lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : मनोरंजन के साथ ही कार्टून समाज को जागरूक करने वाली कला भी – मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय कार्टून फेस्टिवल-2025 में हुए शामिल

    रायपुर,

    कार्टून मनोरंजन के साथ-साथ समाज को नसीहत देने वाली कला भी है - मुख्यमंत्री श्री साय
    कार्टून मनोरंजन के साथ-साथ समाज को नसीहत देने वाली कला भी है - मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी है, जो हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गंभीर मुद्दों को सरलता से प्रस्तुत करता है। कार्टून मनोरंजन के साथ ही समाज को जागरूक करने और सोचने के लिए प्रेरित करने वाली कला है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जम्मू-कश्मीर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट मनोज चोपड़ा को कार्टून वॉच पत्रिका का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे कार्टूनिस्टों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं भी कार्टून बनाया।

    कार्टून वॉच फेस्टिवल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि कार्टून वॉच पत्रिका ने 29 वर्षों का सफल सफर तय कर लिया है और अब अपने 30वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मैं कार्टून वॉच की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ कि वे आगे भी कार्टून की इस विधा में उत्कृष्ट कार्य करते रहें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि अगले वर्ष कार्टून वॉच फेस्टिवल बस्तर में आयोजित हो तो यह अत्यंत हर्ष का विषय होगा। बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है और जल्द ही यह क्षेत्र पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा। नियद नेल्ला नार योजना (जिसका अर्थ है – आपका अच्छा गाँव) के माध्यम से सरकार की योजनाएँ बस्तर के लोगों तक पहुँच रही हैं। 300 से अधिक गाँवों में अब तक सड़क, बिजली, पानी और राशन कार्ड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। जहाँ पहले बंदूक की आवाज गूंजती थी, वहाँ अब स्कूल की घंटी बज रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बस्तर पंडुम आयोजित किया गया, जिसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। यह इस बात का प्रमाण है कि बस्तर के लोग अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। कल ही मैं बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुआ। अब बस्तर में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप के रूप में हमने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। हाल ही में जापान और कोरिया की यात्रा के दौरान भी हमने उद्योगों के साथ कई एमओयू किए हैं। छत्तीसगढ़ का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।

    उन्होंने कहा कि कार्टून एक बेहद सशक्त माध्यम है। कार्टून वॉच की टीम सरकार की योजनाओं को भी कार्टून के जरिए आमजन तक पहुँचाए। कार्टून वॉच का यह प्रयास कार्टूनिस्टों को मंच प्रदान करता है, जो उनकी रचनात्मकता को और निखारने में सहायक है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कार्टून की विधा मीडिया और साहित्य का अद्भुत संगम है। यह विधा चुटीलेपन के साथ गागर में सागर भरने का सामर्थ्य रखती है। मैं स्वयं जब भी समाचार पत्र पढ़ता हूँ, कार्टून अवश्य देखता हूँ। त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की इस विधा को जीवंत बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

    विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि कार्टून वॉच देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका है। 30 वर्षों की यह यात्रा इसके संपादक त्रयम्बक शर्मा के जज़्बे को दर्शाती है। उनका यह सफर सभी कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित किया है कि किसी भी क्षेत्र में पूरे समर्पण और निष्ठा से कार्य करने पर सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा सहित अनेक कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला जगत के गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • CG : राज्य मानसिक चिकित्सालय में मरीजों की सुविधाएं बढ़ाने लिए गए कई निर्णय…

    कमिश्नर की अध्यक्षता में जीवनदीप समिति की बैठक संपन्न

    बिलासपुर । संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मरीजों के लिए अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गये। इसके साथ ही बुनियादी काम संबंधित भी निर्णय लिए गये। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल और समिति के सदस्य मौजूद थे।

