lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि

    प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि

    सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतें हुईं “बाल विवाह मुक्त”

    रायपुर,

     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि
     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई।

    इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की।
    राजवाड़े ने कहा, कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है।

     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि

    सामुदायिक भागीदारी की सराहना
    जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो।

     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है।

    सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

  • CG : करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा

    170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

    जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त

    रायपुर,

    मो. फरहान सोरठियाराज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था।
    राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं।
    26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।

    मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है।

    जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

  • CG : मां से ही संपूर्ण सृष्टि का आधार, प्रसव के दौरान माताओं की मौत सभी के लिए दुख की बात : श्याम बिहारी जायसवाल

    स्वस्थ छत्तीसगढ़ से स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने मे स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगीः स्वास्थ्य मंत्री

    ”छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी अभियान” से मातृ स्वास्थ्य को मिलेगी नई दिशा: डॉ. प्रियंका शुक्ला 

    रायपुर,

    स्वस्थ छत्तीसगढ़ से स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने मे स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगीः स्वास्थ्य मंत्री

    देश में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्हत छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के द्वारा संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को लेकर शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत की गयी। 

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला के पहले दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां से ही संपूर्ण सृष्टि का आधार होता है। ऐसे में प्रसव के दौरान किसी माता की मौत हम सभी के लिए दुख की बात होती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु की दर 365 थी जो वर्तमान में घटकर 141 हो चुकी है। इसी तरह से राज्य गठन के वक्त शिशु मृत्यु दर 79 थी जो अब 38 हो चुकी है। जायसवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं और हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में ये शिशु और मातृ मृत्यु दर शून्य हो जाएं। 

    स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने में स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और महिला बाल विकास विभाग की बहनों के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार जरूर आएगा।

    इस मौके पर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” नामक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से न केवल माताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है, बल्कि राज्य के उन 30 विकासखंडों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जहाँ मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है। 

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान और उनकी सतत निगरानी आवश्यक है। इसके साथ ही, सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और इसकी दिशा में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 

    गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा विकसित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, समुदाय को मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” अभियान के माध्यम से राज्य में मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य तय किया गया है और शासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात

    कुनकुरी में छठघाट तालाब विकास के लिए 5.17 करोड़ की स्वीकृति

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। जिले की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री साय अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य तथा शिक्षा क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से विकास कार्यों को अंजाम देने में लगे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र में छठघाट तालाब के विकास कार्य हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।  

    इस राशि से तालाब का सौंदर्यीकरण, किनारों का सुदृढ़ीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे। कार्य पूर्ण होने के पश्चात छठघाट तालाब धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक भव्य स्वरूप प्राप्त करेगा तथा नगर की पहचान और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक जिले और नगर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर नगरीय अधोसंरचना तक हर क्षेत्र में सुनियोजित रूप से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठघाट तालाब का विकास कुनकुरी नगर की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेगा और आने वाले समय में यह नगरवासियों के लिए गर्व का प्रतीक बनेगा।

    छठघाट तालाब विकास कार्य की स्वीकृति से क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल नगर की पहचान को निखारेगा, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को भी और अधिक गरिमामय बनाएगा।

  • राजनांदगांव : इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती-मुनि वीरभद्र

    हमने अपने अवगुणों को गुणों में बदलने की कोशिश नहीं की और ना इसके बारे में कभी सोचा-मुनि वीरभद्र

    चातुर्मासिक प्रवचन

    राजनांदगांव, विनय कुशल मुनि के सुशिष्य एवं 171 दिन तक उपवास का रिकॉर्ड बनाने वाले जैन मुनि वीरभद्र (विराग) जी ने आज यहां कहा कि इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती। एक इच्छा पूर्ण होती तो दूसरी इच्छा जागृत हो जाती है। हम अनंत काल से 84 लाख योनियों में घूम रहे हैं। उसके अंदर जीव कभी खुश होता है तो कभी दुखी होता है और कभी जीतता है तो कभी हारता है।


