधार है: पुष्प

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेपी पुष्प ने कविता को मानवीय संवेदना का आधार बताते हुए इसे समाज का दर्पण बताया। मनुष्य का ही सौभाग्य है जो अपने भावों को इस प्रकार से व्यक्त कर पाता है। ईश्वर ने यह गुण सिर्फ मानव को ही दिया है।

    पेण्ड्रा की धरा साहित्य और विशिष्ट लोगों से संपन्न है : जिला पंचायत अध्यक्ष

    मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष समर पैकरा ने कहा कि पेण्ड्रा की पावन धरा कई मनीषियों की उपस्थिति से धन्य हुई है। साहित्य और साहित्यकारों से भी यह भूमि सदैव संपन्न रही है। ऐसी पावन भूमि को मेरा प्रणाम है। उन्होंने अटल जी की पंक्तियाँ भारत जीता जागता राष्ट्रपुरुष है का वाचन कर सभागार में उर्जा भरते हुए सभी को देश के लिए कार्य करने को प्रेरित किया।

    कविता जन जन को जगाने वाली है: जिला पंचायत उपाध्यक्ष

    जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर ने कहा कि कविता जन जन को जगाने का कार्य करती है और बेहतर करने की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने अटल जी की पंक्तियाँ कदम मिलाकर चलना होगा का वाचन कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। साथ ही आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन को निरंतर संचालित करने आयोजक मण्डल को शुभकामनाएँ प्रेषित की।

  • CG : कलेक्ट्रेट कार्यालय में युक्तधारा पोर्टल के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न…

    एमसीबी । कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत जिला स्तरीय युक्तधारा पोर्टल का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण में सभी अनुविभागीय अधिकारी RES तकनीकी सहायक और विभागीय तकनीकी अमले ने भाग लिया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की संतृप्ति को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था। युक्तधारा पोर्टल, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय और इसरो ने संयुक्त रूप से विकसित किया है, एक अत्याधुनिक भू-स्थानिक योजना पोर्टल है। इसका इस्तेमाल मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं में सटीक योजना निर्माण के लिए किया जाता है।

    प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि यह पोर्टल ग्राम पंचायत स्तर पर Geographic Information System (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित योजनाएं तैयार करने में सक्षम है, जिससे विकास कार्यों का वैज्ञानिक और पारदर्शी चयन संभव हो सकेगा। मनरेगा के अनुमेय कार्यों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है जिसमें भू-स्थानिक विश्लेषित कार्य (GAW ) और गैर भू-स्थानिक विश्लेषित कार्य ( Non&GAW) शामिल हैं।

    युक्तधारा पोर्टल रिमोट सेंसिंग और भू-स्थानिक डेटा की मदद से इन कार्यों की पहचान कर स्वचालित सुझाव देता है। इससे योजनाओं का चयन न केवल पारदर्शी होगा बल्कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता भी तय की जा सकेगी। इस प्रशिक्षण में मत्स्य पालन, बागवानी, कृषि, वन, ग्रामीण आजीविका मिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर विभाग के साथ राम नरेश, राहुल दास, रोशन कुजुर, विकास कुमार, शशांक पाल, उर्मिला, रागिनी सिंह, तान्या श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कुमार पांडेय, राजेश कुमार भगत, अनूप कुमार श्रीवास्तव, महेन्द्र सिंह, दीपक सिंह, मुकुल आनंद कोराम, अंजू रानी भगत, सैना बी, अपर्णा राय, शशिकांत कुमार, अशोक कुमार साहू, पंकज कुमार पटेल, नरेंद्र कुमार कंवर, चंद्रभूषण एन. पांडेय, प्रतीक कुमार, प्रदीप कुमार, सुमेर सिंह, विवेक आनंद विश्वकर्मा, प्रदीप कुमार सिंह उपस्थित थे ।

  • CG : छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष 23 सितम्बर 2025 को लेंगे समीक्षा बैठक…

    सक्ती। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा, आई.ए.एस. (सेवानिवृत), केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त की अध्यक्षता में एवं सदस्यगण नीलांबर नायक, यशवंत सिंह वर्मा, बलदाऊ राम साहू, हरिशंकर यादव, शैलेन्द्री परगनिहा एवं कृष्णा गुप्ता की उपस्थिति में जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक 23 सितम्बर 2025 को सुबह 11 बजे, कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ली जाएगी।