    समिति की बैठक में अस्पताल के जरूरी कामों में खर्च किए गए साढ़े 9 लाख रूपए के विभिन्न कामों की कार्याेत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में मैकेनाइज्ड लॉण्ड्री मशीन के वार्षिक संधारण, अतिरिक्त मैकेनाइज्ड लॉण्ड्री मशीन और पैथोलेब के लिए आवश्यक जांच मशीन क्रय करने, अस्पताल के रंगरोगन, सीपेज एवं विभिन्न मरम्मत कार्य, एक्स-रे कक्ष में लेडशीट एवं टीएलडी बैच लगवाने, अस्पताल के वार्डाें के लिए हॉस्पिटल बेड एवं मैट्रेस क्रय करने के संबंध में निर्णय लिया गया। संभागायुक्त ने अस्पताल में मरम्मत कार्याें के लिए जल्द प्राकल्लन बनाने के निर्देश पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को दिए। बैठक में अधीक्षक जेपी आर्या ने अस्पताल का प्रतिवेदन एवं पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अस्पताल में प्रतिदिन 110 ओपीडी एवं 04 आईपीडी होती है। विगत 8 माह में 12 हजार से अधिक मानसिक रोगियों का ओपीडी में इलाज हुआ। इसके अलावा 800 से ज्यादा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया। संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश भी दिए।

  • CG : कलेक्टर ने सूर्यघर योजना के प्रचार वाहन को दिखाई हरी झण्डी…

    बिलासपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देने के लिए तीन विशेष प्रचार वाहन को रवाना किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला कार्यालय परिसर से हरी झण्डी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। ये वाहन गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देंगे और सोलर पैनल लगवाने के लिए उन्हें प्रेरित करेंगे। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया और लोन सुविधा की जानकारी भी लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।

    योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली के मामले में लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और बिजली बिल में बचत करना है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना को बिलासपुर जिले में अच्छी सफलता मिल रही है। बड़ी संख्या मंे लोग अब तक इस योजना का लाभ ले रहे है। इस अवसर पर सीएसईबी के ईडी अम्बस्ट, एसई एसके जांगड़े सहित जिला प्रशासन एवं बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि योजना के अंतर्गत अपने घर में 1 किलोवॉट का संयत्र लगाने पर 45 हजार, 2 किलोवॉट पर 90 हजार, 3 किलोवॉट पर 1 लाख 8 हजार का कुल अनुदान हितग्राहियों को मिलेगा।

  • CG : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव पर श्रम विभाग कर रहा विशेष आयोजन…

    विशेष शिविर में 200 से ज्यादा श्रमवीरों के बनाए गए श्रम कार्ड

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर श्रम विभाग द्वारा आयोजित दो विशेष श्रमिक पंजीयन शिविर में 105 नए श्रमिकों का पंजीयन एवं 53 पुराने श्रमिकों के कार्ड का नवीनीकरण किया गया। बिल्हा के ग्राम खैरा में आयोजित शिविर में 54 नए श्रमिक पंजीकृत कर उन्हें तत्काल नया श्रमिक कार्ड मौके पर ही वितरित किया गया। इस शिविर में 32 पुराने श्रमिकों के कार्ड का नवीनीकरण भी किया गया। इस क्रम में दूसरे शिविर का आयोजन मस्तुरी ब्लॉक के ठाकुरदेवा में किया गया जहां श्रम विभाग द्वारा 51 नए श्रमिक कार्ड और पुराने 21 श्रमिक कार्ड का नवीनीकरण किया गया।

    शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थित कामगारों को श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सहायक श्रमायुक्त ज्योति शर्मा ने बताया कि बिलासपुर में आज 53 श्रमिकों का ई श्रम पंजीयन भी किया गया। महोत्सव के अवसर पर श्रम विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी 13 सितम्बर को तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम मुरू और बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम बरतोरी तथा 16 सितम्बर को कोटा विकासखण्ड ग्राम नवागंाव सल्का में विशेष श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण शिविर आयोजित किया गया है। इस सिलसिले में 15 सितम्बर को बिलासपुर के बृहस्पति बाजार स्थित श्रम अन्न सहायता केन्द्र और 18 सितम्बर को सिरगिट्टी के जय दुर्गा एग्रो लिमिटेड परिसर में श्रमवीरों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित की गई है।

