lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण

    वृद्धाश्रम पहुंचकर जाना कुशलक्षेम, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने दिए निर्देश

    रायपुर,

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षणमहिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार को सरगुज़ा जिले के प्रवास पर रहीं। इस दौरान उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मंत्री राजवाड़े ने सबसे पहले अजीरमा स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धाश्रम परिसर में एमरजेंसी लाइट की व्यवस्था करने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वृद्धजनों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य जांच एवं समय पर उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि समय-समय पर जिला स्तरीय अधिकारी वृद्धाश्रम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षणइसके पश्चात मंत्री राजवाड़े ने होलीक्रॉस आशा निकुंज विशेष विद्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बच्चों ने आत्मीय स्वागत कर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मंत्री ने विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय व्यवस्थाओं, ऑडियोमैट्री कक्ष, अध्ययन कक्षों एवं शयनकक्ष का निरीक्षण किया। बच्चों से बातचीत कर उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

     मंत्री राजवाड़े दर्रीपारा स्थित बालिका बालगृह पहुंचीं। यहां उन्होंने बच्चियों से मिलकर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने भोजनकक्ष, शयनकक्ष, मनोरंजन कक्ष, स्टाफरूम एवं भंडार कक्ष का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखने और संस्थान में आने-जाने वालों की अनिवार्य एंट्री दर्ज करने के निर्देश दिए।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुज़ा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षणमंत्री ने परिसर में संचालित शक्ति सदन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने श्रवणबधिर तीन बालिकाओं को आशा निकुंज विशेष विद्यालय में शिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चियों को केवल आश्रय ही नहीं बल्कि नई-नई बातें सिखाकर उन्हें भविष्य में स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी कार्य होना चाहिए।

    इसके अलावा मंत्री राजवाड़े ने नारी निकेतन का निरीक्षण कर वहां रह रही महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को शयनकक्ष व शौचालय की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अपने प्रवास के दौरान मंत्री ने बालिका एवं बालक संप्रेषण गृह, प्लेस ऑफ सेफ्टी बालक तथा बौद्धिक मंदता विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर अधिकारियों को पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। वृद्धजन, बच्चों, दिव्यांग और महिलाओं को सम्मान जनक और सुरक्षित जीवन मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

  • CG : जय स्तंभ चौक में कार ने रौंदा, स्कूटी सवार की हालत गंभीर…

    रायपुर । राजधानी रायपुर से हिट एंड रन का मामला सामने आया है। यहां एक तेज रफ़्तार कार ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल स्कूटी सवार को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना राजधानी के हृदय स्थल जय स्तंभ चौक में हुई है। यहां एक कार चालक ने लापरवाही से तेज रफ़्तार में गाड़ी चलाते हुए स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही गोल बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और कार को जब्त कर लिया है।

  • CG : प्रदेश में 155 पीजी बॉन्डेड चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति…

    ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में होगा महत्वपूर्ण सुधार

    रायपुर । राज्य शासन द्वारा चिकित्सा स्नातकोत्तर (एम.डी./एम.एस./डिप्लोमा) पाठ्यक्रम में प्रवेशित एवं वर्ष 2025 की विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित हुए पीजी बॉन्डेड चिकित्सकों को उनके अनुबंध की शर्तों के अनुरूप संविदा आधार पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में कुल 155 चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं, जिनकी सेवाएं आगामी आदेश तक प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में ली जाएंगी।

    इन नियुक्तियों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में महत्वपूर्ण सुधार होगा। विशेष रूप से जिला अस्पतालों को इन नियुक्तियों का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और रोगियों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

    जारी आदेशानुसार, प्रथम चरण की काउंसलिंग में 133 तथा द्वितीय चरण में 22, इस प्रकार कुल 155 पीजी बॉन्डेड चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की गई है। इन्हें राज्य के जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित किया गया है।

  • CG : प्रदेश में अब तक 996.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज…