    जैन बगीचे के उपाश्रय भवन में आज मुनि वीरभद्र (विराग) ज़ी ने कहा कि अनंत काल में घूमते हुए भी हमने अपने अवगुणों को गुणों में बदलने की कोशिश नहीं की और ना इसके बारे में कभी सोचा। उन्होंने कहा जिस दिन हम अपने अवगुणों को गुणों में बदल देंगे उस दिन हम मोक्ष प्राप्त कर लेंगे और हमें इन 84 लाख योनियों के भटकाव से छुटकारा मिल जाएगा। मुनिश्री ने कहा कि यह जीव कभी राम बन जाता है तो कभी रावण, कभी कृष्ण बन जाता है तो कभी कंस। अनंत काल से यह जीव आगे-पीछे,आगे- पीछे भटकते रहा है। यदि हम अपने आप को देखें तो हम अपने आपको वहीं के वहीं पाएंगे जहां हम पहले थे।आगे-पीछे,आगे- पीछे भटकते रहने के कारण हम आगे नहीं बढ़ पाए।


    मुनि वीरभद्र (विराग) जी ने कहा कि हम स्वयं अपने गुणों को, अपने स्वभाव को पाने का प्रयास नहीं करते। उन्होंने कहा कि जिस दिन इच्छाएं शांत हो जाएगी, मन में एक भी इच्छा नहीं रहेगी, उस दिन हम आनंद से भर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन्हीं इच्छाओं को पूरा करते-करते यह जीव संसार छोड़ जाता है और अपने आत्म कल्याण के लिए कुछ नहीं कर पाता। ऊपर – ऊपर की इच्छाएं बढ़ती जाती है और पहले की इच्छाएं अपने आप दबती चली जाती है, उसका कोई महत्व नहीं रहता और वह अतृप्त रह जाती है। सुखी रहने के लिए मन का इच्छारहित होना जरूरी है।


    मुनि वीरभद्र (विराग) ज़ी ने कहा कि कोई अपनी तारीफ कर रहा हो तो उस समय समता रखना मुश्किल हो जाता है। हर पल समता में रहने की कोशिश कीजिए। उन्होंने कहा कि हमें जगत का नॉलेज है किंतु अपनी आत्मा के बारे में ही नॉलेज नहीं है। सारी आराधना मात्र समता लाने के लिए ही होती है। प्रमाद हमें कहीं ना कहीं अटका देता है। जो करना है अभी कर लें, बाद में मौका नहीं मिलेगा। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में विमल हाजरा ने दी।

  • Rajnandgaon : केले की फसल में चना का बीमा कराकर किया गया लाखों का फर्जीवाड़ा

    कृषि विभाग एवं बीमा कम्पनी के एजेंट की भूमिका संदिग्ध

    मामला विकासखण्ड छुरिया के ग्राम पंचायत आमगाव का

    छुरिया, विकासखण्ड छुरिया में रबी फसल चना में बीमा कम्पनी एवं कृषि विभाग द्वारा केले की फसल में चना फसल का बीमा कराकर लाखों रूपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। इस फर्जीवाड़े को लेकर बीमा कम्पनी एवं कृषि विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में बीमा कम्पनी के एजेण्ट की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। मामले का खुलासा होते देख अुनविभागीय कृषि अधिकारी राजनांदगाव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत चना फसल के फर्जीवाड़े की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन भी किया है।


    उल्लेखनीय है कि छुरिया विकासखण्ड में कृषि विभाग के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत रबी वर्ष 2024.25 में ढाई हजार हेक्टेयर मे किसानों ने फसल बीमा कराया था जिसका दावा भुगतान बीमा कम्पनी ने लगभग साढे़ तीन करोड़ रूपये किसानों के खाते में हस्तांतरित कर दिया है। जिसमें विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आमगांव में लगभग 170 एकड़ में केले एवं अन्य सब्जी वर्गीय फसल होने के बावजूद भी बीमा कम्पनी द्वारा बिना जांच पड़ताल के फसल बीमा कराकर लाखों रूपये का फर्जी तरीके से दावा भुगतान किया गया है। इस फर्जी भुगतान में बीमा कम्पनी के एजेण्ट एवं कृषि विभाग की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस जमीन पर बीमा कम्पनी ने चना बीमा कराया गया था उन खसरों में बारह महीने केला एवं अन्य सब्जी वर्गीय फसल लगा रहता है। ऐसे में केले की फसल में चना का बीमा दर्शाकर लाखों रूपये का फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत पूर्व विधायक छन्नी चंदू साहू ने अनुविभागीय कृषि अधिकारी से की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए इस फर्जीवाड़े को लेकर जांच टीम का गठन किया गया है। इस मामले की सूक्ष्म जांच की जाए तो फसल बीमा योजनांतर्गत भ्रष्टाचार के कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, गजेन्द्र यादव, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • CG : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 नवभारत के निर्माण की आधारशिला : उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा और रोजगार में सेतु का कार्य करेगी