    यह शिविर सवेरे 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर को राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया है। रजत महोत्सव के अंतर्गत मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम पचपेड़ी स्थित आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन, डोमेस्टिक सॉल्यूशन ट्रेड में 30 प्रशिक्षणार्थियों का विशेष प्रशिक्षण सत्र शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत यह विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। ज्योति शर्मा ने इन शिविरों एवं श्रम विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील श्रमिकों एवं उनके परिवारों से की है।

  • CG : छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता…

    विजेता करेंगे राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर जिला कौशल विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता एवं विविध रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज में किया गया। यह आयोजन “कौशल तिहार 2025” के अंतर्गत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं में कौशल, रचनात्मकता और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करना है।

    मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में जिले के विगत दो वर्षों में प्रशिक्षित कुल 210 हितग्राहियों ने पंजीयन कराया। प्रतिभागियों ने इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स,कंप्यूटर एवं हेल्थकेयर जैसे तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता दो आयु वर्गों क्रमशः 22 वर्ष से कम तथा 22 से 45 वर्ष में कराई गई। दोनों श्रेणियों में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अब जिले का प्रतिनिधित्व आगामी राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में करेंगे।

    इसी क्रम में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए वाद-विवाद, रंगोली निर्माण, पोस्टर मेकिंग जैसी विविध रचनात्मक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के विषय “पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, भविष्य की संभावनाएं एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं’’ आदि रहे। प्रतिभागियों ने इन गतिविधियों में अपनी कला, रचनात्मकता एवं तर्कशक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

    इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में कौशल विकास के प्रति जागरूकता, रुचि एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना तथा उन्हें भविष्य के लिए रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाना था।

  • CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना : सोलर पैनल से बन रही बिजली ने दी राहत…

    सरकंडा निवासी अभिजीत पांडे ने योजना को बताया किफायती

    बिलासपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक ऐसी योजना जो उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है और उन्हें महंगे बिजली बिल से राहत पहुंचा रही है। योजना के तहत सरकंडा निवासी अनिमेष पांडे ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उन्होंने पांच किलोवाट के दो सोलर पैनल लगवाएं हैं। जिससे उनकी बिजली बिल की लागत काफी कम हो गई है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।

    पाण्डेय ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है जहां बिजली की खपत काफी अधिक है जिससे बिजली बिल प्रतिमाह पांच से दस हजार तक आता था, जो आर्थिक बोझ की तरह था ऐसे में सूर्यघर योजना के विषय में जानकारी मिली और परिवार ने इसे अपनाने का निर्णय लिया। अब परिवार को प्रतिमाह बिल के रूप में महज 1 या 2 हजार ही चुकाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि घर में दो मीटर लगे हैं ऐसे में आवश्यकता के अनुरूप उन्होंने दोनों मीटर पर अलग अलग पांच किलोवाट के सोलर पैनल लगवाए जिसकी लागत लगभग पांच लाख थी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के तहत उन्हें दो लाख 16 हजार रुपए प्राप्त हो चुके हैं । सोलर पैनल से हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली बिल से राहत मिल रही है और परिवार बिल की चिंता से मुक्त है। उन्होंने कहा कि यह एक किफायती योजना है जिसपर निवेश करके लंबे समय तक इसका लाभ लिया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया और लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।

    उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।

  • CG : सड़कों का मरम्मत कार्य जल्द शुरू होगा : कार्यपालन अभियंता…

    बिलासपुर । लोक निर्माण विभाग क्रमांक 1 के कार्यपालन अभियंता सीएस विंध्यराज ने बताया कि सड़कों के मरम्मत का कार्य जल्द शुरू होगा। सड़कों के मरम्मत कार्य की निविदा आमंत्रित करने अधीक्षण अभियंता कार्यालय को 8 अगस्त को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृत होने पर तत्काल शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का डब्ल्यूएमएम एवं बीटी पेच रिपेयर का कार्य किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि अधीक्षण अभियंता कार्यालय को भेजे गए प्रस्ताव में पचपेड़ी से केवतरा बोहारडीह लोहर्सी लंबाई 23.80 कि.मी. में डब्ल्यू.एम.एम. एवं बी.टी. पेच कार्य, मल्हार धवगवां गिधपुरी भटचौरा जैतपुरी होते हुए चिल्हाटी मार्ग लंबाई 25 कि.मी., जोंधरा सोन बसंतपुर उरईबंध मार्ग लंबाई 8.5 कि.मी. निविदा हेतु एवं दर्री लावरकोनी इटवापाली सरसेनी मटिया गिधपुरी मार्ग लंबाई 25 कि.मी. शामिल है।

  • CG : छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर राज्य अंलकरण के लिए 22 सितम्बर तक आवेदन…

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान, यतियतन लाल सम्मान एवं महाराजा अग्रसेन सम्मान से सम्मानित करने के लिए जिला प्रशासन ने पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से 22 सितम्बर शाम 5.30 बजे तक आवेदन मंगाये है। आवेदक जिसे जिले का निवासी हो उस जिले के कलेक्टर को अपनी प्रविष्टि निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। चयनित व्यक्ति एवं संस्थाओं को पुरस्कार की राशि दो लाख रूपए नगद, सम्मान प्रतीक चिन्ह से युक्त पट्टिका एवं प्रमाण पत्र भी प्रशस्ति के रूप में दी जाएगी।

    अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र में किये गये अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए यतियतन लाल सम्मान, सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में किये गये अभिनव प्रयास के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान एवं सामाजिक, समरसता तथा सभी वर्गाें में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा के स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्याें में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के लिए अखिल भारतीय महराजा सम्मान प्रदान किया जाता है।

    यतियतन लाल सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में किये गये अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य तथा सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित छायाप्रति, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।

    पण्डित रविशंकर शुक्ल सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्र में अभिनव प्रयत्नों के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य तथा इसका सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित फोटो प्रति, सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।

    महाराजा अग्रसेन सम्मान के लिए व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, सामाजिक, समरसता तथा सभी वर्गाें में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा के स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्याें में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के क्षेत्र में अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए किए गए कार्याें की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, सामाजिक, समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य तथा इसके सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित छायाप्रति, सामाजिक, समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र, पत्रिकाओं, ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमति, यदि आवेदक राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी विभाग, निगम, मंडल में सेवारत हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाना होगा।

  • CG : श्रमिक कल्याण कामगार सहकारी समिति की सदस्यता सूची पर दावा आपत्ति 15 सितम्बर तक…

    बिलासपुर । श्रमिक कल्याण कामगार सहकारी समिति मर्या. देवरी के सदस्यों का निर्वाचन की कार्यवाही पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 15 सितम्बर दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत किये जा सकते है।

    आपत्तियों का निराकरण 17 सितम्बर एवं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 सितम्बर दोपहर 12 बजे किया जाएगा।

  • CG : जिले में अब तक 1014.5 मि.मी. बारिश दर्ज…

    बिलासपुर । बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 1014.5 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 948.9 मि.मी. से 65.6 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 1250.8 मि.मी. तखतपुर तहसील में और सबसे कम बारिश 763.4 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है।

    इसी प्रकार बिलासपुर तहसील में 1186 मि.मी., बिल्हा तहसील में 970.5 मि.मी., मस्तूरी में 920.5 मि.मी.,सीपत में 953 मि.मी., बोदरी में 975.5 मि.मी., बेलगहना में 1188.7 मि.मी., बेलतरा में 968 मि.मी., रतनपुर में 998.4 मि.मी., सकरी में 1115 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 884.5 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।