    बैठक में शासन के समस्त विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के भागीदारी एवं जनगणना के संबंध में डाटा प्रविष्टि की समीक्षा की जाएगी। समस्त संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को जिले का संक्षिप्त विवरण एवं उनके विभाग अंतर्गत संचालित केन्द्र और राज्य सरकार की पृथक-पृथक विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ उक्त बैठक में अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देशित किया गया है।

  • CG : जिला पंचायत में संविदा के विभिन्न पदों पर भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी…

    दावा आपत्ति 30 सितंबर तक आमंत्रित

    गौरेला पेंड्रा मरवाही । कार्यालय जिला पंचायत द्वारा जिला ग्रामीण विकास प्रशासन योजना के अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के संविदा के 10 विभिन्न पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया था।

    जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण उपरांत पात्र-अपात्र सूची जिले की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इस संबंध में दावा आपत्ति 30 सितंबर तक कार्यालयीन समय शाम 5:30 बजे तक आमंत्रित किया गया है।

    विज्ञापित पदों लेखापाल/सहायक वर्ग-दो के 1 पद, शीघ्रलेखक के 1 पद, सहायक वर्ग-तीन के 4 पद, वाहन चालक के 1 पद, भृत्य के 2 पद एवं चौकीदार के 1 पद शामिल हैं।

  • CG : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ…

    जागरूकता बढ़ाने के लिए कुर्सी दौड़, चम्मच दौड़ और हांडी फोड़, रोचक खेलों का किया गया आयोजन

    कवर्धा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस अवसर पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में इस अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे रहे।

    इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल, जनपद पंचायत बालका रामकिंनकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, मंडल अध्यक्ष मोहन धुर्वे, जनपद सदस्य नरेश चंद्रवंशी, बेबी सत्यवंशी, चैन सिंह, जस्सू पटेल सहित जनप्रतिनिधि व पार्षदगण, मितानिन समन्वयक, मितानिन ट्रेनर, मितानिन बहनें तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से गांधी जयंती तक चलने वाला यह अभियान महिला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

    खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने बताया कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए कुर्सी दौड़, चम्मच दौड़ और हांडी फोड़ जैसे रोचक खेलों का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती माताओं को चना, गुड व टीबी मरीज को निश्चय पोषण आहार एवं वार्ड में भर्ती मरीजों को फल वितरित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजपूत ने बताया कि नारी के स्वास्थ्य पर ही परिवार, समाज और आने वाले पीढ़ी का स्वास्थ्य निर्भर करता है यदि नारी स्वस्थ रहेगी तो परिवार मजबूत होगा और परिवार मजबूत होगा तो राष्ट्र प्रगति की ओर अग्रसर होगा। इसलिए आइए हम सब मिलकर इस अभियान को जन जन तक पहुंचाएं और एक स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें। कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर मानिक चंद्रवंशी, शोभाराम निषाद, सी बिलौहा, गीता मेंरावि, विमला देवांगन, एफ कलिहारी, बाबूलाल गोंड, सुनील बिश्नोई, डीके बेरवंशी, कमल जायसवाल, नीतीश साहू, शैलेंद्र त्रिवेदी, अल्पना राजपूत, प्रियंकेश मानिकपुरी, सीमा साहू, गायत्री मरकाम व समस्त अधिकारी कर्मचारी की सहभागिता रही।

    अभियान के तहत दी गई प्रमुख जानकारियां

    “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता एवं महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण एवं जननी सुरक्षा योजना की जानकारी, आयुष्मान कार्ड और वयवंदन योजना का लाभ, टीबी, कैंसर, बीपी, शुगर, सिकलसेल की जांच एवं रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के पोषण से जुड़ी जानकारी, और 108 एवं 102 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।

    जांच के आँकड़े

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में अभियान के दौरान ओपीडी 195, बीपी जांच 110, शुगर जांच 35, एएनसी जांच 48, टीबी स्क्रीनिंग 60, एक्सरे जांच 24, सिकल सेल जांच 33, परिवार नियोजन परामर्श 63 और 10 लोगों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया गया।