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

    रायपुर,

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा और रोजगार में सेतु का कार्य करेगी

    पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर एवं एनईपी इम्प्लीमेंटेशन सेल द्वारा किया गया। 

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा और रोजगार में सेतु का कार्य करेगी

    उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के भविष्य की दिशा और दशा तय करने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया। यह नीति 21वीं सदी के नवभारत की आधारशिला मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, सक्षम और श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा नीति के प्रथम चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। यह नीति केवल ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक, मानसिक, भावनात्मक और तकनीकी दृष्टि से भी सशक्त बनाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता, समानता, समावेशिता और सुलभता सुनिश्चित करना है। नीति के तहत पाठ्यक्रमों का पुनर्गठन, विषयों के बीच समन्वय, और शिक्षक प्रशिक्षण एवं शोध को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है। साथ ही उद्योग और शिक्षा की भागीदारी को प्रोत्साहित कर युवाओं को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।    

    मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार ने प्राध्यापकों की कमी दूर करने के लिए 700 पदों की स्वीकृति दी है। डिजिटल संसाधन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और ई-लर्निंग सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य हो रहा है। मातृभाषा और स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भों को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विषयों की कठोर सीमाओं को समाप्त कर लचीलापन प्रदान करने के साथ ही विद्यार्थियों को सीखने की स्वतंत्रता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करना। आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक शिक्षा को प्रोत्साहन देगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो समयबद्ध योजना बनाकर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नीति के प्रावधानों को लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन का साधन है। इसका सफल क्रियान्वयन विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें सृजनशील, सामाजिक रूप से जागरूक और राष्ट्रभक्ति की भावना से परिपूर्ण बनाएगा। मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवन को समझने और संवारने का साधन है। इस नई शिक्षा नीति के माध्यम से आने वाले समय में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और शिक्षा व्यवस्था अधिक समग्र तथा विद्यार्थी-केंद्रित होगी। 

    इस अवसर पर विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा की और शिक्षकों को नई शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका के बारे में मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को एनईपी के क्रियान्वयन की गहन जानकारी प्रदान करना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दृष्टि विकसित करना रहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयों की दीवारों से मुक्त कर विज्ञान, वाणिज्य और कला जैसे क्षेत्रों को एक साथ पढ़ने की स्वतंत्रता देना है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में भागीदारी दर को वर्तमान 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, तथा विभिन्न कॉलेजों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

  • CG : शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय के निर्माण कार्य का प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा निरीक्षण

    निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

    संग्रहालय के निर्माण कार्य का प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के दिए गए निर्देश           

    रायपुर,

    शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय के निर्माण कार्य का प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा निरीक्षण

    नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का आज प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। अतः इसके निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। संग्रहालय का कार्य किसी भी स्थिति में 30 सितंबर तक पूर्ण हो जाना चाहिए तथा शेष फिनिशिंग कार्य अक्टूबर के पहले हफ्ते में पूरा कर लिया जाए। साथ ही सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ सभी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, क्यूरेटर, इंजीनियरर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   

    प्रमुख सचिव बोरा ने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि संग्रहालय में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क एवं अन्य सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाए अन्यथा संबंधित पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए एवं अगले निरीक्षण से पूर्व इसके वर्किंग स्थिति में आ जाने के निर्देश दिए। संग्रहालय के प्रवेश द्वार के संबंध में कुछ सुधार करने के निर्देश दिए गए। संग्रहालय के चारों ओर बड़े अक्षरों में संग्रहालय का नाम लिखे जाने के निर्देश दिए गए ताकि दूर से ही संग्रहालय की जानकारी आमजन को मिल सके। 