    रायपुर । छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 996.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में बस्तर जिले में सर्वाधिक 1388.6 मि.मी. और बेमेतरा जिले में न्यूनतम 485.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर में 860.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 723.7 मि.मी., गरियाबंद में 866.9 मि.मी., महासमुंद में 717.4 मि.मी. और धमतरी में 892.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर में 1030.0 मि.मी., मुंगेली में 1010.5 मि.मी., रायगढ़ में 1212.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 829.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1181.9 मि.मी., सक्ती में 1083.5 मि.मी., कोरबा में 1017.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 944.3 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग में 782.0 मि.मी., कबीरधाम में 725.1 मि.मी., राजनांदगांव में 850.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1222.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 718.4 मि.मी. और बालोद में 1058.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा में 706.2 मि.मी., सूरजपुर में 1052.1 मि.मी., बलरामपुर में 1366.5 मि.मी., जशपुर में 968.4 मि.मी., कोरिया में 1108.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 997.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर में 1388.6 मि.मी., कोंडागांव में 946.0 मि.मी., कांकेर में 1133.4 मि.मी., नारायणपुर में 1208.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1368.2 मि.मी., सुकमा में 1066.0 मि.मी. और बीजापुर में 1363.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।

  • CG : लखपति दीदी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं गांव की महिलाएं…

    रायपुर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर खेती के नए तौर-तरीके सीख रही हैं। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के छोटे से गांव विशेषरा की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। जहां पहले ये महिलाएं सिर्फ घर के कार्यों तक सीमित थीं, वहीं अब वे सब्जी बाड़ी के जरिये आर्थिक रूप से सक्षम बन कर लखपति दीदी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। गंगा महिला स्व-सहायता समूह ने पारंपरिक धान की खेती से हटकर सब्जी उत्पादन का रास्ता चुना और समूह की सदस्य गायत्री वाकरे ने जानकारी दी कि शुरुआत में महिलाओं ने छोटे पैमाने पर सब्जी की खेती शुरू की थी, लेकिन आज वे करीब 2 एकड़ भूमि में सब्जियों की खेती कर रही हैं।

    समूह की महिला गायत्री वाकरे ने बताया कि महिलाएं ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर मौसम आधारित सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। वर्तमान में वे बरबट्टी, मटर और लौकी की खेती कर रही हैं, जिन्हें पहले स्थानीय बाजार में बेचा जाता था, लेकिन अब वे पेंड्रा सब्जी मंडी तक अपने उत्पाद पहुँचा रही हैं। महिलाओं ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें न सिर्फ खेती के तकनीकी ज्ञान मिला, बल्कि बैंक से ऋण लेना, कृषि योजना बनाना, विपणन और परिवहन प्रबंधन जैसे आवश्यक पहलुओं की भी जानकारी मिली।

    इस कार्य ने उन्हें आत्मविश्वासी बनाया है और वे अब अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। समूह की सभी महिलाओं को महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली है और वे अपने कार्य को और बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों को प्रेरणादायक बताया।

  • CG : अम्बिकापुर में विजय ट्रेडिंग कम्पनी का परमिट निलंबित, दुकान एवं गोदाम सील…

    यूरिया वितरण में अनियमितता का मामला

    रायपुर । अम्बिकापुर जिले में यूरिया वितरण में अनियमितता पाए जाने पर अम्बिकापुर स्थित मेसर्स विजय ट्रेडिंग कम्पनी की खुदरा उर्वरक विक्रय अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया गया तथा दुकान एवं गोदाम को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए उपलब्ध समस्त उर्वरकों पर विक्रय प्रतिबंध लगाकर जब्ती की कार्यवाही की।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा 40 बोरी से अधिक यूरिया खरीदने वाले कृषकों का सत्यापन कराया गया। उर्वरक निरीक्षक सोहन लाल भगत एवं अन्य अधिकारियों द्वारा कराए गए सत्यापन में यह तथ्य सामने आया कि विजय ट्रेडिंग कम्पनी द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। कृषकों के बयान एवं निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उपसंचालक कृषि पिताम्बर सिंह दीवान ने कम्पनी की खुदरा उर्वरक विक्रय अनुज्ञप्ति को आगामी आदेश तक निलंबित किया। कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी अम्ब्रोस टोप्पो, उर्वरक निरीक्षक श्वेता पटेल एवं अजय बड़ा उपस्थित रहे।

  • CG : सिम्स अस्पताल में मिला नवजात शिशु, चाइल्ड लाइन को सौंपा गया

    रायपुर, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में अज्ञात अवस्था में मिला एक नवजात शिशु उपचार और देखभाल के उपरांत आज चाइल्ड लाइन बिलासपुर को विधिवत रूप से सौंपा गया।