  • CG : श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच एवं पंजीयन शिविर का हुआ सफल आयोजन…

    रायपुर । रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण हेतु श्रमवीर स्वास्थ्य जांच सह पंजीयन एवं नवीनीकरण शिविर का आयोजन जनपद स्कूल अटल सभागार पेंड्रा में शनिवार को किया गया।

    शिविर में 97 श्रमिकों का स्वास्थ्य जांच, 101 श्रमिकों का पंजीयन, 2 श्रमिकों का नवीनीकरण एवं 6 श्रमिकों ने श्रमिक विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में आवेदन किया। क्षेत्र के श्रमिकों ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया और श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। श्रम पदाधिकारी बी एल ठाकुर ने शिविर में उपस्थित श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी दी।

  • CG : आवास प्लस योजना अंतर्गत अपात्र हितग्राहियों के नाम विलोपित करने से पूर्व दावा-आपत्ति आमंत्रित…

    कवर्धा । आवास प्लस (2018) अंतर्गत अपात्र हितग्राहियों के नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से विलोपित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्राम सभाओं से अनुमोदन उपरांत जिले की जनपद पंचायतों द्वारा चिन्हांकित 3029 हितग्राही विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए हैं। इनमें बोडला के 1616, कवर्धा के 194, पंडरिया के 967 और सहसपुर-लोहारा के 252 हितग्राही शामिल हैं।

    समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा सत्यापित सूची जिला पंचायत को प्राप्त हो गई है। यह सूची संबंधित जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत कार्यालयों के सूचना पटल पर प्रदर्शित कर दी गई है। साथ ही इसे जिला कबीरधाम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

    यदि किसी हितग्राही को सूची में शामिल नाम पर आपत्ति है, तो वह 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार शाम 5 बजे तक आवश्यक दस्तावेजों सहित दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। आवेदन संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय अथवा जिला पंचायत कबीरधाम कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे।

  • CG : एम.एस.एम.ई. के बाजार विस्तार हेतु 23 सितम्बर 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित…

    अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ शासन की रेंजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी) योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले में ई-मार्केटप्लेस एवं डिजिटल मार्केटिंग द्वारा एमएसएमई के लिए बाजार विकास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 23 सितम्बर 2025 को अपरान्ह 2 बजे होटल सिग्नेचर इन, न्यू बस स्टैंड अंबिकापुर में आयोजित होगी।

    जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, स्वसहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों, हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण और वनोपज आधारित उद्यमों से जुड़े कारीगरों एवं उत्पादकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

    अधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला में प्रतिभागियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों का पंजीयन एवं ऑनलाईन बिक्री की प्रक्रिया, डिजिटल मार्केटिंग तकनीक, नेटवर्किंग अवसर, उत्पादों की दृश्यता बढ़ाने के उपाय तथा लॉजिस्टिक्स समर्थन की जानकारी दी जाएगी।

    यह कार्यशाला निशुल्क है तथा इसमें जिले के सभी इच्छुक उद्यमी, महिला उद्यमी, स्वसहायता समूह की सदस्याएं एवं ऑनलाइन विक्रय के इच्छुक कारीगर भाग ले सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा, अंबिकापुर से संपर्क किया जा सकता है।

  • CG : आत्मनिर्भरता की मिसाल : बकरी पालन से सविता रजक बनीं ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणा…

    रायपुर । साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सविता का सपना था कि वह बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाए और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारें। महिला ग्राम संगठन से जुड़कर उन्हें बैंक लिंकेज, समूह से 50 हजार रुपए और पीएम मुद्रा लोन से 1 लाख रुपए का सहयोग मिला। इस राशि से बकरी पालन शुरू करते हुए उन्होंने आर्थिक मजबूती की नई राह पकड़ी।

    सरकार की योजनाओं ने महिलाओं की जिंदगी बदलने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। जशपुर जिले के दुलदुला ब्लॉक के ग्राम छेड़डाड़ की  सविता रजक इसकी उत्कृष्ट मिसाल हैं। बिहान योजना और पीएम मुद्रा लोन के सहारे उन्होंने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया और आज अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं का हौसला बढ़ा रही हैं।
    