  • CG : अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने 15 सितम्बर को बैठक…

    बिलासपुर । प्रति वर्ष की भांति इस साल भी जिले में 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए 15 सितम्बर को अपरान्ह 3 बजे ओल्ड कम्पोजिट बिल्डिंग कक्ष क्रमांक 4 स्थित संयुक्त संचालक समाज कल्याण कार्यालय में बैठक आयोजित की गई है। वरिष्ठ नागरिकों हेतु संचालित समाज सेवी संस्थाएं, पेंशनर संगठन एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं को बैठक में आमंत्रित किया गया है।

    समारोह में 1 अक्टूबर को वृद्धजनों का सम्मान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण, वित्तीय संरक्षण कार्यशाला, माता पिता भरण अधिनियम 2007 तथा खेलकूद प्रतियोगिता आयोजन के संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा। संयुक्त संचालक टीपी भावे ने बैठक में शामिल होने अधिकाधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियांे को अनुरोध किया है।

  • CG : शिक्षा संभाग दुर्ग के प्रभारी संयुक्त संचालक शिक्षा हेमन्त उपाध्याय निलंबित…

    रायपुर | स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा संभाग दुर्ग के प्रभारी संयुक्त संचालक हेमन्त उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर आर.एल. ठाकुर उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को संभागीय संयुक्त संचालक दुर्ग संभाग का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है। इस संबंध में आज स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। 

    जारी आदेश के अनुसार हेमंत उपाध्याय द्वारा सरगुजा संभाग में प्रभारी संयुक्त संचालक के पद पर रहते हुए किए गए अनियमताओं की पुष्टि होने तथा उनके द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारीता एवं अनुशासनहीनता की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

  • CG : भुनेश देवांगन के घर का छत बना सूर्यघर…

    सौर ऊर्जा से घर हो रहा रोशन

    भुनेश देवांगन के घर का छत बना सूर्यघर

    रायपुर | केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शहर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की ज़िंदगी रोशन कर रही है। यह योजना परंपरा गत ऊर्जा खपत को कम करने के साथ हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। कोंडागांव जिले के ग्रामीण अंचल के गांव शामपुर के रहने वाले भुनेश देवांगन अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गए हैं। 


       भुनेश देवांगन ने बताया कि इस योजना की जानकारी स्थानीय बिजली विभाग से मिली। योजना के बारे में विस्तार से समझने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल लगवाया। सोलर प्लांट लगाने के 15 दिन बाद ही उन्हें केंद्र शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली 78 हजार की सब्सिडी प्राप्त हुआ। 


        5 किलोवाट की सोलर पैनल से केवल घर की बिजली खपत की आवश्यकता पूरी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने लगभग 3 हजार रुपये से साढ़े तीन हजार तक का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिल शून्य हो गया है। साथ सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे उन्हें भविष्य में अतिरिक्त आय भी मिलेगी। उन्होंने बताया पहले लो वोल्टेज की समस्या से बहुत परेशानी होती थी, अब  उनकी यह चिंता दूर हुई है और महीने के बिजली बिल से भी छुटकारा मिला है। 


        केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा घर के छतों में सौर पैनल स्थापना के लिए हितग्राहियों को प्लांट की क्षमता के आधार पर सब्सिडी दी जा रही है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार 01 किलोवॉट के लिए लगभग 65 हजार रूपए की लागत पर केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी, 02 किलोवाट के लिए 01 लाख 30 हजार रूपए की लागत पर 60 हजार रूपए की सब्सिडी और 03 किलोवाट से अधिक की सोलर संयंत्र के लिए 01 लाख 95 हजार की लागत पर 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही हितग्राहियों के लिए  ऋण  की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने के लिए जिले के विद्युत उपभोक्ता वेब पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्य घर मोबाइल एप में पंजीयन करा सकते हैं।