    15 अगस्त 2025 को सिम्स के महिला एवं प्रसूति विभाग में कविता (20 वर्ष), पति ओमप्रकाश, निवासी भरनीपरसदा सकरी को प्रसव हेतु भर्ती किया गया था। 15 अगस्त को प्रसव उपरांत पुत्र जन्म हुआ। 16 अगस्त को ही प्रसूता को छुट्टी दे दी गई। परिजन 24 अगस्त तक शिशु को देखने आते रहे, किंतु 25 अगस्त से आना बंद कर दिया। संपर्क हेतु उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर भी गलत पाए गए।

    इसके पश्चात शिशु को शिशु रोग विभाग में भर्ती कर एनआईसीयू वार्ड में रखा गया, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश नाहरेल, डॉ. समीर कुमार जैन, डॉ. सलीम खलखो, डॉ. मीनाक्षी ठाकुर, डॉ. जायकिशोर तथा सिस्टर इंचार्ज विभा श्रीवास, सरोजिनी, कमलेश, मीरा देवांगन और आया भावना सिदार एवं पुष्पा सहित टीम द्वारा समुचित देखभाल की गई।

    संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के आदेशानुसार 11 सितम्बर 2025 से शिशु के पुनर्वास हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। आज औपचारिक रूप से शिशु को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। इस अवसर पर चाइल्ड हेल्प लाइन प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी, सुपरवाइजर आस्था सिंह व चंद्रप्रकाश श्रीवास तथा समाजिक कार्यकर्ता विकास साहू (सेवा भारती मातृछाया, बिलासपुर) उपस्थित रहे।

    सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “नवजात को समुचित उपचार और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। अब उसके उज्ज्वल भविष्य और पुनर्वास हेतु उसे चाइल्ड लाइन को सौंपा गया है, जहाँ उसकी उचित देखभाल और पालन-पोषण सुनिश्चित किया जाएगा।

  • Rajnadgaon : कस्तूरबा भवन में 4 सितंबर को निशुल्क रोग निदान शिविर का आयोजन….

    राजनांदगांव| कस्तूरबा भवन में कस्तूरबा महिला मंडल 14 सितंबर को निशुल्क रोग निदान शिविर लगाने जा रहा है सुबह 10 से शाम 4 बजे तक जापान की एडवांस एक्युप्रेशर थेरेपी मशीन से इलाज एवं परामर्श दिया जाएगा।

    महिला मंडल की संरक्षक शारदा तिवारी ने बताया एडवांस एक्युप्रेशर थेरेपी से मिले लाभ को देख एक्युप्रेशर थेरेपी चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव एवं डॉ. नीलू की सेवा ली जाएगी। मशीन से बीमारी की पहचान कर इलाज किया जाता है। जोड़ों के दर्द, गठिया रोग, वात रोग, माइग्रेन सर्वाइकल, साईटिका का इलाज और परामर्श दिया जाएगा।

  • Rajnadgaon : चावल की हेराफेरी सोसाइटी में गरीबों के हिस्से का चावल बाजार में बेचा…

    राजनांदगांव, स्टेशन पारा वार्ड 11 की नई राशन दुकान पर महिला स्वयं सहायता समूह को अधिकार मिलने के बाद पुरुषों का दबदबा बना हुआ है। इसे लेकर वार्ड की नाराज महिलाओं ने कलेक्टर को शिकायत ज्ञापन सौंपा। राशन दुकान में अनियमितता एवं हेराफेरी का आरोप लगाया। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। लक्ष्मी नारायण महिला स्व सहायता समूह को आवंटित की गई राशन दुकान में पुरुषों को रखने से महिलाएं आक्रोशित हैं। उन्होंने आरोप लगाया इससे न केवल उनकी गरिमा और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा हैए बल्कि राशन वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।

    दुकान से खुलेआम चावल की हेराफेरी की जा रही है। गरीबों के हिस्से का चावल बाजार में बेचा जा रहा हैए जरूरतमंद परिवारों को राशन के लिए भटकना पड़ रहा। महिलाओं ने सवाल उठाया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कार्य चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में चेतना साहूए स्वाति शर्माए सोनिया रजकए रमा साहूए संध्या ऊके सहित वार्ड की कई महिला सदस्य मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में महिला समूह को पुनः सक्रिय करने और दुकान से पुरुषों को हटाने की मांग की।