    उन्होंने संग्रहालय में अच्छा सेल्फी प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रोजेक्शन वर्क को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गैलरी के निरीक्षण के दौरान उसमें लगने वाली लाइट के संबंध में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाने के निर्देश दिए गए ताकि कोई भी आगतंुक उसे स्कैन करके अपने मोबाइल पर उससे संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सके।  

    उन्होंने आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर एवं संचालक, टीआरटीआई हिना अनिमेष नेताम को संग्रहालय का प्रतिदिन निरीक्षण कर अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की कोई समस्या हाने पर उन्हें तत्काल इसकी जानकारी दी जाए ताकि अविलंब इसका समाधान किया जा सके। इससे पूर्व आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर द्वारा भी निर्माण कार्य में होने वाले विलम्ब एवं फिनिशिंग कार्य की गुणवत्ता को लेकर निर्माण एजेंसी के ठेकेदार एवं क्यूरेटर से नाराजगी व्यक्त की गई एवं इसे शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए। 

    प्रमुख सचिव बोरा ने संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति को मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा संग्रहालय के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई वित्तीय अनियमितता ना हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।   

    उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छ.ग. में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे – हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा। 

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में विकास की रफ्तार तेज

    ईब नदी पर 5.22 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल निर्माण शुरु 

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जशपुर जिले में तेजी से विकास कार्यों कराए जा रहे है। बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी क्रम में केराकोना-बैगाटोली मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 5 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

    इस पुल के निर्माण से क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। बरसात के मौसम में नदी पार करने में होने वाली कठिनाइयों से अब लोगों को मुक्ति मिलेगी। निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इसे अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से अब तक जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है। इन पुलों के निर्माण से सैकड़ों गाँव सीधे मुख्य मार्गों और बाजारों से जुड़ सकेंगे, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

    ईब नदी पर पुल निर्माण कार्य प्रारंभ होने से स्थानीय नागरिकों में हर्ष का वातावरण है। ग्रामीणों ने कहा कि यह पुल उनके जीवन में नई राह खोलेगा और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह पहल न केवल क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अंचलों की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में भी अभूतपूर्व वृद्धि करेगी।

  • CG : प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

    प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम

    रायपुर,

    बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

    बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

    मुख्यमंत्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

    विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

  • CG : एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

    प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

    उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।

    इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

    इस अवसर पर विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, पूरन दास, कौशलेश तिवारी, हेमंत सिन्हा, दिनेश चंद्र, संतोष चंदेल, प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • CG : कलेक्टर ने सरसीवा क्षेत्र के आंगनबाड़ी, स्कूल और छात्रावास का किया औचक निरीक्षण…

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने सरसीवा तहसील क्षेत्र के स्कूल, आंगनबाड़ी और आश्रम का औचक निरीक्षण किया। चारभाटा और जोरापाली के आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों से अनौपचारिक शिक्षा का रैंप सुना, बातें की और चॉकलेट दिए। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति का पोषण ट्रेड में एंट्री देना, रेडी टू ईट गर्म भोजन, किचन की स्वच्छता का अवलोकन किया।

    डॉक्टर कन्नौजे ने प्राथमिक स्कूल जोरापाली पहुंचकर वहां शिक्षिका के द्वारा कराए जा रहे अध्यापन कार्य से संबंधित इंग्लिश पेट एनिमल एवं पहाड़ा बच्चों को पूछा। बच्चों ने सभी प्रश्नों का जवाब दिया। इस पर कलेक्टर ने बच्चों को शाबाशी देते हुए शिक्षिका का तारीफ भी किया। लंबे समय से अनुपस्थित सहायक शिक्षक नरेंद्र को निलंबित करने की कार्रवाई करने कलेक्टर ने बीईओ को निर्देश दिए।

    डॉ संजय कन्नौजे ने शासकीय प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास पेड्रावन और कन्या आश्रम कोट का आकस्मिक निरीक्षण किया। वहां दर्ज बच्चों के अनुपात में बच्चों की उपस्थिति कम होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधीक्षक को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, साफ सफाई रखने और बच्चों को अच्छा खाना के साथ साथ अच्छा पारिवारिक माहौल देने के निर्देश दिए। इस दौरे में तहसीलदार सरसीवा आयुष तिवारी, महिला सुपरवाइजर अंजना पटेल उपस्थित थीं।