  • CG : कोण्डागांव जिला अस्पताल ने रचा इतिहास…

    पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से सफल किडनी ऑपरेशन – आर्थिक तंगी झेल रही महिला को मिला नया जीवन

     कोण्डागांव जिला अस्पताल ने रचा इतिहास

    रायपुर | कोंडागांव जिला लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र  में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, 4 सितंबर 2025 का दिन भी जिले के लिए एतिहासिक दिन रहा। कोण्डागांव जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से किडनी का सफल ऑपरेशन किया। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि गरीबी और बीमारी से जूझ रही एक महिला के जीवन के लिए भी वरदान साबित हुई।

    कोण्डागांव के बाजारपारा की 35 वर्षीय सावित्री कोर्राम का जीवन निरंतर संघर्ष से भरा रहा है। सावित्री के पति का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया है जिससे परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। सावित्री घर चलने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू–पोछा और बर्तन धोने का काम शुरू की ताकि अपने दो बेटे और दो बेटियों का पालन–पोषण कर सके। लेकिन तकदीर ने फिर करवट बदली। दो वर्ष पहले उन्हें लगातार लघुशंका की समस्या हुई। मेहनत से जोड़ी गई थोड़ी-सी रकम लेकर वह विशाखापत्तनम गईं, जहां जांच में गंभीर किडनी रोग की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन खर्च सुनते ही सावित्री की दुनिया जैसे थम गई। आर्थिक स्थिति ने उन्हें मजबूर किया कि वह अधूरे इलाज के साथ घर लौट आएँ। चार बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच सावित्री को लगा कि उनकी जिंदगी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

    कोण्डागांव जिला अस्पताल बना सहारा
    हताशा और निराशा के बीच उन्होंने जिला अस्पताल कोण्डागांव का दरवाज़ा खटखटाया। अस्पताल के सर्जन डॉ. एस. नगुलन व उनकी टीम ने जांच की और स्पष्ट किया कि उनकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिसे निकालना ही एकमात्र विकल्प है।
    सामान्य ऑपरेशन में बड़े चीरे और संक्रमण का खतरा अधिक था। यह जोखिम उठाना सावित्री के लिए कठिन था। तब डॉक्टर नगुलन ने साहसिक निर्णय लिया ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया जाएगा।

    जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार 4 सितंबर को जिला अस्पताल कोण्डागांव में सावित्री का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन थिएटर में डॉ. एस. नगुलन के साथ डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अनिल देवांगन, डॉ. कृष्णा मरकाम मौजूद थे। ओटी हेड नर्स स्वप्नप्रिया, स्टाफ नर्स पुष्पलता कुंवर, हेमंत मंडावी, संजना जैन, रामेश्वरी, अर्चना, साधना और रीना ने भी अहम भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे चले इस ऑपरेशन में सावित्री की खराब किडनी को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह ऑपरेशन पूर्णत: सफल रहा और अब सावित्री तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। किडनी के सफलतापूर्वक इलाज के बाद सावित्री ने कहा “पहले लगा कि गरीबी और बीमारी ने मेरी जिंदगी खत्म कर दी है। लेकिन जिला अस्पताल और आयुष्मान कार्ड ने मुझे नया जीवन दिया है।”

    प्रशासन की दूरदर्शिता और टीमवर्क
    इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की योजनाबद्ध मेहनत भी है। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी और सिविल सर्जन डॉ. प्रेम मंडावी के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक ऑपरेशन संभव हुआ।

    यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं। राज्य सरकार का विजन है कि अब इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। पहले बस्तर अंचल के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशाखापत्तनम, रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करते थे, लेकिन अब जिला स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोण्डागांव जिला अस्पताल में हुआ यह लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन इसी दिशा में मील का पत्थर है।

  • CG : सांसद भोजराज नाग को झटका, हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका खारिज करने की मांग ठुकराई…

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं। ऐसे में मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है।