  • CG : मितानिन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की रीढ़ है, इसे सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण कदम : श्याम बिहारी जायसवाल

    मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवर्तन के वाहक हैं: स्वास्थ्य मंत्री

    छत्तीसगढ़ में 6 दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

    रायपुर,

    मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवर्तन के वाहक हैं: स्वास्थ्य मंत्री

    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यों को प्रभावी बनाने हेतु 8 सितंबर से आयोजित राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षण कार्यशाला (State Level Master Training Workshop) का समापन आज हुआ। यह कार्यशाला पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के एपिडेमियोलॉजी ब्लॉक में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मितानिन कार्यक्रम के कार्यक्रम समन्वयक, जिला समन्वयक एवं एरिया कोऑर्डिनेटर सहित कुल 36 प्रतिभागी शामिल हुए।

    मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवर्तन के वाहक हैं: स्वास्थ्य मंत्री

    समापन अवसर पर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मितानिन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की रीढ़ है, और इसे सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने मितानिन कार्यक्रम को राज्य का सबसे महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान बताते हुए कहा कि इसे पूरी दुनिया सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य देखभाल के सफल मॉडल के रूप में मान्यता दे चुकी है।

    मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवर्तन के वाहक हैं: स्वास्थ्य मंत्री

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मितानिनों के प्रशिक्षण, मानदेय, उपकरण और डिजिटल साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मंत्री ने सभी प्रतिभागियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी और कहा कि मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवर्तन के वाहक हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक सशक्तिकरण पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रही है। सशक्त मास्टर ट्रेनर समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की दूरी को कम करेंगे और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करेंगे।

    उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव साझा करें, निरंतर नवाचार करें और पंचायतों व स्वयं सहायता समूहों के साथ नई विधियों का प्रयोग करें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा एक स्वस्थ छत्तीसगढ़ की शुरुआत हर गाँव में उस मितानिन से शुरू होती है जो आपके द्वारा प्रशिक्षित और प्रेरित हुई है।

    इस मौके पर आयुष यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रा, संचालक SIHFW सुरेश पाण्डेय, SACH के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी.पी. राजेश्वरन और राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अजय शंकर कन्नौजे भी मौजूद रहे।

    यह कार्यशाला स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसर्च सेंटर (SHSRC) एवं सोसाइटी फॉर एक्शन फॉर कम्युनिटी हेल्थ (SACH) द्वारा NHM एवं DHS के सहयोग से आयोजित की गई। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ डॉ. संजीव उपाध्याय, डॉ. हरीश एवं अन्य संसाधन व्यक्तियों ने प्रतिभागियों को नई प्रशिक्षण पद्धतियों, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, जागरूकता और कौशल वृद्धि पर मार्गदर्शन दिया।

    इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है, जो आगे चलकर ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करेंगे और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएंगे।

  • CG : रितु रजक कपड़े का व्यवसाय अपनाकर बनी आत्मनिर्भर…

    रायपुर । बिहान योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएँ अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियाँ भी सफलता पूर्वक निभा रही हैं। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखण्ड की निवासी रितु रजक इसकी प्रेरक मिसाल हैं।

    उन्होंने दीपक स्व-सहायता समूह से जुड़कर समूह गतिविधियों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। प्रारंभ में उन्होंने ग्राम संगठन से 10 हजार रुपए तथा अपने समूह को बैंक से प्राप्त ऋण में से 40 हजार रुपए का ऋण लेकर कपड़े का व्यवसाय प्रारंभ किया। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत साधन संस्था की तकनीकी सहायता से ग्रामीण बैंक दुलदुला से 2 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर कारोबार का विस्तार किया।

    रितु रजक कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व एवं राज्य शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान बना रही हैं। आज रितु रजक का कपड़े का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इससे उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है। मेहनत और आत्मनिर्भरता से आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी है। रितु रजक ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • CG : विज्ञान की जटिल अवधारणाएं सरल और मनोरंजक ढंग से समझेेंगे…