  • CG : 30 दिन बाद खत्म होगी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की हड़ताल, आज हो सकता है बड़ा ऐलान…

    अधिकांश मांगों पर बनी सहमति, स्वास्थ्य मंत्री कर सकते हैं घोषणा

    रायपुर । लंबे समय से हड़ताल पर बैठे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि आज दोपहर हड़ताल खत्म हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार और कर्मचारियों के बीच अधिकांश मांगों पर सहमति बन चुकी है और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज दोपहर इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।

    एनएचएम कर्मचारी पिछले 30 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें से लगभग 5 मांगों पर सहमति बन चुकी है और सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसी आधार पर कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है और आज से काम पर लौटने का ऐलान कर सकते हैं।

  • CG : CGPSC घोटाला: पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत 5 गिरफ्तार…

    रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित और पूर्व सचिव के बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले, दीपा आदिल और जीवन किशोर ध्रुव शामिल हैं।

    गौरतलब है कि बीते माह छत्तीसगढ़ लोक सेवा परीक्षा-2021 में चयनित निर्दोष अभ्यर्थियों को बिलासपुर हाईकोर्ट ने राहत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि जिन उम्मीदवारों का नाम सीबीआई चार्जशीट में नहीं है और जिन पर कोई आपत्ति नहीं मिली है, उन्हें दो माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। साथ ही निर्देश दिया गया था कि 10 मई 2024 तक की वैधता अवधि में नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं।

    क्या है मामला
    CGPSC ने 26 नवंबर 2021 को 171 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिनमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार, जेल अधीक्षक और लेखाधिकारी जैसे अहम पद शामिल थे। परीक्षा परिणाम 11 मई 2023 को जारी हुए, लेकिन गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई।

    जांच में सामने आया कि कुछ पदाधिकारियों और उनके रिश्तेदारों का चयन विवादों में रहा। मामला कोर्ट पहुंचा और जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया। इसके चलते सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां अटक गईं। निर्दोष अभ्यर्थियों ने कोर्ट में गुहार लगाई कि वे पूरी तरह पात्र हैं, फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही।

    अब CBI की ताजा कार्रवाई के बाद घोटाले की जांच और तेज हो गई है।

  • CG : हाथी का आतंक, महिला को उतारा मौत के घाट, पति ने भागकर बचाई जान…

    रायगढ़ । रायगढ़ जिले में एक बार फिर हाथियों का आतंक देखने को मिला। बाकारूमा रेंज के ग्राम रेरुमा खुर्द गांव में हाथी के हमले में 65 वर्षीय महिला फूलमेत बाई की मौत हो गई। महिला अपने पति जगतराम मांझी (68) के साथ खेत के पास झोपड़ी में सो रही थी, तभी रात करीब 3 बजे 12 हाथियों का झुंड वहां पहुंचा और हमला कर दिया।

    हमले में महिला को हाथी ने पटक-पटककर मार डाला, जबकि पति किसी तरह भागकर मांड नदी किनारे पत्थरों के पीछे छिप गया और जान बचा ली। इस दौरान हाथियों ने झोपड़ी को भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।

    सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। विभाग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से 41 हाथियों का दल अलग-अलग झुंड में इलाके में घूम रहा है, जो फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।

  • Rajnadgaon : चाकू दिखाकर लोगों को करते थे परेशान आरोपी गिरफ्तार…

    राजनांदगांव : चाकू दिखाकर लोगों को डरा धमका रहे बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चिखली पुलिस ने बताया कि आरोपी कमलेश गोड़ गठुला नाला के पास चाकू दिखाकर आने.जाने वालों को डरा धमका रहा था। जिसकी सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी कमलेश को हिरासत में लिया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

  • Rajnadgaon : कस्तूरबा महिला मंडल में समाज सेवी महिलाओं ने किया रक्तदान…

    राजनांदगांव : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन कस्तूरबा महिला मंडल में समाज सेवी महिलाओं ने धूमधाम से मनाया। मंडल की संरक्षक शारदा तिवारी के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के मेगा हेल्थ शिविर स्वस्थ महिला सुदृढ़ समाज कार्यक्रम में समाज सेवी महिलाओं ने सहभागिता प्रदान की।