    क्या है पूरा मामला?
    कांकेर संसदीय सीट से सांसद चुने गए भोजराज नाग के खिलाफ बीरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की।

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गड़बड़ी और छेड़छाड़ हुई। वोटिंग डेटा के प्रसारण में जानबूझकर देरी की गई। कई मतदान केंद्रों पर वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। बीरेश ठाकुर ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा समेत कई विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है।

    सांसद की दलील
    भोजराज नाग ने कोर्ट में दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है। यह रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है। चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसके अलावा, याचिका वकील के जरिए दाख़िल की गई है जबकि क़ानून के अनुसार उम्मीदवार को खुद याचिका दाख़िल करनी चाहिए।

    हाईकोर्ट का निर्णय
    कोर्ट ने सांसद की सभी दलीलों को खारिज कर दिया और कहा याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का उल्लेख किया है। चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। बीरेश ठाकुर ने याचिका विधिवत दाख़िल की है और सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं।

    अगली सुनवाई
    न्यायालय ने साफ कर दिया कि भोजराज नाग की आपत्ति में दम नहीं है, इसलिए चुनाव याचिका को खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2025 को निर्धारित की है।

  • CG : भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी –अरुण साव…

    उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

    कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अगली बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध व कार्यादेश संबंधी सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने कहा

    सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, बरसात के तुरंत बाद युद्धस्तर पर करें सड़कों की मरम्मत

    भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – श्री अरुण साव

    रायपुर | उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में शासन द्वारा स्वीकृति प्राप्त सड़क निर्माण के कार्यों के लिए जरूरी भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर के साथ मिलकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

    भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – श्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क, सेतु और भवन निर्माण की सभी परियोजनाओं के कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता व गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों में तेजी से भू-अर्जन कर निविदा की कार्यवाही पूर्ण करने और यथाशीघ्र कार्यारंभ करने को कहा। 

    भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – श्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मौजूद सेतु बंध तथा सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तत्परता से प्रदान करें। उन्होंने डीपीआर बनाते समय ही परियोजना का अच्छे से मूल्यांकन करने को कहा ताकि बजट और कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समय के पुनरीक्षण की जरूरत न पड़े। उन्होंने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसम्बर तक सभी जिलों में मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा। 

    भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – श्री अरुण साव

    साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को अगली समीक्षा बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध और कार्यादेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सड़कों पर पेच रिपेयर के लिए कार्ययोजना के अनुसार अनुबंध एवं कार्यादेश की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा ए.डी.बी. के अपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

  • CG : प्रधानमंत्री सड़क योजना : राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक का दौरा…

    रायपुर | प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में बन रही ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब तृतीय स्तर का निरीक्षण किया जाएगा। इस क्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक सितंबर माह में राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।

    छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक सेे मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी नई दिल्ली द्वारा जारी निरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक अली शाकिर द्वारा सितंबर माह में राज्य के मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलो के निर्माण कार्याे का समीक्षा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अली शाकिर का मोबाइल नंबर +91-9572924224, +91-6203666132 एवं ई-मेल आई.डी. alishakir19@gmail.com है।

  • CG : पीएम सूर्य घर योजना: वन मंत्री ने किया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना…

    रायपुर

    पीएम सूर्य घर योजना: वन मंत्री ने किया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए जगदलपुर और आस-पास के गांवों में जागरूकता रथ घर-घर जाएगा। इस रथ को वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव और महापौर संजय पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत् जागरूकता रथ को रवाना करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि यह योजना लोगों को बिजली के बिल से राहत दिलाने में सहायक होगी। यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा भी 30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे लोगों के लिए अपने घरों में सौर पैनल लगाना आसान हो गया है।

  • CG : करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर : उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की…