    मॉडल को छूकर, घुमाकर, प्रयोग कर देख सकेंगे विद्यार्थी

    रायपुर । साइंस पार्क बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को विकसित करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। धमतरी जिले का गंगरेल क्षेत्र पहले से ही एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है। साइंस पार्क के माध्यम से यहां शिक्षा और पर्यटन का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इसका उद्देश्य है कि जिले के बच्चे विज्ञान को केवल किताबों में न पढ़ें, बल्कि उसे छूकर, देखकर और प्रयोग करके समझें। यह पार्क न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए भी एक प्रेरणादायी स्थल बनेगा। साइंस पार्क से आने वाली पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित होगी, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    धमतरी जिले के पं. रविशंकर जलाशय परियोजना गंगरेल स्थित बरूवा गार्डन में साइंस पार्क का निर्माण किया जा रहा है। गंगरेल जलाशय प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में सैलानी और विद्यार्थी भ्रमण के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विज्ञान को रोचक और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने के लिए साइंस पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्क में 28 आउटडोर और 40 इनडोर उपकरण लगाए गए हैं। स्वचालित और इंटरेक्टिव होने के कारण यह न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

    मॉडल को छूकर, घुमाकर, प्रयोग कर विद्यार्थी देख सकेंगे

    ओपन-एयर प्रदर्शनी, गुरुत्वाकर्षण, प्रकाश, ध्वनि, ऊर्जा परिवर्तन, लीवर और पुली जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाने वाले मॉडल खुले वातावरण में लगाए गए हैं, जिससे विज्ञान में रूचि लेने वाले बच्चों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र होगा। यहां ऐसे मॉडल हैं जिन्हें छूकर, घुमाकर या प्रयोग करके विद्यार्थी विज्ञान की मूल अवधारणाओं को अनुभव कर सकेंगें। पर्यावरण अनुकूल वातावरण हरियाली से घिरे इस उद्यान में विद्यार्थी खेल-खेल में सीख सकेंगे। यहां प्रसिद्ध वैज्ञानिकों की प्रतिमाएं, कृत्रिम उपग्रह का चलित मॉडल, तरंग गति, कंकाल तंत्र, अनंत पथ, ब्लैक होल का प्रदर्शन, ध्वनि संचरण, मानव नेत्र की कार्यप्रणाली और रंगों का मिश्रण जैसे विषयों पर आधारित मॉडल यहाँ स्थापित किए गए हैं।

    जिज्ञासा, तार्किक सोच और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

    यह साइंस पार्क शैक्षणिक भ्रमण और अध्ययन यात्राओं के लिए बेहद उपयोगी होगा। यहां विज्ञान की जटिल अवधारणाएं सरल और मनोरंजक ढंग से समझ में आएंगी। इससे छात्रों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह पार्क धमतरी जिले के पर्यटन को भी नई पहचान देगा। बरूवा गार्डन स्थित साइंस पार्क धमतरी जिले के लिए ज्ञान, मनोरंजन और पर्यटन का केंद्र बनने जा रहा है। कलेक्टर धमतरी ने बताया कि विज्ञान को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करने की यह पहल न केवल बच्चों को प्रेरित करेगी, बल्कि जिले को शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। आने वाले समय में यह पार्क धमतरी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र साबित होगा।

  • CG : धरमजयगढ़ के हाथी मित्रदल ने दिखाई बहादुरी, युवक की बचाई जान

    रायपुर,

    धरमजयगढ़ के हाथी मित्रदल ने दिखाई बहादुरी, युवक की बचाई जान

    रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल के हाथी मित्रदल और वनकर्मियों ने अपनी बहादुरी और तत्परता से एक युवक की जान बचाई, जो जंगली हाथियों के झुंड के सामने फंस गया था। घटना 12 सितम्बर की रात की है। हाथी मित्रदल और वनकर्मी एडूकला गांव की ओर गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि घरघोड़ा परिक्षेत्र से 48 हाथियों का दल देउरमार गांव की ओर बढ़ रहा है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे थे। तभी अचानक एक नर हाथी उग्र होकर ग्रामीणों की ओर दौड़ा। इस दौरान 21 वर्षीय पवन कुमार राठिया गिर पड़े और हाथी उनके पास पहुंच गया।