    वर्तमान में सविता को बकरी पालन से हर माह लगभग 10 हजार रुपए की आय हो रही है। वह इस आय से बच्चों की पढ़ाई और घर-परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं। साथ ही, व्यवसाय को आगे बढ़ाने के प्रयास भी कर रही हैं। सविता को अन्य योजनाओं का भी लाभ मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रसोई गैस, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर और महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक मदद उनके जीवन स्तर में सुधार लाई है। 
    आज सविता का परिवार खुशहाल है। बच्चों की पढ़ाई निर्बाध चल रही है। रसोई में गैस चुल्हे के माध्यम से खाना बनाना आसान हो गया है, और लकड़ी के झंझट से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घर की सुरक्षा है और महीने की एकमुश्त सहायता उनके आत्मविश्वास को मजबूती देती है। उनका कहना है कि बिहान योजना और पीएम मुद्रा लोन से मिला सहयोग उनके जीवन को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। महिलाएँ सिर्फ घर तक सीमित रहने वाली नहीं, वे अपने परिवार और समाज की अर्थव्यवस्था बदल सकती हैं।
    
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज सविता रजक न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी मजबूती से निभा रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं।
  • CG : बिजली का बिल, अब हुआ शून्य रामेश्वर सिंह को मिली बिजली बिल से राहत…

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सपना हुआ साकार

    रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भारत का हर घर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा और इसका फायदा भारत को होगा। इस योजना के वजह से रोजगार के अवसर भी ज्यादा बढ़ेंगे और इसकी वजह से नई नौकरियां भी निकलेगी। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिस घर में सोलर पैनल लगाए जाएंगे, उस घर की बिजली 24 घंटे रहेगी । इस घर में बिजली की कोई भी कटौती नहीं होगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने रायगढ़ के कृष्णा वाटिका निवासी रामेश्वर सिंह के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। जहाँ पहले उन्हें हर माह 3,000 रुपए से अधिक का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, वहीं अब उनके घर का बिजली खर्च लगभग शून्य हो गया है।

    पीएम सूर्य घर योजना के लिए सब्सिडी का प्रावधान

    मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले रामेश्वर सिंह के लिए बिजली का बढ़ता खर्च हमेशा चिंता का कारण था। गर्मी के दिनों में कूलर और पंखों की अधिक खपत से बिजली बिल 3,000 रुपए से ऊपर पहुँच जाता था, जिससे उनके घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। इसी बीच उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में पता चला। इस योजना के तहत शासन छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी दे रही है। उन्होंने बताया कि एक किलोवाट सोलर प्लांट पर 45 हजार, 2 किलोवाट पर 90 हजार और 3 किलोवाट पर एक लाख 8 हजार रुपए की अनुदान राशि दी जा रही है। यह जानकारी उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई और उन्होंने तुरंत इस योजना के लिए आवेदन किया।

    बिजली विभाग पर निर्भर नहीं रहकर पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गया

    आवेदन के बाद टीम ने रामेश्वर सिंह के घर का निरीक्षण किया, बिजली की खपत का आकलन किया और उनकी ज़रूरत के हिसाब से सोलर सिस्टम लगाने की सलाह दी। सरकारी सब्सिडी और आसान प्रक्रिया के कारण कुछ ही हफ्तों में उनके घर की छत पर सोलर पैनल लग गए। यह सोलर पैनल रामेश्वर सिंह के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। जहां पहले हर महीने बिजली का बिल 3,000 रुपए से ज़्यादा आता था, अब यह खर्च लगभग शून्य हो गया है। इस बचत का उपयोग वे अब अपने परिवार की अन्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कर पा रहे हैं। रामेश्वर सिंह अब बिजली विभाग पर निर्भर नहीं हैं और पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गए हैं। उनके घर की छत पर लगे ये सोलर पैनल न केवल उनकी बिजली की जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके वे पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

    रामेश्वर सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना ने हमारे जीवन की सबसे बड़ी चिंता को खत्म कर दिया। अब हम बिना किसी परेशानी के बिजली का उपयोग कर रहे हैं और पर्यावरण की रक्षा में भी सहयोग दे रहे हैं। रामेश्वर सिंह की यह कहानी इस बात का एक और उदाहरण है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैसे लोगों को बिजली के भारी-भरकम बिल से राहत देकर उन्हें आत्मनिर्भर और पर्यावरण-हितैषी बनने में मदद कर रही है। यह योजना कई जिंदगियों में बड़ा बदलाव ला रही है।