    40 हजार से अधिक खिलाड़ी लेंगे भाग, 11 खेलों में दिखाएंगे कौशल

    उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर | उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज आयोजित बैठक में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बस्तर ओलंपिक का वृहद आयोजन करने इसकी रुपरेखा और व्यवस्थागत तैयारियों पर गहन चर्चा की गई। आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक में तीन स्तरों विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बस्तर संभाग के सातों जिलों और 32 विकासखंडों के 40 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार और संचालक तनूजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

    उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह संगठित रूप से बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार इन रचनात्मक पहलों से बस्तर में भयमुक्त वातावरण बनाकर युवाओं को खेल और उत्सव से जोड़ना चाहती है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पुख्ता कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साव ने यूथ आइकॉन घोषित किए गए पिछले वर्ष के विजेता खिलाड़िय़ों, बस्तर संभाग के सभी खेल अधिकारियों, पी.टी.आई., पंचायत सचिवों, ‘बिहान’ की महिलाओं और खेल संघों को सक्रियता से जोड़कर बस्तर ओलंपिक को जन-जन तक पहुंचाने को कहा।

    उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक को यादगार बनाने सभी विभाग अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप जिम्मेदारियों का वहन करें। बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसमें बस्तर के सभी गांवों के सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चत करने को कहा। शर्मा ने आयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने जल्दी ही इससे जुड़े विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं की बस्तर में भी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए जिससे की तैयारियों को और गति दी जा सके। 

    11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम

    विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

  • CG : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: निजी शैक्षणिक संस्थाओं पर भी लागू होगा ईएसआईसी कानून…

    लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

    बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि प्रदेश के निजी शैक्षणिक संस्थानों पर भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआईसी कानून लागू होगा। कोर्ट ने निजी स्कूलों द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अब शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत लाखों कर्मचारी भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे।

    2005 से चला आ रहा था विवाद
    मामला साल 2005 से जुड़ा है, जब राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले शैक्षणिक संस्थानों को ईएसआईसी कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया था। इसके तहत 1 अप्रैल 2006 से सभी योग्य स्कूलों को इसका पालन करना अनिवार्य किया गया। बाद में 2011 में ईएसआईसी ने योगदान राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया, जिसके खिलाफ प्रदेशभर के कई निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

    स्कूलों की दलील और सरकार का पक्ष
    याचिकाकर्ता स्कूलों ने तर्क दिया कि शिक्षा देना व्यवसाय या औद्योगिक गतिविधि नहीं है, इसलिए संस्थानों को “एस्टेब्लिशमेंट” की श्रेणी में लाकर ईएसआईसी एक्ट लागू करना गलत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला भी दिया।

    वहीं राज्य सरकार और ईएसआईसी कॉर्पोरेशन का पक्ष था कि स्कूलों में बड़ी संख्या में गैर-शैक्षणिक और शैक्षणिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें बीमारी, मातृत्व और दुर्घटनाओं की स्थिति में सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। यही इस कानून का मूल उद्देश्य है।

    हाईकोर्ट का फैसला
    हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को सही ठहराते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान भी “एस्टेब्लिशमेंट” की परिभाषा में आते हैं। इसलिए उन पर ईएसआईसी एक्ट लागू होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2024 से सभी निजी स्कूलों में इस कानून का पालन अनिवार्य होगा।

    96 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ
    इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के 7,975 निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों पर पड़ेगा। इनमें 5,680 निजी स्कूल, 738 सहायता प्राप्त स्कूल, 413 आंशिक सहायता प्राप्त स्कूल और 180 अन्य संस्थान शामिल हैं।

    इन संस्थानों में कार्यरत करीब 96,500 कर्मचारियों को अब ईएसआईसी का लाभ मिलेगा। इनमें से 50 हजार से अधिक गैर-शैक्षणिक कर्मचारी हैं।

    कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवच
    सरकार का कहना है कि ईएसआईसी पॉलिसी कर्मचारियों के लिए बीमारी, मातृत्व और दुर्घटनाओं की स्थिति में सुरक्षा कवच है। हाईकोर्ट के इस आदेश से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।