    मंडल की सदस्यों ने ब्लड डोनेट कर संस्था का मान बढ़ाया। यहां पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंहए पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने महिलाओं से मुलाकात की।

  • Rajnadgaon : आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में अभी तक पुस्तक वितरण नहीं हुआ…

    राजनांदगांव, नया शिक्षा सत्र जून में शुरू होने के तीन माह बाद भी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची। आधी.अधूरी तैयारियों के बीच कल 19 सितंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक तिमाही परीक्षा शुरू होगी जो 26 सितंबर तक चलेगी। वहीं 6 अक्टूबर तक मूल्यांकन कर नतीजे घोषित करना अनिवार्य किया गया है। किसी स्कूल में पुस्तक तो कहीं शिक्षकों की कमी है। आत्मानंद स्कूलों में लगभग यहीं स्थिति बनी हुई है।

    सत्र की शुरुआत से पढ़ाई में कसावट और शिक्षा का स्तर सुधारने दावा किया और प्लानिंग की जो फेल साबित होती दिख रही है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों के 41 रिक्त पदों के लिए शिक्षा विभाग ने 3 माह पहले आवेदन मंगाया था। इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। स्वामी आत्मानंद सर्वेश्वरदास स्कूल में व्याख्याता वाणिज्यए कम्प्यूटर शिक्षकए कला विषय में 1.1 पद खाली पड़ा है। बख्शी स्कूल में सामाजिक विज्ञानए कम्प्यूटरए अंग्रेजीए कला में 1.1 पद खाली है। सुकुल दैहान गणितए विज्ञान में 1.1 पद खाली है। भर्रेगांव में भौतिकए सामाजिक विज्ञान में 1.1 पद खाली है। घुमका में वाणिज्यए रसायनए सामाजिक विज्ञानए विज्ञानए ग्रंथपाल का 1.1 पद खाली है। डोंगरगांव में सामाजिक विज्ञानए रसायनए भौतिकए विज्ञानए प्रयोगशाला में 1.1 पद खाली है।

    इग्नाइट योजनारू अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षक चाहिए शिक्षकों की मांग पर हालही में डोंगरगांव इग्नाइट योजना अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों ने कलेक्ट्रोरेट पहुंच कर शिक्षकों की मांग और वर्तमान शिक्षक का ट्रांसफर रोकने प्रदर्शन किया था। यहां पदस्थ माधुरी एंथोनी का तबादला छुरिया हो गया जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। अन्य विषय में हिन्दी माध्यम के शिक्षकों से अंग्रेजी की पढ़ाई सही ढंग से नहीं होती। अंग्रेजी माध्यम में अंग्रेजी और गणित के शिक्षक नहीं है। स्कूली बच्चे और पालक 3 सालों से इसकी मांग कर रहें है। लेकिन उन्हें आश्वासन मिलता रहा। अब तक शिक्षक नहीं मिले।

    आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कम शिक्षक हैं भर्रेगांव स्कूल के बच्चों और पालकों ने हालही में पुस्तकों और शिक्षकों की मांग की थी। बीईओ ने मौके में पहुंच कर आश्वासन दिया तब मामला शांत हुआ। यहां और अन्य जगह के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में लंबे समय से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसका असर सीधा पढ़ाई पर पड़ रहा। अंग्रेजी माध्यम में रसायनए भौतिकए जीव विज्ञानए अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की कमी है। शुरूआत में पुस्तकों के बार कोड स्कैनिंग से वितरण में देरी हुई। लेकिन अब भी कक्षा 6वीं से 9वीं तक कई स्कूलों में कुछ विषयों की पुस्तकें अब तक नहीं बंटी है।

  • Rajnandgaon : दिग्विजय कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया…

    राजनांदगांव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दिग्विजय कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 216 लोगों ने रक्तदान किया।

    जिसमें तेरापंथ युवक परिषद, भाजपा उत्तर दक्षिण मण्डल, भाजपा युवा मोर्चा, विद्यार्थी परिषद एवं दिग्विजय कॉलेज के छात्रों ने विशाल रक्तदान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत सहित सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।