  • CG : उन्नत और किफायती उर्वरक तकनीकों से किसानों को जोड़ने चल रहा है अभियान…

    खेतों में नैनो यूरिया छिड़काव का चल रहा प्रदर्शन

    रायपुर । नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। किसानों के बीच इनके इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए जागरूकता शिविर, वेबिनार, क्षेत्रीय प्रदर्शन, किसान सम्मेलन और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्में बनाई जा रही हैं । नैनो यूरिया के पत्तियों पर छिड़काव को आसान बनाने के लिए किसान ड्रोन, बैटरी चालित स्प्रेयर जैसे नए उपकरण भी किसानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। ग्राम स्तर के उद्यमियों को प्रशिक्षण देकर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कस्टम हायरिंग छिड़काव सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    किसानों को उन्नत और किफायती उर्वरक तकनीक से जोड़ने के लिए जिले में नैनो यूरिया छिड़काव का प्रदर्शन कृषि विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा किसानों के खेत में पहुंचकर किया जा रहा है। कलेक्टर और कृषि विभाग रायगढ़ के मार्गदर्शन में किसानों के लिए यह जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत विकासखंड रायगढ़ में किसानों के खेतों में ट्रायल के रूप में नैनो यूरिया का प्रदर्शन किया गया।

    ग्राम कोड़तराई में कृषक परमेश्वर पटेल, झारगुड़ा में कृषक हरकेश्वर पटेल तथा पंझर में कृषक नरेन्द्र पटेल के धान की फसल पर एक-एक एकड़ भूमि में नैनो यूरिया छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। आने वाले दिनों अन्य किसानों के खेतों में भी यह प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान हितग्राही किसान के साथ गांव के अन्य किसानों को भी इस प्रदर्शन के अवलोकन में शामिल किया जाता है।

    उप संचालक कृषि ने बताया कि यह पहल न सिर्फ रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करेगी, बल्कि किसानों की उत्पादन लागत घटाकर अधिक लाभ दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगी। इस दौरान किसानों को नैनो यूरिया के प्रयोग की विधियों एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसान ड्रोन, मोटर, बैटरी, नेपसेक स्प्रेयर के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, इफको के प्रतिनिधि और स्थानीय कृषकगण उपस्थित रहे।

    किसानों ने समझा नैनो यूरिया छिड़काव का तरीका कहा -यह किफायती और सुविधाजनक

    प्रदर्शन के दौरान उपस्थित किसानों ने नैनो यूरिया के छिड़काव का तरीका समझा। बेसल डोज के बाद फर्स्ट और सेकंड स्प्रे के लिए नैनो यूरिया के उपयोग के संबंध में परमेश्वर पटेल ने कहा कि यह पारंपरिक यूरिया की तुलना में काफी सस्ता है। यह कम मात्रा में भी बेहतर परिणाम देता है। बॉटल में पैकेजिंग होने के कारण खेतों तक लाने ले जाने ले जाने व छिड़काव में सुविधाजनक है। इसके छिड़काव से पौधों पर असर जल्दी और एक समान दिखता है। पौधों की बढ़वार भी संतुलित होती है।

    नवंबर-दिसंबर में पूरे जिले चलेगा व्यापक अभियान

    उप संचालक कृषि रायगढ ने बताया कि अभी चिन्हांकित स्थानों में नैनो यूरिया के छिड़काव का प्रदर्शन चल रहा है। आगामी नवंबर और दिसंबर में यह प्रदर्शन अभियान पूरे जिले में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इसके लिए सभी आरएईओ अपने प्रभार क्षेत्र के गांवों में किसानों को नैनो यूरिया छिड़काव का प्रदर्शन कर उपयोग की विधि और फसल को होने वाले लाभ से अवगत कराएंगे। इसके साथ ही आगामी विकसित कृषि संकल्प यात्रा के अंतर्गत इसकी जानकारी किसानों को दी जाएगी।