    स्थिति को देखते हुए हाथी मित्रदल और वनकर्मियों ने तुरंत अपने वाहन का हूटर बजाया। आवाज सुनकर हाथी युवक को छोड़कर जंगल की ओर चला गया। इसके बाद घायल युवक को शासकीय वाहन से पीएचसी छाल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें खरसिया अस्पताल रेफर किया गया। वन विभाग ने बताया कि हाथी मित्रदल की सतर्कता और साहस से ही युवक की जान बच पाई। विभाग लगातार ग्रामीणों को समझाइश दे रहा है कि हाथियों के पास न जाएं और उन्हें भगाने की कोशिश न करें।

  • CG : पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ के हितग्राही हो रहे लाभान्वित…

    राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी से उपभोक्ताओं को मिल रहा दोगुना फायदा, बिजली बिल में राहत और पर्यावरण संरक्षण की सौगात

    रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत न केवल बिजली बिल में भारी बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी के साथ अब राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी दिए जाने से यह योजना आम उपभोक्ताओं के लिए और भी लाभप्रद सिद्ध हो रही है।

    योजना के अंतर्गत 5 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस पहल से आमजन के बिजली बिल लगभग शून्य हो रहे हैं और अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।

    सक्ती जिले के ग्राम पोरथा निवासी कुलदीप कुमार राठौर ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया। इसकी कुल लागत लगभग 1 लाख 40 हजार रुपए रही, जिसमें उन्हें केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। श्री राठौर का कहना है कि राज्य सरकार की सब्सिडी मिलना उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभप्रद है। अब उनके घर का बिजली बिल पहले की तुलना में काफी कम हो गया है, जिससे आर्थिक बोझ घटा है और वे बचत की राशि अन्य जरूरी कार्यों में उपयोग कर पा रहे हैं।

    इसी तरह महासमुंद जिले के पीटियाझर निवासी महेश पाल, जो राज्य पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सौर पैनल सिस्टम स्थापित कराया। पिछले दो माह से उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और उन्हें क्रेडिट यूनिट का भी लाभ मिल रहा है। पाल का कहना है कि यह योजना न केवल आर्थिक रूप से राहत दे रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करने का अवसर प्रदान कर रही है।

    प्रदेश में अब तक हजारों उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। केवल महासमुंद जिले में ही 583 उपभोक्ता योजना का लाभ ले रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में तेजी से लोकप्रिय हो रही है और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं।

  • CG : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: सूरज की रोशनी से आत्मनिर्भरता की राह पर बाबा साहू…

    रायपुर । रायगढ़ निवासी बाबा साहू की कहानी सिर्फ एक घर को रोशन करने की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की एक मिसाल है। अगस्त 2025 में बाबा साहू ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करके इसकी शुरुआत की।

    बाबा साहू ने बताया कि सरकारी बैंक से उन्हें लोन की सुविधा आसानी से मिल गई और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कुछ ही दिनों में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया। इस सरल और पारदर्शी प्रक्रिया ने योजना पर उनका भरोसा और भी मजबूत किया। आज उनके सोलर प्लांट से प्रतिदिन 20-25 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में 80-90 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है।

    बाबा साहू ने बताया कि सोलर प्लांट रख-रखाव बहुत कम है। वे बताते हैं कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने का साधन नहीं है, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक सशक्त माध्यम भी है। बाबा साहू शहरवासियों से कहते हैं कि हर परिवार को अपनी छत को ऊर्जा उत्पादन का साधन बनाना चाहिए, ताकि वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनें, बल्कि एक हरित और सशक्त भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे सकें।

  • CG : पीपल्स केयर द्वारा ‘एक पीपल एक परिवार’ एक पुण्य कार्यक्रम: वन मंत्री केदार कश्यप

    वन मंत्री ने महुपाल बरई में किया वृक्षारोपण

    रायपुर,

    वन मंत्री ने महुपाल बरई में किया वृक्षारोपण

    ‘पीपल रक्षितः रक्षितः’ के इस पावन मंत्र के साथ, 121 परिवारों ने 121 पीपल के पौधे लगाए, जो उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की एक नई कहानी लिखेंगे। यह सिर्फ वृक्षारोपण नहीं था, यह प्रकृति के साथ एक गहरे रिश्ते को निभाने का क्षण था।

    इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, पीपल को सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि एक परिवार का हिस्सा बनाने के लिए पीपल्स केयर सामाजिक संस्था ने ग्राम पंचायत महुपाल बरई में एक अनोखी पहल शुरू की है। आज मैं यहां एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि इस धरती के एक बेटे के रूप में खड़ा हूँ। पीपल केयर का ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ और ‘एक पीपल एक परिवार’ का यह अभियान, सिर्फ पेड़ लगाने का कार्यक्रम नहीं है, यह तो माँ और बच्चे के रिश्ते को फिर से परिभाषित करने जैसा है। मंत्री कश्यप ने आगे कहा कि पीपल का वृक्ष हमारी संस्कृति का प्राण है, यह हमारी वह माँ है जो बिना किसी स्वार्थ के हमें प्राणवायु का वरदान देती है। आज आपने सिर्फ पौधे नहीं लगाए हैं, बल्कि आपने अपनी अगली पीढ़ी के लिए जीवन के बीज बोए हैं।

    इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जनपद अध्यक्ष मोहन कुमार बघेल, जिला पंचायत सदस्य मौर्य और ग्राम सरपंच लता बघेल सहित जनप्रतिनिधिगण और आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे।

    पीपल्स केयर के अध्यक्ष सुरेश कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि भले ही हम अनपढ़ हों, लेकिन हमें अपनी प्रकृति और संस्कृति का महत्व पता है। उन्होंने कहा कि महुपाल बरई के 121 परिवारों ने सिर्फ 121 पीपल नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए प्राणवायु की फैक्ट्री की नींव रखी है।

  • CG : हिन्दी हो या अंग्रेजी, सभी विषयों की पढ़ाई में आई तेजी

    युक्तियुक्तकरण से लैंगी हाई स्कूल को मिले व्याख्याता

    रायपुर,

    युक्तियुक्तकरण से लैंगी हाई स्कूल को मिले व्याख्याता

    राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के अति दूरस्थ ग्राम लैंगी के हाई स्कूल को वर्षों बाद हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता प्राप्त हुए हैं। इससे विद्यार्थियों में नया उत्साह है तथा अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

    वर्ष 2011 में स्थापित लैंगी हाई स्कूल केवल एक गाँव ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक ग्रामों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र रहा है। अमझर, पोड़ी कला, दुल्लापुर, तराई नार, पिपरिया, इमली बरहा, कोड़गार सहित कई गाँवों से बच्चे यहां पढ़ाई करने आते हैं। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं के कुल 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्यामलाल अश्विनी बताते हैं कि स्थापना से अब तक हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से इस कमी की पूर्ति हो गई है। विद्यालय को हिन्दी विषय के व्याख्याता दिनेश कुमार यादव एवं अंग्रेजी विषय के व्याख्याता विनोद कुमार साहू उपलब्ध कराए गए हैं। दोनों ही शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं लेकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

    विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों में इस बदलाव को लेकर खुशी है। कक्षा 10वीं की छात्राओं समीना, कल्याणी और सोनी मार्काे का कहना है कि पहले हिन्दी और अंग्रेजी के शिक्षक न होने से पढ़ाई में कठिनाई आती थी, परंतु अब नियमित कक्षाएं हो रही हैं। कक्षा 9वीं के विद्यार्थी दीपक का कहना है कि अब गणित, विज्ञान सहित सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई में गति आई है। शिक्षकों की उपलब्धता से न केवल अध्यापन व्यवस्था सुचारु हुई है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं में भी आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति लगाव बढ़ा है। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल उनके बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।

  • CG : सुशासन में तेज हुई बस्तर में विकास की गति: मंत्री कश्यप

    एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    नारायणपुर,

    एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। यह भूमिपूजन कार्यक्रम ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और बुनियादी सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम है। ग्राम पंचायत चेराकुर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप ने प्राथमिक शाला कोटवार पारा में 9 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर आहता (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

    भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत चेराकुर, गोंदियापाल और गुमगा के तहत कुल 39 लाख 61 हजार रुपये के विकास कार्य शामिल हैं। इन कार्यों में कोलेबेड़ा, माधवानी और नयापारा मार्ग पर पुलिया निर्माण, साथ ही ग्राम चेराकुर में बाजार शेड और सी.सी. सड़क निर्माण का कार्य प्रमुख है।

    इसी कड़ी में मांदलापाल ग्राम पंचायत में 56 लाख 68 हजार रुपये की लागत से विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पखरागुड़ा मांदलापाल मार्ग पर पुलिया निर्माण, मुख्य चौक पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाना, लालपाइक बाजार में बाजार शेड और सी.सी. सड़क का निर्माण, और प्राथमिक शाला नयामुण्डपाड़ा में नवीन भवन का निर्माण कार्य शामिल है।

    सभी कार्यों का कुल अनुमानित व्यय एक करोड़ 5 लाख 29 हजार रुपये है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और जनजीवन को बेहतर बनाना है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है।

    वनमंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि आज हम यहां सिर्फ कुछ निर्माण कार्यों की नींव नहीं रख रहे हैं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ‘गांव-गांव विकास, जन-जन विश्वास’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। इस दिशा में पुलिया निर्माण, बाजार शेड, स्कूल भवन और सोलर संयंत्र जैसे कार्य महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं केवल कंक्रीट और ईंटों से बनी संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि ये सीधे तौर पर ग्रामीणों की दैनिक ज़रूरतों और आकांक्षाओं से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन में बस्तर में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा, पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि सरकार कैसे दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचा रही है। हमारा लक्ष्य है कि बस्तर का हर नागरिक सम्मानजनक जीवन जी सके और उन्हें हर वो सुविधा मिले, जिसके वे हकदार हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी विकास कार्यों से शिक्षा, व्यापार और आवागमन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर क्षेत्र का समान विकास सुनिश्चित करे।

    भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। पुलिया निर्माण, बाजार शेड, स्कूल भवन, सोलर संयंत्र जैसे कार्य स्थानीय जरूरतों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव-गांव विकास, जन-जन विश्वास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में भी विकास की रोशनी पहुँच रही है। मंत्री कश्यप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे इन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहयोग करें और विकास को जनभागीदारी से मजबूत बनाएं।

    इस दौरान उनके साथ बस्तर सांसद महेश कश्यप और जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

  • CG : आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 15 सितम्बर को मैनपुर में किया जायेगा…

    गरियाबंद । छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव 2025 के अवसर पर प्रथम विकासखंड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 15 सितम्बर को दुर्गा मंदिर बस स्टैंड मैनपुर में किया जायेगा। शिविर में आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी शिविर में मौजूद होकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगे।

    शिविर में दवाई वितरण के लिए फार्मासिस्ट भी मौजूद रहेंगे।शिविर में औषधालय सेवक एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिला आयुष अधिकारी गरियाबंद ने अधिक से अधिक लोगों को उपस्थित होकर स्वास्थ्य जांच कराने एवं जरूरी स्वास्थ्य सलाह प्राप्त करने की अपील की है।

  • CG : राज्य अंलकरण के लिए 22 सितम्बर तक आवेदन…

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान, यतियतन लाल सम्मान एवं महाराजा अग्रसेन सम्मान से सम्मानित करने के लिए जिला प्रशासन ने पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से 22 सितम्बर शाम 5.30 बजे तक आवेदन मंगाये है। आवेदक जिसे जिले का निवासी हो उस जिले के कलेक्टर को अपनी प्रविष्टि निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। चयनित व्यक्ति एवं संस्थाओं को पुरस्कार की राशि दो लाख रूपए नगद, सम्मान प्रतीक चिन्ह से युक्त पट्टिका एवं प्रमाण पत्र भी प्रशस्ति के रूप में दी जाएगी।

    अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र में किये गये अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए यतियतन लाल सम्मान, सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में किये गये अभिनव प्रयास के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान एवं सामाजिक, समरसता तथा सभी वर्गाें में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा के स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्याें में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के लिए अखिल भारतीय महराजा सम्मान प्रदान किया जाता है।

    यतियतन लाल सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में किये गये अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य तथा सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित छायाप्रति, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।

    पण्डित रविशंकर शुक्ल सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्र में अभिनव प्रयत्नों के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य तथा इसका सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित फोटो प्रति, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।

    महाराजा अग्रसेन सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, सामाजिक, समरसता तथा सभी वर्गाें में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा के स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्याें में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के क्षेत्र में अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, सामाजिक, समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य तथा इसके सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित छायाप्रति, सामाजिक, समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।