  • CG : घर-घर पहुंचेगा मुफ्त बिजली खैरागढ़ में ‘सूर्य रथ’ का शुभारंभ…

    लोगों को जागरूक करने ‘सूर्य रथ ’गांव-गांव घुमेगी

    रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसके तहत घरों की छतों पर सौर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है. यह योजना रूफटॉप सोलर के लिए सब्सिडी प्रदान करती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आमजनों के जीवन में आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। लोग अब बिजली बिल की चिंता से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। इसके प्रचार-प्रसार के लिए खैरागढ़ से ‘सूर्य रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय परिसर, खैरागढ-गंडई-छुईखदाऩ से ‘सूर्य रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लाभ, सब्सिडी एवं वित्तीय सुविधा की जानकारी देगा।

    आवेदन और प्रगति की स्थिति

    कलेक्टर खैरागढ-गंडई-छुईखदाऩ ने बजाया कि जिले में अब तक 340 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 335 उपभोक्ताओं को मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। 10 घरों में सौर पैनल स्थापित हो गए हैं, जबकि 46 घरों में कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों के अनुसार योजना से मुफ्त और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी, साथ ही जिले में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में दी जा रही है सब्सिडी

    योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख 8 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। एक किलोवाट सोलर प्लांट पर 45 हजार, 2 किलोवाट पर 90 हजार और 3 किलोवाट पर एक लाख 8 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। उपभोक्ता केवल 10 प्रतिशत डाउन पेमेंट कर शेष राशि को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों तक की किस्तों में चुका सकेंगे। साथ ही, अतिरिक्त बिजली उत्पादन को बेचकर उपभोक्ता आर्थिक लाभ भी कमा सकेंगे।

    ‘सूर्य रथ’ शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करेगी

    ‘सूर्य रथ’ खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा, अमलीपारा, जालबांधा, अतरिया, पाण्डादाह और मुढ़ीपार सहित विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान ऊर्जा आत्मनिर्भरता, प्रदूषण मुक्त बिजली और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के उपभोक्ता लाभान्वित होंगे और जिले को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर किया जाएगा।

  • CG : गायता ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए वन मंत्री…

    रायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज कोंडागांव जिले के ग्राम करियाकांटा और मूंगवाल में आयोजित गायता जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में वन मंत्री कश्यप ने समाज के ईष्ट देवी देवताओं की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। साथ ही उन्होंने ग्राम मूंगवाल में 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित सर्व आदिवासी समाज भवन का लोकार्पण किया और विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति भी दी।

    इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने सभी को गायता जोहारनी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी परम्परा बहुत पुरानी और समृद्ध है। आदिवासियों की खान-पान, रहन-सहन, वेशभूषा की अलग ही पहचान है। उन्होंने कहा कि हमें अपने इस पुरातन संस्कृति और समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करना है और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासियों के विकास और सशक्तिकरण के लिए भगवान बिरसा मुंडा के नाम से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत की गई है। शासन द्वारा आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पेसा कानून, पांचवी अनुसूची और वन अधिकार सहित कई प्रावधान किए गए हैं।

    चलका हाईस्कूल का हायर सेकेंडरी में उन्नयन की घोषणा

    वन मंत्री कश्यप ने ग्राम करियाकांटा में 20 लाख रूपए की लागत से डोम शेड और 30 लाख रूपए की लागत से बाजार शेड निर्माण की घोषणा की। इसी प्रकार मूंगवाल में डोम निर्माण, केजंग में माता गुड़ी निर्माण, पेरमा पाल में 2 नग पुलिया निर्माण, राज बेड़ा मार्ग में सी सी सड़क, मूंगवाल में घोटूल भवन, बयानार धान खरीदी केंद्र में शेड निर्माण, हाईस्कूल चलका का हायर सेकेंडरी में उन्नयन और राज बेड़ा मंदिर में सांस्कृतिक भवन निर्माण की घोषणा की।

    इस अवसर पर ग्राम करियाकांटा में बम्हनी परगना के 22 गांवों के ग्रामीण जन शामिल हुए, वहीं ग्राम मूंगवाल में आयोजित कार्यक्रम में चलका परगना अंतर्गत गांवों के ग्रामीणजन सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मांझी, चालकी गायता, पुजारी सहित जनपद अध्यक्ष अनीता कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य यशोदा कश्यप, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।